लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के चंदे वाले बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने सपा पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अब अखिलेश यादव लोगों से मिलने के लिए पैसे लेते हैं और स्थिति यह है कि हाथ मिलाने तक का रेट निर्धारित है। राजभर ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि अखिलेश यादव की संपत्ति लगातार कैसे बढ़ रही है, जबकि खर्च होने के बाद संपत्ति घटनी चाहिए। राजभर ने सपा प्रमुख के सनातन धर्म पर दिए गए बयानों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले केवल इस्लाम की बात करते थे, वे अब राजनीतिक जमीन खिसकती देख सनातन की बात कर रहे हैं। उन्होंने समाजवाद के मुद्दे पर लोहिया का उदाहरण देते हुए पूछा कि क्या अखिलेश यादव ने अपने नाम के बाद से 'यादव' हटाया है। सपा के शासनकाल को लेकर उन्होंने दावा किया कि चार बार की सरकार में केवल दंगे, गुंडागर्दी, लूट और हत्याएं ही देखने को मिली हैं। सपा के 'पीडीए' नारे का मजाक उड़ाते हुए राजभर ने इसे 'परिवार डेवलपमेंट ऑफ अथॉरिटी' करार दिया। वहीं, पंचायत चुनाव में हो रही देरी पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के चंदे वाले बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने सपा पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अब अखिलेश यादव लोगों से मिलने के लिए पैसे लेते हैं और स्थिति यह है कि हाथ मिलाने तक का रेट निर्धारित है। राजभर ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि अखिलेश यादव की संपत्ति लगातार कैसे बढ़ रही है, जबकि खर्च होने के बाद संपत्ति घटनी चाहिए। राजभर ने सपा प्रमुख के सनातन धर्म पर दिए गए बयानों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले केवल इस्लाम की बात करते थे, वे अब राजनीतिक जमीन खिसकती देख सनातन की बात कर रहे हैं। उन्होंने समाजवाद के मुद्दे पर लोहिया का उदाहरण देते हुए पूछा कि क्या अखिलेश यादव ने अपने नाम के बाद से 'यादव' हटाया है। सपा के शासनकाल को लेकर उन्होंने दावा किया कि चार बार की सरकार में केवल दंगे, गुंडागर्दी, लूट और हत्याएं ही देखने को मिली हैं। सपा के 'पीडीए' नारे का मजाक उड़ाते हुए राजभर ने इसे 'परिवार डेवलपमेंट ऑफ अथॉरिटी' करार दिया। वहीं, पंचायत चुनाव में हो रही देरी पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के चंदे वाले बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने सपा पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अब अखिलेश यादव लोगों से मिलने के लिए पैसे लेते हैं और स्थिति यह है कि हाथ मिलाने तक का रेट निर्धारित है। राजभर ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि अखिलेश यादव की संपत्ति लगातार कैसे बढ़ रही है, जबकि खर्च होने के बाद संपत्ति घटनी चाहिए। राजभर ने सपा प्रमुख के सनातन धर्म पर दिए गए बयानों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले केवल इस्लाम की बात करते थे, वे अब राजनीतिक जमीन खिसकती देख सनातन की बात कर रहे हैं। उन्होंने समाजवाद के मुद्दे पर लोहिया का उदाहरण देते हुए पूछा कि क्या अखिलेश यादव ने अपने नाम के बाद से 'यादव' हटाया है। सपा के शासनकाल को लेकर उन्होंने दावा किया कि चार बार की सरकार में केवल दंगे, गुंडागर्दी, लूट और हत्याएं ही देखने को मिली हैं। सपा के 'पीडीए' नारे का मजाक उड़ाते हुए राजभर ने इसे 'परिवार डेवलपमेंट ऑफ अथॉरिटी' करार दिया। वहीं, पंचायत चुनाव में हो रही देरी पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- गाजियाबाद के मोदीनगर में अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के मीडिया कार्यक्रम प्रभारी पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के भव्य अभिनंदन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब केवल एक स्वागत समारोह नहीं, बल्कि संगठन के प्रति समर्पण और विश्वास का प्रतीक बनकर उभरा है। पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ ने इस अवसर पर नितिन नवीन के प्रति अपना आभार और शुभकामनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने इस आयोजन को संगठन के अटूट बंधन के जीवंत दृश्य के रूप में रेखांकित किया है।1
- एपी सिंह ने अखिलेश यादव को लेकर एक बड़ा दावा किया है। इस संबंध में जानकारी 'ग्राउंड खबर' द्वारा साझा की गई है, जिसमें चंदा चोरी के आरोपों का जिक्र भी शामिल है।1
- उज्जैन से एक दिल को छू लेने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक ससुर ने अपनी विधवा बहू की दूसरी शादी कराकर पिता का फर्ज निभाया है। इस सराहनीय कदम के जरिए उन्होंने सामाजिक मिसाल पेश करते हुए बहू के जीवन में नई खुशियां लाने का प्रयास किया है।1
- हापुड़ के थाना हापुड़ देहात क्षेत्र स्थित ततारपुर पुलिस चौकी परिसर में पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण की सुरक्षा का संदेश दिया। कार्यक्रम में एसडीएम सदर इला प्रकाश, सीओ सिटी अनीता चौहान और हापुड़ देहात कोतवाल सहित अन्य अधिकारियों व पुलिसकर्मियों ने भाग लिया। इस दौरान अधिकारियों ने बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर चिंता जताते हुए कहा कि वृक्षारोपण ही इनके समाधान का एकमात्र रास्ता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे केवल पौधा लगाने तक ही सीमित न रहें, बल्कि एक पेड़ को वृक्ष बनने तक उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी लें। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के माध्यम से नागरिकों को अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाने और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अधिकारियों ने इस पहल को जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया ताकि आने वाले समय में पर्यावरण संबंधी समस्याओं को दूर कर एक स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण का निर्माण किया जा सके।1
- मेरठ के रामलीला ग्राउंड स्थित बिजली घर में पिछले चार दिनों से लगातार बिजली कटौती जारी है, जिससे परेशान होकर स्थानीय जनता ने सबस्टेशन का घेराव किया। स्थानीय निवासियों का आक्रोश इस बात को लेकर है कि बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है और इस संकट के बीच कोई भी उनकी समस्या सुनने को तैयार नहीं है। ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, बिजली घर का परिसर पानी में डूबा हुआ है। वहां तैनात कर्मचारी खुद जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। आक्रोशित लोगों ने सवाल उठाया है कि जब बिजली घर की स्थिति स्वयं इतनी दयनीय है, तो फिर बिजली संकट का समाधान कौन करेगा।1
- सीतापुर से लेकर संभल तक पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस की कथित लापरवाही को लेकर स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि क्या पुलिस बल पूरी तरह से जनता विरोधी हो गया है। इस स्थिति के कारण आम जनमानस में रोष व्याप्त है और व्यवस्था की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न उठाए जा रहे हैं।1
- गाजियाबाद के मोदीनगर में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ एक दामाद ने अपने ससुर की चाकू मारकर हत्या कर दी है। गाजियाबाद ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है।1