Shuru
Apke Nagar Ki App…
सारण जिले में अनुमंडल पदाधिकारी नितेश कुमार और अंचलाधिकारी शम्मी कुमार ने मोहर्रम त्योहार के मद्देनजर विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया है।
एनामुल हक
सारण जिले में अनुमंडल पदाधिकारी नितेश कुमार और अंचलाधिकारी शम्मी कुमार ने मोहर्रम त्योहार के मद्देनजर विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया है।
More news from बिहार and nearby areas
- पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, क्योंकि पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है। TMC के अल्पसंख्यक सेल के प्रदेश अध्यक्ष और उत्तर दिनाजपुर की इटाहार सीट से विधायक मोशरेफ हुसैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस बड़े इस्तीफे के बाद सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि मोशरेफ हुसैन भी बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी के गुट में शामिल हो सकते हैं। उनके इस कदम ने TMC के अंदरूनी खेमे की राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी इस अंदरूनी कलह को थाम पाएंगी और स्थिति को संभाल सकेंगी।1
- भोजपुर पुलिस ने शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऐसे युवक को पुलिस मुठभेड़ में गोली मार दी, जिसने पुलिसकर्मियों पर पिस्टल तानकर हड़कंप मचाया था। यह युवक कथित तौर पर मानसिक रूप से परेशान था और उसने पुलिस पर पिस्टल तान दी थी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में युवक को गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस पूरे मामले की जांच अभी भी जारी है। भोजपुर पुलिस की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने यह भी दोहराया कि आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ उनकी जीरो टॉलरेंस नीति लगातार जारी रहेगी।1
- पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र के सदिसोपुर स्थित एक नवनिर्मित मकान से पुलिस ने एक युवक का शव जब्त किया है। मृतक के परिजनों का कहना है कि युवक की हत्या की गई है। शव को कब्जे में लेने के बाद पुलिस और एफएसएल की टीम इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1
- पोस्ट के अनुसार, भरत तिवारी, जिन्होंने अपने गाँव, देश और शहर से जुड़े मुद्दे उठाए थे, उनकी मौत हो गई है। आरोप है कि बिहार सरकार को उनका यह कार्य पसंद नहीं था और इसी कारण उन्हें पुलिस के हाथों मरवा दिया गया। दुखद है कि जिन भरत तिवारी को कल लोग आरोपी साबित कर रहे थे, आज सोशल मीडिया पर उन्हीं के लिए आंसू बहा रहे हैं। यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर भरत तिवारी की मौत कैसे हुई।1
- आरा शहर में मुहर्रम की 6वीं तारीख पर महाजन टोली स्थित डिप्टी शेर अली के इमामबाड़ा से कर्बला के शहीदों की याद में एक मातमी जुलूस, जिसे "बीबी का डोला" कहा जाता है, निकाला गया। यह लगभग 200 वर्ष पुरानी एक महत्वपूर्ण परंपरा है, जिसमें शिया समाज के लोग हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को नौहा और मातम करके याद करते हैं। यह जुलूस महादेवा रोड, धर्मन चौक, गोपाली चौक, शीश महल चौक और बिचली रोड जैसे प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः इमामबाड़ा पहुंचकर संपन्न हुआ। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान "टूटे हुए दिलों का सहारा हुसैन है" और "सदा रहेगा हुसैन का ग़म" जैसे नौहों से वातावरण अत्यंत गमगीन हो उठा। इस मातमी जुलूस में सभी समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे भाईचारे और आपसी सौहार्द का सशक्त संदेश प्रसारित हुआ। प्रशासन की ओर से भी जुलूस के सुचारु संचालन के लिए सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे।1
- भोजपुरी गायक सह अभिनेता खेसारी लाल यादव आरा भोजपुर जिले के शाहपुर थानां के बिलौटी गांव में मृत भरत तिवारी के परिजनों से मिलने अचानक उनके घर पहुंचे। उन्होंने भरत की माँ, पिता और अन्य परिजनों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया। इस दौरान खेसारी लाल यादव ने पीड़ित परिवार को ₹1 लाख की आर्थिक सहायता भी प्रदान की। खेसारी लाल यादव ने परिवार के लोगों से बातचीत करते हुए बताया कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले की न्यायिक जांच कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने पीड़ित परिवार से कहा कि यह लड़ाई उनकी है और उन्हें घर पर बैठने की बजाय पटना चलकर इस लड़ाई को मिलकर आगे बढ़ाना होगा, क्योंकि इसे अंजाम तक ले जाने के लिए सबका सहयोग जरूरी है। खेसारी ने इस बात पर जोर दिया कि अगर एनकाउंटर हुआ है तो उसकी जांच होनी चाहिए और उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहने का संकल्प दोहराया। खेसारी लाल यादव के पहुंचते ही भारी संख्या में उनके फैंस और स्थानीय ग्रामीण वहां जमा हो गए, और देखते ही देखते हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। पीड़ित परिवार के लोगों से काफी देर तक बातचीत करने के बाद खेसारी लाल यादव वहां से पटना के लिए रवाना हो गए। भरत तिवारी की मौत के बाद से लगातार लोग उनके घर पहुंचकर परिजनों से मिल रहे हैं, और परिजन समेत ग्रामीण पुलिस एनकाउंटर पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।2
- बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक बार फिर सर्वसम्मति से JDU का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है, जिससे वे चौथी बार पार्टी की कमान संभाल रहे हैं। इस ऐतिहासिक मौके पर उनके बेटे और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पैर छूकर अपने पिता का आशीर्वाद लिया। निशांत ने इस अवसर पर कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य पूरे बिहार में संगठन को और अधिक मजबूत करना है। वहीं, उमेश कुशवाहा को भी बिहार JDU प्रदेश अध्यक्ष पद पर बरकरार रखा गया है।1
- सारण जिले में अनुमंडल पदाधिकारी नितेश कुमार और अंचलाधिकारी शम्मी कुमार ने मोहर्रम त्योहार के मद्देनजर विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया है।1