तकिया चौराहे के पास बाबा ग्राउंड में हेलीपैड निर्माण का युवाओं ने किया विरोध, बोले– 'खेल मैदान बचाइए, बच्चों का भविष्य न उजाड़िए' तकिया चौराहे के पास बाबा ग्राउंड में हेलीपैड निर्माण का युवाओं ने किया विरोध, बोले– 'खेल मैदान बचाइए, बच्चों का भविष्य न उजाड़िए' रायबरेली। सदर तहसील क्षेत्र के अमावा ब्लॉक के अंतर्गत स्थित तकिया चौराहे के पास बाबा ग्राउंड में हेलीपैड बनाए जाने के विरोध में शनिवार सुबह स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों ने नाराजगी जताई। युवाओं का कहना है कि यह मैदान वर्षों से क्षेत्र के बच्चों और युवाओं के खेलकूद का प्रमुख केंद्र रहा है, जहां सैकड़ों खिलाड़ी नियमित रूप से अभ्यास कर अपने खेल कौशल को निखारते हैं। उनका आरोप है कि हेलीपैड निर्माण के चलते मैदान की उपयोगिता समाप्त हो जाएगी और आने वाली पीढ़ी खेल के लिए खुले मैदान से वंचित हो जाएगी। शनिवार सुबह करीब 8 बजे एकत्र हुए युवाओं ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि बाबा ग्राउंड केवल एक खाली जमीन नहीं, बल्कि क्षेत्र के खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने का माध्यम है। यहां से कई युवाओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है और भविष्य की तैयारी करते हैं। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा मैदान में हेलीपैड बनाए जाने का निर्णय खेल गतिविधियों के हित में नहीं है। विरोध कर रहे युवाओं ने यह भी आरोप लगाया कि हेलीपैड निर्माण की प्रक्रिया के दौरान मैदान परिसर में मौजूद कई पेड़ों को काट दिया गया, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति रही तो क्षेत्र में हरियाली के साथ-साथ बच्चों के खेलने का सुरक्षित स्थान भी समाप्त हो जाएगा। युवाओं ने प्रशासन से मांग की कि हेलीपैड निर्माण के लिए किसी वैकल्पिक स्थान का चयन किया जाए और बाबा ग्राउंड को खेल मैदान के रूप में सुरक्षित रखा जाए। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे। हालांकि, इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन युवाओं की मांगों पर क्या निर्णय लेता है।
तकिया चौराहे के पास बाबा ग्राउंड में हेलीपैड निर्माण का युवाओं ने किया विरोध, बोले– 'खेल मैदान बचाइए, बच्चों का भविष्य न उजाड़िए' तकिया चौराहे के पास बाबा ग्राउंड में हेलीपैड निर्माण का युवाओं ने किया विरोध, बोले– 'खेल मैदान बचाइए, बच्चों का भविष्य न उजाड़िए' रायबरेली। सदर तहसील क्षेत्र के अमावा ब्लॉक के अंतर्गत स्थित तकिया चौराहे के पास बाबा ग्राउंड में हेलीपैड बनाए जाने के विरोध में शनिवार सुबह स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों ने नाराजगी जताई। युवाओं का कहना है कि यह मैदान वर्षों से क्षेत्र के बच्चों और युवाओं के खेलकूद का प्रमुख केंद्र रहा है, जहां सैकड़ों खिलाड़ी नियमित रूप से अभ्यास कर अपने खेल कौशल को निखारते हैं। उनका आरोप है कि हेलीपैड निर्माण के चलते मैदान की उपयोगिता समाप्त हो जाएगी और आने वाली पीढ़ी खेल के लिए खुले मैदान से वंचित हो जाएगी। शनिवार सुबह करीब 8 बजे एकत्र हुए युवाओं ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि बाबा ग्राउंड केवल एक खाली जमीन नहीं, बल्कि क्षेत्र के खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने का माध्यम है। यहां से कई युवाओं ने
विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है और भविष्य की तैयारी करते हैं। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा मैदान में हेलीपैड बनाए जाने का निर्णय खेल गतिविधियों के हित में नहीं है। विरोध कर रहे युवाओं ने यह भी आरोप लगाया कि हेलीपैड निर्माण की प्रक्रिया के दौरान मैदान परिसर में मौजूद कई पेड़ों को काट दिया गया, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति रही तो क्षेत्र में हरियाली के साथ-साथ बच्चों के खेलने का सुरक्षित स्थान भी समाप्त हो जाएगा। युवाओं ने प्रशासन से मांग की कि हेलीपैड निर्माण के लिए किसी वैकल्पिक स्थान का चयन किया जाए और बाबा ग्राउंड को खेल मैदान के रूप में सुरक्षित रखा जाए। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे। हालांकि, इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन युवाओं की मांगों पर क्या निर्णय लेता है।
- जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में सलोन तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित रायबरेली। सलोन तहसील परिसर में शनिवार को जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याओं और शिकायतों को लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने एक-एक कर लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनका समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान दिवस में भूमि विवाद, राजस्व, पुलिस, बिजली, पेंशन, आवास, विकास कार्य एवं अन्य विभागों से संबंधित प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। अधिकारियों ने कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया, जबकि शेष शिकायतों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि आमजन की शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी ढंग से निस्तारण किया जाए। वहीं पुलिस अधीक्षक ने पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।1
- तकिया चौराहे के पास बाबा ग्राउंड में हेलीपैड निर्माण का युवाओं ने किया विरोध, बोले– 'खेल मैदान बचाइए, बच्चों का भविष्य न उजाड़िए' तकिया चौराहे के पास बाबा ग्राउंड में हेलीपैड निर्माण का युवाओं ने किया विरोध, बोले– 'खेल मैदान बचाइए, बच्चों का भविष्य न उजाड़िए' रायबरेली। सदर तहसील क्षेत्र के अमावा ब्लॉक के अंतर्गत स्थित तकिया चौराहे के पास बाबा ग्राउंड में हेलीपैड बनाए जाने के विरोध में शनिवार सुबह स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों ने नाराजगी जताई। युवाओं का कहना है कि यह मैदान वर्षों से क्षेत्र के बच्चों और युवाओं के खेलकूद का प्रमुख केंद्र रहा है, जहां सैकड़ों खिलाड़ी नियमित रूप से अभ्यास कर अपने खेल कौशल को निखारते हैं। उनका आरोप है कि हेलीपैड निर्माण के चलते मैदान की उपयोगिता समाप्त हो जाएगी और आने वाली पीढ़ी खेल के लिए खुले मैदान से वंचित हो जाएगी। शनिवार सुबह करीब 8 बजे एकत्र हुए युवाओं ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि बाबा ग्राउंड केवल एक खाली जमीन नहीं, बल्कि क्षेत्र के खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने का माध्यम है। यहां से कई युवाओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है और भविष्य की तैयारी करते हैं। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा मैदान में हेलीपैड बनाए जाने का निर्णय खेल गतिविधियों के हित में नहीं है। विरोध कर रहे युवाओं ने यह भी आरोप लगाया कि हेलीपैड निर्माण की प्रक्रिया के दौरान मैदान परिसर में मौजूद कई पेड़ों को काट दिया गया, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति रही तो क्षेत्र में हरियाली के साथ-साथ बच्चों के खेलने का सुरक्षित स्थान भी समाप्त हो जाएगा। युवाओं ने प्रशासन से मांग की कि हेलीपैड निर्माण के लिए किसी वैकल्पिक स्थान का चयन किया जाए और बाबा ग्राउंड को खेल मैदान के रूप में सुरक्षित रखा जाए। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे। हालांकि, इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन युवाओं की मांगों पर क्या निर्णय लेता है।2
- कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और धरना दिया रायबरेली : राहुल गांधी पर अभद्र टिप्पणी से कॉंग्रेसियो में आक्रोश , डीएम कार्यालय पर सुशील पासी के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन रायबरेली नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली सांसद राहुल गांधी के खिलाफ कथित तौर पर अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। कांग्रेस नेता सुशील पासी के नेतृत्व में भारी संख्या में कार्यकर्ता डीएम कार्यालय पहुंचे और परिसर में ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। धरने के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता सुशील पासी ने राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार पूरी तरह से विफल साबित हुई है। भाजपा ने युवाओं को रोजगार देने का बड़ा वादा किया था, लेकिन आज तक वह वादा पूरा नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार जनमुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए देश में सभी जातियों और धर्मों के लोगों के बीच आपसी एकता को बांटने का काम कर रही है। 2
- बाबा ग्राउंड में हेलीपैड का विरोध: युवाओं ने कहा- 'हमारा खेल का मैदान बचाओ' रायबरेली | अमावा ब्लॉक के बूढ़नपुर ग्राम सभा में स्थित 'बाबा ग्राउंड' को लेकर विवाद गहरा गया है। वर्षों से युवाओं की फौज में भर्ती की तैयारी और खेलकूद का केंद्र रहे इस मैदान में प्रशासन हेलीपैड बनाने जा रहा है। इसका कड़ा विरोध करते हुए स्थानीय युवाओं ने जिला अधिकारी से इसे रोकने और किसी अन्य जगह स्थानांतरित करने की मांग की है। युवाओं का कहना है कि यह मैदान विधायक अदिति सिंह के पिताजी द्वारा क्षेत्र के युवाओं को दिया गया एक अनमोल तोहफा है। यहाँ न केवल ग्रामीण बच्चे क्रिकेट खेलते हैं, बल्कि सेना में जाने वाले युवा रोज़ाना दौड़ और कसरत करते हैं। इसी मैदान पर ब्लॉक स्तरीय खेलों का आयोजन भी होता रहा है। हेलीपैड बनने से इन युवाओं का भविष्य और खेल का एकमात्र सहारा छिन जाएगा। विवाद तब और बढ़ गया जब निर्माण के नाम पर यहाँ लगे तीन विशालकाय हरे आम के पेड़ काट दिए गए और प्यास बुझाने वाला इकलौता हैंडपंप भी उखाड़ दिया गया। हैरानी की बात यह है कि इन पेड़ों की कटाई को लेकर वन विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। जहाँ वन विभाग इसे राजस्व का मामला बता रहा है, वहीं राजस्व विभाग के अधिकारी इसे पीडब्ल्यूडी (PWD) की कार्रवाई बता रहे हैं। इससे पहले भी यहाँ सरकारी बाजार बनाने का प्रस्ताव आया था, जिसे बच्चों के विरोध के बाद प्रशासन ने बदल दिया था। अब ग्रामीणों ने विधायक अदिति सिंह से हस्तक्षेप की अपील की है ताकि उनके बच्चों का खेल का मैदान सुरक्षित रह सके। युवाओं का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन हेलीपैड किसी अन्य खाली सरकारी जमीन पर बनाया जाना चाहिए।4
- भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धिलाल पासी द्वारा सांसद राहुल गांधी के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में था। पूर्व प्रत्याशी अर्जुन पासी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे। रायबरेली जिले के सलोन कोतवाली परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धिलाल पासी द्वारा सांसद राहुल गांधी के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में था। पूर्व प्रत्याशी अर्जुन पासी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सलोन कोतवाली पुलिस को एक प्रार्थना पत्र सौंपा। इसमें भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धिलाल पासी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि देश के नेता प्रतिपक्ष और सांसद के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र में असहमति का अधिकार है, लेकिन मर्यादा और सम्मान की सीमाओं का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक मर्यादा और सम्मान की इस लड़ाई को मजबूती से जारी रखेगी। इस प्रदर्शन में धर्मेंद्र सिंह, तनवीर अहमद, आदिल, मनीष सिंह, मंडल अध्यक्ष बृजेंद्र पांड़े और आनंद सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- ग्राम सेखनगांव (थाना इन्हौना, जिला अमेठी) का निवासी हूँ। हमारे घर के खंभे से आने वाली बिजली सप्लाई पिछले 2-3 दिनों से पूरी तरह से ठप (खराब) है। इस भीषण गर्मी में हमारे परिवार, बच्चों और बुजुर्गों को बेहद गंभीर समस्या और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अत्यंत दुख का विषय है कि जब इस संबंध में शिकायत की गई, तो जो कर्मचारी/लाइनमैन खंभा सही करने आए, उन्होंने काम करने के बजाय रिश्वत (घूस) की मांग की और कहा कि "पैसा दोगे तभी काम होगा।" जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने खुद को प्राइवेट बताकर पल्ला झाड़ लिया। महोदय, हम नियमित रूप से बिजली का इस्तेमाल करते हैं और अपनी मीटर रीडिंग व बिल भुगतान के प्रति हमेशा ज़िम्मेदार रहे हैं। मेरी विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग है कि मोहनगंज पावर हाउस के तहत आने वाले इन रिश्वतखोरों पर तुरंत कार्रवाई की जाए1
- ओई गांव की रहस्यमयी सुरंग में ASI टीम उतरी, प्राचीन टीले से मिले ऐतिहासिक अवशेष कब्जे में लिए रायबरेली। हरचंदपुर थाना क्षेत्र के ओई गांव में बारिश के बाद जमीन धंसने से मिली रहस्यमयी सुरंग और लगभग 2000 वर्ष पुराने कुषाणकालीन अवशेषों की जांच लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। शनिवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधिकारी डॉ. राजेंद्र यादव के नेतृत्व में सात सदस्यीय विशेष टीम गांव पहुंची और पूरे क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान एएसआई के विशेषज्ञ खुद सुरंगनुमा गड्ढे के अंदर उतरे और उसके एक-एक हिस्से का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने सुरंग की संरचना, गहराई और उसके ऐतिहासिक महत्व से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया। इसके बाद विशेषज्ञों ने पास स्थित प्राचीन टीले का भी निरीक्षण किया, जहां से मिले कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अवशेषों को कब्जे में लेकर जांच के लिए सुरक्षित किया गया। एएसआई की टीम गांव निवासी अशोक प्रताप मौर्य के घर भी पहुंची। वहां वर्ष 1985 से उनके द्वारा सुरक्षित रखे गए प्राचीन अवशेषों की दोबारा जांच की गई और उनके संबंध में आवश्यक जानकारी एकत्र की गई। जांच के दौरान एसडीएम महाराजगंज चंद्र प्रकाश गौतम, क्षेत्राधिकारी (सीओ) महाराजगंज प्रदीप कुमार, हल्का लेखपाल सहित राजस्व विभाग की टीम और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र को सील कर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।1
- रायबरेली में महिला ने अपने पति के साथ मिलकर प्रेमी की हत्या कर दी। किसी को शक न हो इसके लिए शव घर के कमरे में जमीन में दफना दिया। कुछ दिन बाद शव से बदबू आने पर ग्राम प्रधान ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद इस मामले का खुलासा हुआ। पुलिस फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंची। आरोपी पति-पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो दोनों ने अपना जुर्म कबूला। आरोपियों की निशानदेही पर घर में खुदाई कर शव को बाहर निकाला गया। पुलिस ने आरोपी पत्नी को हिरासत में ले लिया है। उसने बताया कि वह अपने मायके में प्रेमी के साथ रहती थी। उसका पति भी अक्सर पत्नी के पास आता-जाता था। बताया जा रहा है कि प्रेमी से कुछ दिनों पहले विवाद हुआ था। जिसके बाद महिला और उसके पति ने मिलकर प्रेमी को मार डाला। मामला डलमऊ क्षेत्र का बताया जा रहा है।1