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यह वीडियो कहां का है हमको नहीं पता है मगर यह लड़का का बिहेवियर देखकर हमको वीडियो डालना पड़ा है आप लोगों का क्या राय है कमेंट में बताइए
Jharkhand ka new khabar
यह वीडियो कहां का है हमको नहीं पता है मगर यह लड़का का बिहेवियर देखकर हमको वीडियो डालना पड़ा है आप लोगों का क्या राय है कमेंट में बताइए
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- आप लोगों का क्या राय है कमेंट में बताइए1
- झारखंड के सुदूर ग्रामीण इलाकों से आई यह तस्वीर आपको विचलित कर देगी। जहाँ एक तरफ विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आदिवासी समुदाय झरिया (चुंआ) का गंदा और दूषित पानी पीने को मजबूर है।1
- Post by Shahbaj Ansari1
- 🔴 #BREAKING | ओवेसी ने TMC के गुंडो को दिया खुली धमकी #Westbengalelection #MamtaBanerjee #owaisispeech1
- बिहार बांका- जिले के आनंदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भैरोगंज बाजार में हुई चर्चित चोरी कांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बीते 18 फरवरी को दो दुकानों में सेंधमारी कर चोरों ने करीब 15-16 तोला अर्धनिर्मित आभूषण, मोबाइल, लैपटॉप और नगदी की चोरी की थी। घटना के बाद से ही आनंदपुर थाना पुलिस लगातार जांच में जुटी थी। थानाध्यक्ष विनोद कुमार के नेतृत्व में और बेलहर एसडीपीओ रविन्द्र मोहन प्रसाद के मार्गदर्शन में गठित टीम ने तकनीकी अनुसंधान के आधार पर छापेमारी कर दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान किस्टु पासवान और सुरेश पासवान के रूप में हुई है, जिनका आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा बताया जा रहा है। पुलिस ने इनके पास से चोरी की गई एक कीपैड मोबाइल और एक जोड़ी चांदी की पायल भी बरामद की है। फिलहाल पुलिस अन्य सामान की बरामदगी और गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। इस कार्रवाई से इलाके में सुरक्षा को लेकर लोगों में विश्वास बढ़ा है।1
- *विद्यालय में बच्चों से नाला साफ कराने का आरोप, प्रधानाध्यापक पर उठे सवाल* चांदन (बांका) प्रखंड क्षेत्र के प्रोन्नत मध्य विद्यालय गाजोरायडीह से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां छात्रों से नाले की सफाई कराए जाने का आरोप लगा है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो इलाके में तेजी से वायरल हो रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्यालय परिसर में एक छात्र नाले में उतरकर कीचड़ साफ करता दिख रहा है, जबकि अन्य लोग खड़े होकर देखते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह सब प्रधानाध्यापक राम बाबू सिंह की मौजूदगी में हुआ।सूत्रों की मानें तो विद्यालय में बच्चों से जूठे बर्तन धुलवाने और गंदगी साफ कराने जैसी गतिविधियां पहले भी कराई जाती रही हैं। बुधवार को जब बच्चों से नाला साफ कराया गया, तब मामला और गंभीर हो गया। हालांकि इस न्यूज़ को मेरा न्यूज़ चैनल पुष्टि नहीं करता है. इसे लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है।अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में बच्चों को शिक्षा देने के बजाय उनसे इस तरह का कार्य कराना न केवल गलत है, बल्कि उनके स्वास्थ्य और अधिकारों के साथ भी खिलवाड़ है।हालांकि, इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाध्यापक राम बाबू सिंह ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है।वहीं, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुरेश ठाकुर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल, यह मामला शिक्षा व्यवस्था और बच्चों के अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। रिपोर्ट :उमाकांत पोद्दार2
- Post by N.k.choudhary1
- *दो महीने में ही भरभराकर गिरा जलमीनार, संवेदक पर लापरवाही का आरोप* चांदन (बांका): पीएचईडी विभाग के अंतर्गत एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां निर्माण के महज दो महीने के भीतर ही जलमीनार धराशाई हो गया। घटना बुधवार दोपहर की बताई जा रही है, जब चांदन प्रखंड के पूर्वी कट सकरा पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर 7 फुलजोरा गांव में अचानक पानी टंकी सहित पूरा जलमीनार भरभराकर गिर पड़ा। यह जलमीनार गांव के हरी सिंह के जमीन पर बनाया गया था। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई।हालांकि, गनीमत रही कि घटना के समय आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। ग्रामीण गोपाल सिंह, मुकेश सिंह, संटू यादव, राजू यादव, राज कुमार यादव और अशोक सिंह ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए संवेदक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में घटिया किस्म के सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके कारण इतना बड़ा ढांचा इतने कम समय में ही ढह गया। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जलमीनार के नीचे अक्सर लोग विश्राम किया करते थे। यदि यह घटना रात के समय होती, तो जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था। जलमीनार के गिरने के बाद मौके पर कोई भी सामान सही-सलामत नहीं बचा है।इस घटना ने सरकारी योजनाओं की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चांदन प्रखंड में ऐसे कई जलमीनार बनाए गए हैं, जिनकी स्थिति कागज पर कुछ और, जबकि जमीन पर कुछ और ही नजर आती है। लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।वहीं, भीषण गर्मी और गिरते जलस्तर के बीच इस तरह की घटना से इलाके में पेयजल संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि एक तरफ तेज धूप में जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जलमीनार के ध्वस्त होने से पानी की समस्या और गंभीर हो गई है।क्या बोले अधिकारीइस संबंध में पीएचईडी विभाग के एसडीओ मनीष कुमार ने कहा कि,मामले की जानकारी मिली है। जांच के लिए टीम भेजी जा रही है। प्रथम दृष्टया निर्माण में तकनीकी गड़बड़ी या गुणवत्ता की कमी की आशंका है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट: उमाकांत पोद्दार2