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दिल्ली के जंतर-मंतर पर लोगों ने पालतू जानवरों पर हो रही कथित ज़्यादतियों के खिलाफ अपना दर्द और गुस्सा ज़ाहिर किया। यह प्रदर्शन पालतू पशुओं के प्रति क्रूरता और उनके अधिकारों की मांग को लेकर किया गया।
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर लोगों ने पालतू जानवरों पर हो रही कथित ज़्यादतियों के खिलाफ अपना दर्द और गुस्सा ज़ाहिर किया। यह प्रदर्शन पालतू पशुओं के प्रति क्रूरता और उनके अधिकारों की मांग को लेकर किया गया।
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- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में बड़े बदलावों की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि ये बदलाव जल्द ही देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री के इस ऐलान से संकेत मिलता है कि आगामी समय में उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए जाएंगे।1
- दिल्ली के साकेत में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ चोरों ने एक घर से सोने के हार और अन्य ज़ेवरात सहित सारा सामान लूट लिया। यह घटना रात करीब 2 बजे हुई। पुलिस को अंदेशा है कि पीड़ित ने खुद चोरों को अपने घर का रास्ता दिखाया, क्योंकि उसने सोने के गहने और अन्य कीमती सामान खुले में रखकर एक तरह से चोरों को आमंत्रित किया था। चोरों ने इसी मौके का फायदा उठाते हुए घर में घुसकर लूटपाट की। पुलिस इस मामले की गहराई से जाँच कर रही है।1
- भारतीय रेलवे में बच्चों के टिकट और सीट आवंटन को लेकर अक्सर यात्रियों के मन में भ्रम रहता है, खासकर यह कि हाफ टिकट बुक कराने पर क्या बच्चे को अलग सीट मिलेगी या नहीं। यह नियम समझना उन अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपने बच्चों के साथ ट्रेन यात्रा की योजना बना रहे हैं ताकि उन्हें यात्रा के दौरान असुविधा का सामना न करना पड़े। रेलवे के नियमों के अनुसार, 5 साल तक की उम्र के बच्चों के लिए टिकट लेना अनिवार्य नहीं होता। ऐसे बच्चे अपने माता-पिता या अभिभावक के साथ मुफ्त यात्रा कर सकते हैं, लेकिन उन्हें कोई अलग सीट या बर्थ आवंटित नहीं की जाती; उन्हें अपने अभिभावक के साथ ही बैठना या सोना होता है। हालांकि, 5 साल से अधिक और 12 साल तक की उम्र के बच्चों के लिए टिकट लेना अनिवार्य है। इसी श्रेणी में रियायती यानी हाफ टिकट का नियम लागू होता है। यदि 5 से 12 साल के बच्चे के लिए हाफ टिकट ली जाती है, तो आमतौर पर बच्चे को अलग सीट या बर्थ नहीं मिलती। इस स्थिति में बच्चे को अपने माता-पिता या साथ यात्रा कर रहे व्यक्ति की सीट पर ही बैठना पड़ता है। इसका अर्थ यह है कि कम किराया देकर टिकट बुक कराने पर बच्चे को अलग सीट नहीं मिलती। यदि यात्री चाहते हैं कि बच्चे को ट्रेन में अपनी अलग सीट या बर्थ मिले, तो उन्हें टिकट बुक करते समय बच्चे के लिए पूरा किराया देना होगा। ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान यह विकल्प उपलब्ध होता है, और पूरा किराया देने पर उपलब्धता के अनुसार बच्चे के नाम पर भी सीट आवंटित की जाती है। लंबी दूरी की यात्रा, खासकर रात के समय, में बच्चों के लिए अलग सीट आरामदायक हो सकती है, क्योंकि एक ही बर्थ पर माता-पिता और बच्चे का सोना मुश्किल हो सकता है। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान भीड़भाड़ में अलग सीट न होने पर यात्रा असुविधाजनक हो सकती है। इसलिए यात्रा की अवधि और बच्चे की उम्र को ध्यान में रखते हुए पूरा किराया देकर सीट वाला टिकट बुक करना बेहतर माना जाता है। टिकट बुक करते समय बच्चे की सही उम्र दर्ज करना और सीट चाहिए होने पर पूरा किराया देकर सीट वाला विकल्प चुनना महत्वपूर्ण है, ताकि यात्रा आरामदायक और परेशानी मुक्त हो।1
- राष्ट्रपति ट्रंप ने देर रात वर्साय में ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच हुए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त करना और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की अनुमति देना है। इसे देशवासियों के लिए सही दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है, जिससे जल्द ही ऊर्जा की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है।1
- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने दोनों देशों के बीच कई महीनों से चले आ रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर कर दिए हैं। दोनों देशों के अधिकारियों के अनुसार, इस MoU पर बुधवार को हस्ताक्षर किए गए, जिसके साथ यह समझौता तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्रांस के पैलेस ऑफ वर्सेलिस में मैक्रों के साथ रात्रिभोज के दौरान अमेरिका-ईरान समझौते की हार्ड कॉपी पर भी आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षरित समझौते की प्रतियाँ ईरान और मध्यस्थता करा रहे देशों को भेज दी गई हैं। इससे पहले रविवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने इलेक्ट्रॉनिक रूप से MoU पर हस्ताक्षर किए थे। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि MoU पर हस्ताक्षर होने से दोनों देशों के बीच लगभग चार महीने से चला आ रहा संघर्ष खत्म हो गया है। हालांकि, शुक्रवार को दोनों देशों के वार्ता दलों का जिनेवा में इकट्ठा होने का कार्यक्रम अभी भी तय है। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्विट्जरलैंड में होने वाली बैठक का उद्देश्य समझौते पर हस्ताक्षर करना नहीं है, क्योंकि दस्तावेज़ पर पहले ही डिजिटल रूप से हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। इस बैठक के वास्तव में होने या न होने पर अंतिम निर्णय अगले कुछ घंटों में लिए जाने की उम्मीद है, जिसका अर्थ है कि स्विट्जरलैंड में आमने-सामने हस्ताक्षर समारोह का आयोजन नहीं किया जाएगा। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि तेहरान को अपने तेल की बिक्री बिना किसी परिवहन या बीमा संबंधी प्रतिबंध के करने की अनुमति मिलनी चाहिए, और उस बिक्री से होने वाली आय तक उसकी पूरी पहुँच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान की फ्रीज़ की गई संपत्तियों तक उसकी पहुँच में मौजूद बाधाओं को हटाने की प्रतिबद्धता जताई है। ईरान का कहना है कि अगले 60 दिनों तक दोनों देशों को संयम बरतना होगा और ऐसे किसी भी राजनीतिक, आर्थिक या सैन्य कदम से बचना होगा जिससे समझौते के क्रियान्वयन और आपसी विश्वास पर नकारात्मक प्रभाव पड़े। इससे पहले, स्विट्जरलैंड के लूजर्न शहर के पास बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में शुक्रवार को होने वाले हस्ताक्षर समारोह की तैयारी के बीच अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि यह समझौता केवल एक प्रारंभिक ढाँचा है, और दोनों पक्ष किसी भी समय अंतिम समझौते से पीछे हट सकते हैं। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, स्विट्जरलैंड में होने वाली आगे की वार्ता यह तय करेगी कि यह ढाँचा एक पूर्ण और स्थायी समझौते में बदल पाएगा या नहीं। दोनों देशों के बीच बनी सहमति के अनुसार, हस्ताक्षर के बाद 60 दिनों की बातचीत की अवधि शुरू होगी, जिसे दोनों पक्षों की सहमति से बढ़ाया जा सकता है, और इसी अवधि में अंतिम समझौते के विवरण तय किए जाएंगे।2
- दिल्ली में रेखा सिंह ने बाजार से दवा लेने के दौरान एक वीडियो बनाया और उसे अपने दोस्तों के साथ साझा किया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने घर पर भी एक वीडियो बनाया था, लेकिन उसे अपलोड करना याद नहीं रहा। वीडियो साझा करते हुए उन्होंने अपने दोस्तों का हालचाल पूछा और शुभ रात्रि कहा।4
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- चीन और जापान में एक जोरदार भूकंप आया है, जिसने लोगों को घबराहट में डाल दिया। भूकंप इतना तीव्र था कि लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते हुए नजर आए। इस घटना से क्षेत्र में दहशत फैल गई।1