Shuru
Apke Nagar Ki App…
मुंगेली पुलिस ने चिल्फी क्षेत्र में मवेशी चोरी के एक मामले का बड़ा खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए चोरों के पास से ₹30,000 नकद भी बरामद किए गए हैं।
CG RIGHT TIMES NEWS
मुंगेली पुलिस ने चिल्फी क्षेत्र में मवेशी चोरी के एक मामले का बड़ा खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए चोरों के पास से ₹30,000 नकद भी बरामद किए गए हैं।
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- कवर्धा में पंडरिया थाना पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों, गजानंद कुर्रे और छन्नू कुर्रे को गिरफ्तार किया है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्राम कोदवागोडान-दामापुर मार्ग पर घेराबंदी कर दोनों को पकड़ा। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बिक्री के लिए ले जाई जा रही 34 पौवा देशी प्लेन शराब, जिसकी मात्रा 6.120 बल्क लीटर है, तथा परिवहन में इस्तेमाल की गई एक टीवीएस मोटरसाइकिल जब्त की। जब्त की गई इन सामग्री का कुल मूल्य ₹38,060 बताया गया है। पंडरिया पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देशों पर जिले में अवैध शराब के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी है।3
- एक बेहद अनोखी घटना सामने आई है, जहाँ एक भैंस ने मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना सीख लिया है। भैंस द्वारा अपने लिए मोबाइल से किया गया यह पहला काम उसके मालिक को भारी पड़ गया, जिससे मालिक भी हैरान रह गए। यह मजेदार खबर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।1
- छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में विधायक भावना बोहरा द्वारा आयोजित 'घर वापसी' कार्यक्रमों को लेकर विवाद और गहरा गया है। विधायक के सोशल मीडिया और मीडिया में 700 से अधिक लोगों की 'घर वापसी' के दावों पर स्थानीय समाज प्रतिनिधियों, ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। अब इस मामले में लोगों को प्रलोभन देने और जबरन संख्या बढ़ाने के सनसनीखेज आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की पुरजोर मांग की जा रही है। जामुनपानी के ग्राम पटेल रमेश कुमार धुर्वे ने इन तथाकथित कार्यक्रमों पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि गांवों में गाड़ियां भेजकर भोले-भाले आदिवासी लोगों को तरह-तरह के प्रलोभन दिए गए। उन्हें कार्यक्रम में ले जाकर पैर धुलवाने के लिए बैठा दिया जाता था और साड़ी, केला व कुछ पैसे देकर यह प्रचारित किया जाता था कि उनकी 'घर वापसी' कराई गई है। ग्राम पटेल ने यह भी सवाल उठाया कि क्षेत्र के जिन गांवों में वास्तव में 10 या 11 ईसाई परिवार रहते हैं, वे इस सभा में शामिल ही नहीं हुए, और आज भी वे अपने उसी धर्म का पालन कर रहे हैं। ऐसे में प्रश्न उठता है कि वास्तविक धर्म परिवर्तित लोग जब कार्यक्रम में नहीं थे, तो विधायक द्वारा दिखाए जा रहे 700 से अधिक के आंकड़े में किन लोगों को शामिल किया गया है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आनंद सिंह, अतुल बारगाह और चंद्रभान कोशले ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से मूल परंपरा में लौटता है तो वह स्वागत योग्य है। हालांकि, जब सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया (Reels) के माध्यम से 700 से अधिक लोगों की 'घर वापसी' के विशाल आंकड़े दिखाए जाते हैं, तो समाज और जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि वे लोग कौन हैं। वक्ताओं ने मांग की है कि विधायक भावना बोहरा द्वारा प्रचारित किए जा रहे उन 700 लोगों की ग्रामवार और नामवार सूची तत्काल सार्वजनिक की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। बूचीपारा ग्राम पंचायत के पंच, उपसरपंच और ग्रामीणों ने बताया कि कूल्हीडोंगरी, नागाडबरा, पिपरहा, जामुनपानी और छिरहा जैसे वनांचल क्षेत्रों में आदिवासी समाज के लोग पीढ़ियों से अपनी पारंपरिक आस्था का पालन करते आ रहे हैं, और इन क्षेत्रों के लगभग 200 परिवारों की 'घर वापसी' का दावा जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता। नारायण सिंह धुर्वे ने बताया कि वे पहले से ही सामाजिक स्तर पर अपनी पारंपरिक आस्था से जुड़े हुए थे, इसके बावजूद उन्हें दोबारा कार्यक्रम में 'घर वापसी' के रूप में प्रदर्शित कर दिया गया, जो केवल संख्या बढ़ाने का प्रयास प्रतीत होता है। मामले में राजनीतिक व प्रशासनिक दबाव के आरोप भी लगे हैं। कूल्हीडोंगरी के पूर्व सरपंच एवं आदिवासी समाज प्रतिनिधि कृष्णा परस्ते ने आरोप लगाया कि उन्हें इस विसंगति के खिलाफ आवाज उठाने की सजा दी जा रही है; उनके खिलाफ थाने में झूठी शिकायत करवाई गई और शिकायत न लिखने पर स्थानीय थानेदार का तबादला तक कर दिया गया। उन्होंने इस दमनकारी नीति की निष्पक्ष जांच की मांग की है। समाज प्रमुखों ने यह भी बताया कि प्रेस वार्ता के लिए पहले पुराना सर्किट हाउस आवंटित किया गया था, लेकिन ऐन वक्त पर सुबह 10:30 बजे आवंटन निरस्त कर दिया गया ताकि वे अपनी बात मीडिया के सामने न रख सकें। क्षेत्रवासियों और समाज प्रतिनिधियों ने जिला एवं पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की स्वतंत्र और तथ्यपरक जांच कराने की मांग की है, क्योंकि यह वनांचल के सीधे-साधे आदिवासियों की सामाजिक विश्वसनीयता और जनविश्वास से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा है।1
- छत्तीसगढ़ के शिवरीनारायण राहौद की 9 वर्षीय रिद्धांशी साहू ने अबेकस में अपनी असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए अबेकस चैंपियन का खिताब जीता है। कक्षा तीसरी में पढ़ने वाली रिद्धांशी ने हाल ही में रायगढ़ के अग्रोहा धाम में आयोजित राज्य स्तरीय अबेकस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, जहाँ उन्होंने लिसनिंग कॉम्पीटीशन में फर्स्ट रनर-अप और विजुअल कॉम्पीटीशन में चैंपियन बनकर बड़ी उपलब्धि हासिल की। इस दौरान उन्होंने मात्र 10 मिनट में गणित के 200 सवाल हल करके सभी को चौंका दिया। रिद्धांशी के पिता विश्वा साहू और माता रिंकी साहू बताते हैं कि जब रिद्धांशी ने जांजगीर की रेणुका शर्मा मैम की ऑनलाइन अबेकस क्लास जॉइन की थी, तब वह अन्य छात्रों की तरह गणित में एक औसत छात्रा थी। हालाँकि, अब वह अपने से बड़ी कक्षाओं के बच्चों को कड़ी टक्कर देती है और उसके लिए गणित 'बाएँ हाथ का खेल' बन गया है। जहाँ आज बड़े उम्र के लोग कैलकुलेटर के बिना रोज़मर्रा का हिसाब-किताब लगाने में संघर्ष करते हैं, वहीं रिद्धांशी साहू कैलकुलेटर से भी तेज़ गति से चुटकियों में सवाल हल करती है। रिद्धांशी की अबेकस क्लास की शिक्षिका रेणुका शर्मा ने बताया कि अबेकस क्लास 6 से 13 वर्ष के बच्चों के लिए है, जिसमें सप्ताह में दो दिन एक घंटे की ऑनलाइन कक्षाएँ होती हैं। इन कक्षाओं में नौ अलग-अलग स्टेप्स को एक अनूठे तरीके से पढ़ाया जाता है, जिससे बच्चों की गणित के प्रति रुचि बढ़ती है और उनका डर खत्म हो जाता है। शिक्षिका के अनुसार, यह कक्षाएँ बच्चों की छुपी हुई स्किल्स को भी विकसित करती हैं, जिससे वे सामान्य बच्चों की तुलना में गणित के सवाल तेज़ी से हल करने के साथ-साथ लिखने और सुनकर समझने की गति को दोगुना से अधिक बढ़ा लेते हैं। फ्लैश कार्ड एक्टिविटी और ब्रेन डेवलपमेंट एक्सरसाइज़ के माध्यम से बच्चे अधिक समझदार, स्मार्ट और पढ़ाई में तेज़ बनते हैं।1
- कबीरधाम पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक तस्कर को धर दबोचा है। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने तस्कर के पास से 11 किलोग्राम गांजा और 1 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। कबीरधाम पुलिस के इस एक्शन को एक महत्वपूर्ण सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।1
- रायपुर पुलिस द्वारा नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत, खमतराई पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ बिक्री से पहले ही दो गांजा तस्करों को दबोच लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 02 किलो 40 ग्राम अवैध गांजा, दो वाहन और मोबाइल फोन सहित कुल ₹1.80 लाख की संपत्ति जब्त की है। पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) श्री मयंक गुर्जर (भा.पु.से.) के निर्देशानुसार अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, 05 जून 2026 को खमतराई पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति सफेद एक्टिवा क्रमांक CG 04 NM 4477 में गांजा लेकर मेटल पार्क रोड, रावांभाठा क्षेत्र में बिक्री करने आ रहा है। सूचना पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) श्री आकाश मरकाम और सहायक पुलिस आयुक्त उरला सुश्री पूर्णिमा लामा के मार्गदर्शन में खमतराई टीम ने घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोका। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम महेन्द्र कुमार ध्रुव बताया, जिसके वाहन की तलाशी में एक्टिवा की डिक्की से 02 किलो 40 ग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹1,00,000/- है। पूछताछ में आरोपी महेन्द्र कुमार ध्रुव ने स्वीकार किया कि वह यह गांजा सरायपाली क्षेत्र से लाकर रायपुर में सुधांशु अवधिया के पास खपाने की तैयारी में था। पुलिस ने महेन्द्र कुमार ध्रुव को मौके पर गिरफ्तार कर गांजा, वाहन और मोबाइल फोन जब्त कर लिया। इसके बाद, अन्य आरोपी सुधांशु उर्फ शुभम अवधिया पिता दीपक अवधिया (उम्र 22 वर्ष, निवासी वीरगांव, रायपुर) को 06 जून 2026 की सुबह विधिवत गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के विरुद्ध थाना खमतराई में अपराध क्रमांक 500/2026 धारा 20(बी), 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है और प्रकरण में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की तलाश जारी है। जब्त की गई संपत्ति में 02.040 किलोग्राम गांजा (₹1,00,000/-), एक्टिवा CG 04 NM 4477 (₹50,000/-), एक बिना नंबर हीरो होंडा स्प्लेंडर (₹10,000/-) और 02 नग मोबाइल फोन (₹20,000/-) शामिल हैं, जिनकी कुल जुमला जब्ती ₹1,80,000/- है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम महेन्द्र कुमार ध्रुव पिता सुनील कुमार ध्रुव (उम्र 44 वर्ष, निवासी बीरगांव, थाना खमतराई, रायपुर) और सुधांशु उर्फ शुभम अवधिया पिता दीपक अवधिया (उम्र 22 वर्ष, निवासी बीरगांव, थाना खमतराई, रायपुर) हैं। खमतराई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ उनकी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।3
- सिरली तहसील हरदी बाजार जिला कोरबा छत्तीसगढ़ मैं जामिन है दो एकाद 46 दशमलव 15000 दशमलव 1500000 एकाद1
- गरियाबंद पुलिस ने 'नशे के विरुद्ध नया सवेरा अभियान' के तहत कार्रवाई करते हुए राजिम थाना क्षेत्र से दो आरोपियों को 7.380 लीटर अवैध देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राजिम के धान मंडी रोड के पास की गई, जहाँ ओमप्रकाश परमार उर्फ प्रकाश (उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम पोखरा, थाना राजिम, जिला गरियाबंद) और नारायण मारकण्डे (उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम लोहरसी, थाना राजिम) को घेराबंदी कर पकड़ा गया। आरोपियों के कब्जे से कुल 41 पौवा देशी प्लेन शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत 3280 रुपये बताई गई है। घटना में प्रयुक्त सीजी-04-एलएस-8817 नंबर की प्लेजर स्कूटी को भी पुलिस ने जब्त कर लिया। गरियाबंद पुलिस द्वारा समस्त थाना प्रभारियों को अवैध नशे के परिवहन और बिक्री के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसी के अनुपालन में, 7 जून 2026 को थाना प्रभारी राजिम को मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति स्कूटी पर अवैध शराब ले जा रहे हैं। सूचना के आधार पर तत्काल मौके पर स्टाफ भेजकर रेड की कार्रवाई की गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध दर्ज कर, पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।1
- कोरबा जिले के जोगी पाली क्षेत्र में अवैध उत्खनन के खिलाफ खनिज विभाग ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है।1