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ईद उल फितर के पावन अवसर पर मुस्लिम धर्मालंबियों ने ईदगाह एवं मस्जिदों में नमाज अदा कर दुआ मांगी
आलोक कुमार
ईद उल फितर के पावन अवसर पर मुस्लिम धर्मालंबियों ने ईदगाह एवं मस्जिदों में नमाज अदा कर दुआ मांगी
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- Post by AAM JANATA1
- प्रकृति पर्व सरहुल पर आयोजित हुआ सेन्हा में मिलन समारोह सह शोभायात्रा पहान पुजार द्वारा किया गया पूजा1
- सिसई (गुमला)। सिसई में "प्रकृति व संस्कृति" का अनोखा संगम "सरहुल" पर भव्य शोभायात्रा निकाला गया। प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गाओं के खोड़हा दल व हज़ारों की संख्या में आदिवासी सरना समुदाय के महिला पुरुष एवं बच्चे अपने पारंपरिक वेशभूषा में सजधज कर केंद्रीय सरना स्थल सिसई थाना चौक में एकत्रित हुए। केंद्रीय सरना समिति सिसई के तत्वाधान में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जहां पाहान पूजारों द्वारा विधिपूर्वक प्रकृति की पूजा अर्चना कर समस्त देशवासियों के लिए सुख समृद्धि की कामना की गई। तत्पश्चात फुलखोंसी की रस्म अदा करते हुए मौजूद सभी लोगों को आशीर्वाद प्रदान किया गया। वहीं हिन्दू जागरण के प्रदेश परावर्तन प्रमुख संजय वर्मा, विहिप बजरंग दल सिसई के प्रखंड अध्यक्ष पंकज साहु, संरक्षक मुकेश श्रीवास्तव डेविड, रोहित शर्मा, आशीष यादव, सौरभ ताम्रकर,आनंद साहु, मदन साहु, सुप्रदीप साहु, मनोज वर्मा, तेजमोहन साहु, दीपक अधिकारी, सूरज सिंह, रोहित घंटी, संदीप साहु, विकास साहु, संदीप गोप, गजेंद्र साहु, बंटी साहु, हेमंत गुप्ता, चरवा उरांव, लक्ष्मी यादव सहित कई कार्यकर्ताओं ने हिन्दू सरना सनातन का मिशाल पेश करते हुए शोभायात्रा में शामिल मुख्य अतिथि केंद्रीय सरना समिति सचिव सचिदानंद उरांव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव, जिला परिषद अध्यक्ष किरण बाड़ा, सिसई प्रमुख मीना देवी, कैप्टन लोहरा उरांव एवं सभी पंचायत के मुखिया जनप्रतिनिधि सहित केंद्रीय सरना समिति सिसई के पदाधिकारियों को फूलमाला पहनाकर व अंगवस्त्र देकर स्वागत किया। साथ ही शोभायात्रा में शामिल होकर हिन्दू सरना सनातन एक है का परिचय दिया। बताया जाता है कि प्रकृति इस समय नव्यौवन लिए अपने पूरे शबाब पर होती है और इसी समय से भारतीय नववर्ष का शुभारंभ भी होता है जब पतझड़ के बाद चारों तरफ पेड़ पौधों में नये पत्ते,फूल और फल आने शुरू होते हैं वहीं सरई, आम, महुआ जैसे पेड़ पौधे अपने फूलों की भिनि भिनि खुशबू से प्रकृति के चारों ओर अपनी सोंधी महक बिखेरती है। जिससे प्रकृति हमें अपनी ओर सहज ही आकर्षित करने लगती है और "प्रकृति पर्व सरहुल" के रूप में शुभारंभ होता है। केंद्रीय सरना स्थल में पाहान पूजारों द्वारा पूजा अर्चना के बाद केंद्रीय सरना समिति सिसई के अध्यक्ष जलेश्वर उरांव, सचिव रोपना उरांव, एवं कोषाध्यक्ष गंदुर उरांव के मार्गदर्शन में भव्य शोभायात्रा निकाला गया। जिसमें दूर दराज से आये विभिन्न खोड़हा दलों के साथ साथ हज़ारों की संख्या में सरना धर्मावलंबी महिला पुरुष व बच्चे अपने पारंपरिक वेशभूषा में मांदर एवं नगाड़ों के थाप पर नृत्य की झांकी प्रस्तुत करते हुए आगे बढ़ रहे थे यह दृश्य बहुत ही मनमोहक नजर आ रहा था जिसे देखकर लोग सहज ही आकर्षित हो रहे थे वहीं भाजपा सिसई मंडल, कांग्रेस प्रखंड कमिटी सिसई, मुस्लिम समुदाय सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के द्वारा जगह जगह पर स्टॉल लगाए गए थे। जहां समाजसेवियों व कार्यकर्ताओं ने गुड़ चना और शरबत का वितरण कर शोभायात्रा में शामिल सभी लोगों का स्वागत किया। शोभायात्रा थाना चौक सरना स्थल से प्रारंभ होकर थाना रोड, बसिया रोड, मेन रोड होते हुए पुराना ब्लॉक परिसर में स्थित सरना स्थल पहुंचा। जहां पाहानों द्वारा पूजा अर्चना के साथ ही समस्त देशवासियों के सुख समृद्धि के लिए मंगलकामना करते हुए शोभायात्रा का देर शाम समापन किया गया। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए बीडीओ रमेश कुमार यादव, सीओ अशोक बड़ाईक, दंडाधिकारी सचिन्द्र मोहन, थाना प्रभारी नीरज कुमार, एसआई आशीष कुमार, अजय कुमार, अरुण सिंह, नरेंद्र सरदार, विवेक कुमार सिंह सहित कई पुलिस पदाधिकारी व जवान मौजूद थे।4
- सिसई प्रखंड भदौली पंचायत के आदिवासी बहुल ग्राम सकरौली कुंबा टोली में चार कोन का अद्भुद कुंवा। जहां लोग अमृत पानी पी रहे हैं। यह कुंवा घर के अंदर चट्टानों के बीच स्थित है। आदिवासी महिला ने बताया कि घर में काम चल रहा था और मिट्टी का जरूरत था। खोदने के दौरान पानी मिला जिसको मेहनत कर कुंवा बनाया गया। स्वच्छ निर्मल मिठाश पानी हैं।1
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