जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने आज "गाँव की समस्या, गाँव में समाधान" कार्यक्रम के तहत कौशाम्बी विकास खंड के म्योहर गाँव में ग्राम चौपाल लगाई। इस दौरान उन्होंने ग्रामवासियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन समस्याओं का शीघ्रता से निस्तारण किया जाए। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से पुष्टाहार, पेंशन, शौचालय, राशन, कन्या सुमंगला योजना और आवास जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ मिलने की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि सभी छूटे हुए पात्र लोगों को तत्काल इन योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में पूछने पर ग्रामवासियों ने बताया कि नजदीकी सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर सुविधाएँ मिल रही हैं। जिलाधिकारी ने ए.एन.एम. से उच्च जोखिम वाली गर्भवती (HRP) महिलाओं की जानकारी लेते हुए उन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, साथ ही प्रभारी चिकित्साधिकारी को आवश्यक दवाओं और एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्री से गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) से ग्रस्त बच्चों के बारे में जानकारी ली और उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, नायब तहसीलदार को नए आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण के लिए भूमि चिन्हित करने के निर्देश भी दिए गए। चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार प्रदान किया और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया। ग्रामीणों ने कुछ स्थानों पर जल-जमाव की समस्या बताई, जिस पर जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को जल-जमाव की निकासी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार और अन्य अधिकारियों ने भी ग्रामवासियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी और उनसे इन योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने आज "गाँव की समस्या, गाँव में समाधान" कार्यक्रम के तहत कौशाम्बी विकास खंड के म्योहर गाँव में ग्राम चौपाल लगाई। इस दौरान उन्होंने ग्रामवासियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन समस्याओं का शीघ्रता से निस्तारण किया जाए। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से पुष्टाहार, पेंशन, शौचालय, राशन, कन्या सुमंगला योजना और आवास जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ मिलने की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि सभी छूटे हुए पात्र लोगों को तत्काल इन योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में पूछने पर ग्रामवासियों ने बताया कि नजदीकी सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर सुविधाएँ मिल रही हैं। जिलाधिकारी ने ए.एन.एम. से उच्च जोखिम वाली गर्भवती (HRP) महिलाओं की जानकारी लेते हुए उन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, साथ ही
प्रभारी चिकित्साधिकारी को आवश्यक दवाओं और एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्री से गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) से ग्रस्त बच्चों के बारे में जानकारी ली और उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, नायब तहसीलदार को नए आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण के लिए भूमि चिन्हित करने के निर्देश भी दिए गए। चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार प्रदान किया और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया। ग्रामीणों ने कुछ स्थानों पर जल-जमाव की समस्या बताई, जिस पर जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को जल-जमाव की निकासी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार और अन्य अधिकारियों ने भी ग्रामवासियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी और उनसे इन योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
- सीतापुर जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के नैपालापुर इलाके में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। इस वीडियो में मोहम्मद आरिफ नामक व्यक्ति को दूध के डिब्बे में 3 से 4 बार थूकते हुए साफ देखा गया। वीडियो वायरल होने के बाद, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मोहम्मद आरिफ को गिरफ्तार कर लिया है, जो शरीफ का पुत्र और इमलिया सुल्तानपुर, जनपद सीतापुर का निवासी बताया गया है। पुलिस ने जानकारी दी है कि आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और मामले की आगे की जांच जारी है।1
- प्रयागराज जिले के मूरतगंज विकासखंड के सिकंदरपुर बजहा गांव में मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर भारी कीचड़ और जल जमाव की स्थिति बनी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में स्थित इंदिरापुरम के पॉश इलाके में सड़कों की स्थिति खराब हो गई है। यहाँ की सड़कों पर जलभराव के कारण 'स्विमिंग पूल' जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं।1
- शंकरगढ़ में 65 वर्षीय रामसरखा तिवारी ने आरोप लगाया है कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा कर मकान बना लिया गया है। पीड़ित तिवारी ने न्याय न मिलने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। उन्होंने बताया कि इस मामले में कई शिकायतें दर्ज की गई हैं, राजस्व विभाग की रिपोर्टें भी तैयार हुई हैं, और मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। इसके बावजूद, उनकी जमीन अभी तक कब्जे से मुक्त नहीं हो पाई है। यह घटना एक गंभीर सवाल खड़ा करती है कि यदि एक बुजुर्ग व्यक्ति को वर्षों के बाद भी न्याय नहीं मिल पा रहा है, तो आम आदमी न्याय के लिए किससे उम्मीद करे।1
- प्रयागराज जिले की तहसील बारा के नगर पंचायत शंकरगढ़ स्थित लाला पुरवा निवासी 65 वर्षीय रामसखा तिवारी ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एक साल से अधिक समय से वह न्याय की आस में भटक रहे हैं। तिवारी के मुताबिक, उनकी जमीन पर कुछ लोगों ने नींव भरकर मकान बना लिया है, और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई तथा जान से मारने का प्रयास भी किया गया। इस संबंध में थाना शंकरगढ़ में एक मुकदमा भी दर्ज है। रामसखा तिवारी ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी भूमि राजस्व अभिलेखों में उनके नाम दर्ज होने के बावजूद आज तक कब्जामुक्त नहीं कराई गई। उन्होंने बताया कि धारा-24 के तहत भूमि की पैमाइश के लिए वाद दायर किया था, जिसकी पैमाइश में तत्कालीन राजस्व निरीक्षक अभयराज यादव और उनकी टीम ने कब्जे की पुष्टि करते हुए रिपोर्ट भी दी थी। हालांकि, अंतिम पैमाइश का वाद अभी विचाराधीन है, फिर भी निर्माण कार्य कथित तौर पर जारी है। तिवारी ने 27 जून 2025, 1 जुलाई 2025, 18 जुलाई 2025, 19 अगस्त 2025 और 2 जुलाई 2026 जैसी विभिन्न तिथियों पर कई बार तहसील और जिला प्रशासन से शिकायतें की हैं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका यह भी आरोप है कि आराजी संख्या 230 की रजिस्ट्री कराकर उनकी आराजी संख्या 231 पर अवैध कब्जा करा दिया गया, जिसके संबंध में उन्होंने संबंधित लोगों के नाम भी शिकायत में दर्ज कराए हैं। इस गंभीर स्थिति के बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें रामसखा तिवारी ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें एक माह के भीतर न्याय नहीं मिला तो वह आत्मदाह कर लेंगे। इस पूरे मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि वर्षों से शिकायतें करने, राजस्व रिपोर्ट और मुकदमा दर्ज होने के बावजूद एक बुजुर्ग व्यक्ति अपनी पुश्तैनी भूमि पर कब्जा नहीं हटा पा रहा है, तो आम नागरिक को समय पर न्याय कैसे मिल पाएगा?1