कोटा: जिले के कई गांवों में महीनों से बंद पड़ा है मनरेगा का काम -इटावा में समस्याओं को लेकर किसानों ने निकाली आक्रोश रैली -एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर सौंपा 15 सूत्रीय मांग पत्र इटावा/ कोटा। फसल खराबा, बीमा क्लेम एवं विभिन्न लंबित मांगों को लेकर बुधवार को कोटा जिले के इटावा में अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले किसानों, मजदूरों एवं आमजन ने आक्रोश रैली निकालकर उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया। रैली सूखनी नदी कोटा रोड बस स्टैंड से प्रारंभ होकर मुख्य बाजार होते हुए उपखंड कार्यालय पहुंची। जहां आमसभा आयोजित कर उपखंड अधिकारी इटावा को मुख्यमंत्री के नाम 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। रैली व सभा का नेतृत्व किसान सभा तहसील अध्यक्ष सूरजमल मीणा एवं तहसील सचिव बाबूलाल बलवानी ने किया। सभा को किसान सभा संयुक्त सचिव कमल बागड़ी, किसान नेता दुलीचंद आर्य, भोजराज नागर, भवानी शंकर कुशवाह, मुकुट बिहारी जंगम, मुरारीलाल बैरवा, दिलीप मीणा, हंसराज मीणा सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त सचिव कमल बागड़ी ने कहा कि वर्ष 2025 की खरीफ फसलें अतिवृष्टि के कारण पूरी तरह नष्ट हो गई। साथ ही तहसील क्षेत्र के कई गांवों व कस्बों में आवासीय मकान भी धराशायी हुए हैं। कई गांवों में मनरेगा कार्य महीनों से बंद पड़ा है। जिससे किसानों और मजदूरों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। सरकार द्वारा नुकसान की भरपाई का आश्वासन दिया गया था। लेकिन अब तक किसी प्रकार की आर्थिक सहायता या मुआवजा नहीं मिला है। फसल बीमा कंपनियों द्वारा प्रीमियम लेने के बावजूद किसानों को नष्ट फसलों का उचित बीमा क्लेम नहीं दिया गया। जिससे किसानों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिवस के भीतर मांगों का समाधान नहीं हुआ तो किसान व मजदूर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ये रहीं प्रदर्शन की मुख्य मांगें तहसील सचिव बाबूलाल बलवानी ने बताया कि प्रदर्शन की प्रमुख मांगों में खरीफ 2024 एवं 2025 में अतिवृष्टि से नष्ट फसलों का बीमा क्लेम शीघ्र भुगतान, नष्ट फसलों व आवासीय मकानों का मुआवजा जारी करना, कृषि उपज मंडी में लुटे गए 102 किसानों का भुगतान, रुकी हुई पेंशन बहाल करना, मनरेगा व शहरी रोजगार योजना के लंबित भुगतान, खेतों के रास्तों से अतिक्रमण हटाना, फसलों के लाभकारी मूल्य के लिए गारंटी कानून बनाना, किसानों के केसीसी व सहकारी ऋण माफ करना, सरसों, चना व गेहूं की समर्थन मूल्य पर समय पर सरकारी खरीद, स्मार्ट मीटर योजना वापस लेना, चार श्रम कानून वापस लेना तथा निशुल्क पट्टा योजना के तहत आवासीय पट्टे जारी करना आदि मांगें शामिल रहीं। प्रदर्शन करने वालों में ये रहे शामिल प्रदर्शन करने वालों में छीतरलाल बैरवा, सूरजमल बैरवा, हरिओम मीणा, लेखराज मीणा, महावीर प्रसाद मीणा, कमल योगी, गोबरीलाल, रामचरण, धनपाल गुर्जर, राधेश्याम परालिया, सीटू यूनियन अध्यक्ष कामरेड गोपाललाल महावर, अमोलकचंद, प्रेम पेंटर सहित सैंकड़ों किसान, मजदूर एवं महिलाएं मौजूद रहीं।
कोटा: जिले के कई गांवों में महीनों से बंद पड़ा है मनरेगा का काम -इटावा में समस्याओं को लेकर किसानों ने निकाली आक्रोश रैली -एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर सौंपा 15 सूत्रीय मांग पत्र इटावा/ कोटा। फसल खराबा, बीमा क्लेम एवं विभिन्न लंबित मांगों को लेकर बुधवार को कोटा जिले के इटावा में अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले किसानों, मजदूरों एवं आमजन ने आक्रोश रैली निकालकर उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया। रैली सूखनी नदी कोटा रोड बस स्टैंड से प्रारंभ होकर मुख्य बाजार होते हुए उपखंड कार्यालय पहुंची। जहां आमसभा आयोजित कर उपखंड अधिकारी इटावा को मुख्यमंत्री के नाम 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। रैली व सभा का नेतृत्व किसान सभा तहसील अध्यक्ष सूरजमल मीणा एवं
तहसील सचिव बाबूलाल बलवानी ने किया। सभा को किसान सभा संयुक्त सचिव कमल बागड़ी, किसान नेता दुलीचंद आर्य, भोजराज नागर, भवानी शंकर कुशवाह, मुकुट बिहारी जंगम, मुरारीलाल बैरवा, दिलीप मीणा, हंसराज मीणा सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त सचिव कमल बागड़ी ने कहा कि वर्ष 2025 की खरीफ फसलें अतिवृष्टि के कारण पूरी तरह नष्ट हो गई। साथ ही तहसील क्षेत्र के कई गांवों व कस्बों में आवासीय मकान भी धराशायी हुए हैं। कई गांवों में मनरेगा कार्य महीनों से बंद पड़ा है। जिससे किसानों और मजदूरों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। सरकार द्वारा नुकसान की भरपाई का आश्वासन दिया गया था। लेकिन अब तक
किसी प्रकार की आर्थिक सहायता या मुआवजा नहीं मिला है। फसल बीमा कंपनियों द्वारा प्रीमियम लेने के बावजूद किसानों को नष्ट फसलों का उचित बीमा क्लेम नहीं दिया गया। जिससे किसानों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिवस के भीतर मांगों का समाधान नहीं हुआ तो किसान व मजदूर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ये रहीं प्रदर्शन की मुख्य मांगें तहसील सचिव बाबूलाल बलवानी ने बताया कि प्रदर्शन की प्रमुख मांगों में खरीफ 2024 एवं 2025 में अतिवृष्टि से नष्ट फसलों का बीमा क्लेम शीघ्र भुगतान, नष्ट फसलों व आवासीय मकानों का मुआवजा जारी करना, कृषि उपज मंडी में लुटे गए 102 किसानों का भुगतान, रुकी हुई पेंशन बहाल करना,
मनरेगा व शहरी रोजगार योजना के लंबित भुगतान, खेतों के रास्तों से अतिक्रमण हटाना, फसलों के लाभकारी मूल्य के लिए गारंटी कानून बनाना, किसानों के केसीसी व सहकारी ऋण माफ करना, सरसों, चना व गेहूं की समर्थन मूल्य पर समय पर सरकारी खरीद, स्मार्ट मीटर योजना वापस लेना, चार श्रम कानून वापस लेना तथा निशुल्क पट्टा योजना के तहत आवासीय पट्टे जारी करना आदि मांगें शामिल रहीं। प्रदर्शन करने वालों में ये रहे शामिल प्रदर्शन करने वालों में छीतरलाल बैरवा, सूरजमल बैरवा, हरिओम मीणा, लेखराज मीणा, महावीर प्रसाद मीणा, कमल योगी, गोबरीलाल, रामचरण, धनपाल गुर्जर, राधेश्याम परालिया, सीटू यूनियन अध्यक्ष कामरेड गोपाललाल महावर, अमोलकचंद, प्रेम पेंटर सहित सैंकड़ों किसान, मजदूर एवं महिलाएं मौजूद रहीं।
- शहर के झालावाड़ रोड स्थित प्रसिद्ध सिटी मॉल में आज एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने लोन रिकवरी के लिए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बैंक ने मॉल के बेसमेंट में स्थित दुकान नंबर B-54, जो NANUS ADA (नानूस अड्डा) के नाम से संचालित थी, उसे अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिया है। एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के विधिक सलाहकार विनीत विजय ने जानकारी देते हुए बताया कि बैंक ने इस दुकान पर 65 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत किया था। पिछले काफी समय से दुकान मालिक द्वारा लोन की किस्तों का भुगतान नहीं किया जा रहा था। बैंक की ओर से इस संबंध में कई बार कानूनी नोटिस जारी कर बकाया राशि चुकाने का अवसर दिया गया, लेकिन मालिक की ओर से कोई ठोस जवाब या भुगतान नहीं मिला। न्यायालय के आदेश पर हुई कार्रवाई विधिक सलाहकार ने बताया कि लोन की वसूली न होने पर बैंक ने कानूनी रास्ता अपनाया। माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM), कोटा की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक के पक्ष में कब्जा लेने के आदेश जारी किए। कोर्ट के आदेशों की अनुपालना में आज बैंक की टीम भारी पुलिस जाप्ते के साथ सिटी मॉल पहुँची। वहाँ स्थित दुकान नानूस अड्डा को खाली करवाकर बैंक ने आधिकारिक रूप से अपना कब्जा ले लिया। बैंक अधिकारियों ने दुकान पर अपनी सील लगा दी है और अब इस संपत्ति की नीलामी के जरिए बकाया राशि वसूल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस कार्रवाई के दौरान मॉल में मौजूद अन्य दुकानदारों और ग्राहकों के बीच कौतूहल और हड़कंप का माहौल बना रहा।1
- sabanam nisha 😥💔🥀1
- -पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल ने कार्यकर्ताओं से की भाग लेने की अपील कोटा। एसआईआर में हो रही अनियमितताओं के खिलाफ कांग्रेस बुधवार को विरोध प्रदर्शन करेगी। पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता प्रह्लाद गुंजल ने बताया कि चुनाव आयोग द्वारा करवाई जा रही एसआईआर प्रक्रिया में कई प्रकार की धांधलियां की जा रही हैं। कांग्रेस समर्थित मतदाताओं के नाम मोटर लिस्ट से काटे जा रहे हैं। साथ ही बीजेपी के वोटर फर्जी तरीके से जोड़े जा रहे हैं। इसको लेकर बुधवार को प्रातः 11 बजे कांग्रेस पार्टी की तरफ से प्रदर्शन किया जाएगा। गुंजल ने तमाम कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की है कि तय समय पर नयापुरा स्थित चमन होटल के सामने उनके कार्यालय पर पहुंचें।2
- Post by Ajit Meena1
- Post by Balram Patwa1
- रामगंज मंडी में बागेश्वर धाम सरकार की कथा में जनता के विचार1
- प्रदेश में SIR को लेकर कांग्रेस लगातार बीजेपी पर हावी हो रही है। कोटा में कांग्रेस नेता प्रहलाद गुजंल ने कहा- SIR के जरिये बीजेपी सांप्रदायिक एजेंडा पूरा करना चाहती है। कलेक्टर परेशान हैं, अधिकारी परेशान हैं, ऊपर से नाम काटे जाने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे बुरा क्या होगा कि पालिका चेयरमैन और नेशनल अवार्डी रहे नसरूददीन का नाम काटने का फॉर्म जमा करवा दिया गया।1
- कोटा : प्रदेश मे SIR के नाम पर मतदाता सूचीयो में से मतदाताओं के नाम काटे जाने के विरोध तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा हेतु पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने आज प्रात करीब 11बजे नयापुरा कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। गुंजल ने कहा कि सरकार आमआदमी के लोकतांत्रिक अधिकारों पर डाका डाल रही हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि आमआदमी को अपने मताधिकार व लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर आना होगा।1
- sabanam nisha 😥💔🥀2