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लालसोट में भव्य कलश यात्रा निकली, भक्तिमय माहौल में गूंजे जयकारे लालसोट में भव्य कलश यात्रा निकली परशुराम जी मंदिर से राजोली भेरुजी महाराज मंदिर तक विशाल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाओं ने मंगल कलश धारण कर भाग लिया और भजनों-जयकारों से माहौल भक्तिमय रहा। यात्रा भागवत कथा के उपलक्ष्य में निकाली गई, जिसका समापन 12 अप्रैल को होगा।
Girdhari lal Sahu
लालसोट में भव्य कलश यात्रा निकली, भक्तिमय माहौल में गूंजे जयकारे लालसोट में भव्य कलश यात्रा निकली परशुराम जी मंदिर से राजोली भेरुजी महाराज मंदिर तक विशाल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाओं ने मंगल कलश धारण कर भाग लिया और भजनों-जयकारों से माहौल भक्तिमय रहा। यात्रा भागवत कथा के उपलक्ष्य में निकाली गई, जिसका समापन 12 अप्रैल को होगा।
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- लालसोट उपखंड सहित आसपास के क्षेत्र में दो-तीन दिन से लगातार हो रही बारिश के साथ ओले गिर रहे हैं। जिससे किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही है। बारिश के साथ गिरने वालों ओलै की वजह से शॉप, गेहूं कि खड़ी फसलै ऑडी गिर गई है। जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। वही जानवरों का खाने का चारा भी बारिश के कारण गीला हो गया। किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही है। किसानो की मेहनत बारिश व ओले की वजह से बर्बाद होती नजर आ रही है। आज भी डीडवाना, लालसोट, रामगढ़ पचवारा, सहित अनेक क्षेत्रों में बारिश के साथ ओले गिरे जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। वही आतरी क्षेत्र में भी हुये नुकसान को लेकर आज लालसोट विधायक रामविलास मीणा ने अधिकारियों के साथ क्षेत्र का दौरा किया। वहीं अधिकारियों को मौका रिपोर्ट तैयार करने के दिशा निर्देश दिए। इस दौरान विधायक के साथ अनेक भाजपा कार्यकर्ता भी रहे मौजूद।2
- लालसोट में भव्य कलश यात्रा निकली परशुराम जी मंदिर से राजोली भेरुजी महाराज मंदिर तक विशाल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाओं ने मंगल कलश धारण कर भाग लिया और भजनों-जयकारों से माहौल भक्तिमय रहा। यात्रा भागवत कथा के उपलक्ष्य में निकाली गई, जिसका समापन 12 अप्रैल को होगा।1
- 🟥 बड़ी खबर | पचवारा क्षेत्र का काला दिन राजस्थान के पचवारा क्षेत्र में आई भीषण ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर कहर बरपा दिया है। तेज़ ओलों की मार से तरबूज और सौंफ की फसल पूरी तरह से तबाह हो गई, जिससे खेतों में खड़ी फसल देखते ही देखते बर्बाद हो गई। बताया जा रहा है कि इस प्राकृतिक आपदा से क्षेत्र के किसानों को सैकड़ों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कई किसानों की सालभर की कमाई एक ही झटके में खत्म हो गई, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। स्थानीय किसानों ने सरकार से तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि उन्हें इस भारी नुकसान से राहत मिल सके। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते सहायता नहीं मिली, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। 👉 प्रशासन से जल्द राहत और सहायता की उम्मीद जताई जा रही है। 😓🌾 #पचवारा #ओलावृष्टि #किसान_संकट #राजस्थान_समाचार #मुआवजा4
- बिजासन माता मेला (खुर्रा): धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और शौर्य के प्रतीक 'बिजासन माता मेले' का समापन इस वर्ष बेहद गौरवशाली और शांतिपूर्ण ढंग से हुआ। खुर्रा में आयोजित इस मेले ने इस बार एक नया इतिहास रचा है। लाखों की भीड़ होने के बावजूद, प्रशासन की सजगता और आमजन की समझदारी के चलते पूरे मेले के दौरान कोई भी अप्रिय घटना घटित नहीं हुई। सुरक्षा का अनूठा उदाहरण: बिना डंडे के पूरी हुई ड्यूटी इस मेले की सबसे बड़ी उपलब्धि सुरक्षा व्यवस्था रही। मात्र 280 पुलिसकर्मियों के बंदोबस्त में लाखों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। पुलिस की सतर्कता का आलम यह था कि चोरी, छीना-झपटी या असामाजिक तत्वों की एक भी शिकायत सामने नहीं आई। डीडवाना (नागौर) से आए एक आरएसी (RAC) जवान ने अपने 25 साल के अनुभव को साझा करते हुए कहा: "मैंने अपने कार्यकाल में खाटू श्याम जी सहित कई बड़े मेलों में ड्यूटी की है, लेकिन यह पहला ऐसा मेला था जहाँ हमें हाथ में डंडा तक नहीं उठाना पड़ा। जनता के सहयोग और प्रशासन के सामंजस्य से हमने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी ड्यूटी निभाई।" कुश्ती दंगल: अखाड़े में दिखा शौर्य, बराबरी पर छूटे मुकाबले मेले के अंतिम दिन आयोजित विशाल 'कुश्ती दंगल' आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। इसमें उत्तर प्रदेश, भरतपुर, कोटा, करौली और आसपास के क्षेत्रों से आए दर्जनों नामी पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया। रोमांचक मुकाबला: 4100 रुपये के इनाम वाली कुश्ती इतनी रोमांचक रही कि पंचायत प्रशासन को इसे 7 बार आयोजित करवाना पड़ा, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। अंत में दोनों पहलवान बराबर रहे। बड़ी कुश्ती: 11,000 रुपये की इनामी कुश्ती में भी पहलवानों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली और मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ। सरपंच के कार्यकाल का 5वां सफल आयोजन ग्राम पंचायत किशोरपुरा द्वारा गठित कमेटी और सरपंच हरिओम मीणा के नेतृत्व में यह आयोजन ऐतिहासिक रहा। यह उनके कार्यकाल का लगातार पाँचवाँ सफल मेला है। समापन के अवसर पर मडावरी थाना प्रभारी और सरपंच ने सभी पहलवानों का साफा पहनाकर सम्मान किया। साथ ही, एसपी सागर राणा के कुशल मार्गदर्शन और पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया गया। ग्राउंड रिपोर्ट: खेमराज जोशी शुरू न्यूज (खुर्रा)3
- `महाकाल की भक्ति 🔱🚩` *कर्ता करे न कर सकै, शिव करै सो होय,* *तीन लोक नौ खण्ड में,* *महाकाल से बड़ा न कोय!* 🔥🕉️🙏 *_हर हर महादेव!☘️🔱_*1
- आज दौसा जिले के नांगल राजावतान क्षैत्र में बहुत ही तेज़ ओलावृष्टि हुई देखने को मिली। वहां के ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की बर्फबारी तो 20 सालो पहले देखने को मिली थी।1
- Post by दैनिक भास्कर संवाददाता1
- दौसा / लालसोट में शनिवार को धार्मिक आस्था और श्रद्धा का भव्य दृश्य देखने को मिला। परशुराम जी मंदिर से राजोली भेरुजी महाराज मंदिर के लिए विशाल कलश यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सुबह शुभ मुहूर्त में परशुराम जी मंदिर परिसर से विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कलश यात्रा का शुभारंभ किया गया। इस दौरान सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर यात्रा में भाग लिया। श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए और भक्ति गीतों तथा भजनों के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कलश यात्रा परशुराम जी मंदिर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए राजोली स्थित भेरुजी महाराज मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान जलपान की भी व्यवस्था की गई, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने “जय भेरुजी महाराज” और “जय श्री परशुराम” के जयकारों से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया। डीजे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर भक्त झूमते नजर आए। इस दौरान युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजकों के अनुसार, यह कलश यात्रा भागवत कथा के धार्मिक कार्यक्रम के उपलक्ष्य में निकाली गई है। यात्रा का उद्देश्य क्षेत्र में धार्मिक जागरूकता बढ़ाना और लोगों को सनातन संस्कृति से जोड़ना है। लालसोट क्षेत्र में निकली यह भव्य कलश यात्रा आस्था, एकता और सांस्कृतिक परंपरा का सुंदर उदाहरण बनी, जिसने पूरे इलाके को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल तैनात रहा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए। 12 अप्रैल को भागवत कथा का समापन होगा/ समापन के दौरान राजोली भेरुजी महाराज मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन किया जायेगा / जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेकर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे /2