रोहतास जिले के डालमियानगर थाना क्षेत्र के मकराईन निवासी रानी खातून हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। शुरुआती तौर पर इस हत्या को कुख्यात अपराधी कल्लू खान की हत्या के मामले में 7 जुलाई को होने वाली कोर्ट में गवाही रोकने से जोड़कर देखा जा रहा था। रानी खातून का शव औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र की एक नहर से बरामद हुआ था, जिसके बाद परिजनों ने कल्लू खान की हत्या के आरोपी इजहार खान पर हत्या का आरोप लगाया था। रानी के 19 वर्षीय बेटे ने भी इसी आधार पर इजहार खान के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए रोहतास एसपी रौशन कुमार के निर्देश पर डालमियानगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन राय के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक अनुसंधान शुरू किया। जांच के दौरान हत्या की असली वजह प्रेम प्रसंग और ब्लैकमेलिंग निकली। पुलिस ने मकराईन निवासी विकास कुमार को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसका रानी खातून से अवैध संबंध था। रानी के पास दोनों की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें थीं, जिनके आधार पर वह उसे लगातार ब्लैकमेल कर रही थी। इस बात से परेशान होकर विकास ने अपने साथी अविनाश कुमार के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। योजना के तहत विकास ने रानी को फोन कर डेहरी बाजार बुलाया, वहां से स्विफ्ट कार में बैठाकर सुनसान जगह ले गया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र की नहर में फेंक दिया। डीएसपी गौरव कुमार यादव ने बताया कि पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन जांच के आधार पर इस हत्याकांड का सफलतापूर्वक उद्भेदन किया है। उन्होंने पुष्टि की कि हत्या का कारण गवाही नहीं बल्कि प्रेम प्रसंग और ब्लैकमेलिंग से उपजा विवाद था। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
रोहतास जिले के डालमियानगर थाना क्षेत्र के मकराईन निवासी रानी खातून हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। शुरुआती तौर पर इस हत्या को कुख्यात अपराधी कल्लू खान की हत्या के मामले में 7 जुलाई को होने वाली कोर्ट में गवाही रोकने से जोड़कर देखा जा रहा था। रानी खातून का शव औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र की एक नहर से बरामद हुआ था, जिसके बाद परिजनों ने कल्लू खान की हत्या के आरोपी इजहार खान पर हत्या का आरोप लगाया था। रानी के 19 वर्षीय बेटे ने भी इसी आधार पर इजहार खान के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था। मामले
की गंभीरता को देखते हुए रोहतास एसपी रौशन कुमार के निर्देश पर डालमियानगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन राय के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक अनुसंधान शुरू किया। जांच के दौरान हत्या की असली वजह प्रेम प्रसंग और ब्लैकमेलिंग निकली। पुलिस ने मकराईन निवासी विकास कुमार को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसका रानी खातून से अवैध संबंध था। रानी के पास दोनों की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें थीं, जिनके आधार पर वह उसे लगातार ब्लैकमेल कर रही थी। इस बात से परेशान होकर विकास ने अपने साथी अविनाश कुमार के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। योजना के तहत विकास ने रानी
को फोन कर डेहरी बाजार बुलाया, वहां से स्विफ्ट कार में बैठाकर सुनसान जगह ले गया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र की नहर में फेंक दिया। डीएसपी गौरव कुमार यादव ने बताया कि पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन जांच के आधार पर इस हत्याकांड का सफलतापूर्वक उद्भेदन किया है। उन्होंने पुष्टि की कि हत्या का कारण गवाही नहीं बल्कि प्रेम प्रसंग और ब्लैकमेलिंग से उपजा विवाद था। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
- रोहतास जिले के डालमियानगर थाना क्षेत्र के मकराईन निवासी रानी खातून हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। शुरुआती तौर पर इस हत्या को कुख्यात अपराधी कल्लू खान की हत्या के मामले में 7 जुलाई को होने वाली कोर्ट में गवाही रोकने से जोड़कर देखा जा रहा था। रानी खातून का शव औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र की एक नहर से बरामद हुआ था, जिसके बाद परिजनों ने कल्लू खान की हत्या के आरोपी इजहार खान पर हत्या का आरोप लगाया था। रानी के 19 वर्षीय बेटे ने भी इसी आधार पर इजहार खान के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए रोहतास एसपी रौशन कुमार के निर्देश पर डालमियानगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन राय के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक अनुसंधान शुरू किया। जांच के दौरान हत्या की असली वजह प्रेम प्रसंग और ब्लैकमेलिंग निकली। पुलिस ने मकराईन निवासी विकास कुमार को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसका रानी खातून से अवैध संबंध था। रानी के पास दोनों की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें थीं, जिनके आधार पर वह उसे लगातार ब्लैकमेल कर रही थी। इस बात से परेशान होकर विकास ने अपने साथी अविनाश कुमार के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। योजना के तहत विकास ने रानी को फोन कर डेहरी बाजार बुलाया, वहां से स्विफ्ट कार में बैठाकर सुनसान जगह ले गया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र की नहर में फेंक दिया। डीएसपी गौरव कुमार यादव ने बताया कि पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन जांच के आधार पर इस हत्याकांड का सफलतापूर्वक उद्भेदन किया है। उन्होंने पुष्टि की कि हत्या का कारण गवाही नहीं बल्कि प्रेम प्रसंग और ब्लैकमेलिंग से उपजा विवाद था। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।3
- बुंदेलखंड के केदारनाथ कहे जाने वाले श्री जटाशंकर धाम में बारिश का एक अद्भुत और मनमोहक नजारा देखने को मिला।1
- Post by CHANDAN KUMAR1
- अनुमंडल पदाधिकारी, डेहरी की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में आमजनों से इन्द्रपुरी डैम के निचले हिस्से में न जाने की सख्त अपील की गई है। प्रशासन को सूचना मिली है कि डैम में जलस्तर कम होने के कारण लोग नीचे उतरकर स्नान कर रहे हैं, जो बेहद खतरनाक हो सकता है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि डैम में किसी भी समय पानी छोड़ा जा सकता है, जिससे एक बड़ा हादसा होने की आशंका है। ऐसे में, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति डैम के नीचे पाया जाता है या स्नान करते समय कोई घटना घटती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वयं संबंधित व्यक्ति की होगी। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- रोहतास पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के चार मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम के प्रभाकर मोड़ स्थित एक होटल से की गई, जहां से पुलिस ने एक बड़े अंतराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया। एसपी रौशन कुमार के निर्देश पर और सासाराम एसडीपीओ वन विप्लव कुमार की मौजूदगी में एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की गई, जिसमें पुलिस ने कॉरपोरेट खाता उपलब्ध कराने वाले इन मुख्य सरगनाओं को रंगे हाथों दबोचा। ये अपराधी पिछले करीब 10 दिनों से इसी होटल में कमरा लेकर अपने नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। पुलिस की मुस्तैदी के कारण भागने की फिराक में लगे चारों अपराधियों को दबोच लिया गया। पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह साइबर अपराधियों को फर्जी या धोखे से खुलवाए गए कॉरपोरेट खाते उपलब्ध कराता था। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी के पैसों को मंगवाने और ठिकाने लगाने के लिए किया जाता था, जिसके बदले अपराधियों को कुल लेनदेन का 2.5 प्रतिशत कमीशन मिलता था। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान आदित्य राज (वर्तमान निवासी- फारूक नगर, रंगारेडी जिला, तेलंगाना, मूल निवासी- कैमूर के एकता चौक; ओमप्रकाश सेठ का पुत्र), अमन कुमार उर्फ अमन पटेल (निवासी- बघैला कारन/बघैला, रोहतास; कृष्णा चौधरी का पुत्र), आदित्य कुमार उर्फ हेमंत (निवासी- धनकाढा़, रोहतास; अजीत कुमार का पुत्र) और राजकुमार उर्फ शुभम कुमार (निवासी- सलेमपुर, नोखा, रोहतास; राजीव रंजन वर्मा का पुत्र) के रूप में हुई है। एसडीपीओ वन विप्लव कुमार ने बताया कि यह गिरोह एक बड़े सिंडिकेट का हिस्सा है। पुलिस अब इनके पास से मिले मोबाइल, दस्तावेजों और बैंक खातों की सघन जांच कर रही है और इन खातों के जरिए हुए करोड़ों रुपये के लेन-देन को खंगालने में जुट गई है। पुलिस इस मामले में शामिल अन्य कड़ियों और इनके स्थानीय व अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का पता लगाने के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। जल्द ही इस रैकेट से जुड़े कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।2
- रोहतास पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सासाराम नगर थाना क्षेत्र के आशीर्वाद होटल में छापा मारा और एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। डीएसपी विप्लव कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि शहर के आशीर्वाद होटल में कुछ साइबर अपराधी ठहरे हुए हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित एक विशेष टीम ने होटल में छापेमारी कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी लोगों को पैसों का लालच देकर उनके बैंक खाते हासिल करते थे और फिर इन खातों को साइबर ठगों के गिरोह तक पहुंचाते थे। इसके बदले में उन्हें ठगी गई रकम का लगभग 2.5 प्रतिशत कमीशन मिलता था। गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में से तीन रोहतास जिले के निवासी हैं, जबकि एक कैमूर (भभुआ) का रहने वाला है, जो वर्तमान में तेलंगाना में रह रहा था। डीएसपी ने आगे बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक या बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साथ ही, साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करने की भी अपील की गई।4
- बिहार के औरंगाबाद जिले के हासपुरा में सोनू और मोनू को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी गिरफ्तारी के दौरान एक वायरल वीडियो सामने आया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि दोनों की कमर में पिस्टल खोंसी हुई थी। इस वायरल वीडियो को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इसमें कितनी सच्चाई है, क्या वास्तव में कोई हथियार बरामद हुआ है, या यह वीडियो केवल भ्रामक है। पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और अधिकारियों के माध्यम से विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही इस घटना की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।1