चंदवा के कामता पंचायत स्थित चटुआग के परहैया टोला (पीवीटीजी) गांव में समग्र विकास की मांग को लेकर पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने रविवार को ग्रामीणों के साथ स्कूल प्रांगण में रात्रि पड़ाव किया। इस पड़ाव से पहले, उन्होंने गांव का भ्रमण किया और आदिम जनजाति परिवारों की समस्याओं को सुना, जहां आज भी सड़क, बिजली, पेयजल, आवास, पेंशन और उज्ज्वला योजना जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। ग्रामीणों ने बताया कि खराब रास्तों के कारण एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुँच पाती, जिससे मरीजों को चारपाई के सहारे मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। जेठनी देवी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि घर न होने के कारण वे अपने बालिग बेटे-बेटी की शादी नहीं कर पा रही हैं और उनका परिवार वर्षों से दूसरों के घरों में रहने को मजबूर है। इसके अतिरिक्त, कई परिवार दूषित चुआंड़ी का पानी पीने को विवश हैं, क्योंकि जलमीनार से सभी घरों तक पानी नहीं पहुँचता। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी खतरनाक रास्तों से गुजरना पड़ता है, जहाँ झाड़ियों और नालों के कारण उन्हें जान जोखिम में डालकर आना-जाना होता है और कई बार जहरीले साँपों का सामना भी करना पड़ता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि दर्जनों परिवार उज्ज्वला योजना, पेंशन, राशन कार्ड और आवास योजना से वंचित हैं, और गांव में रोजगार के अवसरों की कमी के कारण अधिकांश लोग पलायन करने पर मजबूर हैं। इन गंभीर समस्याओं को देखते हुए अयुब खान ने मांग की है कि परहैया टोला में तत्काल एक शिविर लगाकर सभी वंचित परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाए। साथ ही, उन्होंने डीएमएफटी मद से सड़क, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का अविलंब विकास कराने की भी जोरदार मांग की।
चंदवा के कामता पंचायत स्थित चटुआग के परहैया टोला (पीवीटीजी) गांव में समग्र विकास की मांग को लेकर पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने रविवार को ग्रामीणों के साथ स्कूल प्रांगण में रात्रि पड़ाव किया। इस पड़ाव से पहले, उन्होंने गांव का भ्रमण किया और आदिम जनजाति परिवारों की समस्याओं को सुना, जहां आज भी सड़क, बिजली, पेयजल, आवास, पेंशन और उज्ज्वला योजना जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। ग्रामीणों ने बताया कि खराब रास्तों के कारण एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुँच पाती, जिससे मरीजों को चारपाई के सहारे मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। जेठनी देवी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि घर न होने के कारण वे अपने बालिग बेटे-बेटी की शादी नहीं कर पा रही हैं और उनका परिवार वर्षों से दूसरों के घरों में रहने को मजबूर है। इसके अतिरिक्त, कई परिवार दूषित चुआंड़ी का पानी पीने को विवश हैं, क्योंकि जलमीनार से सभी घरों तक पानी नहीं पहुँचता। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी खतरनाक रास्तों से गुजरना पड़ता है, जहाँ झाड़ियों और नालों के कारण उन्हें जान जोखिम में डालकर आना-जाना होता है और कई बार जहरीले साँपों का सामना भी करना पड़ता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि दर्जनों परिवार उज्ज्वला योजना, पेंशन, राशन कार्ड और आवास योजना से वंचित हैं, और गांव में रोजगार के अवसरों की कमी के कारण अधिकांश लोग पलायन करने पर मजबूर हैं। इन गंभीर समस्याओं को देखते हुए अयुब खान ने मांग की है कि परहैया टोला में तत्काल एक शिविर लगाकर सभी वंचित परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाए। साथ ही, उन्होंने डीएमएफटी मद से सड़क, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का अविलंब विकास कराने की भी जोरदार मांग की।
- चंदवा के कामता पंचायत स्थित चटुआग के परहैया टोला (पीवीटीजी) गांव में समग्र विकास की मांग को लेकर पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने रविवार को ग्रामीणों के साथ स्कूल प्रांगण में रात्रि पड़ाव किया। इस पड़ाव से पहले, उन्होंने गांव का भ्रमण किया और आदिम जनजाति परिवारों की समस्याओं को सुना, जहां आज भी सड़क, बिजली, पेयजल, आवास, पेंशन और उज्ज्वला योजना जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। ग्रामीणों ने बताया कि खराब रास्तों के कारण एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुँच पाती, जिससे मरीजों को चारपाई के सहारे मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। जेठनी देवी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि घर न होने के कारण वे अपने बालिग बेटे-बेटी की शादी नहीं कर पा रही हैं और उनका परिवार वर्षों से दूसरों के घरों में रहने को मजबूर है। इसके अतिरिक्त, कई परिवार दूषित चुआंड़ी का पानी पीने को विवश हैं, क्योंकि जलमीनार से सभी घरों तक पानी नहीं पहुँचता। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी खतरनाक रास्तों से गुजरना पड़ता है, जहाँ झाड़ियों और नालों के कारण उन्हें जान जोखिम में डालकर आना-जाना होता है और कई बार जहरीले साँपों का सामना भी करना पड़ता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि दर्जनों परिवार उज्ज्वला योजना, पेंशन, राशन कार्ड और आवास योजना से वंचित हैं, और गांव में रोजगार के अवसरों की कमी के कारण अधिकांश लोग पलायन करने पर मजबूर हैं। इन गंभीर समस्याओं को देखते हुए अयुब खान ने मांग की है कि परहैया टोला में तत्काल एक शिविर लगाकर सभी वंचित परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाए। साथ ही, उन्होंने डीएमएफटी मद से सड़क, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का अविलंब विकास कराने की भी जोरदार मांग की।1
- झारखंड में परिवहन विभाग के संयुक्त सचिव, रांची के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की एक विशेष मुहिम शुरू की गई है। इस पहल के तहत, प्रखंड और पंचायत स्तर पर क्लस्टर बनाकर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसी मुहिम के तहत, पंचायत सचिवालय चटकपुर में सोमवार को दोपहर 3:00 बजे तक कुल 45 आवेदित लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस बनाए गए। आगे इसी कड़ी में, मंगलवार की सुबह 10:00 बजे से पंचायत सचिवालय महुआडार में भी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का कैंप लगाया जाएगा।1
- टोरी रेल ओवरब्रिज (आरओबी) परियोजना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। चंदवा के एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में राज्य सरकार की कथित लापरवाही के कारण टोरी आरओबी समेत कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो परियोजना रद्द होने की आशंका है, जिसका सीधा खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ेगा। शाहदेव ने जोर देकर कहा कि टोरी रेल ओवरब्रिज वर्षों से क्षेत्र की एक प्रमुख आवश्यकता रहा है, जिसके निर्माण से चंदवा और आसपास के लोगों को यातायात जाम, आवागमन की कठिनाइयों तथा दुर्घटनाओं के जोखिम से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने राज्य सरकार पर परियोजना को आगे न बढ़ने देने के लिए उदासीनता का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी बताया कि कालीचरण सिंह और प्रकाश राम इस परियोजना को बचाने और निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। भाजपा ने मांग की है कि सरकार भूमि अधिग्रहण सहित सभी लंबित प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करे ताकि इस बहुप्रतीक्षित आरओबी का निर्माण जल्द से जल्द शुरू हो सके, क्योंकि यह परियोजना केवल विकास का ही नहीं, बल्कि आम लोगों की सुविधा और सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण विषय है।1
- झारखंड के राज अस्पताल में इलाज में लापरवाही से जुड़ी एक घटना की जाँच के लिए आज एक टीम अस्पताल पहुँची। यह जाँच इलाज के दौरान हुई कथित चूकों पर केंद्रित है। इस मामले में, एक मुस्लिम समाज के बेटे ने एक ब्राह्मण फौजी भाई के लिए न्याय की माँग करते हुए मज़बूती से आवाज़ उठाई है। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता।1
- पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने आदिम जनजाति (पीवीटीजी) गांव के विकास के संबंध में रात्रि पड़ाव किया है। यह रात्रि पड़ाव डीएमएफटी मद से पीवीटीजी गांव के विकास कार्यों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।1
- झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोईया संयोजिका संघ की लातेहार जिला इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक लातेहार जिला स्टेडियम परिसर में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिला प्रभारी सह प्रदेश उपाध्यक्ष देवकी देवी ने की, जबकि इसका संचालन सहीदा बीबी द्वारा किया गया। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अजीत प्रजापति, प्रदेश कोषाध्यक्ष अनीता देवी केशरी और हजारीबाग जिला अध्यक्ष महेंद्र राम सहित बड़ी संख्या में रसोईया संयोजिकाएँ मौजूद थीं। बैठक शुरू होने से पहले, संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यसभा सांसद वैद्यनाथ राम से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। सांसद ने प्रतिनिधिमंडल को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव मदद का भरोसा दिया।1
- कुरुक्षेत्र (हरियाणा) के पेहोवा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर काफी ध्यान खींचा है। दावों के अनुसार, एक व्यक्ति ने अपनी शादी के सिर्फ एक महीने बाद अपनी पत्नी को ऑस्ट्रेलिया भेज दिया। ऑनलाइन प्रसारित हो रही रिपोर्ट्स में आरोप लगाया गया है कि यह एक अंतरजातीय प्रेम विवाह था। रिपोर्ट्स में पति की पहचान संजीव कुमार के रूप में की गई है, जिन्होंने अपनी पत्नी के विदेश जाने में सहायता के लिए कथित तौर पर लगभग ₹34 लाख का कर्ज लिया था। दावा है कि ऑस्ट्रेलिया में बसने के बाद, पत्नी ने कथित तौर पर रिश्ता खत्म कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप पति को भावनात्मक और वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा।1
- झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोइया संयोजिका संघ की लातेहार जिला इकाई ने रविवार को जिला स्टेडियम परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता जिला प्रभारी सह प्रदेश उपाध्यक्ष देवकी देवी ने की, जबकि संचालन सहीदा बीबी ने किया। प्रदेश अध्यक्ष अजीत प्रजापति भी इस बैठक में शामिल हुए, जहाँ न्यूनतम वेतन में वृद्धि सहित रसोइया संयोजिकाओं की विभिन्न मांगों पर सरकार से बातचीत की गई। प्रदेश अध्यक्ष अजीत प्रजापति ने बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि रसोइया संयोजिकाओं की विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के साथ लगातार वार्ता चल रही है। उन्होंने जानकारी दी कि 17 मार्च 2026 को वित्त मंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री सुदीप कुमार सोनू के साथ हुई बैठक में चालू वित्तीय वर्ष में न्यूनतम वेतन बढ़ाने का आश्वासन मिला है। इसके साथ ही, उन्होंने बताया कि रसोइया संयोजिकाओं के लिए 10 लाख रुपये का बीमा कराने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया है, और उनका कार्यकाल 10 माह से बढ़ाकर 12 माह कर दिया गया है, जिसे अक्टूबर 2024 से प्रभावी किया जाएगा। एक ड्रेस कोड भी लागू किया गया है और ड्रेस खरीदने के लिए 500 रुपये की राशि इसी सप्ताह उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, कार्य के दौरान दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में परिजनों को मुआवजा एवं परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने पर भी सहमति बनी है। जिला प्रभारी देवकी देवी ने इस अवसर पर कहा कि संघ लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत है और सरकार को रसोइया संयोजिकाओं की लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। बैठक को प्रदेश कोषाध्यक्ष अनीता देवी केशरी ने भी संबोधित किया। इस दौरान हजारीबाग जिला अध्यक्ष महेंद्र राम सहित बड़ी संख्या में रसोइया संयोजिकाएं उपस्थित थीं। बैठक से पहले, संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष अजीत प्रजापति के नेतृत्व में राज्यसभा सांसद वैद्यनाथ राम से उनके आवासीय कार्यालय में शिष्टाचार मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने बुके भेंट कर उनका स्वागत किया और रसोइया संयोजिकाओं की मांगों एवं समस्याओं से उन्हें अवगत कराया, जिस पर राज्यसभा सांसद वैद्यनाथ राम ने प्रतिनिधिमंडल को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिया।1