कोरबा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "सजग कोरबा, सतर्क कोरबा" अभियान के तहत संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की कार्रवाई में चौकी सीएसईबी रामपुर पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। दिनांक 03.06.2026 को एक प्रार्थी ने सूचना दी कि उसकी यात्री बस क्रमांक CG-10-G-1601, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹22 लाख है, नया बस स्टैंड कोरबा से चोरी हो गई है। इस सूचना के आधार पर तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान, बस के कंडक्टर की सतर्कता काम आई, जिसने चोरी हुई बस और आरोपी को पहचान लिया। कंडक्टर ने आरोपी को कोहड़िया के पास पकड़कर चौकी सीएसईबी रामपुर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी मनजीत सिंह टोप्पो (31 वर्ष), निवासी बंधियापारा सिल्ली, थाना पाली, जिला कोरबा ने बस चोरी करने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई बस को सुरक्षित बरामद कर जब्त कर लिया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के अंतर्गत कानूनी कार्यवाही की गई है। कोरबा पुलिस ने इस कार्रवाई के माध्यम से जनता और पुलिस की सजगता से अपराधियों पर लगातार शिकंजा कसने का संदेश दिया है और आम नागरिकों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है ताकि अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
कोरबा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "सजग कोरबा, सतर्क कोरबा" अभियान के तहत संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की कार्रवाई में चौकी सीएसईबी रामपुर पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। दिनांक 03.06.2026 को एक प्रार्थी ने सूचना दी कि उसकी यात्री बस क्रमांक CG-10-G-1601, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹22 लाख है, नया बस स्टैंड कोरबा से चोरी हो गई है। इस सूचना के आधार पर तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान, बस के कंडक्टर की सतर्कता काम आई, जिसने चोरी हुई बस और आरोपी को पहचान लिया। कंडक्टर ने आरोपी को कोहड़िया के पास पकड़कर चौकी सीएसईबी रामपुर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी मनजीत सिंह टोप्पो (31 वर्ष), निवासी बंधियापारा सिल्ली, थाना पाली, जिला कोरबा ने बस चोरी करने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई बस को सुरक्षित बरामद कर जब्त कर लिया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के अंतर्गत कानूनी कार्यवाही की गई है। कोरबा पुलिस ने इस कार्रवाई के माध्यम से जनता और पुलिस की सजगता से अपराधियों पर लगातार शिकंजा कसने का संदेश दिया है और आम नागरिकों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है ताकि अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
- 70 वर्षीय पुरुषोत्तम खुटे और 35 वर्षीय गोहरिन बाई की निर्मम तरीके से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई है।1
- जिले में खरीफ सीजन 2026-27 के लिए उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगातार निगरानी की जा रही है।1
- छत्तीसगढ़ के तारबहार उपचुनाव में कांग्रेस ने अपनी जीत का परचम लहराया है। इस महत्वपूर्ण उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी शेख आजम ने 1065 मतों के अंतर से एक ऐतिहासिक विजय दर्ज की है।1
- कर्नाटक की राजनीति में 3 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी.के. शिवकुमार ने राज्य के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। इस शपथ ग्रहण के साथ ही उनका वर्षों पुराना राजनीतिक संघर्ष और एक व्यक्तिगत संकल्प पूरा हो गया। दरअसल, वर्ष 2019 में तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद डी.के. शिवकुमार ने यह प्रण लिया था कि जब तक वे मुख्यमंत्री नहीं बन जाते, तब तक अपनी दाढ़ी नहीं कटवाएंगे। लगभग सात वर्षों तक इस संकल्प का पालन करने के बाद, मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही उनका यह प्रण भी पूर्ण हो गया। छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले शिवकुमार वर्ष 1989 में पहली बार विधायक चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस संगठन को मजबूत करने, चुनावी रणनीति तैयार करने और पार्टी नेताओं को एकजुट रखने में अहम भूमिका निभाई, जिस कारण उन्हें कांग्रेस का "ट्रबलशूटर" भी कहा जाता है। साल 2019 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तारी और तिहाड़ जेल में बिताए गए दिनों के बाद भी शिवकुमार ने हार नहीं मानी और राजनीति में दमदार वापसी करते हुए अपनी संगठनात्मक क्षमता के बल पर पार्टी में मजबूत स्थान बनाए रखा। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद डी.के. शिवकुमार ने इस उपलब्धि को जनता के विश्वास, कार्यकर्ताओं की मेहनत और लंबे संघर्ष की जीत बताया। उनके समर्थकों ने भी इसे धैर्य, संकल्प और राजनीतिक प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण करार दिया। तिहाड़ जेल से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने का डी.के. शिवकुमार का यह सफर भारतीय राजनीति की चर्चित संघर्ष गाथाओं में शुमार हो गया है, जो दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयासों से बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा देता है।3
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक बुजुर्ग दंपति अपनी जमीन पर हुए अवैध कब्जे के कारण गंभीर परेशानी का सामना कर रहा है। अपनी पैतृक भूमि को वापस पाने और न्याय की उम्मीद में, यह दंपति पिछले कई सालों से लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, लेकिन उन्हें अब तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं मिल पाया है।1
- आकाशवाणी के 90 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक कृषि चौपाल का आयोजन किया गया।1
- बिलासपुर में एक बुजुर्ग दंपति की ज़मीन पर कब्ज़ा कर लिया गया है। यह दंपति रोज़ी-रोटी कमाने के लिए पाकिस्तान गए थे, लेकिन जब वे वापस लौटे, तो उन्होंने पाया कि उनका सब कुछ खत्म हो चुका था क्योंकि उनकी ज़मीन पर कब्ज़ा हो गया था। इस मामले में उन्हें सालों से न्याय नहीं मिल पाया है।1
- बिलासपुर में हुए लाठीचार्ज के बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, जिससे राज्य की सियासत गरमा गई है। इस घटना को लेकर भाजपा और कांग्रेस, दोनों प्रमुख दलों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं, जिससे बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। इस बीच, MLA सुशांत ने एक बयान में किसी को 'गुंडों की टोली' कहकर संबोधित किया है, जिससे राजनीतिक माहौल और अधिक तीखा हो गया है। इस पूरे प्रकरण के चलते राजनीतिक खेमों में तीखे बयानों के बाण लगातार चलाए जा रहे हैं।1