उचाना शहर और इसके आसपास के क्षेत्रों में बंदरों तथा आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम जनता में भय का माहौल है। बंदरों और कुत्तों के काटने की घटनाओं में वृद्धि हुई है, और हर दिन लगभग 10 मरीज नागरिक अस्पताल में रैबीज का टीका लगवाने के लिए पहुँच रहे हैं, जिनमें बच्चे, महिलाएँ और बुजुर्ग सभी शामिल हैं। घरों की छतों पर चढ़कर बंदर लोगों को परेशान कर रहे हैं, वहीं आवारा कुत्तों के झुंड राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बने हुए हैं। एक महीने में 300 से अधिक लोग बंदरों और कुत्तों के काटने के बाद उपचार के लिए अस्पताल पहुँचे हैं। फार्मेसी ऑफिसर संध्या और एसएमओ डॉ. सुशील गर्ग ने बताया कि प्रतिदिन 10 से 12 मरीज उपचार के लिए आते हैं। चिकित्सकों के अनुसार, ऐसे मामलों में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और रैबीज से बचने के लिए तुरंत अस्पताल पहुँचकर वैक्सीन लगवाना आवश्यक है। कुत्ते के काटने का संबंध दिमाग से होता है, और मरीज को चार से पाँच बार अस्पताल आना पड़ता है। वैक्सीन आपातकालीन स्थिति में भी उपलब्ध है और मरीज किसी भी समय आ सकते हैं। डॉ. गर्ग ने स्पष्ट किया कि रैबीज एक लाइलाज बीमारी है, जिसका कोई उपचार नहीं है, इसलिए वैक्सीन लगवाना बहुत ज़रूरी है। यह वैक्सीन आयुष्मान और बीपीएल कार्ड धारकों के लिए निःशुल्क है, जबकि अन्य मरीजों को प्रति वैक्सीन 100 रुपये की रसीद कटवानी पड़ती है; इसके लिए ऑनलाइन आयुष्मान दर्ज होना अनिवार्य है। जसबीर सेढ़ा माजरा ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें 20 दिन पहले कुत्ते ने काट लिया था और उनकी तीसरी वैक्सीन बीपीएल राशन कार्ड पर निःशुल्क लगी है। लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों और बंदरों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए एक विशेष अभियान चलाने की माँग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या आने वाले दिनों में और अधिक गंभीर रूप धारण कर सकती है।
उचाना शहर और इसके आसपास के क्षेत्रों में बंदरों तथा आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम जनता में भय का माहौल है। बंदरों और कुत्तों के काटने की घटनाओं में वृद्धि हुई है, और हर दिन लगभग 10 मरीज नागरिक अस्पताल में रैबीज का टीका लगवाने के लिए पहुँच रहे हैं, जिनमें बच्चे, महिलाएँ और बुजुर्ग सभी शामिल हैं। घरों की छतों पर चढ़कर बंदर लोगों को परेशान कर रहे हैं, वहीं आवारा कुत्तों के झुंड राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बने हुए हैं। एक महीने में 300 से अधिक लोग बंदरों और कुत्तों के काटने के बाद उपचार के लिए अस्पताल पहुँचे हैं। फार्मेसी ऑफिसर संध्या और एसएमओ डॉ. सुशील गर्ग ने बताया कि प्रतिदिन 10 से 12 मरीज उपचार के लिए आते हैं। चिकित्सकों के अनुसार, ऐसे मामलों में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और रैबीज से बचने के लिए तुरंत अस्पताल पहुँचकर वैक्सीन लगवाना आवश्यक है। कुत्ते के काटने का संबंध दिमाग से होता है, और मरीज को चार से पाँच बार अस्पताल आना पड़ता है। वैक्सीन आपातकालीन स्थिति में भी उपलब्ध है और मरीज किसी भी समय आ सकते हैं। डॉ. गर्ग ने स्पष्ट किया कि रैबीज एक लाइलाज बीमारी है, जिसका कोई उपचार नहीं है, इसलिए वैक्सीन लगवाना बहुत ज़रूरी है। यह वैक्सीन आयुष्मान और बीपीएल कार्ड धारकों के लिए निःशुल्क है, जबकि अन्य मरीजों को प्रति वैक्सीन 100 रुपये की रसीद कटवानी पड़ती है; इसके लिए ऑनलाइन आयुष्मान दर्ज होना अनिवार्य है। जसबीर सेढ़ा माजरा ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें 20 दिन पहले कुत्ते ने काट लिया था और उनकी तीसरी वैक्सीन बीपीएल राशन कार्ड पर निःशुल्क लगी है। लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों और बंदरों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए एक विशेष अभियान चलाने की माँग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या आने वाले दिनों में और अधिक गंभीर रूप धारण कर सकती है।
- उचाना के दुर्जनपुर गांव में संत शिरोमणि सतगुरु कबीर साहेब के 629वें प्रकट दिवस के भव्य समारोह में विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री ने ग्रामीणों के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने बताया कि धानक चौपाल में एक आधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण कराया जाएगा और यदि पंचायत भूमि उपलब्ध कराती है तो इसी वर्ष महिलाओं के लिए एक पार्क भी बनाया जाएगा। मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में पहुँचे विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री का ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, फूलों की वर्षा और पगड़ी पहनाकर भव्य स्वागत किया। विधायक ने इस सम्मान की पगड़ी को विश्वास और सम्मान का प्रतीक बताते हुए कहा कि वह कभी इस पर आंच नहीं आने देंगे और जनता का विश्वास हमेशा बनाए रखेंगे। अपने संबोधन में विधायक ने इस बात पर जोर दिया कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है, जिसकी लगभग 65 प्रतिशत आबादी युवा है, और इन युवाओं का भविष्य केवल शिक्षा से ही उज्ज्वल हो सकता है। उन्होंने कहा कि संत कबीर साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि तभी दी जा सकती है जब समाज उनके बताए सत्य, समानता और भाईचारे के मार्ग पर चले। अत्री ने प्रदेश सरकार की 'बिना पर्ची और बिना खर्ची' के युवाओं को रोजगार देने की नीति की सराहना की, जिससे शिक्षा का महत्व बढ़ा है और गरीब परिवारों के बच्चे भी अपनी पढ़ाई के दम पर सरकारी नौकरियाँ हासिल कर पा रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की, क्योंकि एक शिक्षित समाज ही देश और प्रदेश के विकास की मजबूत नींव होता है। विधायक ने उचाना विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने उन पर विश्वास जताकर इतिहास रचा है और प्रदेश की सबसे चर्चित सीटों में से एक उचाना के मतदाताओं ने बड़े-बड़े राजनीतिक धुरंधरों को हराकर एक बड़े बदलाव का संदेश दिया है। इस अवसर पर रमेश राणा, राममेहर मखंड, रामभज नचार, देव मंगलपुर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।1
- हिसार जिले के घिराय गाँव में बिजली संकट गहराने के कारण ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए हांसी-बरवाला मुख्य मार्ग को जाम कर दिया।4
- उकलाना रोड पर शर्मा हॉस्पिटल के निकट एक गली में बीती देर रात करीब 1:15 बजे एक मकान में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने की घटना सामने आई। इस आगजनी में मकान के भीतर रखा बारदाना और अन्य कीमती सामान जलकर खाक हो गया। घटना की सूचना मिलने पर भूना अग्निशमन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। अग्निशमन कर्मियों ने न केवल आग पर सफलतापूर्वक काबू पाया, बल्कि मकान की पहली मंजिल पर फंसी एक मां और उसकी बेटी को भी सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर बाहर निकाला।1
- रोहतक जिले में मौसम का मिज़ाज़ बदल गया है, जहाँ भीषण गर्मी के बाद अब तेज हवाएँ चलने लगी हैं। इसके साथ ही, आकाश में बादल छाए हुए हैं और बूँदा बाँदी भी शुरू हो गई है।1
- मनोहर लाल खट्टर ने इमरजेंसी को लेकर एक तीखा और बड़ा बयान दिया है, जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में गरमाहट आ गई है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि 'इमरजेंसी के तीन दलाल: इंदिरा, संजय और बंसीलाल' थे। इस टिप्पणी से देश की सियासत तेज हो गई है।1
- हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के पीड़ित अभ्यर्थी पंचकूला के सेक्टर 5 स्थित धरना स्थल पर एक पंचायत का आयोजन करेंगे। यह पंचायत 29 तारीख को होगी।1
- कांग्रेस ने भिवानी में राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किए जाने पर हर्षोल्लास के साथ खुशी मनाई। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने इस महत्वपूर्ण नियुक्ति को लेकर जश्न मनाया, जो राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपे जाने के उपलक्ष्य में था।1
- उचाना शहर और इसके आसपास के क्षेत्रों में बंदरों तथा आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम जनता में भय का माहौल है। बंदरों और कुत्तों के काटने की घटनाओं में वृद्धि हुई है, और हर दिन लगभग 10 मरीज नागरिक अस्पताल में रैबीज का टीका लगवाने के लिए पहुँच रहे हैं, जिनमें बच्चे, महिलाएँ और बुजुर्ग सभी शामिल हैं। घरों की छतों पर चढ़कर बंदर लोगों को परेशान कर रहे हैं, वहीं आवारा कुत्तों के झुंड राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बने हुए हैं। एक महीने में 300 से अधिक लोग बंदरों और कुत्तों के काटने के बाद उपचार के लिए अस्पताल पहुँचे हैं। फार्मेसी ऑफिसर संध्या और एसएमओ डॉ. सुशील गर्ग ने बताया कि प्रतिदिन 10 से 12 मरीज उपचार के लिए आते हैं। चिकित्सकों के अनुसार, ऐसे मामलों में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और रैबीज से बचने के लिए तुरंत अस्पताल पहुँचकर वैक्सीन लगवाना आवश्यक है। कुत्ते के काटने का संबंध दिमाग से होता है, और मरीज को चार से पाँच बार अस्पताल आना पड़ता है। वैक्सीन आपातकालीन स्थिति में भी उपलब्ध है और मरीज किसी भी समय आ सकते हैं। डॉ. गर्ग ने स्पष्ट किया कि रैबीज एक लाइलाज बीमारी है, जिसका कोई उपचार नहीं है, इसलिए वैक्सीन लगवाना बहुत ज़रूरी है। यह वैक्सीन आयुष्मान और बीपीएल कार्ड धारकों के लिए निःशुल्क है, जबकि अन्य मरीजों को प्रति वैक्सीन 100 रुपये की रसीद कटवानी पड़ती है; इसके लिए ऑनलाइन आयुष्मान दर्ज होना अनिवार्य है। जसबीर सेढ़ा माजरा ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें 20 दिन पहले कुत्ते ने काट लिया था और उनकी तीसरी वैक्सीन बीपीएल राशन कार्ड पर निःशुल्क लगी है। लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों और बंदरों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए एक विशेष अभियान चलाने की माँग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या आने वाले दिनों में और अधिक गंभीर रूप धारण कर सकती है।1