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एक वकील किसी आवश्यक दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर या नोट लिखने के लिए इंस्पेक्टर के पास गया। उसने विनम्रता से कहा, "सर, कृपया अपना पेन कुछ क्षण के लिए दे दीजिए, मुझे एक जरूरी बात लिखनी है।" इंस्पेक्टर ने बिना कोई कारण बताए पेन देने से मना कर दिया। वकील ने शांतिपूर्वक स्थिति को स्वीकार किया और किसी अन्य व्यक्ति से पेन लेकर अपना कार्य पूरा किया। इस घटना से यह सीख मिलती है कि यदि किसी की छोटी-सी सहायता की जा सकती हो, तो यथासंभव सहयोग करना चाहिए। सहयोग और शिष्टाचार से कार्यस्थल का वातावरण अधिक सकारात्मक और सम्मानजनक बनता है।
Hari Singh Gautam
एक वकील किसी आवश्यक दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर या नोट लिखने के लिए इंस्पेक्टर के पास गया। उसने विनम्रता से कहा, "सर, कृपया अपना पेन कुछ क्षण के लिए दे दीजिए, मुझे एक जरूरी बात लिखनी है।" इंस्पेक्टर ने बिना कोई कारण बताए पेन देने से मना कर दिया। वकील ने शांतिपूर्वक स्थिति को स्वीकार किया और किसी अन्य व्यक्ति से पेन लेकर अपना कार्य पूरा किया। इस घटना से यह सीख मिलती है कि यदि किसी की छोटी-सी सहायता की जा सकती हो, तो यथासंभव सहयोग करना चाहिए। सहयोग और शिष्टाचार से कार्यस्थल का वातावरण अधिक सकारात्मक और सम्मानजनक बनता है।
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- पुलिस वाले अगर गुंडागर्दी करें तो लोकतंत्र में जवाब देना सीखो लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति या संस्था कानून से ऊपर नहीं होती। यदि कोई पुलिसकर्मी अपने अधिकारों का दुरुपयोग करता है या अनुचित व्यवहार करता है, तो नागरिकों को संविधान और कानून के दायरे में रहकर उसका जवाब देने का अधिकार है। जवाब का अर्थ हिंसा या अभद्रता नहीं, बल्कि शिकायत दर्ज कराना, उच्च अधिकारियों से संपर्क करना, न्यायालय का सहारा लेना और अपने अधिकारों की रक्षा करना है। एक मजबूत लोकतंत्र में पुलिस और जनता दोनों की जिम्मेदारी है कि वे कानून का सम्मान करें तथा न्याय, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखें ।1
- जन्म प्रमाण पत्र के आवेदन जमा करने के नाम पर पीड़ित ने अवैध वसूली के लगाए गम्भीर आरोप अलीगढ़। जनपद अलीगढ़ की नगर पालिका परिषद स्थित जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण एकल विंडो पर जन्म प्रमाण पत्र के आवेदन जमा करने के दौरान कर्मचारियों द्वारा अवैध वसूली किए जाने का मामला सामने आया, पीड़ित प्रदीप कुमार, पुत्र तित्रपाल सिंह, निवासी नगला डालचंद, गली नंबर-9, एटा चुंगी, क्वार्सी बाईपास, धनीपुर (अलीगढ़) ने जन्म प्रमाण पत्र के आवेदन जमा करने के नाम पर पीड़ित ने अवैध वसूली के लगाए गम्भीर आरोप कि वह अपनी बेटी पायल तथा अपने भाई गजेंद्र के पुत्र एकांत का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नगर पालिका परिषद पहुंचा था। प्रदीप कुमार के अनुसार, एक आवेदन पत्र जोन संख्या-2 की खिड़की पर जमा किया गया, जहां आवेदन स्वीकार करने के नाम पर 100 रुपए लिए गए। वहीं दूसरे बच्चे का आवेदन जोन संख्या-1 की खिड़की पर जमा करने पर 150 रुपए वसूले गए। दोनों बच्चों का जन्म अलग - अलग अस्पतालों में होने के कारण उनके आवेदन अलग-अलग जोन में जमा हुए। पीड़ित का आरोप है, कि दोनों आवेदन पत्रों के नाम पर कुल 250 रुपए वसूले गए, जबकि उसकी जानकारी के अनुसार जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन एवं प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत निशुल्क होती है। पीड़ित ने मामले की जांच कर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही करने तथा अवैध वसूली पर रोक लगाए जाने की मांग की है।2
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