चतरा के प्रतापपुर प्रखंड स्थित कैंडीनगर पंचायत के तेलिया नावाडीह गांव में शुक्रवार रात एक गर्भवती महिला को सांप ने काट लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। मोहम्मद आरिफ की 26 वर्षीय पत्नी नूरी खातून को सांप काटने के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई, और आरिफ तुरंत अपनी पत्नी को मोटरसाइकिल से सदर अस्पताल चतरा लेकर पहुंचे। पंचायत मुखिया पति अमित साहू ने भी अस्पताल कर्मियों को इसकी सूचना दी, लेकिन गंभीर बात यह रही कि चतरा सदर अस्पताल में उस वक्त कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था, जिसके चलते नूरी का इलाज शुरू नहीं हो सका। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे हजारीबाग रेफर कर दिया गया। हालांकि, जब उन्हें सरकारी एंबुलेंस की आवश्यकता पड़ी, तो वह भी उपलब्ध नहीं हो सकी। दो घंटे तक लगातार प्रयास करने के बावजूद कोई मदद न मिलने पर, मुखिया पति के सहयोग से एक निजी एंबुलेंस का इंतजाम किया गया और नूरी को सदर अस्पताल हजारीबाग पहुंचाया गया। हजारीबाग में इलाज के बाद अब नूरी खातून की हालत स्थिर बताई जा रही है। इस पूरी घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की घोर लापरवाही और आपातकालीन सेवाओं की बदहाली को स्पष्ट रूप से उजागर कर दिया है, जिसके कारण ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
चतरा के प्रतापपुर प्रखंड स्थित कैंडीनगर पंचायत के तेलिया नावाडीह गांव में शुक्रवार रात एक गर्भवती महिला को सांप ने काट लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। मोहम्मद आरिफ की 26 वर्षीय पत्नी नूरी खातून को सांप काटने के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई, और आरिफ तुरंत अपनी पत्नी को मोटरसाइकिल से सदर अस्पताल चतरा लेकर पहुंचे। पंचायत मुखिया पति अमित साहू ने भी अस्पताल कर्मियों को इसकी सूचना दी, लेकिन गंभीर बात यह रही कि चतरा सदर अस्पताल में उस वक्त कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था, जिसके चलते नूरी का इलाज शुरू नहीं हो सका। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे हजारीबाग रेफर कर दिया गया। हालांकि, जब उन्हें सरकारी एंबुलेंस की आवश्यकता पड़ी, तो वह भी उपलब्ध नहीं हो सकी। दो घंटे तक लगातार प्रयास करने के बावजूद कोई मदद न मिलने पर, मुखिया पति के सहयोग से एक निजी एंबुलेंस का इंतजाम किया गया और नूरी को सदर अस्पताल हजारीबाग पहुंचाया गया। हजारीबाग में इलाज के बाद अब नूरी खातून की हालत स्थिर बताई जा रही है। इस पूरी घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की घोर लापरवाही और आपातकालीन सेवाओं की बदहाली को स्पष्ट रूप से उजागर कर दिया है, जिसके कारण ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
- देशभर में सामने आ रहे जघन्य हत्याकांड लोगों को हैरान कर रहे हैं, पहले ड्रम और पहाड़ों में शव छिपाने की घटनाओं के बाद अब उत्तर प्रदेश के आगरा से एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में एक महिला पर अपने पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम के फर्श के नीचे दफनाने का गंभीर आरोप लगा है। यह घटना तब सामने आई जब लगभग 45 दिनों तक पति के लापता होने की कहानी के बाद पुलिस की जांच में बाथरूम का फर्श खुदवाया गया, जहाँ से शव बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस बाथरूम के नीचे कथित तौर पर शव दफन था, उसी का रोजाना सामान्य रूप से इस्तेमाल होता रहा। आरोप है कि घटना के बाद बाथरूम का फर्श दोबारा बनवा दिया गया था। यह सिर्फ एक हत्या का नहीं, बल्कि अपराध को छिपाने के कथित तरीके को लेकर भी कई गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस हत्या के पीछे के कारण, इसमें शामिल संभावित सहयोगियों और पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।1
- औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र के शिवगंज स्थित एनएच 19 पर शनिवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक कंटेनर और बाइक की टक्कर में बाइक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान नवीनगर थाना क्षेत्र के लउआवार शिकरिया निवासी 60 वर्षीय सुरेश पाठक के रूप में की गई है। घटना की सूचना मिलते ही मदनपुर के थाना अध्यक्ष सह पुलिस इंस्पेक्टर राजेश कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है और दुर्घटनाग्रस्त कंटेनर को भी जब्त कर लिया गया है। बताया गया है कि सुरेश पाठक औरंगाबाद से अपनी बीमारी का इलाज कराकर बाइक से लौट रहे थे, तभी शिवगंज एनएच 19 पर वे कंटेनर की चपेट में आ गए। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर एनएच 19 को जाम कर दिया। थाना अध्यक्ष राजेश कुमार ने पुलिस पदाधिकारियों के साथ मौके पर पहुँचकर जाम हटवाया। थाना अध्यक्ष के अनुसार, सड़क पर शव पड़े होने के कारण जाम लग गया था। सुरेश पाठक मदनपुर के पूर्णाडीह में अपने ससुर सुदामा पाठक के घर रहते थे और वहीं से औरंगाबाद इलाज के लिए गए थे। उनकी पत्नी सुशीला देवी का निधन पिछले साल केदारनाथ तीर्थयात्रा के दौरान हो गया था। सुरेश पाठक मदनपुर संगत रोड पर पूजा-पाठ की सामग्रियों की दुकान चलाकर अपना जीवन-यापन करते थे।1
- औरंगाबाद जिले के कुटुम्बा प्रखंड की पिपरा बगही पंचायत के वार्ड नंबर 10 मुरली बुजुर्ग में भीषण नल जल समस्या बनी हुई है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। योजना के तहत अब तक न तो स्ट्रक्चर का काम पूरा हुआ है और न ही मोटर स्थापित किया गया है। आरोप है कि 'जय' नामक व्यक्ति लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है और अपनी मनमानी कर रहा है। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि ग्रामीण पानी के लिए किस कदर जूझ रहे हैं और उसे ढोने पर मजबूर हैं। ग्रामीणों ने माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी से विनम्र निवेदन किया है कि वे इस नल जल योजना को अविलंब चालू करवाएं ताकि उनकी यह गंभीर परेशानी दूर हो सके।2
- गया जिले में BUDCO की कार्यशैली को लेकर एक बार फिर सवाल उठाए गए हैं। यह गंभीर प्रश्न उठ रहा है कि क्या इस बार भी इस स्थिति के लिए जिम्मेदार लोगों पर कोई कार्रवाई की जाएगी या नहीं।1
- झारखंड की महिला शक्ति को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से 4 जुलाई को रांची के हरमू स्थित केंद्रीय कार्यालय में अखिल झारखंड महिला संघ का राज्यस्तरीय अधिवेशन पूरे उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। इस अधिवेशन के मुख्य अतिथि आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो रहे। अधिवेशन में आजसू के प्रखंड अध्यक्ष नंदन कुमार, महिला मोर्चा की लातेहार जिला अध्यक्ष रीमा देवी और जिला अध्यक्ष अमित पांडे सहित बड़ी संख्या में महिला नेत्रियां और पदाधिकारी उपस्थित रहीं। मुख्य अतिथि सुदेश महतो ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य के विकास में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना समय की मांग है। उन्होंने महिला नेत्रियों से आह्वान किया कि वे संगठन को गांव-गांव और घर-घर तक ले जाएं ताकि जमीनी स्तर पर महिलाओं की समस्याओं का समाधान हो सके, यह कहते हुए कि मजबूत झारखंड महिला शक्ति से ही बनेगा। इस दौरान संगठन विस्तार, बूथ स्तर पर कमेटी गठन, महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और झारखंड के विकास व जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन मंथन किया गया। वक्ताओं ने राज्य सरकार की महिला विरोधी नीतियों की आलोचना की और महिला सुरक्षा, शिक्षा तथा रोजगार पर विशेष ध्यान देने की मांग की। महिला नेत्रियों ने संकल्प लिया कि वे महिला संघ के बैनर तले राज्यभर में जनजागरण अभियान चलाकर संगठन को और अधिक मजबूत करेंगी। सभी उपस्थित सदस्यों ने एकजुटता का परिचय देते हुए इस अधिवेशन को ऐतिहासिक और सफल बनाने में योगदान दिया।1
- गया जिले की कोरमथु पंचायत के मुखिया पर मनरेगा योजना में कथित अनियमितताओं और बड़े घोटाले का गंभीर आरोप लगाया गया है। इन आरोपों के सामने आने के बाद, स्थानीय लोगों ने मुखिया को उनके पद से तुरंत हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और इसमें शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।1
- चतरा के प्रतापपुर प्रखंड स्थित कैंडीनगर पंचायत के तेलिया नावाडीह गांव में शुक्रवार रात एक गर्भवती महिला को सांप ने काट लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। मोहम्मद आरिफ की 26 वर्षीय पत्नी नूरी खातून को सांप काटने के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई, और आरिफ तुरंत अपनी पत्नी को मोटरसाइकिल से सदर अस्पताल चतरा लेकर पहुंचे। पंचायत मुखिया पति अमित साहू ने भी अस्पताल कर्मियों को इसकी सूचना दी, लेकिन गंभीर बात यह रही कि चतरा सदर अस्पताल में उस वक्त कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था, जिसके चलते नूरी का इलाज शुरू नहीं हो सका। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे हजारीबाग रेफर कर दिया गया। हालांकि, जब उन्हें सरकारी एंबुलेंस की आवश्यकता पड़ी, तो वह भी उपलब्ध नहीं हो सकी। दो घंटे तक लगातार प्रयास करने के बावजूद कोई मदद न मिलने पर, मुखिया पति के सहयोग से एक निजी एंबुलेंस का इंतजाम किया गया और नूरी को सदर अस्पताल हजारीबाग पहुंचाया गया। हजारीबाग में इलाज के बाद अब नूरी खातून की हालत स्थिर बताई जा रही है। इस पूरी घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की घोर लापरवाही और आपातकालीन सेवाओं की बदहाली को स्पष्ट रूप से उजागर कर दिया है, जिसके कारण ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।1
- मोतेपुर पंचायत में अपने ही चाचा द्वारा कथित रूप से एक नाबालिग बच्चे की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। इस हृदयविदारक घटना ने न केवल एक परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है, बल्कि समाज के सामने भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले को मन को भीतर तक झकझोर देने वाली घटना बताते हुए कहा गया है कि यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि समाज की संवेदनाओं पर गहरा आघात है। लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश और दुख का माहौल है, और कहा गया है कि जिस परिवार ने अपने बच्चे को खोया है, उसके दर्द की भरपाई किसी भी सजा या कार्रवाई से संभव नहीं है। प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है। पुलिस ने पुष्टि की है कि मामले की जांच जारी है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक घटना के बाद समाज से एक भावुक अपील भी की गई है, जिसमें लोगों से अपने परिवारों में प्रेम, धैर्य, आपसी संवाद और अच्छे संस्कारों का वातावरण बनाने का आग्रह किया गया। यह संदेश दिया गया कि बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों की सीख भी दी जानी चाहिए, ताकि वे संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बन सकें। इसमें जोर दिया गया कि जब परिवार मजबूत होंगे, तभी समाज मजबूत होगा, और तभी बिहार और देश सही मायनों में विकास और मानवता की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि रिश्तों में बढ़ती कटुता और हिंसा को रोकने के लिए केवल कानून ही नहीं, बल्कि परिवार और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।1
- औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड की बनिया पंचायत में भीषण गर्मी के बीच सरकारी चापाकल महीनों से खराब पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। प्रखंड कांग्रेस कमेटी मदनपुर के अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि कई बार सूचना देने और आवेदन भेजने के बावजूद लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने बताया कि बनिया मध्य विद्यालय का चापाकल खराब होने के कारण स्कूली बच्चों को दूसरे स्थानों से पानी लाना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, बुढ़वा महादेव मंदिर, बिनय सिंह के घर के पास, शिवा बिगहा महादलित टोला में इंद्रदेव भुईयां के घर के समीप और रानीकुआं शिव मंदिर के पास लगे सरकारी चापाकल भी लंबे समय से बंद पड़े हैं। संजीव कुमार सिंह ने यह भी बताया कि वे इस समस्या को लेकर कई बार कनीय अभियंता को मोबाइल पर सूचना दे चुके हैं। पूर्व में उन्होंने जिला पदाधिकारी और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता को भी आवेदन भेजे थे। अब एक बार फिर, उन्होंने ईमेल के माध्यम से कार्यपालक अभियंता को आवेदन भेजकर सभी खराब चापाकलों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि भीषण गर्मी में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके।1