लद्दाख की पर्यावरण सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों के तहत छठी अनुसूची लागू करने की माँग को लेकर प्रसिद्ध पर्यावरणविद् व शिक्षाविद सोनम वांगचुक द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन को अब देशभर से समर्थन मिल रहा है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के कटनी जिले से नेशनल एजुकेशन यूथ यूनियन (NEYU) के प्रदेश उपाध्यक्ष मोनू रजक अपने साथियों के साथ दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पहुँचे। उन्होंने सोनम वांगचुक के मंच पर उपस्थित होकर इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन जताया। सोनम वांगचुक लद्दाख के नाजुक पारिस्थितिकीय तंत्र, स्थानीय संस्कृति और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार से छठी अनुसूची लागू करने की माँग कर रहे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर उनके समर्थन में विभिन्न राज्यों से नागरिक समाज और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी पहुँच रहे हैं। समर्थन देने पहुँचे मोनू रजक ने कहा कि सोनम वांगचुक की यह लड़ाई केवल लद्दाख की नहीं, बल्कि देश के पर्यावरण और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि कटनी और पूरे मध्य प्रदेश की जनता देश तथा आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए चल रहे इस संघर्ष में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
लद्दाख की पर्यावरण सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों के तहत छठी अनुसूची लागू करने की माँग को लेकर प्रसिद्ध पर्यावरणविद् व शिक्षाविद सोनम वांगचुक द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन को अब देशभर से समर्थन मिल रहा है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के कटनी जिले से नेशनल एजुकेशन यूथ यूनियन (NEYU) के प्रदेश उपाध्यक्ष मोनू रजक अपने साथियों के साथ दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पहुँचे। उन्होंने सोनम वांगचुक के मंच पर उपस्थित होकर इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन जताया। सोनम वांगचुक लद्दाख के नाजुक पारिस्थितिकीय तंत्र, स्थानीय संस्कृति और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार से छठी अनुसूची लागू करने की माँग कर रहे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर उनके समर्थन में विभिन्न राज्यों से नागरिक समाज और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी पहुँच रहे हैं। समर्थन देने पहुँचे मोनू रजक ने कहा कि सोनम वांगचुक की यह लड़ाई केवल लद्दाख की नहीं, बल्कि देश के पर्यावरण और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि कटनी और पूरे मध्य प्रदेश की जनता देश तथा आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए चल रहे इस संघर्ष में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
- लद्दाख की पर्यावरण सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों के तहत छठी अनुसूची लागू करने की माँग को लेकर प्रसिद्ध पर्यावरणविद् व शिक्षाविद सोनम वांगचुक द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन को अब देशभर से समर्थन मिल रहा है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के कटनी जिले से नेशनल एजुकेशन यूथ यूनियन (NEYU) के प्रदेश उपाध्यक्ष मोनू रजक अपने साथियों के साथ दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पहुँचे। उन्होंने सोनम वांगचुक के मंच पर उपस्थित होकर इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन जताया। सोनम वांगचुक लद्दाख के नाजुक पारिस्थितिकीय तंत्र, स्थानीय संस्कृति और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार से छठी अनुसूची लागू करने की माँग कर रहे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर उनके समर्थन में विभिन्न राज्यों से नागरिक समाज और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी पहुँच रहे हैं। समर्थन देने पहुँचे मोनू रजक ने कहा कि सोनम वांगचुक की यह लड़ाई केवल लद्दाख की नहीं, बल्कि देश के पर्यावरण और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि कटनी और पूरे मध्य प्रदेश की जनता देश तथा आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए चल रहे इस संघर्ष में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।1
- कटनी के रामलीला मैदान में सार्वजनिक स्थल पर किए गए अतिक्रमण को नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी अमले ने हटा दिया है। यह कार्रवाई नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहर के निर्देशों पर अमल करते हुए की गई। आयुक्त द्वारा निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए जाने के तत्काल बाद गुरुवार शाम करीब 7 बजे इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।1
- थाने से सरकारी बोलेरो गाड़ी चुराकर 8 लोगों को घायल करने वाले एक शराबी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना के बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी शराबी का शहर में पैदल जुलूस भी निकाला।1
- Post by Balkishan Namdev1
- आदरणीय कहे जाने वाले लोगों और जिम्मेदार व्यक्तियों से सीधा सवाल करते हुए पूछा गया है कि आखिर वे किसी के बच्चों को क्यों मौत के मुंह में ढकेल रहे हैं। इस बात को लेकर कड़ा आक्रोश जताया गया है और बच्चों की जिंदगी को इस तरह खतरे में डालने पर तीखा विरोध दर्ज कराया गया है।1
- मध्य प्रदेश के सतना में नलों के जरिए घरों तक कीड़ेयुक्त और बदबूदार पानी पहुँच रहा है। सतना नदी में कम बारिश के कारण जमा हुआ भीषण कचरा और अत्यधिक प्रदूषण अब सीधे पेयजल सप्लाई में आ रहा है। पानी में गंदगी का स्तर इतना अधिक है कि शहर का आधुनिक फिल्टर प्लांट भी इसे साफ करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। प्रशासन की ओर से किए जा रहे तमाम प्रयासों के बाद भी शहरवासियों को स्वच्छ पानी की आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। स्वच्छ विकल्प न होने के कारण लोग विवश होकर इसी दूषित जल का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे पूरे शहर पर महामारी और गंभीर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।1
- राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना खनन क्षेत्र (कालानाडा रेंज) में भारी बारिश के बाद अचानक भीषण भू-धंसाव हो गया, जिससे करीब एक दर्जन संगमरमर की खदानें ढहकर पाताल में समा गईं। इस हादसे के कारण जाखली मुख्य मार्ग का एक बड़ा हिस्सा भी गहरी खदानों में समा गया। राहत की बात यह है कि इस भयानक घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है और सभी श्रमिक सुरक्षित हैं। सोशल मीडिया पर इस भयानक मंजर का लाइव वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में विशाल चट्टानें और पूरी सड़क ताश के पत्तों की तरह ढहती हुई गहरे गड्ढे में समाती दिखाई दे रही हैं।1