बच्चो को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थाें का कराएं सेवन-सिविल सर्जन ... गर्मी में बच्चो की सुरक्षा हेतु सिविल सर्जन ने दी आवश्यक सलाह .... शहडोल 20 अप्रैल 2026- सिविल सर्जन जिला अस्पताल शहडोल डॉ. शिल्पी सराफ ने ग्रीष्मऋतु को दृष्टि रखते हुए बच्चो की सुरक्षा के लिए आवष्यक सलाह दी। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बच्चो को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थाें का सेवन कराएं, बच्चों को धूप में खेलने बचाएं, बेहोषी की स्थिति में बच्चे को कुछ भी खाने पीने को न दंे, गर्मी के मौसम में बच्चो के शरीर को अच्छे तरह ढककर रखें। सिविल सर्जन डॉ. षिल्पी सराफ ने बताया कि जब बच्चों को गर्मी लगे तो बच्चे को तुरंत अंदर या छाव में लाएं, नल के पानी से शरीर को पोंछे या पानी का छिड़काव करें, बच्चे के कपड़ो को जितना संभव हो, ढीला कर दें, यदि बच्चे होष में है तो उसे तुरंत ठंडा पानी पिलाएं, पैरो को थोड़ा ऊंचा करके लिटाएं, यदि बच्चे को उल्टियां हो तो उसे करवट के बल लिटाएं, ताकि गले में कुछ न फंसे एवं पंखे या ठंडी हवा का उपयोग करें। बच्चो को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थाें का कराएं सेवन-सिविल सर्जन ... गर्मी में बच्चो की सुरक्षा हेतु सिविल सर्जन ने दी आवश्यक सलाह .... शहडोल 20 अप्रैल 2026- सिविल सर्जन जिला अस्पताल शहडोल डॉ. शिल्पी सराफ ने ग्रीष्मऋतु को दृष्टि रखते हुए बच्चो की सुरक्षा के लिए आवष्यक सलाह दी। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बच्चो को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थाें का सेवन कराएं, बच्चों को धूप में खेलने बचाएं, बेहोषी की स्थिति में बच्चे को कुछ भी खाने पीने को न दंे, गर्मी के मौसम में बच्चो के शरीर को अच्छे तरह ढककर रखें। सिविल सर्जन डॉ. षिल्पी सराफ ने बताया कि जब बच्चों को गर्मी लगे तो बच्चे को तुरंत अंदर या छाव में लाएं, नल के पानी से शरीर को पोंछे या पानी का छिड़काव करें, बच्चे के कपड़ो को जितना संभव हो, ढीला कर दें, यदि बच्चे होष में है तो उसे तुरंत ठंडा पानी पिलाएं, पैरो को थोड़ा ऊंचा करके लिटाएं, यदि बच्चे को उल्टियां हो तो उसे करवट के बल लिटाएं, ताकि गले में कुछ न फंसे एवं पंखे या ठंडी हवा का उपयोग करें।
बच्चो को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थाें का कराएं सेवन-सिविल सर्जन ... गर्मी में बच्चो की सुरक्षा हेतु सिविल सर्जन ने दी आवश्यक सलाह .... शहडोल 20 अप्रैल 2026- सिविल सर्जन जिला अस्पताल शहडोल डॉ. शिल्पी सराफ ने ग्रीष्मऋतु को दृष्टि रखते हुए बच्चो की सुरक्षा के लिए आवष्यक सलाह दी। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बच्चो को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थाें का सेवन कराएं, बच्चों को धूप में खेलने बचाएं, बेहोषी की स्थिति में बच्चे को कुछ भी खाने पीने को न दंे, गर्मी के मौसम में बच्चो के शरीर को अच्छे तरह ढककर रखें। सिविल सर्जन डॉ. षिल्पी सराफ ने बताया कि जब बच्चों को गर्मी लगे तो बच्चे को तुरंत अंदर या छाव में लाएं, नल के पानी से शरीर को पोंछे या पानी का छिड़काव करें, बच्चे के कपड़ो को जितना संभव हो, ढीला कर दें, यदि बच्चे होष में है तो उसे तुरंत ठंडा पानी पिलाएं, पैरो को थोड़ा ऊंचा करके लिटाएं, यदि बच्चे को उल्टियां हो तो उसे करवट के बल लिटाएं, ताकि गले में कुछ न फंसे एवं पंखे या ठंडी हवा का उपयोग करें। बच्चो को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थाें का कराएं सेवन-सिविल सर्जन ... गर्मी में बच्चो की सुरक्षा हेतु सिविल सर्जन ने दी आवश्यक सलाह .... शहडोल 20 अप्रैल 2026- सिविल सर्जन जिला अस्पताल शहडोल डॉ. शिल्पी सराफ ने ग्रीष्मऋतु को दृष्टि रखते हुए बच्चो की सुरक्षा के लिए आवष्यक सलाह दी। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बच्चो को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थाें का सेवन कराएं, बच्चों को धूप में खेलने बचाएं, बेहोषी की स्थिति में बच्चे को कुछ भी खाने पीने को न दंे, गर्मी के मौसम में बच्चो के शरीर को अच्छे तरह ढककर रखें। सिविल सर्जन डॉ. षिल्पी सराफ ने बताया कि जब बच्चों को गर्मी लगे तो बच्चे को तुरंत अंदर या छाव में लाएं, नल के पानी से शरीर को पोंछे या पानी का छिड़काव करें, बच्चे के कपड़ो को जितना संभव हो, ढीला कर दें, यदि बच्चे होष में है तो उसे तुरंत ठंडा पानी पिलाएं, पैरो को थोड़ा ऊंचा करके लिटाएं, यदि बच्चे को उल्टियां हो तो उसे करवट के बल लिटाएं, ताकि गले में कुछ न फंसे एवं पंखे या ठंडी हवा का उपयोग करें।
- मानपुर नगर में लगने वाले जानलेवा जाम से बेहाल है आवाम-बेकाम साबित हो रहा 4 साल बीतने के बाद भी नप. प्रशासन। *(आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी उमरिया)* मानपुर नगर इन दिनों रोज़ाना लगने वाले जाम से जूझ रहा है। बस स्टैंड सहित मुख्य मार्गों पर घंटों तक वाहनों की कतारें लग रही हैं, जिससे आमजन की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्कूल जाने वाले बच्चे देर से पहुंच रहे हैं, मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे, और रोज़मर्रा के कामकाज में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस अव्यवस्था से प्रशासनिक अधिकारी भी अछूते नहीं हैं। कई बार खंड स्तर के अधिकारी खुद जाम में घंटों फंसे नजर आते हैं। बावजूद इसके, समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है, जिससे व्यवस्था पर सवाल और गहरे हो रहे हैं। बस स्टैंड क्षेत्र के व्यापारियों की स्थिति चिंताजनक है। उनका कहना है कि ऑनलाइन बाजार ने पहले ही व्यापार कमजोर कर दिया था, अब जाम के कारण ग्राहक दुकान तक नहीं पहुंच पा रहे। इससे बिक्री लगातार घट रही है और छोटे व्यापारियों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इधर, मानपुर पुलिस को रोज़ अपने अन्य थाना संबंधी कार्य छोड़कर ट्रैफिक व्यवस्था संभालनी पड़ रही है। स्थानीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाने में जुटे रहते हैं, लेकिन यह प्रयास सिर्फ अस्थायी राहत तक सीमित है। अगले ही दिन हालात फिर वही हो जाते हैं। नगर परिषद पर भी सवाल उठ रहे हैं। चुनाव के समय बस स्टैंड के विकास, पार्किंग व्यवस्था और ट्रैफिक सुधार के जो वादे किए गए थे, चार साल बाद भी वे जमीन पर नजर नहीं आते। न अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई हो पाई है, न ही कोई ठोस ट्रैफिक योजना लागू हो सकी है। मानपुर की जनता और व्यापारी अब स्पष्ट समाधान की मांग कर रहे हैं—तय पार्किंग व्यवस्था, अतिक्रमण पर सख्ती और स्थायी ट्रैफिक प्रबंधन। वरना यह जाम सिर्फ रास्ता ही नहीं रोकेगा, बल्कि नगर की आर्थिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर असर डालता रहेगा।3
- Post by नमस्ते विंध्य1
- Post by Prime 24 News1
- शहडोल। मेडिकल कॉलेज शहडोल एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इलाज, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। शिकायतकर्ता कैलाश यादव ने अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को उजागर करते हुए आरोप लगाया कि यहां मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा, सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह लचर है और मौके पर पुलिस भी नदारद रहती है। वीडियो में कथित तौर पर गार्डों की गुंडागर्दी के दृश्य सामने आए हैं, जिससे अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों और उनके परिजनों के साथ दुर्व्यवहार की बात भी सामने आ रही है। सुरक्षा पर सबसे बड़ा सवाल जहां एक ओर अस्पताल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए, वहीं दूसरी ओर गार्डों पर ही बदसलूकी और दबंगई के आरोप लगना स्थिति को और गंभीर बना रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आता है या नहीं, इस पर अब सबकी नजरें टिकी हैं। फिलहाल, अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- कांग्रेस को अपने कर्मों की कीमत चुकानी होगी। इस पार्टी ने हमारी बहनों के अधिकार छीनने का काम किया है। नारी शक्ति वंदन विधेयक को जिस तरह से सदन में गिराया गया, उससे स्पष्ट है कि वे नहीं चाहते कि हमारी बहनों को उनका अधिकार मिले, लेकिन अब हमारी बहनें चुप नहीं बैठेंगी। हम लोकतांत्रिक तरीके से, सड़क से लेकर संसद तक अपनी बहनों के साथ मिलकर कांग्रेस का विरोध करेंगे। *- डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*1
- Post by Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa1
- Post by JOURNALIST RIPPU PANDEY4
- सतना। मध्यप्रदेश के सतना जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां 11 साल के मासूम की हत्या कर उसका शव नीले ड्रम में छिपा दिया गया। घटना कोलगवां थाना क्षेत्र की बैंक कॉलोनी की है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। सोमवार दोपहर बच्चे के लापता होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। घर के बाहर ताला लगा मिला, जिसे तोड़कर जब पुलिस अंदर घुसी तो नज़ारा रोंगटे खड़े कर देने वाला था। कमरे में खून के निशान, बिस्तर पर खून से सना तकिया और दीवारों पर छींटे मिले। तलाशी के दौरान नीले ड्रम से बच्चे का शव बरामद किया गया। मृतक की पहचान शिवराज रजक (11) के रूप में हुई है, जो कक्षा 5वीं का छात्र था। वारदात के वक्त वह घर में अकेला था—मां काम पर, बहन कॉलेज और भाई मजदूरी के लिए बाहर गया हुआ था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मथुरा रजक (45), जो पड़ोसी बताया जा रहा है, ने धारदार हथियार से वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गया। रंजिश बनी हत्या की वजह! प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी और मृतक के पिता के बीच कुछ दिन पहले विवाद हुआ था। इसी रंजिश के चलते मासूम को निशाना बनाया गया। मृतक के पिता फिलहाल महाराष्ट्र के नासिक में मजदूरी करते हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।1