जोकीहाट: एक माह से लापता युवक, परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंका; महलगांव थानाध्यक्ष ने शुरू की जांच जोकीहाट /अल्लामा ग़ज़ाली अररिया जिले के जोकीहाट प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत चैनपुर मसुरिया पंचायत (वार्ड संख्या 13) से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है। यहाँ एक गरीब परिवार का इकलौता सहारा, जो घर की तंगहाली दूर करने के लिए परदेस गया था, पिछले एक महीने से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता है। इस घटना ने पूरे गांव में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। क्या है पूरा मामला? पीड़ित पिता खलील और उनकी पत्नी ने आंखों में आंसू लेकर बताया कि उनके बेटे को बकरीद के महज तीन दिन बाद गांव का ही जफर नामक व्यक्ति काम दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया था। बाद में उसे बेंगलुरु (Bangalore) के पास किसी फैक्ट्री में मज़दूरी पर लगाया गया। वहां अनीस, शकूर और मोइन नामक ठेकेदार उसे अपनी देखरेख में रखे हुए थे। परिजनों का आरोप है कि कार्यस्थल पर कुछ आपसी विवाद हुआ था, जिसके बाद ठेकेदार अनीस ने फोन कर सूचना दी कि उसने युवक को घर वापस आने के लिए गाड़ी पर बिठा दिया है। लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी युवक अपने घर नहीं पहुँचा, जिससे परिवार को किसी बड़ी अनहोनी या साजिश की आशंका सता रही है। थानाध्यक्ष बरेश कुमार का कड़ा रुख मामला अब महलगांव थाना की चौखट तक पहुँच चुका है। इस संवेदनशील मुद्दे पर थानाध्यक्ष बरेश कुमार ने गंभीरता दिखाते हुए बताया: "परिजनों द्वारा लापता युवक के संबंध में लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। जिन ठेकेदारों के नाम सामने आए हैं, उनसे संपर्क साधा जा रहा है और तकनीकी साक्ष्यों (Mobile Location) के आधार पर युवक को ट्रैक करने की कोशिश की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।" न्याय की गुहार लापता युवक के पिता खलील का कहना है कि उनका बेटा बहुत सीधा और अनपढ़ है, जिसे बाहरी दुनिया की समझ कम है। पीड़ित माता-पिता अब केवल प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने भी पुलिस से मांग की है कि इस गरीब परिवार को न्याय दिलाया जाए और युवक की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित की जाए।
जोकीहाट: एक माह से लापता युवक, परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंका; महलगांव थानाध्यक्ष ने शुरू की जांच जोकीहाट /अल्लामा ग़ज़ाली अररिया जिले के जोकीहाट प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत चैनपुर मसुरिया पंचायत (वार्ड संख्या 13) से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है। यहाँ एक गरीब परिवार का इकलौता सहारा, जो घर की तंगहाली दूर करने के लिए परदेस गया था, पिछले एक महीने से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता है। इस घटना ने पूरे गांव में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। क्या है पूरा मामला? पीड़ित पिता खलील और उनकी पत्नी ने आंखों में आंसू लेकर बताया कि उनके बेटे को बकरीद के महज तीन दिन बाद गांव का ही जफर नामक व्यक्ति काम दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया था। बाद में उसे बेंगलुरु (Bangalore) के पास किसी फैक्ट्री में मज़दूरी पर लगाया गया। वहां अनीस, शकूर और मोइन नामक ठेकेदार उसे अपनी देखरेख में रखे हुए थे। परिजनों का आरोप है कि कार्यस्थल पर कुछ आपसी विवाद हुआ था, जिसके बाद ठेकेदार अनीस ने फोन कर सूचना दी कि उसने युवक को घर वापस आने के लिए गाड़ी पर बिठा दिया है। लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी युवक अपने घर नहीं पहुँचा, जिससे परिवार को किसी बड़ी अनहोनी या साजिश की आशंका सता रही है। थानाध्यक्ष बरेश कुमार का कड़ा रुख मामला अब महलगांव थाना की चौखट तक पहुँच चुका है। इस संवेदनशील मुद्दे पर थानाध्यक्ष बरेश कुमार ने गंभीरता दिखाते हुए बताया: "परिजनों द्वारा लापता युवक के संबंध में लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। जिन ठेकेदारों के नाम सामने आए हैं, उनसे संपर्क साधा जा रहा है और तकनीकी साक्ष्यों (Mobile Location) के आधार पर युवक को ट्रैक करने की कोशिश की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।" न्याय की गुहार लापता युवक के पिता खलील का कहना है कि उनका बेटा बहुत सीधा और अनपढ़ है, जिसे बाहरी दुनिया की समझ कम है। पीड़ित माता-पिता अब केवल प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने भी पुलिस से मांग की है कि इस गरीब परिवार को न्याय दिलाया जाए और युवक की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित की जाए।
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