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गढ़वा जिले में SIR को लेकर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। इस बैठक के दौरान कई प्रमुख नेता गंभीर और चिंतित मुद्रा में देखे गए, जिसके चलते स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रकार की चर्चाएँ और अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, बैठक में आखिर क्या निर्णय लिए गए और नेताओं की इस गहरी चिंता के पीछे मुख्य कारण क्या है, यह जानने की उत्सुकता अभी भी बनी हुई है।
Green Line News, Md Mostaque
गढ़वा जिले में SIR को लेकर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। इस बैठक के दौरान कई प्रमुख नेता गंभीर और चिंतित मुद्रा में देखे गए, जिसके चलते स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रकार की चर्चाएँ और अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, बैठक में आखिर क्या निर्णय लिए गए और नेताओं की इस गहरी चिंता के पीछे मुख्य कारण क्या है, यह जानने की उत्सुकता अभी भी बनी हुई है।
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- गढ़वा जिले के बड़गड़ प्रखंड में झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक की कथित लापरवाही के कारण 75 वर्षीय पेंशनधारी रतन लकड़ा की मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि रतन लकड़ा ने कई बार बैंक के चक्कर लगाए और बायोमेट्रिक प्रक्रिया भी पूरी की, लेकिन उन्हें पेंशन राशि नहीं मिल पाई। इसी कारण उन्हें समय पर इलाज नहीं मिल सका, जिससे उनकी जान चली गई। रतन लकड़ा की मौत के बाद, उनके परिजनों और ग्रामीणों ने बैंक की लापरवाही के खिलाफ तीव्र विरोध प्रदर्शन करते हुए शव को बैंक के मुख्य गेट पर रख दिया। वे इस मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- मीडिया पर यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि पैसे मिल जाने के बाद वे कैंसर जैसी बीमारी पर भी फायदे बताने लगेंगे। यह आरोप स्पष्ट रूप से मीडिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है, जिसमें कहा गया है कि धन के प्रभाव में आकर वे गंभीर से गंभीर मामलों में भी गलत जानकारी प्रसारित कर सकते हैं।1
- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने गढ़वा में अपना 30वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर, राजद ने सामाजिक न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए उसका संकल्प लिया।1
- अखिल झारखंड महिला संघ का राज्यस्तरीय अधिवेशन 4 जुलाई को रांची के खेलगांव स्थित टाना भगत इनडोर स्टेडियम में 'सशक्त महिला, समृद्ध महिला, स्वावलंबी महिला' के संकल्प के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने कई प्रमुख बातें कहीं, जिसमें राज्य सरकार पर तीखा हमला भी शामिल था। सुदेश महतो ने घोषणा की कि उनकी पार्टी का लक्ष्य झारखंड में महिलाओं की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित करना है, जिसके लिए प्रदेश स्तर से लेकर बूथ स्तर तक महिला नेतृत्व खड़ा किया जाएगा। उन्होंने महिला सशक्तिकरण की दिशा में आजसू की पहल को याद दिलाते हुए बताया कि उनकी पार्टी ने पंचायत चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर एक क्रांतिकारी काम किया था। वर्तमान राज्य सरकार पर तंज कसते हुए, महतो ने 'मंईयां सम्मान योजना' पर सवाल उठाया और कहा कि आज की महंगाई में 2500 रुपये से घर चलाना संभव नहीं है। उन्होंने मांग की कि सरकार को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाली युवतियों/महिलाओं को एकमुश्त 60,000 रुपये देने चाहिए। इसके साथ ही, आजसू प्रमुख ने वर्तमान हेमंत सोरेन सरकार को 'महिला विरोधी' करार देते हुए उस पर सीधा हमला बोला।1
- गढ़वा जिले में SIR को लेकर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। इस बैठक के दौरान कई प्रमुख नेता गंभीर और चिंतित मुद्रा में देखे गए, जिसके चलते स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रकार की चर्चाएँ और अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, बैठक में आखिर क्या निर्णय लिए गए और नेताओं की इस गहरी चिंता के पीछे मुख्य कारण क्या है, यह जानने की उत्सुकता अभी भी बनी हुई है।1
- रंका प्रखंड के सोनदाग पंचायत अंतर्गत भादुआ और सोनदाग गाँव के ग्रामीणों को लंबे समय से चले आ रहे पेयजल संकट से बड़ी राहत मिली है। पंचायत की मुखिया रीमा देवी की सक्रिय पहल पर, काफी समय से खराब पड़े चापाकल (हैंडपंप) और सौर ऊर्जा से संचालित जलमीनार की मरम्मत कर उन्हें दोबारा चालू कर दिया गया है, जिससे अब दोनों गाँवों के लोगों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल नियमित रूप से उपलब्ध हो रहा है। इस संबंध में सोमवार दोपहर करीब 3:00 बजे मुखिया प्रतिनिधि अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि भादुआ और सोनदाग गाँव के कई चापाकल लंबे समय से खराब थे, जिसके कारण ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था और उन्हें दूर-दूर से पानी लाना पड़ता था। ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए, मुखिया रीमा देवी ने तत्काल मरम्मत का काम शुरू करवाया। सोनदाग गाँव में सोलर जलमीनार का मोटर भी खराब हो गया था, जिसके कारण जलापूर्ति पूरी तरह ठप्प थी; मुखिया के निर्देश पर मोटर की मरम्मत कराई गई और जलमीनार को भी फिर से शुरू कर दिया गया। इस कार्रवाई से अब ग्रामीणों को नियमित रूप से शुद्ध पेयजल मिलने लगा है। ग्रामीणों ने मुखिया रीमा देवी की इस पहल के लिए गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर उठाए गए इस कदम से उनकी एक बड़ी समस्या का समाधान हो गया है और अब उन्हें पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।1
- विश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत लालगढ़ ग्राम पंचायत के मोगलाहा पाल टोला में चार लाख रुपये की लागत से 350 फीट लंबे पीसीसी पथ का निर्माण किया जाएगा। इस पीसीसी पथ का शिलान्यास पंचायत के मुखिया धर्मेंद्र चौधरी ने शिलापट का अनावरण कर और नारियल फोड़कर किया।1
- धीरेंद्र शास्त्री जी ने अपने हालिया संबोधनों में सनातन धर्म के प्रचार, हिंदू राष्ट्र की अवधारणा और अयोध्या राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा विवाद पर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने इन मुद्दों पर प्रमुखता से बात रखी है। राम मंदिर के चढ़ावे से संबंधित विवाद पर धीरेंद्र शास्त्री जी ने कहा है कि इसमें केवल 'छोटी मछलियां' ही पकड़ी गई हैं, जबकि असली मास्टरमाइंड अभी भी कानून की पहुँच से बाहर हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर वे अपनी 'पर्ची' खोलते हैं, तो कई बड़े नाम बेनकाब हो जाएंगे। दिल्ली में हुए धमाकों और अन्य विवादों के बीच, उन्होंने मदरसों और मुस्लिम समुदाय को लेकर भी कई टिप्पणियाँ की हैं, जिन पर अक्सर विवाद खड़ा होता रहा है। साथ ही, धीरेंद्र शास्त्री ने भारत को आधिकारिक तौर पर एक हिंदू राष्ट्र घोषित करने की वकालत की है। उनका मानना है कि मंदिरों की सेवा का कार्य केवल उन्हीं समर्पित लोगों को सौंपा जाना चाहिए जो सनातन वैष्णव परंपरा में विश्वास रखते हैं। धीरेंद्र शास्त्री जी ने एक महत्वपूर्ण बात भी कही कि जीवन में किसी का विश्वास नहीं टूटना चाहिए, अन्यथा उसी दिन से समाज में व्यक्ति का अस्तित्व समाप्त हो जाता है।1