*आज बिना चुनाव सांसद बन जाएंगे अनुराग, राज्यसभा को कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर अनुराग शर्मा का अकेला नामांकन* हिमाचल में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के प्रत्याशी अनुराग शर्मा के निर्विरोध चुनाव की औपचारिक घोषणा सोमवार को होगी। इसके बाद राज्य को नया राज्यसभा सांसद भी सोमवार को मिल जाएगा। अनुराग शर्मा हिमाचल से राज्यसभा के लिए 30वें सांसद होंगे। वह इंदु गोस्वामी की खाली हो रही सीट की जगह अब राज्यसभा जाएंगे। हिमाचल में राज्यसभा की एक सीट के लिए चुनावी प्रक्रिया 26 फरवरी को आरंभ हुई है। इस दौरान कांग्रेस की तरफ से इकलौते प्रत्याशी के तौर पर अनुराग शर्मा ने तीन अलग-अलग नामांकन रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष दाखिल करवाए थे। तीनों नामांकन पत्रों में अनुराग शर्मा के अलग प्रस्ताव थे। स्क्रूटनिंग की प्रक्रिया छह मार्च को पूरी हुई और अनुराग शर्मा का नामांकन सही पाया गया। अब नौ मार्च यानी सोमवार को नामांकन वापस लेने का दिन है। अब इकलौता उम्मीदवार होने के कारण कांग्रेस प्रत्याशी अनुराग शर्मा के निर्विरोध राज्यसभा सांसद घोषणा होगी। विधानसभा के सचिव एवं रिटर्निंग ऑफिसर यशपाल शर्मा इसकी घोषणा करेंगे। बता दें कि हिमाचल से राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी का कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त होने जा रहा है। उनकी सीट के लिए यह चुनावी प्रक्रिया चल रही है। 2024 में हारी थी कांग्रेस इससे पहले वर्ष 2024 में हिमाचल में राज्यसभा की एक सीट के लिए चुनाव हुआ था। उस दौरान कांग्रेस की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी, जबकि भाजपा ने हर्ष महाजन को मैदान में उतारा था। चुनाव में छह कांग्रेसी विधायकों के साथ-साथ तीन निर्दलीय एमएलए ने भाजपा प्रत्याक्षी के पक्ष में मतदान किया था, जिस कारण कांग्रेस को इस चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा था। उधर, पूर्व में मिले अनुभवों के चलते कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति तैयार की और हर कदम फूंक-फूंक कर रखा। कांग्रेस ने नामांकन के अंतिम दिन कांगड़ा के युवा अध्यक्ष अनुराग शर्मा को अपना प्रत्याशी बनाने की घोषणा की, जबकि भाजपा ने चुनाव में अपना प्रत्याशी ही नहीं उतारा।
*आज बिना चुनाव सांसद बन जाएंगे अनुराग, राज्यसभा को कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर अनुराग शर्मा का अकेला नामांकन* हिमाचल में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के प्रत्याशी अनुराग शर्मा के निर्विरोध चुनाव की औपचारिक घोषणा सोमवार को होगी। इसके बाद राज्य को नया राज्यसभा सांसद भी सोमवार को मिल जाएगा। अनुराग शर्मा हिमाचल से राज्यसभा के लिए 30वें सांसद होंगे। वह इंदु गोस्वामी की खाली हो रही सीट की जगह अब राज्यसभा जाएंगे। हिमाचल में राज्यसभा की एक सीट के लिए चुनावी प्रक्रिया 26 फरवरी को आरंभ हुई है। इस दौरान कांग्रेस की तरफ से इकलौते प्रत्याशी के तौर पर अनुराग शर्मा ने तीन अलग-अलग नामांकन रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष दाखिल करवाए थे। तीनों नामांकन पत्रों में अनुराग शर्मा के अलग प्रस्ताव थे। स्क्रूटनिंग की प्रक्रिया छह मार्च को पूरी हुई और अनुराग शर्मा का नामांकन सही पाया गया। अब नौ मार्च यानी सोमवार को नामांकन वापस लेने का दिन है। अब इकलौता उम्मीदवार होने के कारण कांग्रेस प्रत्याशी अनुराग शर्मा के निर्विरोध राज्यसभा सांसद घोषणा होगी। विधानसभा के सचिव एवं रिटर्निंग ऑफिसर यशपाल शर्मा इसकी घोषणा करेंगे। बता दें कि हिमाचल से राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी का कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त होने जा रहा है। उनकी सीट के लिए यह चुनावी प्रक्रिया चल रही है। 2024 में हारी थी कांग्रेस इससे पहले वर्ष 2024 में हिमाचल में राज्यसभा की एक सीट के लिए चुनाव हुआ था। उस दौरान कांग्रेस की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी, जबकि भाजपा ने हर्ष महाजन को मैदान में उतारा था। चुनाव में छह कांग्रेसी विधायकों के साथ-साथ तीन निर्दलीय एमएलए ने भाजपा प्रत्याक्षी के पक्ष में मतदान किया था, जिस कारण कांग्रेस को इस चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा था। उधर, पूर्व में मिले अनुभवों के चलते कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति तैयार की और हर कदम फूंक-फूंक कर रखा। कांग्रेस ने नामांकन के अंतिम दिन कांगड़ा के युवा अध्यक्ष अनुराग शर्मा को अपना प्रत्याशी बनाने की घोषणा की, जबकि भाजपा ने चुनाव में अपना प्रत्याशी ही नहीं उतारा।
- Post by Ajay Himachal News1
- राजेन्द्र ठाकुर चम्बा 9 - मार्च पांच दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में 90 अध्यापकों ने भागलिया यह कार्यशाला हरदासपुर ब्लॉक व चंबा ब्लॉक के अध्यापकों ने भाग लिया इस कार्यक्शला में विभिन्न शैक्षिक विषयों पर चर्चा हुई। शिक्षा खंड चंबा में पूर्व-प्राथमिक कक्षाओं को पढ़ाने वाले अध्यापकों के लिए पांच दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य अध्यापकों को प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा से संबंधित नवीन शिक्षण विधियों एवं गतिविधियों से अवगत कराना है, ताकि वे बच्चों के सर्वांगीण विकास को प्रभावी रूप से सुनिश्चित कर सकें। इसके पश्चात मुक्त खेल (Free Play) के महत्व पर चर्चा की गई। साथ ही सीखने के सिद्धांतों, बच्चों के सर्वांगीण विकास तथा हिमवाटिका गतिविधि पुस्तिका से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कार्यशाला के दौरान अध्यापकों द्वारा विभिन्न विषयों पर प्रस्तुति भी दी गई, जिससे प्रतिभागियों को अपने अनुभव साझा करने और नए विचारों को समझने का अवसर प्राप्त हुआ। इस कार्यशाला में राकेश कुमार, इंदिरा भूषण, उमेश राणा तथा त्रिलोक सिंह बतौर स्रोत व्यक्ति अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं और अध्यापकों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाओं के माध्यम से अध्यापकों की क्षमता में वृद्धि होती है और वे बच्चों को बेहतर शिक्षण अनुभव प्रदान करने में सक्षम बनते हैं। खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी शिक्षा खंड चंबा हीरा सिंह नेगी1
- Post by Varun Slathia1
- पांगी घाटी की खूबसूरत सुराल पंचायत में इस वर्ष पांगी प्रशासन के सहयोग से स्की प्रशिक्षण शिविर और स्की प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में तेरह से तीस वर्ष आयु वर्ग के युवा-युवतियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम में पांगी के आवासीय आयुक्त श्री अमनदीप सिंह बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। उनके साथ खंड विकास अधिकारी श्री योगेश वर्मा, सहायक निदेशक पशुपालन विभाग पांगी डॉक्टर सुरेंद्र ठाकुर, प्रधानाचार्य पीएम श्री वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला किलाड़ श्री भगवान दास चौहान और डॉक्टर नरेश ठाकुर भी मौजूद रहे। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला मंडल सुराल की महिलाओं ने पारंपरिक परिधान में पांगी की सांस्कृतिक धरोहर घुरेई नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम को और भी यादगार बना दिया। इस दौरान मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी घुरेई नृत्य में शामिल हुए। स्की एसोसिएशन सुराल के अध्यक्ष कुलदीप धुतवानी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य पांगी में विंटर टूरिज्म और शीतकालीन खेलों को बढ़ावा देना है, ताकि युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल सकें और वे समाज के विकास में योगदान दे सकें। 📍 THE VOICE OF PANGWAL 🎙️1
- प्रतिनिधि. पांगी न्यूज़ टुडे। वन विभाग पांगी के साच, पुर्थी और किलाड़ वन परिक्षेत्र में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने रविवार को इको टूरिज्म विश्राम गृह किलाड़ में अरण्यपाल चंबा से भेंट कर अपने लंबित वेतन के भुगतान की मांग उठाई। कर्मचारियों ने वर्ष 2023 और 2025 के बकाया वेतन का शीघ्र भुगतान करने की गुहार लगाई। उनका कहना है कि लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण उन्हें अपने परिवार के भरण–पोषण में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी संघ, वन मण्डल पांगी इकाई के सचिव देवराज शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अरण्यपाल के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने बताया कि दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी कई वर्षों से वन विभाग में ईमानदारी और निष्ठा से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन वेतन लंबित रहने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई जिला, प्रदेश तथा पांगी के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में चल रही है। ऐसे में फीस और अन्य आवश्यक खर्चों का प्रबंध करना उनके लिए बेहद कठिन हो गया है। उन्होंने बताया कि परिवार के दैनिक खर्चों के साथ–साथ बच्चों की शिक्षा का बोझ लगातार बढ़ रहा है, जबकि लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारी मानसिक और आर्थिक तनाव से गुजर रहे हैं। कर्मचारियों ने यह भी बताया कि वर्ष 2023 और 2025 का वेतन अभी तक सभी कर्मचारियों को प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं कई ऐसे कर्मचारी भी हैं जिन्हें वर्ष 2019 से 2024 के बीच के कुछ महीनों का वेतन भी अभी तक नहीं मिला है। दैनिक वेतनभोगी मजदूर संघ पांगी इकाई के सचिव देवराज शर्मा ने बताया कि पांगी में वन विभाग की नर्सरियों में लगभग 55 कर्मचारी वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन समय पर वेतन न मिलने के कारण उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि रविवार को अरण्यपाल चंबा से मुलाकात कर कर्मचारियों की समस्याओं को विस्तार से रखा गया। अरण्यपाल ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि वर्ष 2025 का लंबित वेतन मार्च माह में दिलाने का प्रयास किया जाएगा, जबकि वर्ष 2023 और उससे पहले के बकाया वेतन के लिए विभाग के उच्च अधिकारियों से बातचीत कर बजट उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।1
- Post by Shivinder singh Bhadwal1
- चंबा, 9 मार्च (Pangi Live News) चम्बा प्रोग्रेसिव काउंसिल की मासिक बैठक सोमवार को Laxman Club Chamba में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता E. C. P. Sehgal ने की। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सरकार और बिजली बोर्ड द्वारा लगाए जाने वाले स्मार्ट मीटर का कड़ा विरोध जताया। सदस्यों का कहना था कि स्मार्ट मीटर लगाने से उद्योगपतियों और पूंजीपतियों को सीधा लाभ मिलेगा तथा इससे बिजली बोर्ड को निजीकरण की ओर धकेला जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम आम जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने जैसा है। चर्चा के दौरान Himachal Road Transport Corporation की “राइड प्राइड” बस सेवा को अचानक बंद किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। सदस्यों ने कहा कि मेडिकल कॉलेज और अस्पताल चंबा से मुगला तक चलने वाली यह सेवा बंद होने से आम जनता, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और बच्चों को काफी असुविधा हो रही है। परिषद ने जिला प्रशासन से इस सेवा को जल्द पुनः शुरू करने की मांग की। बैठक में यह भी मांग उठाई गई कि आकांक्षी जिला चंबा के Medical College Chamba में न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी और हृदय रोग विशेषज्ञों सहित आवश्यक विभागों को जल्द संचालित किया जाए, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। इसके अतिरिक्त परिषद ने जिला प्रशासन से नए बस अड्डे के पास खाली पड़ी भूमि पर अस्थायी पार्किंग की व्यवस्था करने की मांग भी की। सदस्यों का कहना है कि इससे शहर में बढ़ती वाहन समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।1
- Post by Shivinder singh Bhadwal1