झांसी शहर में भारी बारिश के बाद व्याप्त जलभराव की गंभीर समस्या के खिलाफ कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और उन्होंने नगर निगम की लचर व्यवस्थाओं के प्रति अपना गहरा रोष व्यक्त किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं को जलभराव वाले स्थानों से बाल्टी की सहायता से पानी निकालते और उसे पास ही फेंकते हुए देखा गया, जिससे शहर में जल निकासी की स्थिति की भयावहता साफ उजागर हुई। कांग्रेस का कहना है कि बारिश के बाद शहर की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह से विफल साबित हुई है, जिसके परिणामस्वरूप आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम और प्रशासन से इस जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की तत्काल मांग की है। हालांकि, इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
झांसी शहर में भारी बारिश के बाद व्याप्त जलभराव की गंभीर समस्या के खिलाफ कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और उन्होंने नगर निगम की लचर व्यवस्थाओं के प्रति अपना गहरा रोष व्यक्त किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं को जलभराव वाले स्थानों से बाल्टी की सहायता से पानी निकालते और उसे पास ही फेंकते हुए देखा गया, जिससे शहर में जल निकासी की स्थिति की भयावहता साफ उजागर हुई। कांग्रेस का कहना है कि बारिश के बाद शहर की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह से विफल साबित हुई है, जिसके परिणामस्वरूप आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम और प्रशासन से इस जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की तत्काल मांग की है। हालांकि, इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
- कानपुर यूनिवर्सिटी में जातिवाद के गंभीर आरोप सामने आए हैं। छात्रों ने इस पूरे मामले से जुड़ी अपनी कहानी विस्तार से बताई है, जिसे एक ग्राउंड रिपोर्ट के तहत प्रस्तुत किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच में एक डीजल से भरा टैंकर सड़क पर पलट गया, जिससे टैंकर से डीजल रिसने लगा। इस घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग बाल्टी, डिब्बे और अन्य बर्तन लेकर मौके पर पहुँच गए और सड़क पर फैले डीजल को भरकर अपने साथ ले जाने लगे। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। सूचना मिलने पर पुलिस और संबंधित विभाग की टीम भी मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित करने के साथ ही यातायात बहाल कराने में जुट गई।1
- झांसी के नवाबाद थाना पुलिस ने चोरी के आरोप में खुशीपुरा मोहल्ला निवासी एक महिला और उन्नाव गेट निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से 2 लाख 7 हजार रुपये नकद, अन्य कीमती सामान और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। इस कार्रवाई को नवाबाद पुलिस की एक बड़ी सफलता बताया गया है।1
- झाँसी परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक, आकाश कुलहरि (आईपीएस) ने पुलिस कार्यालय में आए पीड़ित और फरियादियों की समस्याओं को तुरंत सुना। उन्होंने सभी शिकायतों का तत्परता से निस्तारण सुनिश्चित किया।1
- रतनगढ़ माता मंदिर में शारदीय नवरात्रि और दीपावली मेले के आयोजन को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इन तैयारियों के संबंध में कलेक्टर ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।1
- झांसी शहर में भारी बारिश के बाद व्याप्त जलभराव की गंभीर समस्या के खिलाफ कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और उन्होंने नगर निगम की लचर व्यवस्थाओं के प्रति अपना गहरा रोष व्यक्त किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं को जलभराव वाले स्थानों से बाल्टी की सहायता से पानी निकालते और उसे पास ही फेंकते हुए देखा गया, जिससे शहर में जल निकासी की स्थिति की भयावहता साफ उजागर हुई। कांग्रेस का कहना है कि बारिश के बाद शहर की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह से विफल साबित हुई है, जिसके परिणामस्वरूप आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम और प्रशासन से इस जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की तत्काल मांग की है। हालांकि, इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- झांसी में हुई हल्की बारिश ने एक बार फिर नगर निगम के स्मार्ट सिटी के दावों की हकीकत सामने ला दी है। वार्ड नंबर 54 स्थित गल्ला मंडी रोड के अजय एन्क्लेव इलाके में मामूली बारिश के बाद ही सड़कों पर पानी भर गया और गंदगी भी जमा हो गई, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार स्मार्ट सिटी परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च कर चुकी है, लेकिन जमीनी हालात कुछ और ही बयां करते हैं। उनका आरोप है कि हर बारिश में यही स्थिति बनती है, परंतु समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। इस मामले में हालांकि, नगर निगम की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन नागरिकों ने जल निकासी व्यवस्था में सुधार और इस समस्या के जल्द समाधान की मांग की है।2