स्थानीय विधायक दशरथ गागराई के विशेष प्रयासों से सरायकेला खरसावां जिले के खरसावां प्रखंड अंतर्गत ग्राम रायजामा के टोला जोजोबाटा में लंबे समय से चला आ रहा पेयजल संकट दूर करने की कवायद तेज हो गई है। ग्रामीणों की जल समस्या की शिकायत पर विधायक स्वयं जोजोबाटा पहुंचे और समाधान सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए। इसी कड़ी में, पानी की गाड़ी (नलकूप खुदाई वाहन) को सुचारू रूप से गांव तक पहुंचाने के लिए पाहुन पथ का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू करवा दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (PHED) द्वारा कल से ही नए जल मीनार (बोरिंग) की खुदाई का काम भी शुरू कर दिया जाएगा। विधायक श्री दशरथ गागराई ने संबंधित अधिकारियों को काम में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इन प्रयासों का मुख्य लक्ष्य जोजोबाटा के हर घर तक अति शीघ्र शुद्ध और स्वच्छ पेयजल की सुविधा पहुंचाना है। इस महत्वपूर्ण पहल से स्थानीय ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है और उन्हें जल्द ही पानी की किल्लत से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय विधायक दशरथ गागराई के विशेष प्रयासों से सरायकेला खरसावां जिले के खरसावां प्रखंड अंतर्गत ग्राम रायजामा के टोला जोजोबाटा में लंबे समय से चला आ रहा पेयजल संकट दूर करने की कवायद तेज हो गई है। ग्रामीणों की जल समस्या की शिकायत पर विधायक स्वयं जोजोबाटा पहुंचे और समाधान सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए। इसी कड़ी में, पानी की गाड़ी (नलकूप खुदाई वाहन) को सुचारू रूप से गांव तक पहुंचाने के लिए पाहुन पथ का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू करवा दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (PHED) द्वारा कल से ही नए जल मीनार (बोरिंग) की खुदाई का काम भी शुरू कर दिया जाएगा। विधायक श्री दशरथ गागराई ने संबंधित अधिकारियों को काम में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इन प्रयासों का मुख्य लक्ष्य जोजोबाटा के हर घर तक अति शीघ्र शुद्ध और स्वच्छ पेयजल की सुविधा पहुंचाना है। इस महत्वपूर्ण पहल से स्थानीय ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है और उन्हें जल्द ही पानी की किल्लत से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
- गाजियाबाद में सामने आए एक हत्याकांड में यह जानकारी मिली है कि सूर्या की हत्या के लिए आरोपी असद को उसके अपने पिता ने ही उकसाया था। इस मामले में आरोप है कि पिता के उकसावे पर ही असद ने यह वारदात की।1
- सरायकेला-खरसवां जिले के चंडिल में एनएच-32 पर स्थित पितकी रेलवे गेट के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस घटना में एक ट्रेलर की चपेट में आने से साइकिल सवार कालिया गोप ने अपने दोनों पैर गंवा दिए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दुखद घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पितकी रेलवे गेट पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी, चेतावनी संकेतों के अभाव और यातायात नियंत्रण के प्रति उदासीनता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठाए हैं।1
- झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देश पर, जिला विधिक सेवा प्राधिकार पश्चिम सिंहभूम चाईबासा ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया। यह शिविर 90 दिवसीय आउटरीच अभियान के तहत प्रखंड चक्रधरपुर के वार्ड नंबर 22 पंप रोड नीचे टोली में हुआ, जिसकी अगुवाई जिला सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर और सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में की गई। शिविर में लोगों को निःशुल्क विधिक सेवा के बारे में जानकारी दी गई और नशे से दूर रहने की जोरदार सलाह दी गई। स्पष्ट किया गया कि नशा ही विनाश का कारण है, और बीड़ी, सिगरेट या गुटखा जैसे किसी भी प्रकार के नशे से बचना चाहिए, क्योंकि यह शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से क्षति पहुँचाता है, जिससे व्यक्ति भयानक कैंसर जैसे रोगों का शिकार हो सकता है और समाज में उसकी गलत छवि भी बनती है। नशे के खिलाफ संदेश के अतिरिक्त, इस दौरान बाल श्रम, बाल विवाह, घरेलू महिला हिंसा, डायन प्रथा, दहेज प्रथा, डॉन योजना और बच्चों को मिलने वाली फोस्टर स्पॉन्सरशिप जैसी महत्वपूर्ण सामाजिक और कानूनी विषयों पर भी जानकारी साझा की गई। लोगों को नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 के बारे में भी बताया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में वार्ड पार्षद श्रीमती मंजू मिंज, लक्ष्मी लकड़ा, आशा लकड़ा, आंगनवाड़ी सेविका पारुल देवी, जलसहिया सुनीता कुजूर, रिंकी लकड़ा, कृष्णा कुजूर के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे उपस्थित रहे। अधिकार मित्र राजशेखर और श्वेता रवानी ने भी इसमें अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा स्थित टुंगरी में मां तारा के भव्य मंदिर के नव निर्माण कार्य का शुभारंभ गणमान्य लोगों की उपस्थिति में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना के बाद किया गया। शनिवार को उद्योगपति सह समाज सेवी मुकुंद रुंगटा, उद्योगपति सह तारा मंदिर के मुख्य संरक्षक बनवारी लाल नेवटिया, अध्यक्ष ललित शर्मा, कोषाध्यक्ष जितेंद्र मधेशिया, सचिव दिलीप खंडेलवाल, सुशील सिंह, प्रमोद नेवटिया, पुरुषोत्तम शर्मा और संजय जांगिड़ उर्फ पपू जांगिड़ सहित कई गणमान्य व्यक्तियों द्वारा प्रथम खंभे की ढलाई व निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस भव्य मंदिर के निर्माण में दो करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है और इसे 50 गुणे 50 के आकार में बनाने की योजना है। यह मंदिर लोगों की गहरी आस्था और श्रद्धा का केंद्र है, जहाँ वर्ष 1940 से ही एक टीन शेड से ढके चबूतरे पर दुर्गा पूजा और काली पूजा की जाती रही है। लोगों में इस बात को लेकर अपार खुशी है कि लंबे संघर्ष और प्रयासों के बाद मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है, विशेषकर पाँच वर्ष पूर्व भूमि खरीदने का कार्य अड़चनों के बाद पूरा किया गया। मां तारा की महिमा अपरंपार मानी जाती है और ऐसी मान्यता है कि उनके समक्ष मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है, जिसके कारण यहां भक्तों का तांता लगा रहता है और प्रत्येक शनिवार को भारी भीड़ उमड़ पड़ती है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भी दिल खोलकर अपनी भक्ति भावना का परिचय दिया।1
- भाकपा माले की राहे इकाई ने रविवार को भगत सिंह चौक और सुभाष चौक से राहे बाजार तक पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस की मूल्यवृद्धि के खिलाफ विरोध मार्च निकाला, जिसके बाद प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया। पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान, रांची ग्रामीण जिला सचिव जगमोहन महतो ने पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्यवृद्धि और रसोई गैस की किल्लत को मोदी सरकार की अमेरिकी-इजराइल परस्त आर्थिक-विदेश नीति का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि ईरान और रूस भारत के स्वाभाविक मित्रराष्ट्र रहे हैं, और युद्ध के समय मित्रता निभाने से ईंधन की किल्लत नहीं झेलनी पड़ती। महतो ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले सरकार आर्थिक संकट से इनकार कर रही थी, लेकिन चार राज्यों के चुनाव के तुरंत बाद ईंधन के इस्तेमाल में संयम बरतने, सोना कम खरीदने और विदेश यात्रा नहीं करने की सलाह तथा चार बार में पेट्रोल-डीजल में लगभग 8 रुपये की वृद्धि गहरे आर्थिक संकट की ओर इशारा करती है। उनके अनुसार, इस आर्थिक संकट का बोझ मंहगाई के जरिए आम जनता पर डालकर कंपनियों का बेतहाशा मुनाफा बढ़ाया जा रहा है और सरकारी खजाने को भरा जा रहा है। इसी क्रम में संतोष मुंडा ने कहा कि भारत की प्रतिव्यक्ति आय बांग्लादेश से नीचे आ गई है, सोने का भंडार और विदेश मुद्रा स्टॉक कम हो गया है, जबकि डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार गिर रहा है। उन्होंने इस संकट का कारण पूंजीपतियों द्वारा लोन नहीं चुकाने को बताया। मुंडा ने चेतावनी दी कि पेट्रोलियम पदार्थों की यह मूल्यवृद्धि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें और बढ़ाएगी, जिससे देश का आर्थिक संकट और गहरा जाएगा। इस कार्यक्रम में दामोदर प्रजापति, दिलीप मांझी, डोमन सिंह मुंडा, राजकिशोर मुंडा, रामेश्वर मुंडा, ठाकुरा मुंडा, राजू मुंडा, कालीपद मुंडा, पूर्णचंद्र मुंडा, महावीर मुंडा, घासीराम मुंडा, वाणेश्वर मांझी, जीतमोहन मुंडा, जगरनाथ मुंडा, दुर्योधन मुंडा, राकेश मुंडा, विष्णुचरण मुंडा और सूर्यमोहन मुंडा सहित कई लोग मौजूद थे। भाकपा माले ने “पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि वापस लो” का नारा लगाते हुए अपनी मांग दोहराई।1
- झारखंड की राजनीति में एक बड़ा सियासी भूचाल आ गया है, जिसने राज्य के महागठबंधन की टेंशन काफी बढ़ा दी है। यह जानकारी सामने आई है कि एक ऐसी पार्टी जिसके पास विधानसभा में सिर्फ दो विधायक हैं, उसी ने महागठबंधन के लिए यह मुश्किलें खड़ी की हैं और उनकी चिंता में इजाफा किया है।1
- रामगढ़ जिले के गोला थाना क्षेत्र में बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया गया है। इसी कड़ी में, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की गोला शाखा में एक मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई।1
- राजनगर प्रखंड के अंतर्गत डुमरडीहा पंचायत के बनकटी गांव में घासी राम सोरेन के आवास पर रोहिणी के पावन अवसर पर तीन दिवसीय मां मनसा पूजा का धूमधाम से शुभारंभ हो गया है। इस भव्य आयोजन का समापन 1 जून 2026 को निर्धारित है। पूजा के आरंभ में शनिवार को मां मनसा की एक श्रद्धापूर्ण और उत्साह भरी कलश यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में 221 महिलाएं सफेद साड़ी पहनकर गाजे-बाजे के साथ पूजा स्थल से तालाब तक गईं। तालाब में पहुंचने से पहले पुजारी ने विधिवत पूजा-अर्चना कर पवित्र जल संग्रह किया। इसके बाद, सभी श्रद्धालु झूमते हुए पूजा स्थल पर लौटे, जहां वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ इन 221 कलशों को स्थापित किया गया। पूजा के दौरान, अनेक महिलाओं और पुरुषों ने दिनभर निर्जला उपवास रखकर मां की आराधना की। श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाकर सांप और बिच्छू जैसे जीवों से सुरक्षित रहने, संतान की सुख-समृद्धि तथा रोग मुक्ति के लिए आशीर्वाद मांगा। भक्तों का यह भी मानना है कि सच्चे मन से मां मनसा की पूजा करने से उनकी हर मनोकामना पूरी होती है। इस धार्मिक अनुष्ठान में झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा बिहार, बंगाल और उड़ीसा से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। कार्यक्रम में भक्तों के लिए भंडारे की भी समुचित व्यवस्था की गई थी।1