"मुझे नंगा कर पीटा गया..." - केशव थलवाल के इन आरोपों से हिला उत्तराखंड प्रशासन! "मुझे नंगा कर पीटा गया..." - केशव थलवाल के इन आरोपों से हिला उत्तराखंड प्रशासन! नमस्कार दोस्तों,उत्तराखंड की देवभूमि में आज एक डिजिटल पत्रकार और स्वतंत्र आवाज 'केशव थलवाल' के साथ जो हुआ, वो लोकतंत्र के लिए काला धब्बा है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया, जेल भेजा, लेकिन जेल से बाहर आकर जो केशव ने बताया है, वो सुनकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी! वीडियो के मुख्य बिंदु - Highlights आज के इस वीडियो में हम बात करेंगे: 👉 केशव थलवाल को आखिर गिरफ्तार क्यों किया गया? 👉 लॉकअप के अंदर उनके साथ हुई अमानवीय बर्बरता की पूरी कहानी। 👉 क्या अंकिता भंडारी और भर्ती घोटालों पर सवाल उठाना उन्हें भारी पड़ा? 👉 क्या उत्तराखंड में डिजिटल मीडिया की आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है? विस्तृत जानकारी दोस्तों, केशव थलवाल (केशव थपलियाल) लगातार उत्तराखंड के हक-हकूक की बात कर रहे थे। टिहरी पुलिस ने उन पर वसूली और आगजनी के आरोप लगाए, लेकिन केशव का दावा है कि ये सब उन्हें चुप कराने की एक बड़ी साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि कस्टडी में उन्हें बेल्टों से पीटा गया और बेहद अपमानजनक व्यवहार किया गया। आपकी राय क्या आपको लगता है कि उत्तराखंड में अब सच बोलना नामुमकिन हो गया है? क्या पुलिस की ये कार्रवाई सही थी या ये सत्ता का दुरुपयोग है? अपनी राय कमेंट में जरूर दें, क्योंकि आपकी आवाज ही असली ताकत है।
"मुझे नंगा कर पीटा गया..." - केशव थलवाल के इन आरोपों से हिला उत्तराखंड प्रशासन! "मुझे नंगा कर पीटा गया..." - केशव थलवाल के इन आरोपों से हिला उत्तराखंड प्रशासन! नमस्कार दोस्तों,उत्तराखंड की देवभूमि में आज एक डिजिटल पत्रकार और स्वतंत्र आवाज 'केशव थलवाल' के साथ जो हुआ, वो लोकतंत्र के लिए काला धब्बा है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया, जेल भेजा, लेकिन जेल से बाहर आकर जो केशव ने बताया है, वो सुनकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी! वीडियो के मुख्य बिंदु - Highlights आज के इस वीडियो में हम बात करेंगे: 👉 केशव थलवाल को आखिर गिरफ्तार क्यों किया गया? 👉 लॉकअप के अंदर उनके साथ हुई अमानवीय बर्बरता की पूरी कहानी। 👉 क्या अंकिता भंडारी और भर्ती घोटालों पर सवाल उठाना उन्हें भारी पड़ा? 👉 क्या उत्तराखंड में डिजिटल मीडिया की आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है? विस्तृत जानकारी दोस्तों, केशव थलवाल (केशव थपलियाल) लगातार उत्तराखंड के हक-हकूक की बात कर रहे थे। टिहरी पुलिस ने उन पर वसूली और आगजनी के आरोप लगाए, लेकिन केशव का दावा है कि ये सब उन्हें चुप कराने की एक बड़ी साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि कस्टडी में उन्हें बेल्टों से पीटा गया और बेहद अपमानजनक व्यवहार किया गया। आपकी राय क्या आपको लगता है कि उत्तराखंड में अब सच बोलना नामुमकिन हो गया है? क्या पुलिस की ये कार्रवाई सही थी या ये सत्ता का दुरुपयोग है? अपनी राय कमेंट में जरूर दें, क्योंकि आपकी आवाज ही असली ताकत है।
- “उत्तर प्रदेश पुलिस का डिजिटल वार… अपराधियों पर सीधा प्रहार! आगरा पुलिस ने कानून व्यवस्था में एक बड़ा डिजिटल बदलाव किया है, जो आने वाले समय में पूरे देश के लिए मॉडल बन सकता है। अब कमिश्नरेट में पुलिस गवाहों और आरोपियों के घर जाकर दरवाजा नहीं खटखटाएगी। बल्कि ई-समन और वारंट सीधे मोबाइल और ईमेल पर भेजे जाएंगे।यह निर्देश दिए हैं आगरा के पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने। पुलिस अब डिजिटल तरीके से अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए पूरी तरह से जुट गई है।सर्विलांस, मोबाइल डेटा और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल से अब अपराधियों तक पहुंचना पहले से ज्यादा तेज और सटीक होगा। पुलिस लाइन में हुई मासिक अपराध समीक्षा बैठक में तीनों जोन के DCP, ACP और थाना प्रभारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं। विवेचनाओं का तेजी से निस्तारण करें। केस समय सीमा में पूरा करें।अपराधियों का पूरा डेटा “यक्ष एप” में दर्ज किया जाएगा इससे पुलिस की पकड़ और भी मजबूत होगी।समन तमील अब ऑनलाइन कराये जाएंगे। जिससे समन तामील में लगने वाला समय बचेगा। पुलिस का मैनपावर बचेगा अपराधियों के बच निकलने की संभावना भी कम होगी।यानी ये सिस्टम फास्ट, ट्रांसपेरेंट और ज्यादा प्रभावी साबित हो सकता है। आगरा पुलिस का यह कदम काबिले-तारीफ है। उत्तर प्रदेश पुलिस लगातार टेक्नोलॉजी के साथ आगे बढ़ रही है। योगी आदित्यनाथ सरकार में कानून व्यवस्था और डिजिटल पुलिसिंग को नई दिशा मिल रही है और खास तौर पर आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार की पहल और डीसीपी सिटी अली अब्बास जैसे अधिकारियों की सक्रियता इस बदलाव को जमीन पर उतार रही है। अब समन को नजरअंदाज करना मुश्किल होगा मोबाइल पर आया नोटिस भी कानूनी रूप से महत्वपूर्ण होगा कानून से बचना अब और कठिन होगा। आगरा पुलिस का यह डिजिटल कदम आने वाले समय में देशभर के लिए एक मिसाल बन सकता है। अब मोबाइल पर आएगा वारंट! दरवाजा नहीं… फोन पर पुलिस! UP Police का डिजिटल एक्शन! डिजिटल पुलिसिंग की ओर आगरा पुलिस का एक और कदम अपराधियों पर होगी पुलिस की पहले से ज्यादा पकड़1
- Post by Dharmendra Kumar2
- Post by Soni Verma1
- Post by Jammmnu1
- आगरा के थाना एकता क्षेत्र स्थित कलाल खेरिया पेट्रोल पंप पर सुबह करीब 10 बजे वाहनों की लंबी कतार लग गई। पेट्रोल और डीजल भरवाने के लिए बड़ी संख्या में वाहन चालक पंप पर पहुंचे, जिससे सड़क पर जाम जैसी स्थिति बन गई। लंबी लाइन के चलते लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा और कई वाहन चालक परेशान नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक बढ़ी भीड़ के कारण यह स्थिति बनी है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- आगरा में भाजपा के नेताओं को आगरा नगर निगम अधिकारियों ने संदिग्ध बताते हुए एक प्रार्थना पत्र थाना हरी पर्वत में मुकदमा दर्ज करने के लिए दे दिया इसकी खबर जैसे ही समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई वैसे ही राजनीतिक भूचाल गया महापौर हेमलता दिवाकर के भतीजे कई भाजपा पार्षदों के पति बेटे सामने आए और उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि आगरा नगर निगम के अधिकारी पार्षदों के प्रतिनिधि के रूप में काम कर रहे उनके घर वालों को संदिग्ध बात करके उनका अपमान कर रही है1
- Amit Pandey Uttar Pradesh Chanauli1
- थ्रेसर में गिरने से 2 साल के मासूम की दर्दनाक मौत सरसों कुटवाने के दौरान हुआ बड़ा हादसा कटर मशीन के पास तिरपाल पर लिटाया गया था बच्चा अचानक कटर के क्रॉस में फंसी तरपाल, बच्चे सहित अंदर खिंचा हादसे में 2 वर्षीय मानव की मौके पर ही मौत मृतक मासूम मानव, पिता आकाश का इकलौता था बेटा घटना से इलाके में सनसनी, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल लापरवाही को लेकर उठ रहे सवाल, घटना से हर कोई स्तब्ध फतेहपुर सीकरी नगला मानसिंह गांव में बड़ा हादसा1