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डिंडोरी जनसुनवाई में मजियाखार संगम टोला में निवास कर रही एक बेसहारा साध्वी माता जी ने अपनी सुरक्षा को लेकर कलेक्टर से गुहार लगाई है। साध्वी माता जी ने बताया कि उन्हें असामाजिक तत्वों द्वारा लगातार सताया जा रहा है, जिसके कारण उन्होंने कलेक्टर से सुरक्षा प्रदान करने की अपील की है।
Santosh Ahirwar
डिंडोरी जनसुनवाई में मजियाखार संगम टोला में निवास कर रही एक बेसहारा साध्वी माता जी ने अपनी सुरक्षा को लेकर कलेक्टर से गुहार लगाई है। साध्वी माता जी ने बताया कि उन्हें असामाजिक तत्वों द्वारा लगातार सताया जा रहा है, जिसके कारण उन्होंने कलेक्टर से सुरक्षा प्रदान करने की अपील की है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- शहडोल जिले में इन दिनों आबकारी विभाग की मिलीभगत और शराब माफियाओं की मनमानी का एक खुला खेल चल रहा है। अवैध शराब की बिक्री पूरे जिले में जोरों पर है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी कथित तौर पर गहरी नींद में सोए हुए हैं। आलम यह है कि वैध दुकानों पर भी सरेआम 'लूट' मची है, जहाँ हर बोतल पर प्रिंट रेट (MRP) से कहीं अधिक दाम वसूले जा रहे हैं। सबसे चौंकाने वाला और गंभीर मामला शराब दुकानों के संचालन के समय को लेकर है। सरकारी नियमानुसार दुकानें बंद होने का समय तय है, लेकिन शहडोल में ये नियम सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। रात के सन्नाटे में, जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब इन लाइसेंसी शराब दुकानों के शटर आंशिक रूप से उठ जाते हैं और आधी रात को खिड़की व शटर के नीचे से बेखौफ होकर अवैध रूप से शराब की कालाबाजारी की जा रही है। आबकारी विभाग के कानों तक इन शटरों की आहट न पहुंचने या जानबूझकर अनदेखी करने पर बड़ा सवाल खड़ा होता है। शाम ढलते ही गली-कूचों और अवैध अहातों में जाम छलकने लगते हैं, जिससे प्रिंट रेट से ज्यादा वसूली और समय के बाद बिक्री को लेकर स्थानीय लोगों और पियक्कड़ों के बीच अक्सर विवाद की स्थिति बनती है, जो कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। आबकारी विभाग का यह सुस्त और उदासीन रवैया साफ तौर पर सांठगांठ के बड़े खेल की ओर इशारा करता है। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इस सुस्ती को नहीं तोड़ा गया, तो जिले में अवैध शराब का यह कारोबार किसी बड़ी घटना को निमंत्रण दे सकता है।1
- शहडोल में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहाँ बटूरा के पास NH-43 पर एक 16 चक्का ट्रेलर ने देवी दर्शन कर लौट रहे एक पूरे परिवार को रौंद दिया। इस भीषण हादसे में परिवार की एक बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।1
- उमरिया जिले के पाली थाना अंतर्गत घुनघुटी चौकी क्षेत्र में, पुलिस ने पशु तस्करी के आरोप में एक ट्रक को पकड़ा है। यह ट्रक नागालैंड पासिंग था और पशुओं की अवैध तस्करी कर उनका परिवहन कर रहा था।1
- रामपुर में जय अम्बे ओवरबर्डन कंपनी के कर्मचारी आलोक त्रिपाठी पर नौकरी दिलाने के नाम पर गरीबों से लाखों रुपये ठगने का सनसनीखेज आरोप लगा है। जब इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश होने लगा, तो कथित तौर पर मामले को दबाने और पुलिस-प्रशासन का ध्यान भटकाने के लिए इलाके में 'गोलीबारी' की झूठी अफवाह फैला दी गई। हमारी टीम द्वारा ग्राउंड जीरो पर पड़ताल करने पर इस अफवाह की सच्चाई सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। स्थानीय ग्रामीण श्रीराम विश्वकर्मा ने कैमरे पर बताया कि आलोक त्रिपाठी ने करीब दो महीने पहले उनसे और उनके छोटे भाई से नौकरी लगवाने के नाम पर ₹5 लाख की बड़ी रकम ली थी। नौकरी न मिलने और पैसे वापस मांगने पर, आलोक त्रिपाठी ने उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि आलोक त्रिपाठी ने अपनी चमड़ी बचाने और ₹5 लाख की राशि हड़पने के लिए यह पूरी साजिश रची, जिसमें पीड़ितों के दबाव बनाने पर मामले को दूसरा मोड़ देने के लिए 'गोली चलने' का झूठा नाटक और अफवाह फैलाई गई ताकि ग्रामीण डर जाएं। इस धोखाधड़ी और मानसिक प्रताड़ना के कारण श्रीराम विश्वकर्मा और अन्य ग्रामीण आर्थिक व मानसिक तंगी से जूझ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे इस रसूखदार कर्मचारी के सामने घुटने नहीं टेकेंगे और जल्द ही पुलिस प्रशासन को लिखित रूप से अवगत कराएंगे कि कैसे नौकरी के नाम पर इलाके के गरीबों से पैसे ऐंठे जा रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पैसे लेकर नौकरी न देना और मांगने पर गोली चलने जैसी झूठी अफवाहें फैलाकर डराना अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पूरे मामले में बड़ा सवाल यह है कि क्या रामपुर पुलिस इस कथित रसूखदार कर्मचारी के 'अफवाह तंत्र' और 'ठगी' की परतों को बेनकाब कर पाएगी? साथ ही, आर्थिक और मानसिक तंगी से जूझ रहे इन गरीब ग्रामीणों को उनके ₹5 लाख कब वापस मिलेंगे?1
- ग्राम पंचायत बड़ी खैरी के सरपंच और सचिव स्वच्छता अभियान को लेकर संबंधित हैं।1
- अनूपपुर नगर के बस स्टैंड स्थित सुलभ कांप्लेक्स में शनिवार शाम एक मृत नवजात शिशु बालक बरामद किया गया। कोतवाली पुलिस अनूपपुर को सूचना मिलने पर उप निरीक्षक महिपाल प्रजापति के नेतृत्व में पुलिस दल घटनास्थल पर पहुंचा और अज्ञात नवजात शिशु के शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने तत्काल बच्चे की मां और अन्य संबंधित आरोपियों की विभिन्न माध्यमों से खोजबीन शुरू की, लेकिन फिलहाल उनकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस ने शव को जिला चिकित्सालय के शव परीक्षण कक्ष के फ्रीजर में सुरक्षित रखवाया था। पहचान स्थापित न होने के कारण, रविवार दोपहर को पुलिस ने ड्यूटी डॉक्टर संजय सिंह से नवजात शिशु बालक के शव का पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद, नगरपालिका अनूपपुर के उपयंत्री बृजेश पांडेय और स्वच्छता निरीक्षक बृजेश मिश्रा के सौजन्य से, सोननदी के किनारे स्थित मुक्तिधाम में जेसीबी से गड्ढा खोदकर अंतिम संस्कार की व्यवस्था की गई। इस दौरान कोतवाली थाना अनूपपुर के आरक्षक अमित यादव, पुलिस सहायता केंद्र जिला चिकित्सालय अनूपपुर के आरक्षक आशीष तिवारी, और अनूपपुर नगर के सामाजिक कार्यकर्ता शशिधर अग्रवाल, महेश प्रसाद रौतेल, गोपाल प्रसाद राठौर उपस्थित रहे। इन सभी की उपस्थिति में मृत शिशु के शव को कफन से ढका गया, फूल और अगरबत्ती अर्पित किए गए, और सामाजिक रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार संपन्न किया गया। पुलिस अभी भी नवजात को जन्म देने वाली अज्ञात महिला और अन्य आरोपियों की विभिन्न माध्यमों से निरंतर तलाश कर रही है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि इस संबंध में कोई भी जानकारी मिलती है तो तत्काल कोतवाली पुलिस को सूचित करें।1
- मंडला जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बना बवलिया से छाटा टोला-बरबटी पहुंच मार्ग सिर्फ 5 साल की गारंटी अवधि में ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। नारायणगंज जनपद अध्यक्ष आसाराम भारतीया के क्षेत्रीय दौरे के दौरान इस सड़क की खराब हालत सामने आई, जहाँ ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है। सड़क पर डामरीकरण गायब होने के कारण राहगीर गिट्टियों और गहरे गड्ढों के बीच से गुजरने को मजबूर हैं। निरीक्षण के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि सड़क पर लगे सूचना बोर्डों से निर्माण लागत, दूरी और कार्य पूरा होने की समय-सीमा जैसी महत्वपूर्ण जानकारी भी गायब है। जनपद अध्यक्ष आसाराम भारतीया ने इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए मंडला कलेक्टर और संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले ही इस सड़क की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा मिल सके।1
- मंडला-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर बीजाडांडी के ग्राम उदयपुर के आगे स्थित नागा घाटी में एक भीषण सड़क हादसा हो गया है। लोहे के भारी-भरकम एंगल और पाइपों से लदा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे पलट गया, जिससे उसमें भरे लोहे के पाइप सड़क पर बिखर गए। यह हादसा इतना जबरदस्त था कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक केबिन के भीतर ही फंस गया। घटना के बाद चीख-पुकार मच गई और आसपास के स्थानीय ग्रामीण तुरंत मदद के लिए मौके पर पहुंचे। चालक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोगों, क्रेन और जेसीबी की मदद से युद्ध स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। लोहे के पाइप बिखरने के कारण मार्ग पर दोनों ओर से वाहनों का आवागमन थम गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और मोर्चा संभाला। राहगीरों की सुविधा के लिए पुलिस ने सूझबूझ से काम लेते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए यातायात को सुचारु कराया। समाचार लिखे जाने तक, ट्रक के केबिन में फंसे चालक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।1