भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कोडरमा जिला इकाई ने झुमरी तिलैया के विवेक विला में आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा कोडरमा जिला अध्यक्ष अनूप जोशी ने की, जबकि संचालन कार्यक्रम संयोजक सुभाष मोदी ने किया। संगोष्ठी की शुरुआत जयप्रकाश नारायण की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर और “जयप्रकाश अमर रहें” के नारों के साथ हुई, यह देश भर में भाजपा द्वारा 25 जून को आपातकाल की वर्षगांठ पर लोकतंत्र रक्षा से जुड़े कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा था, जिसमें आपातकाल के विरुद्ध आंदोलन में मीसा कानून के तहत जेल में बंद किए गए नेताओं को सम्मानित किया गया। कोडरमा विधायक नीरा यादव ने कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के तौर पर 25 जून 1975 के दिन को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि उस दौरान संविधान की मूल भावना पर प्रहार किया गया, नागरिकों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए, और विपक्षी नेताओं व लोकतंत्र की आवाज़ उठाने वालों को जेलों में डाल दिया गया। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को सदैव प्रेरणास्रोत बताया। विशिष्ट अतिथि और मीसा में बंद आंदोलनकारी रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता रमेश सिंह ने नई पीढ़ी तक आपातकाल की भयावहता पहुँचाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समाज सदैव सजग रहे। उन्होंने लोकतंत्र को जनता की सबसे बड़ी शक्ति बताया और इसकी रक्षा को प्रत्येक नागरिक का दायित्व करार दिया। जिला अध्यक्ष अनूप जोशी ने आपातकाल को केवल एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर सबसे बड़ा हमला बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सदैव लोकतंत्र, संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है, और उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को जन-जन तक पहुँचाने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिला महामंत्री विजय यादव, नरेंद्र पाल, जिला उपाध्यक्ष संगीता सिन्हा, जिला मंत्री अनीता देवी, झुमरी तिलैया नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष सह भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष प्रकाश राम, झुमरी तिलैया नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष उमेश सिंह, डोमचाँच प्रखण्ड प्रमुख सत्यनारायण यादव, डोमचांच नगर पंचायत अध्यक्ष उमेश वर्मा, आपातकाल के आंदोलनकारी मीसा में बंद नेता विष्णु बरणवाल, सुभाष जैन, नंदकिशोर मोदी, तथा पार्टी के अन्य प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कोडरमा जिला इकाई ने झुमरी तिलैया के विवेक विला में आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा कोडरमा जिला अध्यक्ष अनूप जोशी ने की, जबकि संचालन कार्यक्रम संयोजक सुभाष मोदी ने किया। संगोष्ठी की शुरुआत जयप्रकाश नारायण की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर और “जयप्रकाश अमर रहें” के नारों के साथ हुई, यह देश भर में भाजपा द्वारा 25 जून को आपातकाल की वर्षगांठ पर लोकतंत्र रक्षा से जुड़े कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा था, जिसमें आपातकाल के विरुद्ध आंदोलन में मीसा कानून के तहत जेल में बंद किए गए नेताओं को सम्मानित किया गया। कोडरमा विधायक नीरा यादव ने कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के तौर पर 25 जून 1975 के दिन को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि उस दौरान संविधान की मूल भावना पर प्रहार किया गया, नागरिकों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए, और विपक्षी नेताओं व लोकतंत्र की आवाज़ उठाने वालों को जेलों में डाल दिया गया। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को सदैव प्रेरणास्रोत बताया। विशिष्ट अतिथि और मीसा में बंद आंदोलनकारी रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता रमेश सिंह ने नई पीढ़ी तक आपातकाल की भयावहता पहुँचाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समाज सदैव सजग रहे। उन्होंने लोकतंत्र को जनता की सबसे बड़ी शक्ति बताया और इसकी रक्षा को प्रत्येक नागरिक का दायित्व करार दिया। जिला अध्यक्ष अनूप जोशी ने आपातकाल को केवल एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर सबसे बड़ा हमला बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सदैव लोकतंत्र, संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है, और उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को जन-जन तक पहुँचाने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिला महामंत्री विजय यादव, नरेंद्र पाल, जिला उपाध्यक्ष संगीता सिन्हा, जिला मंत्री अनीता देवी, झुमरी तिलैया नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष सह भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष प्रकाश राम, झुमरी तिलैया नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष उमेश सिंह, डोमचाँच प्रखण्ड प्रमुख सत्यनारायण यादव, डोमचांच नगर पंचायत अध्यक्ष उमेश वर्मा, आपातकाल के आंदोलनकारी मीसा में बंद नेता विष्णु बरणवाल, सुभाष जैन, नंदकिशोर मोदी, तथा पार्टी के अन्य प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) द्वारा झुमरी तिलैया स्थित साहू धर्मशाला, ब्लॉक रोड में एक जिला पुनर्गठन एवं संगठन विस्तार कार्यक्रम उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। यह जानकारी शुक्रवार को सुबह 11 बजे पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी गई। कार्यक्रम के दौरान, जेएलकेएम के केंद्रीय प्रवक्ता रविशंकर यादव ने बताया कि केंद्र से आए हुए पर्यवेक्षकों, जिनमें केंद्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोतीलाल महतो, केंद्रीय उपाध्यक्ष दिनेश साहू और केंद्रीय महासचिव मुकेश महतो शामिल थे, की उपस्थिति में जिला कमेटी का पुनर्गठन किया गया। घोषणा की गई कि इस पुनर्गठित कमेटी की अंतिम घोषणा केंद्रीय अध्यक्ष टाइगर जयराम महतो जी द्वारा की जाएगी। इस बैठक में, बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर जेएलकेएम परिवार का हिस्सा बनने का संकल्प लिया। इस अवसर पर केंद्रीय सचिव कृष्ण यादव, केंद्रीय संगठन मंत्री प्रेम नायक, महेंद्र मंडल, शैलेंद्र कुमार, पूर्व जिला अध्यक्ष चंदन यादव, मुन्ना यादव, रोहित पासवान सहित दर्जनों कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।1
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कोडरमा जिला इकाई ने झुमरी तिलैया के विवेक विला में आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा कोडरमा जिला अध्यक्ष अनूप जोशी ने की, जबकि संचालन कार्यक्रम संयोजक सुभाष मोदी ने किया। संगोष्ठी की शुरुआत जयप्रकाश नारायण की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर और “जयप्रकाश अमर रहें” के नारों के साथ हुई, यह देश भर में भाजपा द्वारा 25 जून को आपातकाल की वर्षगांठ पर लोकतंत्र रक्षा से जुड़े कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा था, जिसमें आपातकाल के विरुद्ध आंदोलन में मीसा कानून के तहत जेल में बंद किए गए नेताओं को सम्मानित किया गया। कोडरमा विधायक नीरा यादव ने कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के तौर पर 25 जून 1975 के दिन को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि उस दौरान संविधान की मूल भावना पर प्रहार किया गया, नागरिकों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए, और विपक्षी नेताओं व लोकतंत्र की आवाज़ उठाने वालों को जेलों में डाल दिया गया। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को सदैव प्रेरणास्रोत बताया। विशिष्ट अतिथि और मीसा में बंद आंदोलनकारी रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता रमेश सिंह ने नई पीढ़ी तक आपातकाल की भयावहता पहुँचाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समाज सदैव सजग रहे। उन्होंने लोकतंत्र को जनता की सबसे बड़ी शक्ति बताया और इसकी रक्षा को प्रत्येक नागरिक का दायित्व करार दिया। जिला अध्यक्ष अनूप जोशी ने आपातकाल को केवल एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर सबसे बड़ा हमला बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सदैव लोकतंत्र, संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है, और उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को जन-जन तक पहुँचाने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिला महामंत्री विजय यादव, नरेंद्र पाल, जिला उपाध्यक्ष संगीता सिन्हा, जिला मंत्री अनीता देवी, झुमरी तिलैया नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष सह भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष प्रकाश राम, झुमरी तिलैया नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष उमेश सिंह, डोमचाँच प्रखण्ड प्रमुख सत्यनारायण यादव, डोमचांच नगर पंचायत अध्यक्ष उमेश वर्मा, आपातकाल के आंदोलनकारी मीसा में बंद नेता विष्णु बरणवाल, सुभाष जैन, नंदकिशोर मोदी, तथा पार्टी के अन्य प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- मोहर्रम के अवसर पर डोमचांच नगर पंचायत के अध्यक्ष उमेश वर्मा ने शांति और सौहार्द का संदेश दिया है। उन्होंने मोहर्रम को लेकर लोगों से शांति बनाए रखने और सद्भावपूर्ण वातावरण बनाए रखने का आग्रह किया।1
- कोडरमा जिले के डोमचांच स्थित नवादा-पुरनाडीह पुल के समीप से एक शव बरामद होने की सूचना मिली है।1
- गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड अंतर्गत खिजूरी पंचायत के नीमाडीह गांव में सनातनी परंपराओं और बड़ों के प्रति सम्मान का एक मनमोहक दृश्य देखने को मिला। गांव के प्रतिष्ठित व्यक्ति पांडु यादव और उनकी धर्मपत्नी तिलकी देवी के सकुशल चारधाम यात्रा से लौटने की खुशी में उनके बेटों और भतीजों ने एक भव्य धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया, जिसका शुभारंभ शुक्रवार को 51 कलशों की एक विशाल यात्रा के साथ हुआ। गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ निकाली गई इस पावन यात्रा में गजब का अनुशासन और सनातन संस्कृति की छटा बिखरी हुई थी। पुरुष वर्ग पीले और नारंगी पीतांबर रंग के कुर्ते-पायजामे में कतारबद्ध होकर चल रहा था, वहीं मातृशक्ति और युवतियां पारंपरिक लाल व चुनरी प्रिंट की साड़ियों में सज-धजकर, सिर पर नारियल और आम के पत्तों से सजे मंगल मिट्टी के कलश लेकर आगे बढ़ रही थीं। यात्रा के दौरान लाउडस्पीकर पर बज रहे भक्ति गीतों और श्रद्धालुओं द्वारा लगाए जा रहे 'जय श्री राम' व 'वंदे मातरम' के गगनभेदी जयघोष से पूरा नीमाडीह गांव और आसपास का इलाका भक्तिमय हो उठा। गांव की परिक्रमा करते हुए यह भव्य कलश यात्रा खोटो नदी के तट पर पहुँची, जहाँ पुरोहितों की उपस्थिति में वेदोच्चार के बीच गंगा माता और जल देवता का विधिवत पूजन-अर्चन संपन्न किया गया। इसके बाद, परिवार की बुजुर्ग महिलाओं ने पारंपरिक सोहर और वैवाहिक गीतों के बीच कलशों में पवित्र जल भरा। जल भरने के उपरांत, यह पावन कलश यात्रा पुनः जयकारों के साथ नीमाडीह गांव स्थित यज्ञ स्थल कपिल यादव के निवास स्थान पर वापस पहुँची, जहाँ मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापित कर आगे के पूजा अनुष्ठान को प्रारंभ किया गया। इस भव्य धार्मिक उत्सव और पारिवारिक मिलन के मौके पर कपिल यादव के 110 वर्षीय दादा जी बासो महतो, नंदलाल यादव, आसी यादव, असर्फी यादव, नकुल यादव, अशोक यादव, उपेंद्र यादव, राजू यादव और निशिकांत पांडेय सहित समाज के बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, सगे-संबंधी और दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ग्रामीणों ने पांडु यादव और तिलकी देवी का चारधाम यात्रा से लौटने पर गर्मजोशी से स्वागत किया। गांव में इस भव्य आयोजन को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।2
- CJP फाउंडर ने शिक्षा मंत्री को सीधे तौर पर चेतावनी दी है। उन्हें पद से इस्तीफा देने के लिए सिर्फ दो दिन का समय दिया गया है। फाउंडर ने स्पष्ट किया है कि यदि शिक्षा मंत्री इस निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना इस्तीफा नहीं देते हैं, तो उन्हें 'वरना...' की स्थिति का सामना करना पड़ेगा।1
- मोहर्रम के अवसर पर झुमरी तिलैया के करमा स्थित बाराटोला में हिंदू-मुस्लिम एकता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। इस दौरान दोनों समुदाय के लोगों ने मिलकर भव्य झांकी और डीजे की तैयारी के बीच यह पर्व मनाया, जहाँ सांप्रदायिक सौहार्द का एक मजबूत संदेश दिया गया। इस दौरान हिंदू भाइयों ने मुस्लिम भाइयों को भगवा गमछा भेंट किया, जबकि मुस्लिम भाइयों ने हिंदू भाइयों को हरा गमछा देकर भाईचारे का संदेश दिया। वक्ताओं ने शुक्रवार को दोपहर 12 बजे जोर देकर कहा कि मोहर्रम शांति, सब्र और इंसानियत का पर्व है, जिसे सभी धर्मों के लोग मिलकर मनाते आए हैं। कार्यक्रम के तहत, जुलूस को बाराटोला से अंबाकोला होते हुए तिलैया झंडा चौक तक शांतिपूर्वक निकाला गया। पूरे आयोजन में उत्साह, सौहार्द और कौमी एकता का एक विशिष्ट माहौल देखने को मिला।1
- कोडरमा जिले के ढेबुआडीह में तूफान क्लब द्वारा 10वीं मोहर्रम 2026 के अवसर पर शहीद-ए-कर्बला हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) की याद में एक भव्य अखाड़ा, हैरतअंगेज करतब और अकीदतमंदों का शानदार जुलूस निकाला गया। इस आयोजन के माध्यम से तिरंगे के साथ एकता, भाईचारे और अमन का सशक्त संदेश दिया गया, जिसमें 'या हुसैन (अ.स.)' की श्रद्धा और सामाजिक सद्भाव का भाव मुखर था।1