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गिरिडीह के मनीमहोदर पंचायत के गदर गांव में पिछले 10 सालों से सड़क की हालत बेहद खराब है। ग्रामीणों का कहना है कि कोई भी अधिकारी इस गांव के बारे में नहीं जानता और न ही कोई सुध लेता है। लोग केवल चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं और उसके बाद गांव को पूरी तरह भूल जाते हैं। इस बेरुखी और अनदेखी से परेशान ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें समझ में ही नहीं आ रहा है कि वे किसे अपना वोट दें।
Sunil Kumar saw
गिरिडीह के मनीमहोदर पंचायत के गदर गांव में पिछले 10 सालों से सड़क की हालत बेहद खराब है। ग्रामीणों का कहना है कि कोई भी अधिकारी इस गांव के बारे में नहीं जानता और न ही कोई सुध लेता है। लोग केवल चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं और उसके बाद गांव को पूरी तरह भूल जाते हैं। इस बेरुखी और अनदेखी से परेशान ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें समझ में ही नहीं आ रहा है कि वे किसे अपना वोट दें।
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- झारखंड के गिरिडीह जिले के गावां स्थित गदर पंचायत के मनीमहोदर गांव में ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। गांव के लोगों के पास किसी भी तरह का रोजगार उपलब्ध नहीं है और खेती के लिए पानी की गंभीर किल्लत बनी हुई है। इसके साथ ही गांव में आने-जाने के लिए सड़कें पूरी तरह खराब हैं और स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर अस्पताल की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। गांव की इस बदहाली पर नाराजगी जताते हुए ग्रामीणों का कहना है कि इस गांव और इसके विकास के लिए किसी भी नेता को कोई परवाह या जरूरत नहीं है।1
- गिरिडीह जिले के तिसरी स्थित प्लस टू अग्रवाला विद्यालय परिसर में बुधवार को मतदाता सूची के संक्षिप्त पुनरीक्षण और चुनाव संबंधी तैयारियों को लेकर एक समीक्षा बैठक हुई। खोरीमहुआ एसडीएम समीर रैनियर खलखो की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में आगामी चुनावी प्रक्रियाओं, मतदाता सूची को अद्यतन करने, 18 से अधिक आयु वर्ग के छूटे हुए नए पात्र नागरिकों का नाम जोड़ने तथा मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने पर विस्तृत चर्चा की गई। एसडीएम ने अधिकारियों और कर्मियों को सख्त निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि पुनरीक्षण कार्य पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरा होना चाहिए, और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गईं। तिसरी बीडीओ मनीष कुमार और सीओ सह एईआरओ अखिलेश प्रसाद को पूरी प्रक्रिया का निरंतर अनुश्रवण करने के निर्देश दिए गए। वहीं, बीएलओ पर्यवेक्षक सह राजस्व कर्मचारी रितेश कुमार केशरी को जमीनी स्तर पर बीएलओ के कार्यों का सत्यापन करने और काम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का दायित्व दिया गया। बैठक में तिसरी पंचायत के मुखिया किशोरी साव ने जनप्रतिनिधियों की ओर से प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा जताया और आम जनता से सूची में अपना नाम जांचने की अपील की। इस प्रशासनिक बैठक में बीएलए 2 अनुज कुमार साहा, सत्यम उपाध्याय, बीरेंद्र बरनवाल, अनूप साहा व शाहबुद्दीन के अलावा बीएलओ निरंजन कुमार, नलिनी हांसदा, पंकज सिन्हा, राकेश कुमार, राजेंद्र राम, प्रवीण सिंह, सविता कुमारी और संजीव कुमार शामिल रहे।1
- बरडीहा के कोल्हूआ गांव में एक खाद दुकान की जांच की गई है। दुकान संचालक पर किसानों से खाद की अधिक कीमत वसूलने का आरोप लगाया गया है।1
- देश का छात्र अत्यंत निराश होकर यह कह रहा है कि "हमारा कोई भविष्य नहीं", वहीं दूसरी तरफ इस सरकार के मंत्री बेफिक्र होकर यह बयान दे रहे हैं कि "हमारी कुर्सी नहीं जाएगी।" एक तरफ जहाँ देश के छात्रों के सामने अपने भविष्य को लेकर गहरा संकट खड़ा है, वहीं दूसरी ओर सरकार के मंत्रियों का पूरा ध्यान केवल अपनी कुर्सी और सत्ता बचाए रखने पर टिका हुआ है।1
- कोडरमा के चंदवारा प्रखंड में थाना के सामने स्थित फोरलेन चौक से बांझेडीह तक जाने वाली सड़क की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। इस मार्ग पर बने बड़े-बड़े गड्ढों और लगातार उड़ती धूल के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के समय गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का सही अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे हर वक्त दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सड़क की इस बदहाली को लेकर स्थानीय लोगों ने बुधवार को दोपहर 1 बजे प्रशासन और संबंधित विभाग से गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जर्जर सड़क की तुरंत मरम्मत कराई जाए और उड़ती धूल की समस्या से क्षेत्रवासियों को राहत दिलाई जाए।1
- भारतीय जनता पार्टी ने जेपीएससी के खिलाफ रांची स्थित जेपीएससी कार्यालय का घेराव करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया है। जेपीएससी के विरोध में भाजपा ने रांची में स्थित कार्यालय को घेरकर यह प्रदर्शन किया।1
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- आज पटना की सड़कों पर छात्रों का प्रदर्शन देखने को मिला है। पेपर लीक के मुद्दे को लेकर छात्र सड़कों पर उतर आए हैं और अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। आरजेडी और पेपर लीक के विषयों से जुड़े इस घटनाक्रम ने बिहार के साथ-साथ पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है, जहाँ छात्र सड़कों पर उतरकर अपना आक्रोश जता रहे हैं।1