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सतना में डिग्री कॉलेज के ठीक सामने संचालित रितिक रॉयल किंग फूड कैफे में नशीली कोरेक्स कफ सिरप बेची जा रही थी। इस दौरान भारी मात्रा में नशीली कोरेक्स सिरप जब्त की गई है।
Shiv Singh rajput dahiya journ
सतना में डिग्री कॉलेज के ठीक सामने संचालित रितिक रॉयल किंग फूड कैफे में नशीली कोरेक्स कफ सिरप बेची जा रही थी। इस दौरान भारी मात्रा में नशीली कोरेक्स सिरप जब्त की गई है।
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- भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में प्रश्नपत्र चोरी की घटना ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया है। विश्वविद्यालय से 9 विषयों के प्रश्नपत्र गायब होने के कारण संबंधित परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं, जिससे छात्र खासे परेशान हैं। इस घटना के विरोध में विद्यार्थी परिषद ने प्रदर्शन किया, जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई है। अब इस पूरे प्रकरण में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है और विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।1
- मैहर जिले की ग्राम पंचायत बदेरा में मुख्य मार्ग से शासकीय महाविद्यालय तक बनाई जा रही पीसीसी सड़क के निर्माण पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों और ग्राम पंचायत के सरपंच ने इस निर्माणाधीन सड़क में गुणवत्ता मानकों की घोर अनदेखी का आरोप लगाया है, जिसके चलते सड़क की मजबूती और उसके टिकाऊपन को लेकर संदेह व्यक्त किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है, बल्कि 6 एमएम और 12 एमएम गिट्टी के साथ अत्यधिक मात्रा में डस्ट (एम-सैंड) मिलाया जा रहा है। उनका कहना है कि इस घटिया निर्माण से सड़क बहुत जल्द क्षतिग्रस्त हो सकती है, जिससे सरकारी धन की भारी बर्बादी होगी और क्षेत्र की जनता को खराब सड़क का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। आरोप है कि निर्माण एजेंसी कोरदर नाथ एंड कंपनी मनमाने तरीके से काम कर रही है। स्थानीय लोगों द्वारा अनियमितता की जानकारी मिलने पर, सरपंच ने ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुँचकर कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार को इसकी सूचना दी और जांच होने तक कार्य रोकने की मांग की। हालांकि, ठेकेदार ने सरपंच की बात मानने के बजाय कथित तौर पर अपनी 'ऊंची पहुंच' का हवाला देते हुए कहा कि सड़क जैसी बन रही है, वैसी ही बनेगी। उसने सरपंच को चुनौती देते हुए यह भी कहा कि "आपको जो करना है कर लीजिए, हमारी पहुंच बहुत ऊपर तक है। आप भी सरपंच हैं, हम भी आपके कामों की जांच करवा देंगे।" ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल मौके पर पहुंचकर सड़क निर्माण में उपयोग हो रही सामग्री की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कार्य के नमूने प्रयोगशाला भेजने और अनियमितता पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार व जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। ग्रामीणों ने जोर दिया कि यह मार्ग शासकीय महाविद्यालय तक पहुंचने का एक महत्वपूर्ण रास्ता है, जिसका उपयोग विद्यार्थी, शिक्षक और सैकड़ों स्थानीय लोग करते हैं, और घटिया निर्माण से लाखों रुपये व्यर्थ जाएंगे। फिलहाल इस पूरे मामले पर विभागीय अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अब देखना होगा कि सरपंच और ग्रामीणों की इन गंभीर शिकायतों पर संबंधित विभाग द्वारा कब तक जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाती है।3
- राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के कथित अनुसूचित जाति (एससी) प्रमाण-पत्र से जुड़े विवाद में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज हो गई है। राज्य स्तरीय जाति छानबीन समिति के निर्देश पर, शुक्रवार को सतना जिले की नागौद तहसील के ग्राम बसुधा और हरदुआ मझगवां सहित अन्य संबंधित क्षेत्रों में डुगडुगी बजवाकर आम लोगों को इस संबंध में सूचना दी गई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास मंत्री की जाति से संबंधित कोई भी तथ्य, दस्तावेज या साक्ष्य मौजूद हों, तो वे उन्हें समिति के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी को नोटिस जारी करते हुए 6 जुलाई को अनुसूचित जाति विकास आयुक्त कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। समिति ने सतना कलेक्टर को विशेष निर्देश दिए थे ताकि इस नोटिस की तामील सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ने इस मामले में नोटिस बोर्ड से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में डोंडी पिटवाकर कार्रवाई शुरू कर दी है। जारी निर्देशों के तहत, इश्तहार की प्रतियां तहसील कार्यालय नागौद, जनपद पंचायत कार्यालय और संबंधित ग्राम पंचायतों के नोटिस बोर्ड पर चस्पा की गई हैं। ग्राम पंचायत बसुधा और हरदुआ के सचिवों द्वारा डोंडी/डुगडुगी पिटवाकर वीडियोग्राफी भी कराई गई। वहीं, राजस्व निरीक्षक वृत्त डम्हा को ग्राम हरदुआ मझगवां और बसुधा में सूचना का सार्वजनिक प्रकाशन करने के साथ-साथ पंचनामा एवं फोटोग्राफी कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।1
- बर्मा पंच द्वारा दिए गए बयान को सुनने के लिए दर्शकों से एक विशेष आग्रह किया गया है। पोस्ट में लोगों से पूरा बयान सुनने की अपील की गई है।1
- मैहर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमरपाटन जनपद पंचायत के तहत ग्राम मुकुंदपुर स्थित शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहा है। विद्यालय परिसर में लगा हैंडपंप बीते छह माह से पानी की जगह केवल हवा उगल रहा है, जिससे छात्राओं और शिक्षकों को भारी परेशानी हो रही है। इस गंभीर समस्या के कारण, छात्राओं और शिक्षकों को अपने घरों से बोतलों में पानी लेकर आना पड़ रहा है। बोतलों का पानी खत्म हो जाने पर, बच्चियों को पीने के पानी के लिए मुख्य मार्ग पर स्थित बाजार के हैंडपंप तक जाना पड़ता है। इस रास्ते पर वाहनों का लगातार आवागमन रहता है, जिससे छात्राओं को पानी लेने जाते समय किसी बड़ी दुर्घटना का शिकार होने का खतरा बना रहता है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा इस समस्या के समाधान हेतु विभागीय पत्राचार करने के साथ-साथ कई बार 181 हेल्पलाइन पर भी शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। हालांकि, इन लगातार शिकायतों का कोई असर नहीं हुआ है और विभागीय अधिकारियों ने इस पेयजल संकट को दूर करने के लिए कोई ज़हमत नहीं उठाई है, जिससे समस्या अनसुलझी बनी हुई है। पेयजल की किल्लत के अतिरिक्त, विद्यालय परिसर एक जर्जर भवन और बिना बाउंड्री वॉल जैसी समस्याओं से भी जूझ रहा है। बाउंड्री वॉल के अभाव में, रात के अंधेरे में विद्यालय परिसर असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाता है, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा होती हैं।2
- मैहर के अमरपाटन क्षेत्र के खरमसेड़ा गांव में एक कुएं में गिरे बैल को बचाने उतरे तीन युवकों की दर्दनाक मौत के बाद हादसे की वजह पर चर्चा तेज हो गई है। वैज्ञानिक टीम की शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि कुएं के भीतर मीथेन जैसी जहरीली गैस जमा होने और ऑक्सीजन का स्तर घटने के कारण दम घुटने से इन युवकों की जान गई। यह दुर्घटना तब हुई जब एक युवक कुएं में गिरे बैल को बचाने उतरा, और उसे बचाने के लिए दो अन्य युवक भी नीचे चले गए, जिसके बाद तीनों अचेत हो गए। हालांकि, वैज्ञानिकों के इस दावे पर संदेह जताते हुए, ग्रामीणों ने एक बकरी को कुएं में उतारकर एक परीक्षण किया। इस जोखिम भरे प्रयोग के बावजूद, बकरी को कोई नुकसान नहीं हुआ। इस घटना के बाद, प्रशासन ने नागरिकों से ऐसे खतरनाक प्रयोगों से बचने की अपील की है। फिलहाल, इस मामले में विस्तृत जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।1
- मैहर पुलिस ने कुख्यात शराब तस्कर आशीष चौरसिया की पत्नी कंचन चौरसिया को अन्य दो आरोपियों के साथ अवैध शराब की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन गिरफ्तार आरोपियों, जिनमें कंचन चौरसिया के साथ गोलू सेंगर और सचिन पटेल शामिल हैं, के पास से 10 पेटी अवैध शराब भी जब्त की है। यह कार्रवाई मैहर पुलिस द्वारा आशीष चौरसिया की तलाश में की गई है, जो पिछले दो दिनों से फरार चल रहा है। आशीष चौरसिया मैहर के करियापानी क्षेत्र से अवैध शराब की तस्करी करते हुए मौके से भाग निकला था। पुलिस ने इस मामले में धारा 34/2 के तहत कार्रवाई की है और आशीष पर पहले से ही दो मामले दर्ज हैं, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि यह अवैध शराब कहां से लाई गई थी और इसे कहां ले जाया जा रहा था। साथ ही, शराब कारोबारी विकास सिंह की भूमिका की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के माध्यम से पुलिस इस तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है। आशीष चौरसिया की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में और भी खुलासे होंगे।1
- सतना शहर के चर्चित आशीर्वाद ढाबा में हुई लूट, मारपीट और तोड़फोड़ की घटना का मुख्य फरार आरोपी कथित तौर पर सोशल मीडिया पर असलहे के साथ लाइव आ गया है। इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था की स्थिति और फरार आरोपियों पर पुलिस की पकड़ को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, उमरी महदेई निवासी अरविंद सिंह उर्फ छोटू, जिस पर कुछ दिन पहले कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित आशीर्वाद ढाबा में अपने दर्जनों साथियों के साथ घुसकर मारपीट करने, तोड़फोड़ करने और नगदी व टेक्नो मोबाइल लूटकर फरार होने का आरोप है, वही व्यक्ति बताया जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी। इसी बीच, आरोपी का इंस्टाग्राम पर असलहे के साथ कथित लाइव वीडियो सामने आया, जिसके बाद लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। वीडियो में आरोपी को कथित तौर पर हथियार का प्रदर्शन करते देखा जा रहा है, जिससे यह संदेश जाता है कि उसे कानून का कोई भय नहीं है। सोशल मीडिया पर वीडियो के तेजी से साझा होने के बाद, लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाना शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई फरार आरोपी खुलेआम सोशल मीडिया पर लाइव आकर हथियारों का प्रदर्शन कर सकता है, तो यह पुलिस के लिए एक गंभीर चुनौती है। लोगों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार किया जाना चाहिए, ताकि कानून का सम्मान बना रहे और समाज में गलत संदेश न जाए। सूत्रों के अनुसार, पुलिस पहले से ही आरोपी की तलाश कर रही है और अवैध हथियारों के प्रदर्शन तथा अन्य प्रासंगिक धाराओं में भी उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।1