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चाकघाट की मुख्य सड़क पर पहली ही बारिश के कारण भारी जल भराव हो गया है। इस स्थिति से पैदल चलने वाले लोगों की समस्याएँ काफी बढ़ गई हैं, जिससे उन्हें आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

7 hrs ago
user_चन्दन भइया
चन्दन भइया
Local News Reporter त्योंथर, रीवा, मध्य प्रदेश•
7 hrs ago

चाकघाट की मुख्य सड़क पर पहली ही बारिश के कारण भारी जल भराव हो गया है। इस स्थिति से पैदल चलने वाले लोगों की समस्याएँ काफी बढ़ गई हैं, जिससे उन्हें आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • चाकघाट की मुख्य सड़क पर पहली ही बारिश के कारण भारी जल भराव हो गया है। इस स्थिति से पैदल चलने वाले लोगों की समस्याएँ काफी बढ़ गई हैं, जिससे उन्हें आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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    चाकघाट की मुख्य सड़क पर पहली ही बारिश के कारण भारी जल भराव हो गया है। इस स्थिति से पैदल चलने वाले लोगों की समस्याएँ काफी बढ़ गई हैं, जिससे उन्हें आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
    user_चन्दन भइया
    चन्दन भइया
    Local News Reporter त्योंथर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • रीवा शहर में हुई थोड़ी सी बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी है, जिससे 'विकास' की असलियत झलकने लगी है। यह स्थिति शहर में हुए विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती है।
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    रीवा शहर में हुई थोड़ी सी बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी है, जिससे 'विकास' की असलियत झलकने लगी है। यह स्थिति शहर में हुए विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती है।
    user_Avi Standing with the truth
    Avi Standing with the truth
    Yoga instructor Mangawan, Rewa•
    51 min ago
  • कौशांबी जिले के मंझनपुर थाना क्षेत्र में हुई एक लूट की घटना को अंजाम देने वाले दो अभियुक्तों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर क्षेत्राधिकारी मंझनपुर श्री शिवांक सिंह ने जानकारी दी।
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    कौशांबी जिले के मंझनपुर थाना क्षेत्र में हुई एक लूट की घटना को अंजाम देने वाले दो अभियुक्तों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर क्षेत्राधिकारी मंझनपुर श्री शिवांक सिंह ने जानकारी दी।
    user_शिव सागर मौर्य
    शिव सागर मौर्य
    Media company चैल, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • विनय पासी ने 2027 में 253 चायल विधानसभा की सामान्य सीट से चुनावी दंगल में उतरने का मन बना लिया है। उन्होंने खुद को एससी समाज का बेटा और भाई बताते हुए, धनवान प्रत्याशियों के बीच चुनाव लड़ने की घोषणा की है। पासी ने यह भी कहा कि उनका और एससी समाज का आत्मसम्मान अब जनता के ही हाथों में है। अपनी चुनावी प्रतिबद्धता और दृढ़ता व्यक्त करते हुए, उन्होंने कहा है कि वे "हजार बार गिरेंगे और हजार बार उठेंगे", और जब तक मंजिल नहीं मिल जाती तब तक बार-बार प्रयास करते रहेंगे।
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    विनय पासी ने 2027 में 253 चायल विधानसभा की सामान्य सीट से चुनावी दंगल में उतरने का मन बना लिया है। उन्होंने खुद को एससी समाज का बेटा और भाई बताते हुए, धनवान प्रत्याशियों के बीच चुनाव लड़ने की घोषणा की है। पासी ने यह भी कहा कि उनका और एससी समाज का आत्मसम्मान अब जनता के ही हाथों में है। अपनी चुनावी प्रतिबद्धता और दृढ़ता व्यक्त करते हुए, उन्होंने कहा है कि वे "हजार बार गिरेंगे और हजार बार उठेंगे", और जब तक मंजिल नहीं मिल जाती तब तक बार-बार प्रयास करते रहेंगे।
    user_Vinay Pasi
    Vinay Pasi
    चैल, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • प्रयागराज जिले के करछना थाना क्षेत्र के गंधियांव गांव में ग्रामीणों ने चोरी करते समय चोरों के एक गिरोह को रंगे हाथों पकड़ लिया। ग्रामीणों ने पकड़े गए चोरों से पूछताछ की और इस दौरान उनकी पिटाई भी की। इसके बाद, इन चोरों को करछना थाना पुलिस को सौंप दिया गया। हालांकि, अभी तक यह जानकारी सामने नहीं आई है कि करछना पुलिस ने इन चोरों को छोड़ दिया है या उन्हें जेल भेज दिया है।
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    प्रयागराज जिले के करछना थाना क्षेत्र के गंधियांव गांव में ग्रामीणों ने चोरी करते समय चोरों के एक गिरोह को रंगे हाथों पकड़ लिया। ग्रामीणों ने पकड़े गए चोरों से पूछताछ की और इस दौरान उनकी पिटाई भी की। इसके बाद, इन चोरों को करछना थाना पुलिस को सौंप दिया गया। हालांकि, अभी तक यह जानकारी सामने नहीं आई है कि करछना पुलिस ने इन चोरों को छोड़ दिया है या उन्हें जेल भेज दिया है।
    user_दिवाकर पाल
    दिवाकर पाल
    करछना, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • रीवा जिले की अमाँव ग्राम पंचायत में 'रास्ते के लिए रण' की स्थिति बनी हुई है, जहाँ ग्रामीणों को रास्ते से संबंधित समस्या का निराकरण नहीं मिल पा रहा है।
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    रीवा जिले की अमाँव ग्राम पंचायत में 'रास्ते के लिए रण' की स्थिति बनी हुई है, जहाँ ग्रामीणों को रास्ते से संबंधित समस्या का निराकरण नहीं मिल पा रहा है।
    user_चन्दन भइया
    चन्दन भइया
    Local News Reporter त्योंथर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • रीवा जिले के तराई अंचल में हरदोली-डभोरा मुख्य मार्ग पर दोन्दर बगीचा से लेकर बौसड़ नदी तक का लगभग 200 मीटर का हिस्सा पूरी तरह कीचड़ और तालाब में बदल गया है, जिससे 10 गांवों के लोग गंभीर रूप से परेशान हैं। यह मार्ग, जो कभी हरदोली-डभोरा को जोड़ता था, अब जान जोखिम में डालने जैसा बन गया है। स्थिति इतनी बदतर है कि 'विकास के दावे' 'विनाश की हकीकत' में तब्दील हो गए हैं, और यह दुर्दशा किसी पिछड़े जंगल की नहीं, बल्कि एक मुख्य मार्ग की है जहाँ सड़क नाम की कोई चीज़ बची ही नहीं है। इस बदहाली के चलते 10 गांवों के लोग 'नरकीय जीवन' जीने को मजबूर हैं; बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे, और मेडिकल इमरजेंसी में मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस तक गांवों के अंदर नहीं आ पाती। रात-बिरात की आपातकालीन स्थिति में भगवान ही मालिक है, क्योंकि इस रास्ते से वाहन निकालना बेहद मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि 'दो बूंद बारिश' में ही यह हाल है और आने वाले बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब होने की आशंका है, जिससे 10 गांवों का डभौरा व अन्य बाजारों से संपर्क टूट जाएगा। सड़क पर गाड़ियां ऐसे फिसल रही हैं जैसे बर्फ पर चल रही हों, जिससे हर कदम पर हादसे का डर बना हुआ है। जनता का आरोप है कि स्थानीय विधायक, जनप्रतिनिधि, सरकार और प्रशासन के आला अधिकारी 'कुंभकर्णी नींद' में सोए हुए हैं और उन्हें जनता के सुख-दुख से कोई मतलब नहीं है। सिरमौर विधायक से इस मामले में बात करने पर उन्होंने सिर्फ 'दिखवाने' की बात कही, जिस पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या वे किसी 'हादसे का इंतजार' कर रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने कई बार शिकायत की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका यह भी कहना है कि जिन लोगों ने सड़क रोक रखी है, उनसे भी कोई जनप्रतिनिधि या विधायक अपनी जिम्मेदारी समझकर बात करने की कोशिश नहीं कर रहा है। जनता आक्रोशित है और सवाल उठा रही है कि हर साल करोड़ों का विधायक निधि बजट आखिर कहाँ जाता है और क्या पहली बारिश से निपटने की कोई तैयारी नहीं थी। वे यह भी कह रहे हैं कि अगर यही हाल रहा तो संपर्क टूटने की जिम्मेदारी भाजपा के विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले भाजपा नेता, विधायक और सांसद की होगी। यह देखना बाकी है कि इस खबर के बाद 'कुंभकर्णी नींद' में सोया प्रशासन, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि जागते हैं या जनता यूँ ही इस 'कीचड़ में पिसती' रहेगी।
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    रीवा जिले के तराई अंचल में हरदोली-डभोरा मुख्य मार्ग पर दोन्दर बगीचा से लेकर बौसड़ नदी तक का लगभग 200 मीटर का हिस्सा पूरी तरह कीचड़ और तालाब में बदल गया है, जिससे 10 गांवों के लोग गंभीर रूप से परेशान हैं। यह मार्ग, जो कभी हरदोली-डभोरा को जोड़ता था, अब जान जोखिम में डालने जैसा बन गया है। स्थिति इतनी बदतर है कि 'विकास के दावे' 'विनाश की हकीकत' में तब्दील हो गए हैं, और यह दुर्दशा किसी पिछड़े जंगल की नहीं, बल्कि एक मुख्य मार्ग की है जहाँ सड़क नाम की कोई चीज़ बची ही नहीं है।

इस बदहाली के चलते 10 गांवों के लोग 'नरकीय जीवन' जीने को मजबूर हैं; बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे, और मेडिकल इमरजेंसी में मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस तक गांवों के अंदर नहीं आ पाती। रात-बिरात की आपातकालीन स्थिति में भगवान ही मालिक है, क्योंकि इस रास्ते से वाहन निकालना बेहद मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि 'दो बूंद बारिश' में ही यह हाल है और आने वाले बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब होने की आशंका है, जिससे 10 गांवों का डभौरा व अन्य बाजारों से संपर्क टूट जाएगा। सड़क पर गाड़ियां ऐसे फिसल रही हैं जैसे बर्फ पर चल रही हों, जिससे हर कदम पर हादसे का डर बना हुआ है।

जनता का आरोप है कि स्थानीय विधायक, जनप्रतिनिधि, सरकार और प्रशासन के आला अधिकारी 'कुंभकर्णी नींद' में सोए हुए हैं और उन्हें जनता के सुख-दुख से कोई मतलब नहीं है। सिरमौर विधायक से इस मामले में बात करने पर उन्होंने सिर्फ 'दिखवाने' की बात कही, जिस पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या वे किसी 'हादसे का इंतजार' कर रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने कई बार शिकायत की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका यह भी कहना है कि जिन लोगों ने सड़क रोक रखी है, उनसे भी कोई जनप्रतिनिधि या विधायक अपनी जिम्मेदारी समझकर बात करने की कोशिश नहीं कर रहा है। जनता आक्रोशित है और सवाल उठा रही है कि हर साल करोड़ों का विधायक निधि बजट आखिर कहाँ जाता है और क्या पहली बारिश से निपटने की कोई तैयारी नहीं थी। वे यह भी कह रहे हैं कि अगर यही हाल रहा तो संपर्क टूटने की जिम्मेदारी भाजपा के विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले भाजपा नेता, विधायक और सांसद की होगी।

यह देखना बाकी है कि इस खबर के बाद 'कुंभकर्णी नींद' में सोया प्रशासन, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि जागते हैं या जनता यूँ ही इस 'कीचड़ में पिसती' रहेगी।
    user_रिपोर्टर अजय यादव
    रिपोर्टर अजय यादव
    Local News Reporter सिरमौर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
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