ग्राम सचिव पर मजदूरों के बजाय नजदीकी लोगों के खातों में डेढ़ लाख रुपये डालने का आरोप पुलिया निर्माण में मजदूरी भुगतान को लेकर उठे सवाल, ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की सीधी/कुसमी। जिले के कुसमी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कुसमी में पंचायत कार्यों को लेकर कथित अनियमितता और मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव पर आरोप लगाया है कि पुलिया निर्माण कार्य में वास्तविक रूप से काम करने वाले मजदूरों के बजाय उनके नजदीकी लोगों के खातों में करीब 1 लाख 52 हजार रुपये की मजदूरी राशि का भुगतान किया गया। ग्रामीणों के अनुसार आदिवासी बस्ती में नारायण सिंह के घर के समीप करीब 10 लाख रुपये की लागत से पुलिया का निर्माण कराया गया है। आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया और काम जल्दबाजी में पूरा कर दिया गया। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि निर्माण स्थल पर कार्य से संबंधित सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया, जिससे स्वीकृत राशि, कार्य की अवधि, एजेंसी तथा अन्य आवश्यक जानकारी सार्वजनिक नहीं हो सकी। सात लोगों के खातों में भुगतान का आरोप ग्रामीणों का दावा है कि पुलिया निर्माण में काम करने वाले वास्तविक मजदूरों के बजाय ग्राम पंचायत सचिव के निज निवास ग्राम रौहाल के कुछ लोगों तथा उनके नजदीकी व्यक्तियों के खातों में मजदूरी की राशि भेजी गई। ग्रामीणों के मुताबिक भुगतान सूची में कुल सात लोगों के नाम दर्ज हैं, जिनमें आशीष, नीतू, नंदलाल, मनीष, अतुल, श्यामकली साहू और दिलीप कुमार साहू शामिल हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भुगतान संबंधी दस्तावेजों में संबंधित व्यक्तियों का पूरा नाम और पता स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं किया गया है। इसके बावजूद उनके खातों में बड़ी राशि का भुगतान किए जाने से मजदूरी भुगतान की वास्तविकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पंचायत भवन में जांच कराने की मांग ग्रामीणों ने मांग की है कि सातों कथित मजदूरों के खातों में किए गए भुगतान की दस्तावेजी एवं स्थल स्तर पर जांच कराई जाए। उनका कहना है कि पंचायत भवन में अधिकारियों की मौजूदगी में संबंधित सभी व्यक्तियों को बुलाकर पूछताछ की जाए और यह सत्यापित किया जाए कि उन्होंने वास्तव में पुलिया निर्माण कार्य में मजदूरी की थी या नहीं। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि मजदूरों की उपस्थिति, मस्टर रोल, भुगतान सूची, बैंक खातों में हुए भुगतान और निर्माण स्थल की वास्तविक स्थिति का मिलान कराया जाए, ताकि आरोपों की सच्चाई सामने आ सके। उपयंत्री की भूमिका पर भी उठे सवाल मामले में ग्रामीणों ने संबंधित उपयंत्री की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य की नियमित रूप से तकनीकी जांच और निगरानी की गई थी, तो कथित रूप से अपात्र या वास्तविक मजदूर नहीं होने वाले व्यक्तियों के खातों में मजदूरी भुगतान कैसे हुआ। सीईओ ने जांच का दिया आश्वासन मामले को लेकर जब कुसमी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी अभी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि मामले की निश्चित रूप से जांच कराई जाएगी। फिलहाल ग्रामीणों के आरोपों की आधिकारिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मजदूरी भुगतान नियमानुसार किया गया था या इसमें किसी प्रकार की अनियमितता हुई है। अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने की है।
ग्राम सचिव पर मजदूरों के बजाय नजदीकी लोगों के खातों में डेढ़ लाख रुपये डालने का आरोप पुलिया निर्माण में मजदूरी भुगतान को लेकर उठे सवाल, ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की सीधी/कुसमी। जिले के कुसमी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कुसमी में पंचायत कार्यों को लेकर कथित अनियमितता और मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव पर आरोप लगाया है कि पुलिया निर्माण कार्य में वास्तविक रूप से काम करने वाले मजदूरों के बजाय उनके नजदीकी लोगों के खातों में करीब 1 लाख 52 हजार रुपये की मजदूरी राशि का भुगतान किया गया। ग्रामीणों के अनुसार आदिवासी बस्ती में नारायण सिंह के घर के समीप करीब 10 लाख रुपये की लागत से पुलिया का निर्माण कराया गया है। आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया और काम जल्दबाजी में पूरा कर दिया गया। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि निर्माण स्थल पर कार्य से संबंधित सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया, जिससे स्वीकृत राशि, कार्य की अवधि, एजेंसी तथा अन्य आवश्यक जानकारी सार्वजनिक नहीं हो सकी। सात लोगों के खातों में भुगतान का आरोप ग्रामीणों का दावा है कि पुलिया निर्माण में काम करने वाले वास्तविक मजदूरों के बजाय ग्राम पंचायत सचिव के निज निवास ग्राम रौहाल के कुछ लोगों तथा उनके नजदीकी व्यक्तियों के खातों में मजदूरी की राशि भेजी गई। ग्रामीणों के मुताबिक भुगतान सूची में कुल सात लोगों के नाम दर्ज हैं, जिनमें आशीष, नीतू, नंदलाल, मनीष, अतुल, श्यामकली साहू और दिलीप कुमार साहू शामिल हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भुगतान संबंधी दस्तावेजों में संबंधित व्यक्तियों का पूरा नाम और पता स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं किया गया है। इसके बावजूद उनके
खातों में बड़ी राशि का भुगतान किए जाने से मजदूरी भुगतान की वास्तविकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पंचायत भवन में जांच कराने की मांग ग्रामीणों ने मांग की है कि सातों कथित मजदूरों के खातों में किए गए भुगतान की दस्तावेजी एवं स्थल स्तर पर जांच कराई जाए। उनका कहना है कि पंचायत भवन में अधिकारियों की मौजूदगी में संबंधित सभी व्यक्तियों को बुलाकर पूछताछ की जाए और यह सत्यापित किया जाए कि उन्होंने वास्तव में पुलिया निर्माण कार्य में मजदूरी की थी या नहीं। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि मजदूरों की उपस्थिति, मस्टर रोल, भुगतान सूची, बैंक खातों में हुए भुगतान और निर्माण स्थल की वास्तविक स्थिति का मिलान कराया जाए, ताकि आरोपों की सच्चाई सामने आ सके। उपयंत्री की भूमिका पर भी उठे सवाल मामले में ग्रामीणों ने संबंधित उपयंत्री की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य की नियमित रूप से तकनीकी जांच और निगरानी की गई थी, तो कथित रूप से अपात्र या वास्तविक मजदूर नहीं होने वाले व्यक्तियों के खातों में मजदूरी भुगतान कैसे हुआ। सीईओ ने जांच का दिया आश्वासन मामले को लेकर जब कुसमी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी अभी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि मामले की निश्चित रूप से जांच कराई जाएगी। फिलहाल ग्रामीणों के आरोपों की आधिकारिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मजदूरी भुगतान नियमानुसार किया गया था या इसमें किसी प्रकार की अनियमितता हुई है। अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने की है।
- नवनिर्मित पुलिया दो-तीन माह में ध्वस्त, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल सीधी जिले के जनपद पंचायत गोपद बनास अंतर्गत ग्राम पंचायत सारों में जोगीबहरा से चोकरीदह पहुंच मार्ग पर स्थित नवनिर्मित पुलिया बरसाती पानी के तेज बहाव में ध्वस्त हो गई। बताया जा रहा है कि यह पुलिया जून माह में पंचायत निधि से स्वीकृत होकर बनाई गई थी, लेकिन निर्माण के महज दो-तीन माह बाद ही अगस्त में क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिया के इतनी कम अवधि में टूट जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया के निर्माण में घटिया गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके चलते पहली ही बरसात में पुलिया बरसाती पानी का दबाव नहीं झेल सकी और क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिया के टूटने से जोगीबहरा और चोकरीदह के बीच आवागमन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिया का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि स्कूली बच्चों सहित आम लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिल सके। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस मामले में कब तक जांच और कार्रवाई करता है।2
- बागाड़ीह आंगनबाड़ी केंद्र की बदहाली पर सवाल: केंद्र में कीचड़, कार्यकर्ता की अनुपस्थिति का आरोप, बोर भी उखाड़ ले जाने की शिकायत 2022-23 में बना आंगनबाड़ी भवन जर्जर होने का दावा, ग्रामीण बोले—शिकायत करने पर मिलती है धमकी, बच्चों की सुविधाओं पर जिम्मेदारों की नजर कब पड़ेगी? बागाड़ीह। ग्राम पंचायत बागाड़ीह स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-5 इन दिनों बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चंदा साहू नियमित रूप से केंद्र पर नहीं आती हैं। आरोप है कि वह कभी 8-10 दिन तो कभी 15 दिन में एक बार केंद्र पर पहुंचती हैं, जिसके चलते बच्चों को आंगनबाड़ी की नियमित सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2022-23 में निर्मित आंगनबाड़ी भवन कुछ ही वर्षों में जर्जर स्थिति में पहुंच गया है। केंद्र के अंदर की स्थिति भी बेहद खराब बताई जा रही है। बारिश अथवा पानी भरने के कारण परिसर और अंदर की जमीन पर कीचड़ होने से बच्चों के बैठने तक की उचित व्यवस्था नहीं होने का आरोप है। स्कूल के पास लगा बोर भी नहीं रहा ग्रामीणों ने बताया कि आंगनबाड़ी एवं स्कूल के पास बच्चों की सुविधा के लिए बोर कराया गया था, लेकिन आरोप है कि करीब एक वर्ष पहले सरपंच द्वारा बोर को वहां से निकालकर ले जाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इसके बाद से बच्चों और स्थानीय लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत करने पर धमकी देने का आरोप ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि जब आंगनबाड़ी की व्यवस्था और पानी की समस्या को लेकर शिकायत की जाती है तो उन्हें कथित रूप से धमकी दी जाती है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है और वे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। बच्चों के भविष्य से जुड़ा सवाल आंगनबाड़ी केंद्र छोटे बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्था है। ऐसे में यदि ग्रामीणों के आरोप सही हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है। सवाल यह है कि जब आंगनबाड़ी भवन जर्जर है, अंदर कीचड़ है और कार्यकर्ता की नियमित उपस्थिति पर भी सवाल उठ रहे हैं, तो जिम्मेदार विभागीय अधिकारी निरीक्षण क्यों नहीं कर रहे? ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-5 की जमीनी जांच कराई जाए, कार्यकर्ता की उपस्थिति की जांच हो, भवन की स्थिति सुधारी जाए और पेयजल की व्यवस्था तत्काल बहाल की जाए। अब देखना यह है कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते हैं या फिर आंगनबाड़ी केंद्र की बदहाली यूं ही बनी रहती है। बागाड़ीह आंगनबाड़ी केंद्र की बदहाली पर सवाल: केंद्र में कीचड़, कार्यकर्ता की अनुपस्थिति का आरोप, बोर भी उखाड़ ले जाने की शिकायत 2022-23 में बना आंगनबाड़ी भवन जर्जर होने का दावा, ग्रामीण बोले—शिकायत करने पर मिलती है धमकी, बच्चों की सुविधाओं पर जिम्मेदारों की नजर कब पड़ेगी? बागाड़ीह। ग्राम पंचायत बागाड़ीह स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-5 इन दिनों बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चंदा साहू नियमित रूप से केंद्र पर नहीं आती हैं। आरोप है कि वह कभी 8-10 दिन तो कभी 15 दिन में एक बार केंद्र पर पहुंचती हैं, जिसके चलते बच्चों को आंगनबाड़ी की नियमित सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2022-23 में निर्मित आंगनबाड़ी भवन कुछ ही वर्षों में जर्जर स्थिति में पहुंच गया है। केंद्र के अंदर की स्थिति भी बेहद खराब बताई जा रही है। बारिश अथवा पानी भरने के कारण परिसर और अंदर की जमीन पर कीचड़ होने से बच्चों के बैठने तक की उचित व्यवस्था नहीं होने का आरोप है। स्कूल के पास लगा बोर भी नहीं रहा ग्रामीणों ने बताया कि आंगनबाड़ी एवं स्कूल के पास बच्चों की सुविधा के लिए बोर कराया गया था, लेकिन आरोप है कि करीब एक वर्ष पहले सरपंच द्वारा बोर को वहां से निकालकर ले जाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इसके बाद से बच्चों और स्थानीय लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत करने पर धमकी देने का आरोप ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि जब आंगनबाड़ी की व्यवस्था और पानी की समस्या को लेकर शिकायत की जाती है तो उन्हें कथित रूप से धमकी दी जाती है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है और वे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। बच्चों के भविष्य से जुड़ा सवाल आंगनबाड़ी केंद्र छोटे बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्था है। ऐसे में यदि ग्रामीणों के आरोप सही हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है। सवाल यह है कि जब आंगनबाड़ी भवन जर्जर है, अंदर कीचड़ है और कार्यकर्ता की नियमित उपस्थिति पर भी सवाल उठ रहे हैं, तो जिम्मेदार विभागीय अधिकारी निरीक्षण क्यों नहीं कर रहे? ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-5 की जमीनी जांच कराई जाए, कार्यकर्ता की उपस्थिति की जांच हो, भवन की स्थिति सुधारी जाए और पेयजल की व्यवस्था तत्काल बहाल की जाए। अब देखना यह है कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते हैं या फिर आंगनबाड़ी केंद्र की बदहाली यूं ही बनी रहती है।1
- जरूरतमंद बच्चों के बीच जन्मदिन मनाकर पेश की मिसाल सत्य प्रकाश सिंह ने पौधारोपण कर ट्रामा सेंटर में भेंट की व्हीलचेयर वैढ़न। लायंस क्लब विद्युत विहार के सदस्य सत्य प्रकाश सिंह ने अपने जन्मदिन एवं बेटे के जन्मदिन के अवसर को यादगार बनाते हुए रेडक्रॉस बालिका खुला आश्रय गृह की बालिकाओं के बीच परिवार और लायंस क्लब विद्युत विहार की टीम के साथ जन्मदिन मनाया। इस दौरान बालिकाओं के बीच खुशी का माहौल देखने को मिला। जरूरतमंद बच्चों के साथ इस तरह जन्मदिन मनाने की पहल की उपस्थित लोगों ने जमकर सराहना की। जन्मदिन समारोह के बाद सत्य प्रकाश सिंह ने अपने परिवार के साथ पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके पश्चात वे जिला अस्पताल ट्रामा सेंटर पहुंचे, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉ. अभिषेक राव से स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चर्चा की। इसके बाद जिला अस्पताल के मुख्य द्वार पर परिवार एवं लायंस क्लब विद्युत विहार के सदस्यों की मौजूदगी में जरूरतमंद मरीजों के लिए व्हीलचेयर भेंट की गई। सत्य प्रकाश सिंह ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि जन्मदिन, सालगिरह अथवा किसी पुण्यतिथि जैसे अवसरों को जरूरतमंदों की मदद, पौधारोपण, रक्तदान, वस्त्रदान एवं भोजन वितरण जैसे सामाजिक कार्यों के साथ मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बीच पहुंचकर उनके साथ खुशियां बांटना समाज के लिए सकारात्मक संदेश देता है। वहीं डॉ. अभिषेक राव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जरूरतमंद लोगों के बीच जाकर जन्मदिन मनाना काबिल-ए-तारीफ है। अस्पताल को उपलब्ध कराई गई व्हीलचेयर निश्चित रूप से जरूरतमंद मरीजों के काम आएगी। कार्यक्रम में सत्य प्रकाश सिंह, अंजली सिंह, मनोमय सिंह, अंजिका सिंह, सिद्धार्थ मिश्रा, हनी मिश्रा, नटवर दास अग्रवाल, सुभाष चंद्र वैस, गौरव केशरी, रवि मिश्रा एवं डॉ. अभिषेक राव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।1
- beohari khatkhariya tola mudariya rod live news beohari khatkhariya tola mudariya rod Madhya Pradesh Shahdol jila live news beohari khatkhariya tola mudariya rod Madhya Pradesh Shahdol jila1
- शाहपुर पुलिस की बड़ी कार्यवाही पशु तस्कर गिरफ्तार1
- मध्यप्रदेश में फार्मर आईडी के माध्यम से किसानों की सुविधाओं को डिजिटल और सरल बनाया जा रहा है। इससे कम कागजी कार्रवाई में बैंक लोन, फसल बीमा, खाद-बीज एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा : CM डॉ मोहन यादव1
- नगर निगम पार्षदों ने हाथ में गंगाजल लेकर कसम खाई कि भ्रष्टाचार की कमाई का पूरी ईमानदारी से बंटवारा होगा 💥 *बड़ी खबर*💥 *नगर निगम पार्षदों ने हाथ में गंगाजल लेकर कसम खाई कि भ्रष्टाचार की कमाई का पूरी ईमानदारी से बंटवारा होगा।* "मैं कसम खा के कहते हैं जो भी निगम की आमदनी होगी सभी पार्षदों में बराबर बंटेगी. और हम जो ग्रुप के लोग हैं अगर किसी पे आंच आती है तो सभी इकट्ठा होंगे" ये कसम शपथ लेते शाहजहांपुर के पार्षदों ने खाई। दावा है कि सभी ऊपर से होने वाली कमाई को लेकर एकजुट हुए थे।1
- आगामी त्योहारों को लेकर जियावन पुलिस का फ्लैग मार्च सिंगरौली/जियावन। आगामी त्यौहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से जियावन पुलिस द्वारा क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकाला गया। फ्लैग मार्च का नेतृत्व SDOP डॉ. गायत्री तिवारी ने किया। इस दौरान SI शेष नारायण द्विवेदी, SI आई.पी. वर्मा सहित जियावन थाना पुलिस का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। पुलिस टीम ने प्रमुख बाजारों, संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भ्रमण कर कानून-व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने आमजन से आगामी त्यौहारों को आपसी भाईचारे, शांति एवं सद्भाव के साथ मनाने की अपील की। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि त्यौहारों के दौरान शांति व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। किसी भी प्रकार की अफवाह, हुड़दंग या कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई। जियावन पुलिस ने कहा कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और सौहार्द बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। आगामी त्योहारों को लेकर जियावन पुलिस का फ्लैग मार्च सिंगरौली/जियावन। आगामी त्यौहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से जियावन पुलिस द्वारा क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकाला गया। फ्लैग मार्च का नेतृत्व SDOP डॉ. गायत्री तिवारी ने किया। इस दौरान SI शेष नारायण द्विवेदी, SI आई.पी. वर्मा सहित जियावन थाना पुलिस का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। पुलिस टीम ने प्रमुख बाजारों, संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भ्रमण कर कानून-व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने आमजन से आगामी त्यौहारों को आपसी भाईचारे, शांति एवं सद्भाव के साथ मनाने की अपील की। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि त्यौहारों के दौरान शांति व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। किसी भी प्रकार की अफवाह, हुड़दंग या कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई। जियावन पुलिस ने कहा कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और सौहार्द बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है।1