सीहोर की अहमदपुर पुलिस ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए घर से लापता हुए एक नाबालिग किशोर को उज्जैन रेलवे स्टेशन से सकुशल ढूंढ निकाला और उसे उसके परिजनों को सौंप दिया। इस पूरे मामले में सीहोर की साइबर सेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्राम दूरगांव निवासी रामदयाल तंवर ने अहमदपुर थाने में सूचना दी थी कि उनका 16 वर्ष 11 माह का बेटा 1 जुलाई 2026 को बिना बताए घर से कहीं चला गया है। इस सूचना के आधार पर थाना अहमदपुर में अपराध क्रमांक 178/26 धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, सीहोर के पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में तत्काल कार्रवाई की गई। एसडीओपी देहात सीहोर के मार्गदर्शन में एक पुलिस टीम का गठन कर संभावित स्थानों पर किशोर की तलाश की गई। साइबर सेल सीहोर की मदद से पुलिस ने नाबालिग को उज्जैन रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में किशोर ने बताया कि वह नवोदय बोर्डिंग स्कूल श्यामपुर नहीं जाना चाहता था, और इसी वजह से वह अपनी मर्जी से घर से निकल गया था। उसने रास्ते में अपने मोबाइल फोन की सिम निकालकर फेंक दी और बस से भोपाल पहुंचा। वहां से ऑटो के जरिए रेलवे स्टेशन जाकर रात बिताई और फिर ट्रेन से उज्जैन चला गया। किशोर ने आगे बताया कि घर वालों की डांट के डर से उसने उज्जैन रेलवे स्टेशन पर वाई-फाई का इस्तेमाल कर इंस्टाग्राम के माध्यम से अपनी बहन को 5 लाख रुपये की मांग वाला संदेश भेजा। उसने अपने अपहरण की एक झूठी कहानी भी गढ़ी, ताकि घर लौटने पर उसे डांट न पड़े। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि किशोर अपनी मर्जी से घर से गया था और उसके साथ किसी प्रकार की कोई घटना या दुर्घटना नहीं हुई। आवश्यक पूछताछ और कार्रवाई के बाद उसे सकुशल परिजनों को सौंप दिया गया। इस सराहनीय कार्रवाई में निरीक्षक रमन सिंह ठाकुर, उप निरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह यादव, प्रधान आरक्षक राजेश मालवीय, आरक्षक पवन वर्मा, आरक्षक अभिषेक मालवीय, सैनिक बलराम और सैनिक तेजसिंह ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सीहोर की अहमदपुर पुलिस ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए घर से लापता हुए एक नाबालिग किशोर को उज्जैन रेलवे स्टेशन से सकुशल ढूंढ निकाला और उसे उसके परिजनों को सौंप दिया। इस पूरे मामले में सीहोर की साइबर सेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्राम दूरगांव निवासी रामदयाल तंवर ने अहमदपुर थाने में सूचना दी थी कि उनका 16 वर्ष 11 माह का बेटा 1 जुलाई 2026 को बिना बताए घर से कहीं चला गया है। इस सूचना के आधार पर थाना अहमदपुर में अपराध क्रमांक 178/26 धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, सीहोर के पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में तत्काल कार्रवाई की गई। एसडीओपी देहात सीहोर के मार्गदर्शन में एक पुलिस टीम का गठन कर संभावित स्थानों पर किशोर की तलाश की गई। साइबर सेल सीहोर की मदद से पुलिस ने नाबालिग को उज्जैन रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में किशोर ने बताया कि वह नवोदय बोर्डिंग स्कूल श्यामपुर नहीं जाना चाहता था, और इसी वजह से वह अपनी मर्जी से घर से निकल गया था। उसने रास्ते में अपने मोबाइल फोन की सिम निकालकर फेंक दी और बस से भोपाल पहुंचा। वहां से ऑटो के जरिए रेलवे स्टेशन जाकर रात बिताई और फिर ट्रेन से उज्जैन चला गया। किशोर ने आगे बताया कि घर वालों की डांट के डर से उसने उज्जैन रेलवे स्टेशन पर वाई-फाई का इस्तेमाल कर इंस्टाग्राम के माध्यम से अपनी बहन को 5 लाख रुपये की मांग वाला संदेश भेजा। उसने अपने अपहरण की एक झूठी कहानी भी गढ़ी, ताकि घर लौटने पर उसे डांट न पड़े। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि किशोर अपनी मर्जी से घर से गया था और उसके साथ किसी प्रकार की कोई घटना या दुर्घटना नहीं हुई। आवश्यक पूछताछ और कार्रवाई के बाद उसे सकुशल परिजनों को सौंप दिया गया। इस सराहनीय कार्रवाई में निरीक्षक रमन सिंह ठाकुर, उप निरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह यादव, प्रधान आरक्षक राजेश मालवीय, आरक्षक पवन वर्मा, आरक्षक अभिषेक मालवीय, सैनिक बलराम और सैनिक तेजसिंह ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- सीहोर की अहमदपुर पुलिस ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए घर से लापता हुए एक नाबालिग किशोर को उज्जैन रेलवे स्टेशन से सकुशल ढूंढ निकाला और उसे उसके परिजनों को सौंप दिया। इस पूरे मामले में सीहोर की साइबर सेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्राम दूरगांव निवासी रामदयाल तंवर ने अहमदपुर थाने में सूचना दी थी कि उनका 16 वर्ष 11 माह का बेटा 1 जुलाई 2026 को बिना बताए घर से कहीं चला गया है। इस सूचना के आधार पर थाना अहमदपुर में अपराध क्रमांक 178/26 धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, सीहोर के पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में तत्काल कार्रवाई की गई। एसडीओपी देहात सीहोर के मार्गदर्शन में एक पुलिस टीम का गठन कर संभावित स्थानों पर किशोर की तलाश की गई। साइबर सेल सीहोर की मदद से पुलिस ने नाबालिग को उज्जैन रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में किशोर ने बताया कि वह नवोदय बोर्डिंग स्कूल श्यामपुर नहीं जाना चाहता था, और इसी वजह से वह अपनी मर्जी से घर से निकल गया था। उसने रास्ते में अपने मोबाइल फोन की सिम निकालकर फेंक दी और बस से भोपाल पहुंचा। वहां से ऑटो के जरिए रेलवे स्टेशन जाकर रात बिताई और फिर ट्रेन से उज्जैन चला गया। किशोर ने आगे बताया कि घर वालों की डांट के डर से उसने उज्जैन रेलवे स्टेशन पर वाई-फाई का इस्तेमाल कर इंस्टाग्राम के माध्यम से अपनी बहन को 5 लाख रुपये की मांग वाला संदेश भेजा। उसने अपने अपहरण की एक झूठी कहानी भी गढ़ी, ताकि घर लौटने पर उसे डांट न पड़े। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि किशोर अपनी मर्जी से घर से गया था और उसके साथ किसी प्रकार की कोई घटना या दुर्घटना नहीं हुई। आवश्यक पूछताछ और कार्रवाई के बाद उसे सकुशल परिजनों को सौंप दिया गया। इस सराहनीय कार्रवाई में निरीक्षक रमन सिंह ठाकुर, उप निरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह यादव, प्रधान आरक्षक राजेश मालवीय, आरक्षक पवन वर्मा, आरक्षक अभिषेक मालवीय, सैनिक बलराम और सैनिक तेजसिंह ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।1
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- साइबर सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत डग्लस स्कूल, जेनिथ स्कूल और एक कोचिंग संस्थान के बच्चों को साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूक किया गया।1
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- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि हम एक ऐसे दौर में लौट रहे हैं, जहाँ राजा का मिजाज ही कानून बन जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब अदालतों की कोई आवश्यकता नहीं रही और न ही संविधान का कोई सम्मान बचा है। राहुल गांधी के अनुसार, यदि किसी का चेहरा पसंद नहीं आता, तो सीधे प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भेज दिया जाता है।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहगढ़ के पास पार्वती नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद क्षेत्र के हाल बेहाल हैं। इसी बीच एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बस यात्रियों की जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से रपटे पर से गुजरती हुई दिखाई दे रही है। वायरल हो रहे इस वीडियो में यह भयावह स्थिति साफ दिखती है, जहाँ कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।1