सुल्तानपुर जनपद के कोतवाली नगर स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के एक कर्मचारी के साथ 27 जून, 2026 को कुछ व्यक्तियों द्वारा की गई मारपीट के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। इस घटना के संबंध में थाना कोतवाली नगर में मुकदमा अपराध संख्या 353/26 पंजीकृत किया गया था। विवेचना के क्रम में, पुलिस ने 29 जून, 2026 को अमन निषाद, दिलशाद अहमद और आलोक यादव नामक तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इन अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 126, 135 और 170 के तहत कार्रवाई की जा रही है। अभियुक्तों के पास से दो फोर-व्हीलर वाहन भी बरामद किए गए हैं, जिनमें एक काली स्कॉर्पियो और एक स्विफ्ट डिजायर शामिल है, जिनका उपयोग घटना को अंजाम देने में किया गया था। क्षेत्राधिकारी नगर श्री सौरभ सामन्त के अनुसार, मौके पर शांति व्यवस्था सामान्य है और अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
सुल्तानपुर जनपद के कोतवाली नगर स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के एक कर्मचारी के साथ 27 जून, 2026 को कुछ व्यक्तियों द्वारा की गई मारपीट के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। इस घटना के संबंध में थाना कोतवाली नगर में मुकदमा अपराध संख्या 353/26 पंजीकृत किया गया था। विवेचना के क्रम में, पुलिस ने 29 जून, 2026 को अमन निषाद, दिलशाद अहमद और आलोक यादव नामक तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इन अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 126, 135 और 170 के तहत कार्रवाई की जा रही है। अभियुक्तों के पास से दो फोर-व्हीलर वाहन भी बरामद किए गए हैं, जिनमें एक काली स्कॉर्पियो और एक स्विफ्ट डिजायर शामिल है, जिनका उपयोग घटना को अंजाम देने में किया गया था। क्षेत्राधिकारी नगर श्री सौरभ सामन्त के अनुसार, मौके पर शांति व्यवस्था सामान्य है और अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
- लखनऊ के विकासनगर थाना क्षेत्र में स्थित Redox Cafe एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय निवासियों ने कैफे पर आरोप लगाया है कि रिंग रोड पर जगरानी अस्पताल के सामने, यमाहा शोरूम के पास स्थित यह प्रतिष्ठान कथित रूप से देर रात तक हुक्का परोसता है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि कैफे के अंदर से बनाए गए कई वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं, जिनमें कथित तौर पर लोगों को हुक्का पीते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, इन वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब यह देखना होगा कि वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों की शिकायतों के आधार पर विकासनगर पुलिस या संबंधित विभाग द्वारा कोई उचित कार्रवाई की जाती है या नहीं।1
- सुल्तानपुर जनपद के कोतवाली नगर स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के एक कर्मचारी के साथ 27 जून, 2026 को कुछ व्यक्तियों द्वारा की गई मारपीट के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। इस घटना के संबंध में थाना कोतवाली नगर में मुकदमा अपराध संख्या 353/26 पंजीकृत किया गया था। विवेचना के क्रम में, पुलिस ने 29 जून, 2026 को अमन निषाद, दिलशाद अहमद और आलोक यादव नामक तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इन अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 126, 135 और 170 के तहत कार्रवाई की जा रही है। अभियुक्तों के पास से दो फोर-व्हीलर वाहन भी बरामद किए गए हैं, जिनमें एक काली स्कॉर्पियो और एक स्विफ्ट डिजायर शामिल है, जिनका उपयोग घटना को अंजाम देने में किया गया था। क्षेत्राधिकारी नगर श्री सौरभ सामन्त के अनुसार, मौके पर शांति व्यवस्था सामान्य है और अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- लखनऊ नगर निगम जोन 1 में हजरतगंज कोतवाली और हजरतगंज फायर स्टेशन के ठीक सामने अतिक्रमण के खिलाफ एक अभियान चलाया गया। इस दौरान यह सामने आया कि दुकानदारों द्वारा सड़कों पर कब्जा करके गाड़ियां बनाई जाती हैं, जिससे पूरी सड़क पर उनका कब्जा रहता है। इस गंभीर अतिक्रमण के कारण यदि कोई घटना या दुर्घटना होती है, या कहीं आग लगने की घटना होती है, तो अक्सर भारी जाम का सामना करना पड़ता है। हजरतगंज कोतवाली पुलिस को भी जाम की समस्या से जूझना पड़ता है, वहीं फायर विभाग की गाड़ियां भी इन दुकानदारों के अतिक्रमण में फंस जाती हैं। इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई कि शहर का सबसे वीआईपी इलाका होने के बावजूद भी दुकानदार अपनी आदतें सुधार नहीं रहे हैं। अभियान के दौरान ज़ोनल अधिकारी, राजस्व इंस्पेक्टर देवी शंकर दूबे और 296 टिम मौके पर मौजूद रही।4
- लखनऊ के गोमतीनगर थाना क्षेत्र के पत्रकारपुरम चौराहे पर रविवार शाम चाय की दुकान पर हुई मारपीट के बाद गोलीबारी करने के आरोपी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह आत्मसमर्पण सिंघम लेडी डीसीपी पूर्वी दीक्षा शर्मा के खौफ और पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई का नतीजा है। यह घटना पत्रकारपुरम चौराहे स्थित मनीष ईटिंग प्वाइंट चाय की दुकान पर दो गुटों के बीच विवाद से शुरू हुई थी, जिसके बाद कुछ आरोपी दोबारा बाइक से पहुंचे और फायरिंग कर फरार हो गए थे, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। घटना के बाद पुलिस ने एक आरोपी को मौके से हिरासत में लिया था और अन्य आरोपियों की तलाश में कई टीमें लगाकर लगातार ताबड़तोड़ दबिश दी। सूत्रों के अनुसार, पुलिस की इस सख्ती और एनकाउंटर के डर से घबराकर आरोपी खुद गोमतीनगर थाने पहुंच गए और आत्मसमर्पण कर दिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने अपराधियों को साफ संदेश दिया है कि वे या तो प्रदेश छोड़ दें या अपराध करना बंद कर दें, क्योंकि अपराध को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।1
- अयोध्या के वकीलों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपियों का मुकदमा लड़ने से इनकार कर दिया है। अयोध्या बार एसोसिएशन ने स्पष्ट रूप से यह फैसला किया है कि आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में वे आरोपियों का साथ नहीं देंगे। अधिवक्ताओं ने अपने इस निर्णय के पीछे तर्क दिया है कि मंदिर की मर्यादा और करोड़ों श्रद्धालुओं की भावना उनके लिए सर्वोपरि है। बार एसोसिएशन ने यह भी ऐलान किया है कि यदि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव तीन दिन के भीतर अयोध्या छोड़कर नहीं जाते या उन्हें जेल नहीं भेजा जाता, तो पूरा अयोध्या जाम कर दिया जाएगा। वकीलों ने चेतावनी दी है कि चंदा चोरों का केस कोई भी अधिवक्ता नहीं लड़ेगा, और यदि कोई वकील ऐसा करने का प्रयास करता है, तो उस पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा।1
- रुद्र प्रताप कुशवाहा ने सीधे तौर पर यह बयान दिया है कि भरत तिवारी के साथ ही उनके माता-पिता, भाई और पूरे परिवार का एनकाउंटर होना चाहिए। उन्होंने 1000 ब्राह्मणों के एनकाउंटर की भी मांग की है। इस दौरान, कुशवाहा ने अश्वनी चौबे का जिक्र करते हुए ब्राह्मणों के प्रति अपनी ईर्ष्या और नफरत जाहिर की। इस बयान को ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ खुली नफरत और हिंसा भड़काने वाला बताया गया है। जनहित सर्व समाज सेवा समिति की संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष, लेखिका और कवयित्री सोनी शुक्ला ने रुद्र प्रताप कुशवाहा के इस बयान का कड़ा विरोध किया है। सोनी शुक्ला ने सभी ब्राह्मण साथियों से इसे जवाब देने का कार्य शुरू करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि रुद्र प्रताप कुशवाहा नफरत फैला रहे हैं और जातियों में विद्रोह उत्पन्न कर रहे हैं। शुक्ला ने उन्हें 'देशद्रोही' करार देते हुए यह भी कहा कि ऐसे व्यक्ति का जीवित रहना समाज के लिए घातक होगा और उनका अंत सुनिश्चित करना चाहिए।1