बिहार में सात निश्चय-03 योजना के तहत "उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य" अभियान के अंतर्गत बेगूसराय के बीपी इंटर स्कूल से राज्य के 551 आदर्श मॉडल विद्यालयों "सरस्वती विद्या निकेतन" का ऑनलाइन शुभारंभ किया गया। इसी कड़ी में बख्तियारपुर के मंजु सिन्हा परियोजना बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय को भी आदर्श विद्यालय के रूप में शामिल किया गया है। विद्यालय प्रशासन के अनुसार, यहाँ चयन परीक्षा के माध्यम से 40 विद्यार्थियों का चयन किया गया है, जिन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए अलग स्मार्ट क्लासरूम, प्रशिक्षित शिक्षकों की व्यवस्था और ई-लाइब्रेरी जैसी आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। उद्घाटन समारोह के दौरान दो मुख्य बातें चर्चा और विवाद का विषय बनी रहीं। पहली बात कार्यक्रम में स्थानीय विधायक अरुण साह की अनुपस्थिति रही और दूसरी विद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर हुआ भारी जलजमाव। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुख्य गेट के सामने नाले का पानी जमा रहने के कारण छात्राओं को सामान्य दिनों में भी बाजार की तरफ बने पुराने प्रवेश द्वार से विद्यालय आना-जाना पड़ता है। इस मामले पर विद्यालय की प्रभारी प्राचार्या शगुफ्ता यासमीन ने कहा कि रात में हुई बारिश के कारण मुख्य द्वार पर पानी जमा हुआ था। उन्होंने यह भी बताया कि विधायक से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई थी, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। वहीं, विधायक अरुण साह ने कहा कि उन्हें इस कार्यक्रम का कोई आमंत्रण ही नहीं मिला था। उन्होंने नाराजगी जताते हुए इसे एक गंभीर विषय बताया और कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को ऐसे कार्यक्रमों की जानकारी न देना चिंताजनक है। इस समारोह में जयमाला देवी, अजय कुमार, सुनील चंद्रवंशी, अमलेश चौहान, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सचिन कुमार सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं। हालांकि, इस पूरे विवाद और जलजमाव के संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने कोई भी टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया।
बिहार में सात निश्चय-03 योजना के तहत "उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य" अभियान के अंतर्गत बेगूसराय के बीपी इंटर स्कूल से राज्य के 551 आदर्श मॉडल विद्यालयों "सरस्वती विद्या निकेतन" का ऑनलाइन शुभारंभ किया गया। इसी कड़ी में बख्तियारपुर के मंजु सिन्हा परियोजना बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय को भी आदर्श विद्यालय के रूप में शामिल किया गया है। विद्यालय प्रशासन के अनुसार, यहाँ चयन परीक्षा के माध्यम से 40 विद्यार्थियों का चयन किया गया है, जिन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए अलग स्मार्ट क्लासरूम, प्रशिक्षित शिक्षकों की व्यवस्था और ई-लाइब्रेरी जैसी आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। उद्घाटन समारोह के दौरान दो मुख्य बातें चर्चा और विवाद का विषय बनी रहीं। पहली बात कार्यक्रम में स्थानीय विधायक अरुण साह की अनुपस्थिति रही और दूसरी विद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर हुआ भारी जलजमाव। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुख्य गेट के सामने नाले का पानी जमा रहने के कारण छात्राओं को सामान्य दिनों में भी बाजार की तरफ बने पुराने प्रवेश द्वार से विद्यालय आना-जाना पड़ता है। इस मामले पर विद्यालय की प्रभारी प्राचार्या शगुफ्ता यासमीन ने कहा कि रात में हुई बारिश के कारण मुख्य द्वार पर पानी जमा हुआ था। उन्होंने यह भी बताया कि विधायक से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई थी, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। वहीं, विधायक अरुण साह ने कहा कि उन्हें इस कार्यक्रम का कोई आमंत्रण ही नहीं मिला था। उन्होंने नाराजगी जताते हुए इसे एक गंभीर विषय बताया और कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को ऐसे कार्यक्रमों की जानकारी न देना चिंताजनक है। इस समारोह में जयमाला देवी, अजय कुमार, सुनील चंद्रवंशी, अमलेश चौहान, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सचिन कुमार सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं। हालांकि, इस पूरे विवाद और जलजमाव के संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने कोई भी टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया।
- बिहार विधानसभा के पांच दिनों तक चलने वाले मॉनसून सत्र का पहला दिन काफी हंगामेदार रहा। सत्र के पहले ही दिन सदन में विपक्ष का आक्रामक रुख देखने को मिला, जहां विपक्षी सदस्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए नजर आए।1
- समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की इकाई ने बुधवार को आर.बी.एस. कॉलेज, अंदौर के प्रधानाचार्य को छात्र हितों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर अंतिम चेतावनी पत्र सौंपा है। परिषद का कहना है कि पूर्व में 1 जुलाई 2026 को मांग पत्र सौंपे जाने के बावजूद महाविद्यालय प्रशासन द्वारा अब तक किसी भी मांग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे छात्र-छात्राओं को लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन मांगों पर सकारात्मक और प्रभावी कार्रवाई शुरू नहीं हुई, तो छात्र-छात्राओं के साथ मिलकर चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस आंदोलन के अंतर्गत धरना-प्रदर्शन, तालाबंदी और अन्य लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी। इस अवसर पर अमन कुमार झा, केशव कुमार, किसलय भारद्वाज, अनुज कुमार झा, सुमित कुमार, निशांत कुमार और हिमांशु कुमार सहित दर्जनों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।1
- समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक प्राथमिकी अभियुक्त और एक कोर्ट वारंटी को गिरफ्तार किया है। थाना अध्यक्ष सचिन कुमार ने बताया कि थाना कांड संख्या 138/26 के प्राथमिकी अभियुक्त, भदैया निवासी इंद्रजीत महतो के 19 वर्षीय पुत्र गौतम कुमार को गिरफ्तार किया गया। वहीं, माननीय एसडीजेएम शाहपुर पटोरी न्यायालय से जारी टीआर संख्या 1038/26 के वारंटी संजय कुमार को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जो कल्याणपुर बस्ती के निवासी रामचंद्र महतो के पुत्र हैं। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस अभिरक्षा में न्यायिक हिरासत के लिए जेल भेज दिया गया है। थाना अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए कहा कि अपराधियों और फरार वारंटियों के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- समस्तीपुर जिले के मोहनपुर प्रखंड क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय बिंदगामा में बारिश के पानी से भीषण जलजमाव हो गया है, जिससे स्कूल परिसर से लेकर क्लास रूम तक पानी भर गया है। इस जलजमाव के कारण स्कूल में पठन-पाठन का कार्य पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे शिक्षक और छोटे-छोटे छात्र बेहद चिंतित और परेशान हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, बरसात का मौसम आते ही बीते कई वर्षों से यहां यही नजारा देखने को मिलता है। हर दिन स्कूल आने-जाने वाले बच्चों और शिक्षकों के साथ किसी न किसी हादसे की आशंका बनी रहती है। पानी सड़ने के बाद गंभीर बीमारियां फैलने का भी खतरा मंडरा रहा है, जिसके लिए तुरंत पानी की निकासी की आवश्यकता है। इस गंभीर समस्या को लेकर स्कूल की प्रधानाध्यापिका इंदु कुमारी ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, स्थानीय विधायक, जिला पार्षद, मुखिया और समिति सदस्यों को आवेदन देकर अवगत कराया है और जल्द समाधान निकालने की मांग की है। इसके अलावा, बिन्दगामा चौक से स्कूल और जलालपुर पंचायत होते हुए दियारा क्षेत्र जाने वाली सड़कें भी पानी भरने के कारण झील में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस समस्या का समाधान कब तक कर पाते हैं।1
- बिहार के फतुहा में कथित नीट पेपर लीक, नई शिक्षा नीति (NEP-2020) और शिक्षा के निजीकरण के विरोध में सोमवार को आइसा एवं इंकलाबी नौजवान सभा ने भाकपा (माले) के बैनर तले एक आक्रोश मार्च निकाला। भाकपा (माले) के प्रखंड कार्यालय से शुरू होकर यह मार्च महारानी चौक, फतुहा थाना और फतुहा चौराहा होते हुए गुजरा। इस दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया और सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने "नीट पेपर लीक नहीं चलेगा", "शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो", "एनटीए को भंग करो" और "मोदी सरकार शर्म करो" जैसे नारे लगाकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के राज्य कमेटी सदस्य एवं फतुहा प्रखंड सचिव शैलेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक की वजह से लाखों छात्रों का भविष्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार पर शिक्षा का निजीकरण करने और युवाओं के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन को और तेज करने तथा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इस आक्रोश मार्च में युवा नेता विष्णु कुमार, जिला कमेटी सदस्य मुन्ना पंडित, सुदामा रविदास, गुड्डू कुमार, चंदन कुमार और जयराम कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र, युवा और कार्यकर्ता एकजुट होकर शामिल हुए।1
- बिहार के नालंदा जिले के बिहारशरीफ में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भाकपा माले, AISA और RYA के देशव्यापी आह्वान पर एक विशाल विरोध मार्च निकाला गया। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक और शिक्षा-परीक्षा में भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्र-युवाओं द्वारा किए जा रहे संसद मार्च के समर्थन में आयोजित किया गया था। दिल्ली में चल रहे इस आंदोलन में सोनम वांगचुक, AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा, मनीष और आमीन पिछले कई दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं, जिनके समर्थन में देश भर में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। बिहारशरीफ के कमरुद्दीन गंज स्थित भाकपा माले पार्टी कार्यालय से शुरू हुआ यह मार्च एलआईसी और सरकारी बस स्टैंड होते हुए अस्पताल चौराहा पहुंचा, जहां यह एक विरोध सभा में बदल गया। इस मार्च का नेतृत्व माले जिला सचिव कॉमरेड श्रीनिवास शर्मा, RYA के जिला अध्यक्ष कॉमरेड बिरेश कुमार, माले नेता कॉमरेड महेंद्र राम, ऐपवा नेत्री कॉमरेड रेनू देवी, गिरिजा देवी, सुनील कुमार, सरफराज, सत्येंद्र रविदास, रामप्रीत केवट, सुभाष शर्मा, श्रवण सिंह और सुदर्शन मिश्रा सहित कई अन्य नेताओं ने किया। इस मार्च में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और आम जनता शामिल हुए। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के जिला सचिव कॉमरेड श्रीनिवास शर्मा ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के जरिए गरीब, दलित, पिछड़े और आदिवासी छात्रों को शिक्षा से बाहर करने तथा शिक्षा के निजीकरण की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर बैठे अनशनकारी छात्रों और सोनम वांगचुक जैसे बुद्धिजीवियों की आवाज को दबाने के लिए सरकार तानाशाही पर उतर आई है। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने, पेपर लीक पर रोक लगाने, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने, नई शिक्षा नीति 2020 को तुरंत रद्द करने, शिक्षा का बजट बढ़ाकर जीडीपी का 10 प्रतिशत करने और सरकारी शिक्षण संस्थानों को बचाने की मांग की। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक आंदोलन और तेज किया जाएगा।1
- पटना जिले के बाढ़ में मॉडल स्कूल के उद्घाटन के पश्चात स्थानीय विधायक डॉ सियाराम सिंह छात्राओं से बातचीत करते हुए नजर आए। स्कूल का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने वहां मौजूद छात्राओं से संवाद किया।1
- बिहार के हाजीपुर स्थित वास्तु विहार में जलजमाव की गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। जलजमाव से त्रस्त निवासियों ने प्रशासन और निर्माणकर्ताओं के खिलाफ ढोल-बाजे बजाकर अनोखे अंदाज में अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया। लोगों का कहना है कि यहाँ हल्की सी बारिश होते ही वास्तु विहार जाने वाली मुख्य सड़क घुटनों तक पानी में डूब जाती है और तालाब बन जाती है, जिससे स्थानीय निवासियों का आना-जाना बेहद मुश्किल हो गया है। इस नारकीय स्थिति से नाराज प्रदर्शनकारियों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि इस गंभीर समस्या पर न तो प्रोजेक्ट के निर्माणकर्ता ध्यान दे रहे हैं और न ही प्रशासन या सरकार की ओर से कोई ठोस कदम उठाया जा रहा है। हर तरफ से मिल रही उपेक्षा से तंग आकर लोगों ने अब इस समस्या के जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग उठाई है।1
- समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड अंतर्गत करीमनगर पंचायत के वार्ड संख्या 5 स्थित मोगलचक गांव के एक गरीब और लाचार परिवार ने अपने कैंसर पीड़ित बेटे के इलाज के लिए आम लोगों से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है। रमेश चौधरी का पुत्र गौरव कुमार चौधरी बीते कई महीनों से गंभीर बीमारी के कारण दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती है, जहां उसका इलाज चल रहा है। जिंदगी और मौत की आखिरी घड़ियों से जूझ रहा यह युवक जीने की इच्छा जाहिर कर रहा है, जिसके बाद उसके परिजनों ने उसकी जान बचाने के लिए मदद की अपील की है। पीड़ित परिवार ने बच्चे के इलाज के प्रति अपनी आखिरी इच्छा जताते हुए क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, दुकानदारों, प्रबुद्ध लोगों और आम जनता से आगे आकर आर्थिक मदद करने की भावुक गुहार लगाई है। सहयोग राशि सीधे बैंक खाते में भेजने के लिए परिवार ने स्कैनर जारी किया है और सत्यापन व संपर्क के लिए मोबाइल नंबर 7352367359 और 8677003325 भी साझा किए हैं।1