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कवर्धा में पंडरिया थाना पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों, गजानंद कुर्रे और छन्नू कुर्रे को गिरफ्तार किया है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्राम कोदवागोडान-दामापुर मार्ग पर घेराबंदी कर दोनों को पकड़ा। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बिक्री के लिए ले जाई जा रही 34 पौवा देशी प्लेन शराब, जिसकी मात्रा 6.120 बल्क लीटर है, तथा परिवहन में इस्तेमाल की गई एक टीवीएस मोटरसाइकिल जब्त की। जब्त की गई इन सामग्री का कुल मूल्य ₹38,060 बताया गया है। पंडरिया पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देशों पर जिले में अवैध शराब के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी है।
KT CHHATTISGARH NEWS
कवर्धा में पंडरिया थाना पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों, गजानंद कुर्रे और छन्नू कुर्रे को गिरफ्तार किया है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्राम कोदवागोडान-दामापुर मार्ग पर घेराबंदी कर दोनों को पकड़ा। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बिक्री के लिए ले जाई जा रही 34 पौवा देशी प्लेन शराब, जिसकी मात्रा 6.120 बल्क लीटर है, तथा परिवहन में इस्तेमाल की गई एक टीवीएस मोटरसाइकिल जब्त की। जब्त की गई इन सामग्री का कुल मूल्य ₹38,060 बताया गया है। पंडरिया पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देशों पर जिले में अवैध शराब के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी है।
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- बिलासपुर शहर में दूषित और बदबूदार पेयजल आपूर्ति के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को नगर निगम मुख्यालय का घेराव कर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और पूर्व विधायक शैलेश पांडेय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गंदे पानी से भरी बोतलें लेकर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निगम परिसर में मटकी फोड़कर अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के कई वार्डों में लंबे समय से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो पार्टी जनहित में उग्र आंदोलन करेगी। प्रदर्शन के बाद, एक प्रतिनिधिमंडल ने निगम अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर शहरवासियों को स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की। इस दौरान निगम मुख्यालय में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।3
- बिलासपुर जिले के तोरवा स्थित सिंधु भवन में शांता फाउंडेशन द्वारा एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर, फाउंडेशन ने 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अच्छे अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें मोमेंटो और प्रमाण पत्र प्रदान कर दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जहाँ उन्हें उनकी अकादमिक उपलब्धि के लिए पहचान और प्रोत्साहन मिला।4
- Available for Sale - Commercial Plot Locality : koni Area (dimensions) : 15180 Expected Price : 53130000 Property Type : Commercial Plot कोनी, बिलासपुर में Guru Ghasidas University के आगे तथा Apna Dhaba के पास स्थित प्रीमियम कमर्शियल प्लॉट उपलब्ध। लगभग 92 फीट फ्रंटेज एवं 165 फीट गहराई वाला यह विशाल प्लॉट मुख्य सड़क से उत्कृष्ट कनेक्टिविटी के साथ बेहतरीन व्यावसायिक संभावनाएँ प्रदान करता है। शोरूम, होटल, रेस्टोरेंट, ऑफिस, कोचिंग सेंटर, हॉस्पिटल एवं अन्य व्यावसायिक परियोजनाओं के लिए उपयुक्त यह प्लॉट तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में स्थित है। निवेश एवं व्यवसाय दोनों दृष्टिकोण से यह एक उत्कृष्ट अवसर है, जहाँ भविष्य में मूल्यवृद्धि की अच्छी संभावनाएँ हैं।2
- डिंडौरी जिले के शाहपुर थाने में एक युवक के पुलिस अभिरक्षा से गायब होने का गंभीर मामला सामने आया है। युवक की मां ने पुलिस पर लापरवाही और अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया है। शिकायतकर्ता सिंघिया बाई, निवासी ग्राम गोरखपुर, ने बताया कि उनका पुत्र उमेश धुर्वे 12 अप्रैल को गांव की एक नाबालिग युवती के साथ मजदूरी करने केरल गया था। पुलिस की पूछताछ के बाद मां ने उमेश को फोन करके वापस बुलाया और 2 जून को वह लौट आया। इसके बाद महिला विगत शनिवार को अपने पुत्र और नाबालिग युवती को लेकर थाने पहुंची, जहाँ युवती ने अपनी मर्जी से केरल जाने की बात कही, जिसके बाद उसे घर भेज दिया गया। पुलिस ने उमेश को अपनी अभिरक्षा में ले लिया था। रविवार शाम को मां ने थाने में उमेश से मुलाकात भी की, लेकिन उसी रात लगभग दस बजे दो पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और उमेश के बारे में पूछा। जब मां ने बेटे के घर न आने की बात कहते हुए अनहोनी की आशंका जताई और पुलिसकर्मियों से पूछताछ की, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला और वे वापस लौट गए। सोमवार सुबह जब महिला थाने पहुंची, तो उमेश की मोटरसाइकिल वहाँ खड़ी थी, लेकिन उमेश गायब था। अनहोनी का अंदेशा जताते हुए महिला ने अपने परिचितों को बताया और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अपने पुत्र के पुलिस अभिरक्षा से गायब होने की शिकायत दर्ज कराई। महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके पुत्र को छोड़ने के लिए 30 हजार रुपये की मांग की गई थी। युवक के गायब होने के बाद शाहपुर पुलिस परिजनों पर दबाव बना रही है, उनसे उमेश धुर्वे का पता लगाने और थाने में खड़ी उसकी मोटरसाइकिल व जब्त किया गया मोबाइल वापस ले जाने को कह रही है। महिला ने यह भी बताया कि पुलिसकर्मी बीती रात लगभग डेढ़ बजे भी उनके घर पहुंचे थे, और उन्हें अब खुद भी पुलिस कार्रवाई का डर सता रहा है। शाहपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर पूर्व में भी सवाल उठ चुके हैं। लगभग एक सप्ताह पहले छिंदगांव गांव में एक धार्मिक आयोजन के दौरान चोरी के आरोप में एक नाबालिग सहित दो बच्चों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। तब नाबालिग के परिजन और ग्रामीण थाने पहुंचे थे और बेवजह बच्चों पर आरोप लगाकर उन्हें थाने लाने पर सवाल उठाए थे। हंगामे के बाद पुलिस ने नाबालिग और अन्य युवक को उनके परिजनों को सौंपा था, जानकारी के अनुसार नाबालिगों को लगभग पांच घंटे तक थाने में बैठाकर रखा गया था। यह ताजा घटनाक्रम शाहपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है, खासकर जब आरोपी रविवार रात करीब 10:30 बजे पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया।4
- डिंडोरी में पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के निर्देश पर गाड़ासरई पुलिस ने 08 जून को अवैध शराब के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की गई। पुलिस टीम ने ग्राम कोसमडीह में घेराबंदी कर दबिश दी, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी नानु उर्फ विवेक परस्ते (26 वर्ष) के घर के पास बाड़ी में, धान के पैरा के नीचे छिपाकर रखी गई 140 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई। जब्त की गई शराब की अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 10 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया और उसे न्यायालय में पेश किया। इस सराहनीय सफलता में थाना प्रभारी अमृत कुमार तिग्गा सहित पूरी गाड़ासरई पुलिस टीम की मुख्य भूमिका रही।3
- डिंडोरी जनसुनवाई में मजियाखार संगम टोला में निवास कर रही एक बेसहारा साध्वी माता जी ने अपनी सुरक्षा को लेकर कलेक्टर से गुहार लगाई है। साध्वी माता जी ने बताया कि उन्हें असामाजिक तत्वों द्वारा लगातार सताया जा रहा है, जिसके कारण उन्होंने कलेक्टर से सुरक्षा प्रदान करने की अपील की है।3
- छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में विधायक भावना बोहरा द्वारा आयोजित 'घर वापसी' कार्यक्रमों को लेकर विवाद और गहरा गया है। विधायक के सोशल मीडिया और मीडिया में 700 से अधिक लोगों की 'घर वापसी' के दावों पर स्थानीय समाज प्रतिनिधियों, ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। अब इस मामले में लोगों को प्रलोभन देने और जबरन संख्या बढ़ाने के सनसनीखेज आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की पुरजोर मांग की जा रही है। जामुनपानी के ग्राम पटेल रमेश कुमार धुर्वे ने इन तथाकथित कार्यक्रमों पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि गांवों में गाड़ियां भेजकर भोले-भाले आदिवासी लोगों को तरह-तरह के प्रलोभन दिए गए। उन्हें कार्यक्रम में ले जाकर पैर धुलवाने के लिए बैठा दिया जाता था और साड़ी, केला व कुछ पैसे देकर यह प्रचारित किया जाता था कि उनकी 'घर वापसी' कराई गई है। ग्राम पटेल ने यह भी सवाल उठाया कि क्षेत्र के जिन गांवों में वास्तव में 10 या 11 ईसाई परिवार रहते हैं, वे इस सभा में शामिल ही नहीं हुए, और आज भी वे अपने उसी धर्म का पालन कर रहे हैं। ऐसे में प्रश्न उठता है कि वास्तविक धर्म परिवर्तित लोग जब कार्यक्रम में नहीं थे, तो विधायक द्वारा दिखाए जा रहे 700 से अधिक के आंकड़े में किन लोगों को शामिल किया गया है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आनंद सिंह, अतुल बारगाह और चंद्रभान कोशले ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से मूल परंपरा में लौटता है तो वह स्वागत योग्य है। हालांकि, जब सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया (Reels) के माध्यम से 700 से अधिक लोगों की 'घर वापसी' के विशाल आंकड़े दिखाए जाते हैं, तो समाज और जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि वे लोग कौन हैं। वक्ताओं ने मांग की है कि विधायक भावना बोहरा द्वारा प्रचारित किए जा रहे उन 700 लोगों की ग्रामवार और नामवार सूची तत्काल सार्वजनिक की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। बूचीपारा ग्राम पंचायत के पंच, उपसरपंच और ग्रामीणों ने बताया कि कूल्हीडोंगरी, नागाडबरा, पिपरहा, जामुनपानी और छिरहा जैसे वनांचल क्षेत्रों में आदिवासी समाज के लोग पीढ़ियों से अपनी पारंपरिक आस्था का पालन करते आ रहे हैं, और इन क्षेत्रों के लगभग 200 परिवारों की 'घर वापसी' का दावा जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता। नारायण सिंह धुर्वे ने बताया कि वे पहले से ही सामाजिक स्तर पर अपनी पारंपरिक आस्था से जुड़े हुए थे, इसके बावजूद उन्हें दोबारा कार्यक्रम में 'घर वापसी' के रूप में प्रदर्शित कर दिया गया, जो केवल संख्या बढ़ाने का प्रयास प्रतीत होता है। मामले में राजनीतिक व प्रशासनिक दबाव के आरोप भी लगे हैं। कूल्हीडोंगरी के पूर्व सरपंच एवं आदिवासी समाज प्रतिनिधि कृष्णा परस्ते ने आरोप लगाया कि उन्हें इस विसंगति के खिलाफ आवाज उठाने की सजा दी जा रही है; उनके खिलाफ थाने में झूठी शिकायत करवाई गई और शिकायत न लिखने पर स्थानीय थानेदार का तबादला तक कर दिया गया। उन्होंने इस दमनकारी नीति की निष्पक्ष जांच की मांग की है। समाज प्रमुखों ने यह भी बताया कि प्रेस वार्ता के लिए पहले पुराना सर्किट हाउस आवंटित किया गया था, लेकिन ऐन वक्त पर सुबह 10:30 बजे आवंटन निरस्त कर दिया गया ताकि वे अपनी बात मीडिया के सामने न रख सकें। क्षेत्रवासियों और समाज प्रतिनिधियों ने जिला एवं पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की स्वतंत्र और तथ्यपरक जांच कराने की मांग की है, क्योंकि यह वनांचल के सीधे-साधे आदिवासियों की सामाजिक विश्वसनीयता और जनविश्वास से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा है।1
- दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र स्थित सेवा सहकारी समिति मर्यादित रौंदा के धान उपार्जन केंद्र में ₹15 लाख 8 हजार 161 रुपये की गंभीर वित्तीय अनियमितता सामने आई है। आकस्मिक निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड में दर्ज धान के स्टॉक और गोदाम में मौजूद वास्तविक भंडारण के बीच बड़ा अंतर पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित समिति प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। यह गड़बड़ी 29 मई को उस समय उजागर हुई जब खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की एक संयुक्त जांच टीम ने धान उपार्जन केंद्र का अचानक निरीक्षण किया। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के रिकॉर्ड के अनुसार, समिति द्वारा कुल 73,952.80 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज की गई थी। इसमें से 65,657.62 क्विंटल धान मिलरों को जारी किया जा चुका था और 7,678.10 क्विंटल धान संग्रहण केंद्र भेजा गया था। इस हिसाब से उपार्जन केंद्र में 617.08 क्विंटल धान शेष होना चाहिए था। हालाँकि, टीम के भौतिक सत्यापन के दौरान गोदाम में मात्र 142 कट्टों में रखा 56.80 क्विंटल सरना धान ही मिला, जिससे रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच 560.28 क्विंटल धान की भारी कमी पाई गई। इसके अतिरिक्त, जांच के दौरान रिकॉर्ड के अनुसार 2103 नए बारदाने भी उपलब्ध नहीं मिले। धान और इन बारदानों की कुल कमी का मूल्यांकन ₹15,08,161 किया गया है। जांच टीम में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक धमधा शाखा के प्रबंधक भूपेंद्र सिंह मढ़रिया, सहायक खाद्य अधिकारी शशि सिंह, खाद्य निरीक्षक सुधा महिलांग और सहकारिता निरीक्षक प्रजय सोनी शामिल थे। टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार कर अपनी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी। प्रारंभिक जांच में इसे सरकारी संपत्ति और सार्वजनिक धन से जुड़ी गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए समिति प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच शुरू कर दी गई है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि धान और बारदानों की यह कमी लापरवाही का परिणाम है या फिर किसी सुनियोजित गबन का मामला। इस कार्रवाई के बाद जिले की अन्य धान उपार्जन समितियों में भी हलचल बढ़ गई है, और प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि धान खरीदी तथा भंडारण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी ऐसे आकस्मिक निरीक्षण जारी रहेंगे।1
- बिलासपुर के सिरगिट्टी में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस हंगामे के चलते प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोक भी हुई।1