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मुफ्फसिल थाना क्षेत्र हजारीबाग में एक नाबालिक बच्ची का अपहरण लड़की के दादा अताउल्लाह मास्टर ने अपने नाबालिक बच्ची के अपहरण कर्ताओं के बारे में बतलाया बिहार का निवासी मोहम्मद नौशाद ने किया,,बच्ची को लौटाने को लेकर फिरौती के तौर पर पांच हजार रुपये देने की बात कही ? लड़की के दादा ने बतलाया यदि लड़की बारे में जानकारी देगा,,उसे बख्शीस के रूप में पचास हजार रुपये देंगे।
पत्रकार कुमार कृष्णानंद
मुफ्फसिल थाना क्षेत्र हजारीबाग में एक नाबालिक बच्ची का अपहरण लड़की के दादा अताउल्लाह मास्टर ने अपने नाबालिक बच्ची के अपहरण कर्ताओं के बारे में बतलाया बिहार का निवासी मोहम्मद नौशाद ने किया,,बच्ची को लौटाने को लेकर फिरौती के तौर पर पांच हजार रुपये देने की बात कही ? लड़की के दादा ने बतलाया यदि लड़की बारे में जानकारी देगा,,उसे बख्शीस के रूप में पचास हजार रुपये देंगे।
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- लड़की के दादा अताउल्लाह मास्टर ने अपने नाबालिक बच्ची के अपहरण कर्ताओं के बारे में बतलाया बिहार का निवासी मोहम्मद नौशाद ने किया,,बच्ची को लौटाने को लेकर फिरौती के तौर पर पांच हजार रुपये देने की बात कही ? लड़की के दादा ने बतलाया यदि लड़की बारे में जानकारी देगा,,उसे बख्शीस के रूप में पचास हजार रुपये देंगे।1
- दिनांक 11.02.2026 को प्राप्त सूचना के आधार पर चौपारण थाना क्षेत्र अंतर्गत दैहर पंचायत के पत्थलगड़ा एवं करगा जंगल में वन विभाग और चौपारण पुलिस द्वारा संयुक्त अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न इलाकों में लगभग 02 एकड़ भूमि पर अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती को चिन्हित कर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान घटनास्थल से 8 डिलीवरी पाइप बरामद कर उन्हें भी वहीं नष्ट किया गया। अवैध खेती में संलिप्त व्यक्तियों के नाम-पते का सत्यापन किया जा रहा है। दोषियों की पहचान होने के बाद उनके विरुद्ध मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि ड्रोन की सहायता से दुर्गम और सुदूर इलाकों की निगरानी कर अवैध खेती को चिन्हित किया जा रहा है। पुलिस एवं वन विभाग द्वारा मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।3
- हजारीबाग (गांधी मैदान)। गांधी मैदान में कराटे सीखने वाली ट्रेनर प्रतिमा कुमारी बताती हैं कि कराटे 3 साल से लेकर बड़े बच्चे भी करने सीख रहे हैं और खास करके क्योंकि वह कई सरकारी विद्यालयों में भी करते सिखाती हैं तो वहां पर लड़कियां करते खासकर कर कर सीख रही हैं और उनका मकसद खुद को सेल्फ डिफेंस में मजबूत बनाना और अपने कॉन्फिडेंट को मजबूत करना है और अभी के समय में कराटे जरूरी भी है।कराटे सीखने पहुंची एक लड़की जिसका नाम अंशिका स्नेहल है उसने बताया कि उसे बड़े होकर ने भी ऑफिसर बनना है एवं सेल्फ डिफेंस और खुद को फिट रखने के लिए वह करते सिखाती है तथा उसकी मैम आगे कैसे करना है और क्या करना है उसके लिए भी प्रेरित करते हैं अपने छोटे बच्चों को कराटे सीखने पहुंचे एक मां सिमरन कौर बताती है कि वर्तमान के समय में घर में बच्चे मोबाइल और वीडियो गेम में ही बिजी रहते हैं इसलिए वह अपने बच्चों को कराटे क्लास भेजती है ताकि बाहर की दुनिया में क्या हो रहा है यह उसे जानकारी मिल सके और वह सेल्फ डिफेंस के लिए मजबूत भी बन सके। फिलहाल हजारीबाग में ग्रुप है जहां पर कराटे सिखाई जाती है और काफी संख्या में बच्चे कराटे सीख रहे हैं और खास करके लड़कियां कराटे सीख रही है और अपने आप को मजबूत बना रही है1
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- *हजारीबाग मेयर प्रत्याशी मोहम्मद सरफराज अहमद का जन्म संपर्क अभियान जोरों पर मिल रहा जबरदस्त जन समर्थन जनता का भरोसा बना ताकत* *हजारीबाग रांची रामगढ़ और आस पास की छोटी-बड़ी खबरों को देखने के लिए चैनल को लाइक शेयर और SUBSCRIBE करें1
- समाजसेवी सह नियमित रक्तदाता Prashant Kumar Verma सा. की गंभीर सोच को इस वीडियो के माध्यम से जरूर जाने कि इन्होंने सिर्फ और सिर्फ थैलेसिमिया पीड़ित बच्चों की तकलीफ को जानकर व समझकर ही यह विनम्र अपील की है। अतः, जितने भी #हजारीबाग #नगरनिगम #चुनाव प्रत्याशी इस चुनावी मैदान में हैं अगर आप सब अपने-अपने वार्ड में एक #रक्तदान_शिविर का आयोजन कर दें तो निःसंदेह थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए वरदान साबित होगा, क्योंकि अभी #SBMCH #bloodbank में खून की घोर किल्लत है जिसका सीधा असर इन मासूम बच्चों पर पड़ रहा है। Please... Please... Please Kindly Arrange a #BloodDonationCamp अनंत शुभकामनाओं के साथ!!! 🙏🙏🙏1
- हजारीबाग में बढ़ते अपराध और बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से अभिभावक अपने बच्चों को कराटे सिखाने पर जोर दे रहे हैं। गांधी मैदान में कराटे ट्रेनर प्रतिमा कुमारी द्वारा छोटे बच्चों से लेकर किशोरों तक को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वह कई सरकारी विद्यालयों में भी छात्राओं को कराटे सिखाती हैं, जिससे लड़कियां आत्मरक्षा में मजबूत बन रही हैं और उनका आत्मविश्वास बढ़ रहा है। कराटे सीखने आई छात्रा अंशिका स्नेहल ने बताया कि वह भविष्य में अधिकारी बनना चाहती है और फिट रहने व आत्मरक्षा के लिए कराटे सीख रही है। वहीं अभिभावक सिमरन कौर ने कहा कि बच्चे मोबाइल और वीडियो गेम से दूर रहकर शारीरिक गतिविधियों में शामिल हों, इसलिए उन्हें कराटे क्लास भेजती हैं। फिलहाल हजारीबाग में बड़ी संख्या में बच्चे, खासकर लड़कियां, कराटे सीखकर खुद को मजबूत और आत्मनिर्भर बना रही हैं।2