विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर, मधुबनी जिले में बाल श्रम के उन्मूलन और बच्चों के अधिकारों के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई। जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर, अपर समाहर्ता (आपदा) संतोष कुमार ने समाहरणालय परिसर से एक प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर, अपर समाहर्ता संतोष कुमार ने बाल श्रम को समाज के लिए एक गंभीर समस्या बताया, जिसके समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित बचपन का अधिकार प्राप्त है, और बच्चों से मजदूरी करवाना न केवल कानूनी अपराध है बल्कि उनके भविष्य के साथ अन्याय भी है। यह प्रचार वाहन शहर के विभिन्न चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर जाकर लोगों को बाल श्रम के दुष्परिणामों, बच्चों के अधिकारों और संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक करेगा। वाहन के माध्यम से ऑडियो संदेश, पोस्टर, बैनर और पंपलेट के जरिए आम जनता को यह जानकारी दी जाएगी कि बाल श्रम की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग को तुरंत सूचित करें। श्रम अधीक्षक ने बताया कि बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना पूरी तरह प्रतिबंधित है, और उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बच्चों को विद्यालय भेजें और उनके सर्वांगीण विकास में सहयोग करें। बाल श्रम उन्मूलन हेतु इस प्रचार-प्रसार वाहन कार्यक्रम के तहत, वाहन संख्या BR-32 ER 5044 जिला परिषद कैंपस से प्रस्थान करते हुए थाना मोड़, पोस्ट ऑफिस रोड, रेलवे स्टेशन, गंगा सागर चौक, तिलक चौक, शंकर चौक, बाबूसाहेब चौक से होते हुए वापस चमच्चा चौक से चमच्चा चौक लहेरियागंज (बुबना मंदिर तक), संतुनगर चौक से लोहरसारी चौक होते हुए किशोरी लाल चौक, सूड़ी स्कूल चौक से गाँधी चौक, सुभाष चौक से लोहापट्टी होते हुए चूड़ी बाजार से बाटा चौक होते हुए गंगा सागर चौक से रेलवे स्टेशन होते हुए थाना मोड़, फिर निलम चौक से सुभाष चौक होते हुए गिलेशन से बाटा चौक होते हुए निलम चौक होते हुए थाना मोड़, और अंत में जिला परिषद कैंपस तक पहुँचेगी। इसी क्रम में, दूसरा प्रचार वाहन संख्या BR 32 ER 1643 भी जिला परिषद कैंपस से वाट्सन स्कूल होते हुए जलधारी चौक से हॉस्पीटल चौक, कोतवाली चौक, निधि चौक, मेडिकल कॉलेज तक जाएगा। वापसी में यह हवाई अड्डा होते हुए सिंघानियाँ चौक से बिजली ऑफिस रोड होते हुए थाना चौक से वापस जिला परिषद कैंपस तक पहुँचेगी। इस कार्यक्रम के दौरान उप निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आनंद शर्मा, सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा) नितेश पाठक, सहायक आपदा पदाधिकारी रजनीश कुमार सहित अन्य पदाधिकारी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर, मधुबनी जिले में बाल श्रम के उन्मूलन और बच्चों के अधिकारों के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई। जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर, अपर समाहर्ता (आपदा) संतोष कुमार ने समाहरणालय परिसर से एक प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर, अपर समाहर्ता संतोष कुमार ने बाल श्रम को समाज के लिए एक गंभीर समस्या बताया, जिसके समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित बचपन का अधिकार प्राप्त है, और बच्चों से मजदूरी करवाना न केवल कानूनी
अपराध है बल्कि उनके भविष्य के साथ अन्याय भी है। यह प्रचार वाहन शहर के विभिन्न चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर जाकर लोगों को बाल श्रम के दुष्परिणामों, बच्चों के अधिकारों और संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक करेगा। वाहन के माध्यम से ऑडियो संदेश, पोस्टर, बैनर और पंपलेट के जरिए आम जनता को यह जानकारी दी जाएगी कि बाल श्रम की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग को तुरंत सूचित करें। श्रम अधीक्षक ने बताया कि बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना पूरी तरह प्रतिबंधित है, और उन्होंने लोगों से अपील की कि वे
बच्चों को विद्यालय भेजें और उनके सर्वांगीण विकास में सहयोग करें। बाल श्रम उन्मूलन हेतु इस प्रचार-प्रसार वाहन कार्यक्रम के तहत, वाहन संख्या BR-32 ER 5044 जिला परिषद कैंपस से प्रस्थान करते हुए थाना मोड़, पोस्ट ऑफिस रोड, रेलवे स्टेशन, गंगा सागर चौक, तिलक चौक, शंकर चौक, बाबूसाहेब चौक से होते हुए वापस चमच्चा चौक से चमच्चा चौक लहेरियागंज (बुबना मंदिर तक), संतुनगर चौक से लोहरसारी चौक होते हुए किशोरी लाल चौक, सूड़ी स्कूल चौक से गाँधी चौक, सुभाष चौक से लोहापट्टी होते हुए चूड़ी बाजार से बाटा चौक होते हुए गंगा सागर चौक से रेलवे स्टेशन होते हुए थाना मोड़, फिर निलम चौक से सुभाष चौक होते हुए गिलेशन से
बाटा चौक होते हुए निलम चौक होते हुए थाना मोड़, और अंत में जिला परिषद कैंपस तक पहुँचेगी। इसी क्रम में, दूसरा प्रचार वाहन संख्या BR 32 ER 1643 भी जिला परिषद कैंपस से वाट्सन स्कूल होते हुए जलधारी चौक से हॉस्पीटल चौक, कोतवाली चौक, निधि चौक, मेडिकल कॉलेज तक जाएगा। वापसी में यह हवाई अड्डा होते हुए सिंघानियाँ चौक से बिजली ऑफिस रोड होते हुए थाना चौक से वापस जिला परिषद कैंपस तक पहुँचेगी। इस कार्यक्रम के दौरान उप निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आनंद शर्मा, सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा) नितेश पाठक, सहायक आपदा पदाधिकारी रजनीश कुमार सहित अन्य पदाधिकारी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- बिहार के दरभंगा में दिनदहाड़े हुई एक वारदात ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, मिलेनियम बाइकर्स शोरूम के मैनेजर मो. फैज की हत्या कर बदमाश उनकी स्कूटी लेकर मौके से फरार हो गए। इस गंभीर घटना के बाद, स्थानीय पुलिस और एफएसएल टीम मामले की गहन जांच में जुट गई है।1
- मधुबनी जिले के जयनगर प्रखंड अंतर्गत देवदा मध्य पंचायत में एक जन सहयोग शिविर का आयोजन किया गया है। यह शिविर कल, यानी 16 तारीख को आयोजित किया जाएगा।1
- मधुबनी जिले के नौआवाखैर पंचायत के पूर्व मुखिया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) झंझारपुर के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश मिश्रा के निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन की खबर मिलते ही समर्थकों, शुभचिंतकों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। राकेश मिश्रा ने लंबे समय तक सक्रिय राजनीति और समाजसेवा में अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने नौआवाखैर पंचायत के मुखिया के रूप में क्षेत्र के विकास और जनहित के कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया, वहीं भाजपा संगठन में भी उन्होंने विभिन्न दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए झंझारपुर जिलाध्यक्ष के रूप में पार्टी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके निधन से क्षेत्र ने एक जनप्रिय नेता खो दिया है।1
- हाजीपुर, पटना में एक किन्नर के गुरु के घर चोरी की घटना सामने आई है। इस चोरी की घटना को लेकर किन्नर ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। किन्नर ने स्पष्ट किया है कि अब इस मामले पर आंदोलन किया जाएगा।1
- बिहार में पुलिस द्वारा गांजा तस्करों की गाड़ियों को एस्कॉर्ट करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस चौंकाने वाले खुलासे का श्रेय एसटीएफ की छापेमारी को जाता है, जिसके बाद मधुबनी जिले में यह घटना उजागर हुई। एसटीएफ ने मधुबनी जिले के बासोपट्टी में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 419 किलोग्राम गांजे के साथ मुख्य आरोपी विनोद सहनी सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए और तस्करों के साथ कथित संलिप्तता के आरोप में बासोपट्टी के थानाध्यक्ष (एसएचओ) के साथ-साथ डायल 112 के एक चालक और एक अधिकारी को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।1
- दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड अंतर्गत फेकला थाना क्षेत्र के सिनुरगोपाल गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक बेटी अपने दिवंगत पिता की पैतृक संपत्ति के लिए वर्षों से संघर्ष कर रही है। आराधना कुमारी नामक इस बेटी का आरोप है कि उसे न केवल उसके हिस्से की जमीन से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है, बल्कि उसके अस्तित्व और पहचान पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। मामला इतना गंभीर है कि उसे अपने ही पैतृक घर में प्रवेश तक नहीं करने दिया जा रहा, जो बेटियों के अधिकारों और सामाजिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह मामला स्वर्गीय जय गोविंद झा के परिवार से संबंधित है। बताया जाता है कि जय गोविंद झा के दो पुत्र थे—मारकंडे झा और मंगल झा। मंगल झा के दो पुत्र और तीन पुत्रियां हैं, जबकि मारकंडे झा की एकमात्र संतान आराधना कुमारी हैं, जिनके कोई भाई नहीं हैं। आराधना के पिता मारकंडे झा का निधन वर्षों पहले हो गया था, और कुछ वर्ष पूर्व उनकी माता का भी निधन हो गया। माता-पिता के गुजर जाने के बाद जब आराधना ने अपने पिता की पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी की मांग की, तो उनके चाचा और अन्य परिजनों ने उन्हें पहचानने से ही इनकार कर दिया। आराधना बताती हैं कि बचपन से शादी के बाद तक वह अपने पैतृक गांव सिनुरगोपाल आती-जाती रही हैं और गांव के लोग उन्हें मारकंडे झा की बेटी के रूप में ही जानते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत में संपत्ति के एक हिस्से को करीब 10 लाख रुपये में देने की बात हुई थी, लेकिन जब उन्होंने अपनी वैध हिस्सेदारी पर जोर दिया और पैसे पर समझौता करने से इनकार किया, तो उन्हें पहचानने से मुकर गए। मामले ने तब और गंभीर मोड़ ले लिया, जब 13 जून 2026 को आराधना अपने पैतृक घर के आंगन में जाने पहुंचीं। पीड़िता का आरोप है कि उनके चाचा, चाची और चाचा के पुत्र-पुत्रियों ने उन्हें जबरन घर से बाहर निकाल दिया और विरोध करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार व मारपीट भी की। मजबूरन, उन्हें थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगानी पड़ी। गांव के अधिकांश लोग और समाज के बुजुर्ग भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि आराधना, मारकंडे झा की पुत्री हैं और उन्हें अपने पिता की संपत्ति में कानूनी व नैतिक अधिकार मिलना चाहिए। यह पूरा मामला एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर रहा है कि जब कानून बेटियों को पैतृक संपत्ति में बराबर का अधिकार देता है, तब भी कई बेटियां अपने ही घर में अपने हक के लिए संघर्ष क्यों कर रही हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर निष्पक्ष जांच कर पीड़ित बेटी को न्याय दिलाया जाएगा, क्योंकि बेटियों का अधिकार छीना नहीं जा सकता। अब देखना यह होगा कि वर्षों से पहचान और पैतृक संपत्ति के लिए संघर्ष कर रही आराधना कुमारी को कब न्याय मिलता है और क्या उन्हें अपने पिता की विरासत में उनका वैधानिक अधिकार मिल पाता है या नहीं।4
- महथौर पंचायत के वार्ड संख्या-8 से एक हृदयविदारक कहानी सामने आई है, जहाँ एक व्यक्ति बेहद कठिन परिस्थितियों में अपने बच्चों के साथ जीवन जीने को विवश है। उनका घर अत्यधिक जर्जर हालत में है, और हाल ही में आई आंधी के दौरान उस पर एक विशाल पेड़ गिर जाने से स्थिति और भी खराब हो गई है। इस व्यक्ति का कहना है कि उन्होंने सहायता के लिए मुखिया, बीडीओ और विभिन्न जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस मदद नहीं मिली है। उनकी पत्नी का निधन हो चुका है, और वे अकेले ही अपने दो छोटे बच्चों का पालन-पोषण कर रहे हैं। ड्राइवर के रूप में काम करने की उनकी मजबूरी ऐसी है कि उन्हें अपने बच्चों को भी अक्सर साथ लेकर जाना पड़ता है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, लोगों से छोटी सी सहायता की अपील की गई है, चाहे वह ₹10, ₹20, ₹50 हो या उनकी क्षमतानुसार कोई अन्य राशि। आयोजकों का मानना है कि आपकी थोड़ी सी मदद किसी का जीवन बदल सकती है। इच्छुक दानदाताओं के संपर्क करने पर पूरी जानकारी उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया है।1
- असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना का एक AN-32 परिवहन विमान नियमित उड़ान भरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुखद हादसे में वायुसेना के पाँच कर्मियों की जान चली गई, जबकि विमान का सह-पायलट सुरक्षित बच गया। घटना के कारणों की विस्तृत जाँच के आदेश दे दिए गए हैं।1