न्याय की गुहार सभी पत्रकार भाइयों, समाजसेवियों और आम जनता से हाथ जोड़कर विनम्र अपील है कि सिस्टम के सताए इस किसान परिवार की आवाज बनें और न्याय दिलाने में मदद करें। विद्युत मंडल के अधिकारियों की कथित लापरवाही से घायल हुए बेटे को न्याय दिलाने के लिए एक बुजुर्ग पिता अपने घायल बेटे को हाथ ठेले पर लेकर सीहोर से भोपाल पहुंचा। यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि एक मजबूर पिता की पीड़ा और व्यवस्था से न्याय की गुहार है। ऊर्जा मंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री के दरवाजे तक पहुंचकर यह परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। बेटे के शरीर पर लगी चोटों से ज्यादा दर्द शायद उस पिता के दिल में है, जो अपने घायल बेटे को हाथ ठेले पर लेकर न्याय मांगने राजधानी की गलियों तक पहुंच गया। यह दृश्य किसी भी संवेदनशील इंसान को झकझोर सकता है। क्या किसान और उसके परिवार को न्याय पाने के लिए इतनी बड़ी पीड़ा से गुजरना पड़ेगा? जिस पिता ने अपने बेटे को सहारा देकर चलना सिखाया, आज वही पिता मजबूरी में उसे हाथ ठेले पर लेकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के दरवाजे-दरवाजे न्याय मांग रहा है। हम सभी पत्रकार भाइयों और आम जनता से अपील करते हैं कि इस दर्द को गंभीरता से समझें, इस आवाज को आगे बढ़ाएं और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों तक यह बात पहुंचाएं। किसान की यह पुकार है—हमें राजनीति नहीं, न्याय चाहिए। दोषियों पर निष्पक्ष कार्रवाई हो, घायल किसान को उचित उपचार एवं सहायता मिले और उसके परिवार को न्याय मिले। 🙏 कृपया इस पीड़ित किसान की आवाज को दबने न दें। एक शेयर शायद इस मजबूर परिवार की आवाज उन जिम्मेदार लोगों तक पहुंचा दे, जहां से उसे न्याय मिल सकता है। #न्याय_की_गुहार #किसान_की_आवाज #किसान_को_न्याय #सीहोर #भोपाल #किसान_का_दर्द #विद्युत_हादसा #किसानों_की_आवाज
न्याय की गुहार सभी पत्रकार भाइयों, समाजसेवियों और आम जनता से हाथ जोड़कर विनम्र अपील है कि सिस्टम के सताए इस किसान परिवार की आवाज बनें और न्याय दिलाने में मदद करें। विद्युत मंडल के अधिकारियों की कथित लापरवाही से घायल हुए बेटे को न्याय दिलाने के लिए एक बुजुर्ग पिता अपने घायल बेटे को हाथ ठेले पर लेकर सीहोर से भोपाल पहुंचा। यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि एक मजबूर पिता की पीड़ा और व्यवस्था से न्याय की गुहार है। ऊर्जा मंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री के दरवाजे तक पहुंचकर यह परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। बेटे के शरीर पर लगी चोटों से ज्यादा दर्द शायद उस पिता के दिल में है, जो अपने घायल बेटे को हाथ ठेले पर लेकर न्याय मांगने राजधानी की गलियों तक पहुंच गया। यह दृश्य किसी भी संवेदनशील इंसान को झकझोर सकता
है। क्या किसान और उसके परिवार को न्याय पाने के लिए इतनी बड़ी पीड़ा से गुजरना पड़ेगा? जिस पिता ने अपने बेटे को सहारा देकर चलना सिखाया, आज वही पिता मजबूरी में उसे हाथ ठेले पर लेकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के दरवाजे-दरवाजे न्याय मांग रहा है। हम सभी पत्रकार भाइयों और आम जनता से अपील करते हैं कि इस दर्द को गंभीरता से समझें, इस आवाज को आगे बढ़ाएं और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों तक यह बात पहुंचाएं। किसान की यह पुकार है—हमें राजनीति नहीं, न्याय चाहिए। दोषियों पर निष्पक्ष कार्रवाई हो, घायल किसान को उचित उपचार एवं सहायता मिले और उसके परिवार को न्याय मिले। 🙏 कृपया इस पीड़ित किसान की आवाज को दबने न दें। एक शेयर शायद इस मजबूर परिवार की आवाज उन जिम्मेदार लोगों तक पहुंचा दे, जहां से उसे न्याय मिल सकता है। #न्याय_की_गुहार #किसान_की_आवाज #किसान_को_न्याय #सीहोर #भोपाल #किसान_का_दर्द #विद्युत_हादसा #किसानों_की_आवाज
- न्याय की गुहार सभी पत्रकार भाइयों, समाजसेवियों और आम जनता से हाथ जोड़कर विनम्र अपील है कि सिस्टम के सताए इस किसान परिवार की आवाज बनें और न्याय दिलाने में मदद करें। विद्युत मंडल के अधिकारियों की कथित लापरवाही से घायल हुए बेटे को न्याय दिलाने के लिए एक बुजुर्ग पिता अपने घायल बेटे को हाथ ठेले पर लेकर सीहोर से भोपाल पहुंचा। यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि एक मजबूर पिता की पीड़ा और व्यवस्था से न्याय की गुहार है। ऊर्जा मंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री के दरवाजे तक पहुंचकर यह परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। बेटे के शरीर पर लगी चोटों से ज्यादा दर्द शायद उस पिता के दिल में है, जो अपने घायल बेटे को हाथ ठेले पर लेकर न्याय मांगने राजधानी की गलियों तक पहुंच गया। यह दृश्य किसी भी संवेदनशील इंसान को झकझोर सकता है। क्या किसान और उसके परिवार को न्याय पाने के लिए इतनी बड़ी पीड़ा से गुजरना पड़ेगा? जिस पिता ने अपने बेटे को सहारा देकर चलना सिखाया, आज वही पिता मजबूरी में उसे हाथ ठेले पर लेकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के दरवाजे-दरवाजे न्याय मांग रहा है। हम सभी पत्रकार भाइयों और आम जनता से अपील करते हैं कि इस दर्द को गंभीरता से समझें, इस आवाज को आगे बढ़ाएं और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों तक यह बात पहुंचाएं। किसान की यह पुकार है—हमें राजनीति नहीं, न्याय चाहिए। दोषियों पर निष्पक्ष कार्रवाई हो, घायल किसान को उचित उपचार एवं सहायता मिले और उसके परिवार को न्याय मिले। 🙏 कृपया इस पीड़ित किसान की आवाज को दबने न दें। एक शेयर शायद इस मजबूर परिवार की आवाज उन जिम्मेदार लोगों तक पहुंचा दे, जहां से उसे न्याय मिल सकता है। #न्याय_की_गुहार #किसान_की_आवाज #किसान_को_न्याय #सीहोर #भोपाल #किसान_का_दर्द #विद्युत_हादसा #किसानों_की_आवाज2
- समस्त वेदों शास्त्रों पुराणों मनीषी संत महात्माओं का मत है कि इस घोर कलियुग में भगवान नाम संकीर्तन ही सबसे बड़ा जपयज्ञ है। जय श्री हरि।।1
- विदिशा में बाइक चोर गिरोह का खुलासा,3 आरोपी गिरफ्तार;10 मोटरसाइकिलें बरामद:#Vidisha #JANTAKHABAR विदिशा में बाइक चोर गिरोह का खुलासा,3 आरोपी गिरफ्तार;10 मोटरसाइकिलें बरामद:#Vidisha #JANTAKHABAR1
- सिंहस्थ से पहले हम एकात्म यात्रा का आयोजन करने जा रहे हैं। यह यात्रा पूरे देश से होकर उज्जैन सिंहस्थ क्षेत्र में आकर पूर्ण होगी। मध्यप्रदेश की धरती पर स्थित बाबा श्री महाकालेश्वर और भगवान ओंकारेश्वर, दोनों ज्योतिर्लिंग हमारी आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने वाले दिव्य केंद्र हैं। ये दोनों देवस्थान केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारत और विश्व की आध्यात्मिक धरोहर हैं। एकात्म यात्रा के माध्यम से हम इसी सनातन चेतना, आध्यात्मिक एकता और सांस्कृतिक विरासत के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प ले रहे हैं। - *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*1
- सिंहस्थ से पहले हम एकात्म यात्रा का आयोजन करने जा रहे हैं। यह यात्रा पूरे देश से होकर उज्जैन सिंहस्थ क्षेत्र में आकर पूर्ण होगी। मध्यप्रदेश की धरती पर स्थित बाबा श्री महाकालेश्वर और भगवान ओंकारेश्वर, दोनों ज्योतिर्लिंग हमारी आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने वाले दिव्य केंद्र हैं। ये दोनों देवस्थान केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारत और विश्व की आध्यात्मिक धरोहर हैं। एकात्म यात्रा के माध्यम से हम इसी सनातन चेतना, आध्यात्मिक एकता और सांस्कृतिक विरासत के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प ले रहे हैं। - *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*1
- *मा. सुप्रीम कोर्ट के आदेश (रहवासी क्षेत्र मे व्यावसायिक उपयोग) के तारतम्य मे आज जोन क्रमांक-12 के अंतर्गत गौतम नगर क्षेत्र में एक होटल पर सीलिंग/तालाबंदी की कार्यवाही की गई..जिसमें संबंधित जोनल अधिकारी एवं सहायक यंत्री (भवन अनुज्ञा) के अलावा पुलिस बल मौजूद रहा..!*1
- रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ में मरने वालों का आंकड़ा 157 पहुंच गया है। सैकड़ों लोग लापता हैं। इनमें नेपाल सहित 25 देशों के 403 लोग हैं। सबसे ज्यादा 133 भारतीय लापता हैं। सभी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे थे, जिनका अब तक कुछ पता नहीं चला है। विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक, अलग-अलग इलाकों में 80 सुरक्षा कर्मी भी लापता हैं। इनमें 44 नेपाल आर्मी के जवान शामिल हैं। बाढ़ से रसुवा और धादिंग के अलावा नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहूं और नवलपरासी ईस्ट तक के इलाके प्रभावित हुए हैं। बाढ़ इतनी तेजी से आई कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पानी और मलबे ने रास्ते में आने वाले लोगों, घरों, गाड़ियों और सरकारी ढांचे को अपनी चपेट में ले लिया। देश के 9 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट, 19 मोटरेबल पुल तबाह हो गए। नेपाल-चीन को जोड़ने वाले 42 किलोमीटर लंबा बेट्रावती-रासुवागढ़ी हाईवे भी बह गया। चीन सीमा के कस्टम चेकपोस्ट पर खड़े 300 से ज्यादा वाहन रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ में मरने वालों का आंकड़ा 157 पहुंच गया है। सैकड़ों लोग लापता हैं। इनमें नेपाल सहित 25 देशों के 403 लोग हैं। सबसे ज्यादा 133 भारतीय लापता हैं। सभी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे थे, जिनका अब तक कुछ पता नहीं चला है। विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक, अलग-अलग इलाकों में 80 सुरक्षा कर्मी भी लापता हैं। इनमें 44 नेपाल आर्मी के जवान शामिल हैं। बाढ़ से रसुवा और धादिंग के अलावा नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहूं और नवलपरासी ईस्ट तक के इलाके प्रभावित हुए हैं। बाढ़ इतनी तेजी से आई कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पानी और मलबे ने रास्ते में आने वाले लोगों, घरों, गाड़ियों और सरकारी ढांचे को अपनी चपेट में ले लिया। देश के 9 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट, 19 मोटरेबल पुल तबाह हो गए। नेपाल-चीन को जोड़ने वाले 42 किलोमीटर लंबा बेट्रावती-रासुवागढ़ी हाईवे भी बह गया। चीन सीमा के कस्टम चेकपोस्ट पर खड़े 300 से ज्यादा वाहन1
- आपदा मानव ही नहीं जंगल जानवरों पर भी कहर बरपाती है नेपाल में त्रिशूली नदी में आई भीषण बाढ़ में बहकर हाथी उत्तरप्रदेश के बहराइच जिले में आ पहुँचे1