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jharkhand Bijli vitran Nigam ko avedan diya gaya hai 12/7/24 ko ki madia me3 fece keval tar lagane Ko kekar Lekin Aaj 11/2/26 ho Gaye hai lekin abhi tak kam nahi huwa jo ki 1 fece hone ke Karan har 2 din 3 din bad-bad tar pighalke niche gir jate hai koi bhi ise dhiyan me nahi lete hai
Mohammad Rabiul Shekh
jharkhand Bijli vitran Nigam ko avedan diya gaya hai 12/7/24 ko ki madia me3 fece keval tar lagane Ko kekar Lekin Aaj 11/2/26 ho Gaye hai lekin abhi tak kam nahi huwa jo ki 1 fece hone ke Karan har 2 din 3 din bad-bad tar pighalke niche gir jate hai koi bhi ise dhiyan me nahi lete hai
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- Post by Mohammad Rabiul Shekh1
- साहेबगंज। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग साहेबगंज एवं भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन डॉल्फिन व्याख्या केंद्र चानन, में किया गया। इस कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि साहेबगंज वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग द्वारा किया गया। इस अवसर पर डीपीओ, नमामि गंगे के अमित मिश्रा उपस्थित रहे। भारतीय वन्यजीव संस्थान से प्रोजेक्ट डॉल्फिन की वैज्ञानिक डॉ. सनी देउरी ने “रेंजवाइड नदीय एवं मुहाना क्षेत्र डॉल्फिन आकलन” विषय पर विस्तृत जानकारी दी। वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग ने डॉल्फिन संरक्षण की आवश्यकता तथा वैज्ञानिक एवं मानकीकृत आकलन पद्धति के महत्व पर बल दिया। उन्होंने उपस्थित वन कर्मियों एवं साहेबगंज क्षेत्र के डॉल्फिन वाचरों से प्रशिक्षण के दौरान बताई गई विधियों को गंभीरता से सीखने एवं भविष्य में सर्वेक्षण कार्य में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने वन विभाग एवं भारतीय वन्यजीव संस्थान के विशेषज्ञों का पारस्परिक परिचय कराते हुए उनकी विशेषज्ञता से प्रतिभागियों को अवगत कराया। तकनीकी सत्रों के अंतर्गत देहरादून के शोधार्थियों द्वारा डॉल्फिन गणना से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, भारतीय वन्यजीव संस्थान की डॉल्फिन सर्वेक्षण टीम द्वारा वन विभाग के फील्ड कर्मचारियों को सर्वेक्षण में प्रयुक्त उपकरणों के संचालन एवं उपयोग की व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई। तत्पश्चात साहेबगंज स्थित डॉल्फिन व्याख्या केंद्र घाट पर गंगा नदी में फील्ड डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण कराया गया, जिससे प्रतिभागियों को स्थल पर ही आकलन प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नदीय एवं मुहाना डॉल्फिन की सटीक एवं वैज्ञानिक गणना सुनिश्चित करने हेतु अधिकारियों एवं फील्ड स्टाफ को मानकीकृत पद्धतियों से प्रशिक्षित करना था, ताकि भविष्य में डॉल्फिन संरक्षण कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाया जा सके। कार्यक्रम में भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून की प्रोजेक्ट डॉल्फिन वैज्ञानिक डॉ. सोभना रॉय भी उपस्थित रही। उन्होंने डॉ. सनी देउरी के साथ मिलकर कार्यशाला के सफल संचालन में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला में वनरक्षी इन्द्रजीत एवं अंकित झा ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। फील्ड अभ्यास के दौरान उन्होंने सर्वेक्षण प्रक्रियाओं को समझने, उपकरण संचालन में सहयोग देने तथा प्रशिक्षण को व्यवहारिक स्तर पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।2
- बहुत दिनों बाद कटिहार सांसद तारिक अनवर साहब छोगड़ा आए बहुत अच्छी बात है आप आए लेकिन मेरा आपसे सवाल है बलरामपुर बारसोई में स्कूल की हालत कब ठीक होगी? कालेज कब खुलेगा? महिला कालेज कब खुलेगा? हॉस्पिटल में कब 24 घंटा डॉ रहेगा? कब एडिशनल PHC चालु होगा? सड़क कब बनेगा? #AIMIM राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन1
- झोपड़ी का अंदर सीक्रेट दारू इस सब किया जाता है मैं चाहता हूं कि यह झोपड़ी तीन दिन में हाट जाना चाहिए1
- लेकिन आज तक हमें आवास का लाभ नहीं मिला। बार-बार पूछने पर भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा है। हम गरीब लोग हैं, बड़ी उम्मीद के साथ यह कदम उठाया था, लेकिन अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।1
- पंचायत प्रतिनिधियों को जनता को लूटने का सिर्फ एक बहाना मिलना चाहिए सरकार के द्वारा कोई भी योजना हो उसमें पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा लूट न की जा रही हो यह तो हो ही नहीं सकता ताजा मामला प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ा हुआ है, भागलपुर जिला का सन्हौला प्रखंड के अरार पंचायत जहां प्रधानमंत्री आवास योजना में लोगों से 2000 से 3000 रुपए तक वसूले गए किसी ने कहा कि हम अपना बकरी बेचकर पंचायत प्रतिनिधि को पैसा दिए हैं पूरा मामला आपको विस्तार से बताते हैं अरार पंचायत में वार्ड नंबर 3 के वार्ड सदस्य प्रताप सिंह के द्वारा जनता से अवैध वसूली कर रहे है,ग्रामीण अंजू देवी ने बताया कि उसे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर 2000 रुपए वार्ड सदस्य ने ले लिए, वहीं तेज नारायण राम ने कहा कि हमने अपने घर के बकरी को बेचकर ₹3000 वार्ड सदस्य प्रताप सिंह को आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर दिए लेकिन इसके बावजूद सूची में हमारा नाम नहीं आया। इसी तरह पंचायत में अन्य ग्रामीणों से 2000 एवं ₹3000 जनता से लिए गए1
- Post by CAppu NEWS1
- Post by Don1