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बिलासपुर जिले के बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के गोड़ी गांव में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में किसानों और ग्रामीणों द्वारा सड़क, बिजली, पानी और खाद जैसे मूलभूत मुद्दों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। माहौल अचानक गरमा गया, जिससे यह सरकारी शिविर देखते ही देखते एक सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया। इस दौरान विकास के दावों की पोल खुल गई और किसानों के तीखे सवालों ने सत्ता पक्ष को कठघरे में खड़ा कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में सड़कें बदहाल हैं, बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है, पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है और किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री मोदी की 'हर घर पानी' वाली जल जीवन मिशन योजना का लाभ भी आसपास के गांवों को नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने भीषण गर्मी के बीच जल जीवन मिशन योजना में हुए भ्रष्टाचार और अधूरे पड़े कामों के चलते बूंद-बूंद पानी के लिए तरसने की शिकायत की। माहौल उस वक्त और ज्यादा गर्मा गया जब कांग्रेसी नेता राजेंद्र शुक्ला, जिनकी पत्नी श्रीमती अनीता राजेंद्र शुक्ला उस क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य हैं, माइक पर किसानों की समस्याएं बताते हुए सत्ता पक्ष को घेरने लगे। इसी दौरान शिविर में पहुंचे बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक और उनके समर्थकों से माइक पर बोलने को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही आक्रामक हो गई। विधायक धरमलाल कौशिक और कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के बीच हुई तीखी नोकझोंक का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अंततः बिल्हा थाना प्रभारी को हस्तक्षेप कर मामले को शांत करवाना पड़ा। इस घटना पर विपक्ष का आरोप है कि सरकार के सुशासन के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। वहीं, सत्ता पक्ष ने इसे राजनीतिक ड्रामा बताते हुए विपक्ष पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया। फिलहाल, गोड़ी गांव का यह वायरल वीडियो सुशासन तिहार की कथित सफलता से कहीं ज्यादा क्षेत्र की समस्याओं और राजनीतिक टकराव को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब यह बड़ा सवाल बन गया है कि जनता के मुद्दों पर जवाब कौन देगा और सुशासन के दावों की असली तस्वीर क्या है।

2 hrs ago
user_नरेश शर्मा जिला रायगढ़
नरेश शर्मा जिला रायगढ़
रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago

बिलासपुर जिले के बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के गोड़ी गांव में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में किसानों और ग्रामीणों द्वारा सड़क, बिजली, पानी और खाद जैसे मूलभूत मुद्दों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। माहौल अचानक गरमा गया, जिससे यह सरकारी शिविर देखते ही देखते एक सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया। इस दौरान विकास के दावों की पोल खुल गई और किसानों के तीखे सवालों ने सत्ता पक्ष को कठघरे में खड़ा कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में सड़कें बदहाल हैं, बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है, पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है और किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री मोदी की 'हर घर पानी' वाली जल जीवन मिशन योजना का लाभ भी आसपास के गांवों को नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने भीषण गर्मी के बीच जल जीवन मिशन योजना में हुए भ्रष्टाचार और अधूरे पड़े कामों के चलते बूंद-बूंद पानी के लिए तरसने की शिकायत की। माहौल उस वक्त और ज्यादा गर्मा गया जब कांग्रेसी नेता राजेंद्र शुक्ला, जिनकी पत्नी श्रीमती अनीता राजेंद्र शुक्ला उस क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य

हैं, माइक पर किसानों की समस्याएं बताते हुए सत्ता पक्ष को घेरने लगे। इसी दौरान शिविर में पहुंचे बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक और उनके समर्थकों से माइक पर बोलने को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही आक्रामक हो गई। विधायक धरमलाल कौशिक और कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के बीच हुई तीखी नोकझोंक का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अंततः बिल्हा थाना प्रभारी को हस्तक्षेप कर मामले को शांत करवाना पड़ा। इस घटना पर विपक्ष का आरोप है कि सरकार के सुशासन के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। वहीं, सत्ता पक्ष ने इसे राजनीतिक ड्रामा बताते हुए विपक्ष पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया। फिलहाल, गोड़ी गांव का यह वायरल वीडियो सुशासन तिहार की कथित सफलता से कहीं ज्यादा क्षेत्र की समस्याओं और राजनीतिक टकराव को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब यह बड़ा सवाल बन गया है कि जनता के मुद्दों पर जवाब कौन देगा और सुशासन के दावों की असली तस्वीर क्या है।

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  • महासमुंद पुलिस ने कंपनी के सामान की आड़ में की जा रही गांजा तस्करी की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। सिंघोडा थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में, टाटा माजदा वाहन से भारी मात्रा में गांजा जब्त किया गया। जब्त गांजे की मात्रा 6 क्विंटल बताई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत 3 करोड़ रुपये है। तस्कर गांजे को वाहन में बड़े-बड़े कार्टूनों के बीच छिपाकर ले जा रहा था। यह गांजा उड़ीसा से लाया गया था और इसे महाराष्ट्र के ठाणे में खपाने की तैयारी थी। पुलिस ने इस मामले में महाराष्ट्र के एक तस्कर को गिरफ्तार किया है।
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    महासमुंद पुलिस ने कंपनी के सामान की आड़ में की जा रही गांजा तस्करी की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। सिंघोडा थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में, टाटा माजदा वाहन से भारी मात्रा में गांजा जब्त किया गया। जब्त गांजे की मात्रा 6 क्विंटल बताई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत 3 करोड़ रुपये है।

तस्कर गांजे को वाहन में बड़े-बड़े कार्टूनों के बीच छिपाकर ले जा रहा था। यह गांजा उड़ीसा से लाया गया था और इसे महाराष्ट्र के ठाणे में खपाने की तैयारी थी। पुलिस ने इस मामले में महाराष्ट्र के एक तस्कर को गिरफ्तार किया है।
    user_पत्रकारिकता
    पत्रकारिकता
    Local News Reporter सारंगढ़, सारंगढ़ बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • वेदांता हादसे को 45 दिन बीत जाने के बाद भी पीड़ितों को अभी तक पूरी राहत नहीं मिल पाई है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा पीड़ितों के लिए की गई घोषणाएं केवल कागजों तक ही सीमित हैं। इस स्थिति में, हादसे का दर्द और इसका प्रभाव अभी भी बरकरार है।
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    वेदांता हादसे को 45 दिन बीत जाने के बाद भी पीड़ितों को अभी तक पूरी राहत नहीं मिल पाई है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा पीड़ितों के लिए की गई घोषणाएं केवल कागजों तक ही सीमित हैं। इस स्थिति में, हादसे का दर्द और इसका प्रभाव अभी भी बरकरार है।
    user_Bhupendra lahare
    Bhupendra lahare
    Farmer मलखरोदा, सक्ती, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • धर्मजयगढ़ वनमंडल के बोरो वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने देर रात एक जेसीबी मशीन को जब्त किया है। यह कार्रवाई बोरो रेंज के जबगा बीट क्षेत्र में की गई, जहाँ संरक्षित वन (पीएफ) क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में जेसीबी मशीन मिली। जब्त की गई मशीन को धर्मजयगढ़ काष्ठागार में सुरक्षित रखा गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। वन विभाग को बीती रात सूचना मिली थी कि पीएफ क्षेत्र में जेसीबी मशीन के माध्यम से अवैध निर्माण या खुदाई जैसी गतिविधियां चल रही हैं। इस सूचना पर वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुँचे और जबगा बीट के कक्ष क्रमांक 600 के पीएफ जंगल क्षेत्र में देर रात जेसीबी मशीन को पाया। विभागीय अधिकारियों ने मशीन जब्त कर ली है और अब यह पता लगाया जा रहा है कि यह जेसीबी जंगल क्षेत्र में किस उद्देश्य से लाई गई थी और क्या वहां कोई अवैध गतिविधि संचालित की जा रही थी। यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि धर्मजयगढ़ वन क्षेत्र में पिछले कुछ समय से जेसीबी मशीनों के जरिए जंगल भूमि को नुकसान पहुँचाने और अवैध निर्माण की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। फिलहाल, वन विभाग इस मामले की जांच में जुटा हुआ है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इसमें क्या तथ्य सामने आते हैं और विभाग संबंधित लोगों के खिलाफ क्या वैधानिक कार्रवाई करेगा। संरक्षित वन क्षेत्र के भीतर आधी रात को जेसीबी मशीन की मौजूदगी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब जांच के निष्कर्षों के बाद ही सामने आ सकेंगे।
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    धर्मजयगढ़ वनमंडल के बोरो वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने देर रात एक जेसीबी मशीन को जब्त किया है। यह कार्रवाई बोरो रेंज के जबगा बीट क्षेत्र में की गई, जहाँ संरक्षित वन (पीएफ) क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में जेसीबी मशीन मिली। जब्त की गई मशीन को धर्मजयगढ़ काष्ठागार में सुरक्षित रखा गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

वन विभाग को बीती रात सूचना मिली थी कि पीएफ क्षेत्र में जेसीबी मशीन के माध्यम से अवैध निर्माण या खुदाई जैसी गतिविधियां चल रही हैं। इस सूचना पर वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुँचे और जबगा बीट के कक्ष क्रमांक 600 के पीएफ जंगल क्षेत्र में देर रात जेसीबी मशीन को पाया। विभागीय अधिकारियों ने मशीन जब्त कर ली है और अब यह पता लगाया जा रहा है कि यह जेसीबी जंगल क्षेत्र में किस उद्देश्य से लाई गई थी और क्या वहां कोई अवैध गतिविधि संचालित की जा रही थी। यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि धर्मजयगढ़ वन क्षेत्र में पिछले कुछ समय से जेसीबी मशीनों के जरिए जंगल भूमि को नुकसान पहुँचाने और अवैध निर्माण की शिकायतें लगातार मिल रही थीं।

फिलहाल, वन विभाग इस मामले की जांच में जुटा हुआ है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इसमें क्या तथ्य सामने आते हैं और विभाग संबंधित लोगों के खिलाफ क्या वैधानिक कार्रवाई करेगा। संरक्षित वन क्षेत्र के भीतर आधी रात को जेसीबी मशीन की मौजूदगी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब जांच के निष्कर्षों के बाद ही सामने आ सकेंगे।
    user_Reporter sheikh Aalam Sheikh aalam
    Reporter sheikh Aalam Sheikh aalam
    उदयपुर (धरमजयगढ़), रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के करतला में एक घटना सामने आई है, जहाँ ग्रामीणों ने पौधारोपण के लिए की जा रही 14 एकड़ भूमि के सीमांकन का कड़ा विरोध किया। इस दौरान मौके पर काफी हंगामा हुआ, जिसके चलते प्रशासनिक अधिकारियों को सीमांकन की कार्रवाई रोकनी पड़ी।
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    छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के करतला में एक घटना सामने आई है, जहाँ ग्रामीणों ने पौधारोपण के लिए की जा रही 14 एकड़ भूमि के सीमांकन का कड़ा विरोध किया। इस दौरान मौके पर काफी हंगामा हुआ, जिसके चलते प्रशासनिक अधिकारियों को सीमांकन की कार्रवाई रोकनी पड़ी।
    user_Dhananajy jangde
    Dhananajy jangde
    Advertising agency करतला, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • सुशासन तिहार 2026 के मद्देनजर, कमलेश अनंत ने अधिकारी-कर्मचारियों के रवाइयों को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
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    सुशासन तिहार 2026 के मद्देनजर, कमलेश अनंत ने अधिकारी-कर्मचारियों के रवाइयों को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
    user_SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    Farmer बारपाली, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था के तहत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में जीआरपी ने हीराकुंड एक्सप्रेस से 10 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख रुपये बताई जा रही है, और इस संबंध में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, जीआरपी को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि ट्रेन संख्या 20807 अप हीराकुंड एक्सप्रेस के एम-1 कोच के बाथरूम के ऊपर बनी फॉल्स सीलिंग में संदिग्ध पैकेट छिपाए गए हैं। इस सूचना के आधार पर, जीआरपी ने तत्काल कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई की तैयारी की। वरिष्ठ अधिकारियों के मौके पर पहुँचने में संभावित देरी और संदिग्ध सामग्री को हटाए जाने की आशंका को देखते हुए, पुलिस टीम ने रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पहुँचते ही एम-1 कोच की गहन तलाशी ली। तलाशी अभियान के दौरान, बाथरूम के ऊपर की फॉल्स सीलिंग खुली हुई मिली, जहाँ से खाकी रंग के सेलो टेप में लिपटे 10 पैकेट बरामद किए गए। गवाहों की उपस्थिति में इन पैकेटों को खोलने पर, उनमें सफेद पॉलीथीन में पैक हरे-भूरे रंग का पुष्प, बीजयुक्त और नमी युक्त गांजा पाया गया। जीआरपी ने तत्काल गांजे को जब्त कर लिया है। अब जीआरपी अज्ञात तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच में तेजी ला रही है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह मादक पदार्थ ट्रेन में किस स्टेशन से चढ़ाया गया था और इसका अंतिम गंतव्य क्या था। जीआरपी के पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने जानकारी दी कि रेलवे मार्ग के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए उनका अभियान लगातार जारी रहेगा, और मामले की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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    छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था के तहत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में जीआरपी ने हीराकुंड एक्सप्रेस से 10 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख रुपये बताई जा रही है, और इस संबंध में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार, जीआरपी को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि ट्रेन संख्या 20807 अप हीराकुंड एक्सप्रेस के एम-1 कोच के बाथरूम के ऊपर बनी फॉल्स सीलिंग में संदिग्ध पैकेट छिपाए गए हैं। इस सूचना के आधार पर, जीआरपी ने तत्काल कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई की तैयारी की। वरिष्ठ अधिकारियों के मौके पर पहुँचने में संभावित देरी और संदिग्ध सामग्री को हटाए जाने की आशंका को देखते हुए, पुलिस टीम ने रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पहुँचते ही एम-1 कोच की गहन तलाशी ली।

तलाशी अभियान के दौरान, बाथरूम के ऊपर की फॉल्स सीलिंग खुली हुई मिली, जहाँ से खाकी रंग के सेलो टेप में लिपटे 10 पैकेट बरामद किए गए। गवाहों की उपस्थिति में इन पैकेटों को खोलने पर, उनमें सफेद पॉलीथीन में पैक हरे-भूरे रंग का पुष्प, बीजयुक्त और नमी युक्त गांजा पाया गया। जीआरपी ने तत्काल गांजे को जब्त कर लिया है।

अब जीआरपी अज्ञात तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच में तेजी ला रही है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह मादक पदार्थ ट्रेन में किस स्टेशन से चढ़ाया गया था और इसका अंतिम गंतव्य क्या था। जीआरपी के पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने जानकारी दी कि रेलवे मार्ग के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए उनका अभियान लगातार जारी रहेगा, और मामले की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
    user_नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • बिलासपुर जिले के बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के गोड़ी गांव में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में किसानों और ग्रामीणों द्वारा सड़क, बिजली, पानी और खाद जैसे मूलभूत मुद्दों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। माहौल अचानक गरमा गया, जिससे यह सरकारी शिविर देखते ही देखते एक सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया। इस दौरान विकास के दावों की पोल खुल गई और किसानों के तीखे सवालों ने सत्ता पक्ष को कठघरे में खड़ा कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में सड़कें बदहाल हैं, बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है, पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है और किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री मोदी की 'हर घर पानी' वाली जल जीवन मिशन योजना का लाभ भी आसपास के गांवों को नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने भीषण गर्मी के बीच जल जीवन मिशन योजना में हुए भ्रष्टाचार और अधूरे पड़े कामों के चलते बूंद-बूंद पानी के लिए तरसने की शिकायत की। माहौल उस वक्त और ज्यादा गर्मा गया जब कांग्रेसी नेता राजेंद्र शुक्ला, जिनकी पत्नी श्रीमती अनीता राजेंद्र शुक्ला उस क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य हैं, माइक पर किसानों की समस्याएं बताते हुए सत्ता पक्ष को घेरने लगे। इसी दौरान शिविर में पहुंचे बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक और उनके समर्थकों से माइक पर बोलने को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही आक्रामक हो गई। विधायक धरमलाल कौशिक और कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के बीच हुई तीखी नोकझोंक का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अंततः बिल्हा थाना प्रभारी को हस्तक्षेप कर मामले को शांत करवाना पड़ा। इस घटना पर विपक्ष का आरोप है कि सरकार के सुशासन के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। वहीं, सत्ता पक्ष ने इसे राजनीतिक ड्रामा बताते हुए विपक्ष पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया। फिलहाल, गोड़ी गांव का यह वायरल वीडियो सुशासन तिहार की कथित सफलता से कहीं ज्यादा क्षेत्र की समस्याओं और राजनीतिक टकराव को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब यह बड़ा सवाल बन गया है कि जनता के मुद्दों पर जवाब कौन देगा और सुशासन के दावों की असली तस्वीर क्या है।
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    बिलासपुर जिले के बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के गोड़ी गांव में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में किसानों और ग्रामीणों द्वारा सड़क, बिजली, पानी और खाद जैसे मूलभूत मुद्दों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। माहौल अचानक गरमा गया, जिससे यह सरकारी शिविर देखते ही देखते एक सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया। इस दौरान विकास के दावों की पोल खुल गई और किसानों के तीखे सवालों ने सत्ता पक्ष को कठघरे में खड़ा कर दिया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में सड़कें बदहाल हैं, बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है, पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है और किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री मोदी की 'हर घर पानी' वाली जल जीवन मिशन योजना का लाभ भी आसपास के गांवों को नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने भीषण गर्मी के बीच जल जीवन मिशन योजना में हुए भ्रष्टाचार और अधूरे पड़े कामों के चलते बूंद-बूंद पानी के लिए तरसने की शिकायत की।

माहौल उस वक्त और ज्यादा गर्मा गया जब कांग्रेसी नेता राजेंद्र शुक्ला, जिनकी पत्नी श्रीमती अनीता राजेंद्र शुक्ला उस क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य हैं, माइक पर किसानों की समस्याएं बताते हुए सत्ता पक्ष को घेरने लगे। इसी दौरान शिविर में पहुंचे बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक और उनके समर्थकों से माइक पर बोलने को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही आक्रामक हो गई। विधायक धरमलाल कौशिक और कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के बीच हुई तीखी नोकझोंक का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अंततः बिल्हा थाना प्रभारी को हस्तक्षेप कर मामले को शांत करवाना पड़ा।

इस घटना पर विपक्ष का आरोप है कि सरकार के सुशासन के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। वहीं, सत्ता पक्ष ने इसे राजनीतिक ड्रामा बताते हुए विपक्ष पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया। फिलहाल, गोड़ी गांव का यह वायरल वीडियो सुशासन तिहार की कथित सफलता से कहीं ज्यादा क्षेत्र की समस्याओं और राजनीतिक टकराव को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब यह बड़ा सवाल बन गया है कि जनता के मुद्दों पर जवाब कौन देगा और सुशासन के दावों की असली तस्वीर क्या है।
    user_नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
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