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Sugirv Kushwha
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- पूर्व CM अखिलेश यादव ने पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि सरकार ने करोड़ों लोगों और छात्रों के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने खुद इस बात को स्वीकार किया है, जिसका सीधा मतलब यही है कि पेपर लीक हुआ था। अखिलेश यादव ने इस गंभीर मामले पर सरकार से तुरंत इस्तीफे की मांग की है। उनका कहना है कि इस विषय पर पहले सरकार का इस्तीफा होना चाहिए और उसके बाद ही कोई चर्चा की जानी चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं एवं श्रमिकों को उनके घर के आसपास ही काम दिलाना है, ताकि उन्हें रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे शहरों की ओर पलायन न करना पड़े। सरकार का लक्ष्य गांवों में रोजगार के नए अवसर सृजित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर विकास की रफ्तार भी तेज होने की उम्मीद है। सरकार की इस पहल का मूल उद्देश्य 'गांव में रोजगार, गांव में विकास और गांव में आत्मनिर्भरता' को साकार करना है, जिससे ग्रामीणों को अब काम के लिए दूसरे शहरों में पलायन नहीं करना पड़ेगा।1
- गुजरात के अंकलेश्वर शहर स्थित गडखोल पाटिया में नाले की सफाई न होने की वजह से भारी जलभराव हो गया है। नाले की नियमित सफाई नहीं किए जाने के कारण नाला जाम पड़ा है, जिससे पानी सड़कों और इलाके में भर गया है। सफाई व्यवस्था ठप होने से गडखोल पाटिया के अंदर स्थिति खराब हो चुकी है और चारों तरफ पूरा इलाका पानी-पानी हो गया है।1
- Post by Sugirv Kushwha1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कालपी में जुगनू महापंचायत का विवाद अभी थमा भी नहीं था कि एक और बवाल खड़ा हो गया है। महापंचायत में शामिल होने आए एक पूर्व प्रधान के साथ कथित अभद्रता का मामला सामने आने के बाद इलाके में राजनीतिक और सामाजिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। इस घटना को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। इस घटना के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर शिकंजा कसेगा या यह मामला केवल राजनीतिक बहस तक ही सीमित रह जाएगा। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है और जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।1