अयोध्या के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक हनुमानगढ़ी मंदिर को लेकर देश की राजनीति में एक बहुत बड़ा भूचाल आ चुका है, जहां आस्था पर राजनीति के संवेदनशील मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बृजभूषण शरण सिंह आमने-सामने आ गए हैं। इस विवाद की शुरुआत 10 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने बेहद चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि अयोध्या में हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ी गई थी। उनके इस बयान के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में भारी खलबली मची हुई है। इस दावे के ठीक एक हफ्ते बाद यानी 17 जुलाई 2026 को बृजभूषण शरण सिंह ने इस पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भले ही हनुमानगढ़ी का निर्माण मुस्लिम समाज ने करवाया हो, लेकिन वहां कभी भी नमाज नहीं पढ़ी गई। बृजभूषण शरण सिंह ने नेताओं पर अपनी आस्था के प्रति सरासर झूठ बोलकर राजनीति करने का बड़ा आरोप लगाया है। इन दोनों दिग्गजों के विरोधाभासी बयानों के बाद अब यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर सच क्या है और क्या वाकई कुर्सी के लालच में लोग इस हद तक नीचे गिर सकते हैं। जनता को गुमराह करने वाली इस कथित राजनीति का पर्दाफाश करने और पूरे मामले की हकीकत को सामने लाने के लिए 'Tiger News' के माध्यम से जनसेवक एवं सोशल एक्टिविस्ट रणजीत यादव तैयार हैं। इस संवेदनशील मुद्दे पर जनता से भी अपनी बेबाक और निष्पक्ष राय कमेंट बॉक्स में दर्ज करने और इस मामले को ज्यादा से ज्यादा साझा करने की अपील की गई है।
अयोध्या के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक हनुमानगढ़ी मंदिर को लेकर देश की राजनीति में एक बहुत बड़ा भूचाल आ चुका है, जहां आस्था पर राजनीति के संवेदनशील मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बृजभूषण शरण सिंह आमने-सामने आ गए हैं। इस विवाद की शुरुआत 10 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने बेहद चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि अयोध्या में हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ी गई थी। उनके इस बयान के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में भारी खलबली मची हुई है। इस दावे के ठीक एक हफ्ते बाद यानी 17 जुलाई 2026 को बृजभूषण शरण सिंह ने इस पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भले ही हनुमानगढ़ी का निर्माण मुस्लिम समाज ने करवाया हो, लेकिन वहां कभी भी नमाज नहीं पढ़ी गई। बृजभूषण शरण सिंह ने नेताओं पर अपनी आस्था के प्रति सरासर झूठ बोलकर राजनीति करने का बड़ा आरोप लगाया है। इन दोनों दिग्गजों के विरोधाभासी बयानों के बाद अब यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर सच क्या है और क्या वाकई कुर्सी के लालच में लोग इस हद तक नीचे गिर सकते हैं। जनता को गुमराह करने वाली इस कथित राजनीति का पर्दाफाश करने और पूरे मामले की हकीकत को सामने लाने के लिए 'Tiger News' के माध्यम से जनसेवक एवं सोशल एक्टिविस्ट रणजीत यादव तैयार हैं। इस संवेदनशील मुद्दे पर जनता से भी अपनी बेबाक और निष्पक्ष राय कमेंट बॉक्स में दर्ज करने और इस मामले को ज्यादा से ज्यादा साझा करने की अपील की गई है।
- अयोध्या के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक हनुमानगढ़ी मंदिर को लेकर देश की राजनीति में एक बहुत बड़ा भूचाल आ चुका है, जहां आस्था पर राजनीति के संवेदनशील मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बृजभूषण शरण सिंह आमने-सामने आ गए हैं। इस विवाद की शुरुआत 10 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने बेहद चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि अयोध्या में हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ी गई थी। उनके इस बयान के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में भारी खलबली मची हुई है। इस दावे के ठीक एक हफ्ते बाद यानी 17 जुलाई 2026 को बृजभूषण शरण सिंह ने इस पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भले ही हनुमानगढ़ी का निर्माण मुस्लिम समाज ने करवाया हो, लेकिन वहां कभी भी नमाज नहीं पढ़ी गई। बृजभूषण शरण सिंह ने नेताओं पर अपनी आस्था के प्रति सरासर झूठ बोलकर राजनीति करने का बड़ा आरोप लगाया है। इन दोनों दिग्गजों के विरोधाभासी बयानों के बाद अब यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर सच क्या है और क्या वाकई कुर्सी के लालच में लोग इस हद तक नीचे गिर सकते हैं। जनता को गुमराह करने वाली इस कथित राजनीति का पर्दाफाश करने और पूरे मामले की हकीकत को सामने लाने के लिए 'Tiger News' के माध्यम से जनसेवक एवं सोशल एक्टिविस्ट रणजीत यादव तैयार हैं। इस संवेदनशील मुद्दे पर जनता से भी अपनी बेबाक और निष्पक्ष राय कमेंट बॉक्स में दर्ज करने और इस मामले को ज्यादा से ज्यादा साझा करने की अपील की गई है।1
- जौनपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में भंडारी अंडरपास के पास तमंचे के बल पर ₹1 लाख की लूट की सूचना पुलिस जांच में पूरी तरह फर्जी निकली है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के दौरान जब सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों की गहन पड़ताल की गई, तो कथित लूट की यह कहानी झूठी साबित हुई। जांच में सामने आया कि एक शराब कारोबारी के कर्मचारी विकास यादव ने ₹68,840 के गबन को छिपाने के उद्देश्य से लूट की यह झूठी कहानी रची थी। पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा करते हुए आरोपी के विरुद्ध गबन और आपराधिक विश्वासघात सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय भेज दिया है। सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने एक प्रेस वार्ता के दौरान इस पूरे मामले का खुलासा किया।1
- जौनपुर के महाराजगंज क्षेत्र में लगातार चरमराई बिजली व्यवस्था और सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली न मिलने से आक्रोशित किसानों ने गुरुवार को किसान समता समिति के बैनर तले महाराजगंज और लोहिंदा चौराहा पर शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन किया। सैकड़ों किसानों और कार्यकर्ताओं ने इस प्रदर्शन के जरिए विद्युत विभाग की लापरवाही तथा जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। किसान नेताओं का कहना है कि बदहाल बिजली व्यवस्था से उनकी फसलें प्रभावित हो रही हैं और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदर्शन के बाद किसान समता समिति के प्रतिनिधिमंडल ने भटपुरा पावर हाउस पहुंचकर वहां कार्यरत एसडीओ, जेई और अन्य विद्युत अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए किसानों ने सिंचाई के लिए निर्बाध और निर्धारित समयानुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। इस पर संज्ञान लेते हुए विद्युत विभाग के अधिकारियों ने 24 घंटे के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार करने का आश्वासन दिया है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के अंदर अपेक्षित सुधार नहीं किया गया, तो किसानों के हित में लोकतांत्रिक और उग्र जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी। इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान किसान समता समिति के अध्यक्ष धर्मराज यादव, महामंत्री शंभुनाथ सिंह, आयोजक व समाजसेवी अमित पाण्डेय, समाजसेवी शार्दुल सम्राट, धनंजय सिंह, संदीप तिवारी, संजय पाण्डेय और कृष्णा सिंह सहित सैकड़ों किसान एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- प्रयागराज के विकासखंड बहादुरपुर क्षेत्र स्थित सारयालाहुरपुर ब्लॉक के बगल में गंदगी का भारी अंबार लगा हुआ है। यहाँ कचरा जमा होने और पानी की निकासी न होने के कारण भीषण बदबू आ रही है, जिससे राहगीरों का इस रास्ते से गुजरना पूरी तरह दुश्वार हो गया है। इस बदहाल स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने यहाँ साफ-सफाई कराने की बात कही है और उच्च अधिकारियों से इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देने की अपील की है।3
- जौनपुर के शहर कोतवाली क्षेत्र के रसूलाबाद में ₹68,840 की कथित लूट का मामला पुलिस जांच में एक नया मोड़ लेता दिख रहा है। प्रारंभिक जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने कथित लूट की इस कहानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जब आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो उसमें दिखाई दे रहे दृश्य शिकायतकर्ता द्वारा बताए गए घटनाक्रम से मेल खाते नहीं दिखे। इस विसंगति के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब शिकायतकर्ता के बयान, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का आपस में मिलान किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह वास्तविक लूट का मामला है या शिकायत में बताए गए तथ्यों में कोई गड़बड़ी है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के जौनपुर में दूल्हा हत्याकांड के मृतक आजाद बिंद की शोकसभा में जा रहे कांग्रेस नेता सत्यवीर सिंह को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। सत्यवीर सिंह, सौम्या के आमंत्रण पर इस शोकसभा में शामिल होने के लिए जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकते हुए उनके घर पर नजरबंद कर दिया है।1