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शहडोल जिले में इन दिनों आबकारी विभाग की मिलीभगत और शराब माफियाओं की मनमानी का एक खुला खेल चल रहा है। अवैध शराब की बिक्री पूरे जिले में जोरों पर है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी कथित तौर पर गहरी नींद में सोए हुए हैं। आलम यह है कि वैध दुकानों पर भी सरेआम 'लूट' मची है, जहाँ हर बोतल पर प्रिंट रेट (MRP) से कहीं अधिक दाम वसूले जा रहे हैं। सबसे चौंकाने वाला और गंभीर मामला शराब दुकानों के संचालन के समय को लेकर है। सरकारी नियमानुसार दुकानें बंद होने का समय तय है, लेकिन शहडोल में ये नियम सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। रात के सन्नाटे में, जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब इन लाइसेंसी शराब दुकानों के शटर आंशिक रूप से उठ जाते हैं और आधी रात को खिड़की व शटर के नीचे से बेखौफ होकर अवैध रूप से शराब की कालाबाजारी की जा रही है। आबकारी विभाग के कानों तक इन शटरों की आहट न पहुंचने या जानबूझकर अनदेखी करने पर बड़ा सवाल खड़ा होता है। शाम ढलते ही गली-कूचों और अवैध अहातों में जाम छलकने लगते हैं, जिससे प्रिंट रेट से ज्यादा वसूली और समय के बाद बिक्री को लेकर स्थानीय लोगों और पियक्कड़ों के बीच अक्सर विवाद की स्थिति बनती है, जो कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। आबकारी विभाग का यह सुस्त और उदासीन रवैया साफ तौर पर सांठगांठ के बड़े खेल की ओर इशारा करता है। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इस सुस्ती को नहीं तोड़ा गया, तो जिले में अवैध शराब का यह कारोबार किसी बड़ी घटना को निमंत्रण दे सकता है।

5 hrs ago
user_SATYENDRA KUMAR SONI
SATYENDRA KUMAR SONI
Local News Reporter सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago

शहडोल जिले में इन दिनों आबकारी विभाग की मिलीभगत और शराब माफियाओं की मनमानी का एक खुला खेल चल रहा है। अवैध शराब की बिक्री पूरे जिले में जोरों पर है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी कथित तौर पर गहरी नींद में सोए हुए हैं। आलम यह है कि वैध दुकानों पर भी सरेआम 'लूट' मची है, जहाँ हर बोतल पर प्रिंट रेट (MRP) से कहीं अधिक दाम वसूले जा रहे हैं। सबसे चौंकाने वाला और गंभीर मामला शराब दुकानों के संचालन के समय को लेकर है। सरकारी नियमानुसार दुकानें बंद होने का समय तय है, लेकिन शहडोल में ये नियम सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। रात के सन्नाटे में, जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब इन लाइसेंसी शराब दुकानों के शटर आंशिक रूप से उठ जाते हैं और आधी रात को खिड़की व शटर के नीचे से बेखौफ होकर अवैध रूप से शराब की कालाबाजारी की जा रही है। आबकारी विभाग के कानों तक इन शटरों की आहट न पहुंचने या जानबूझकर अनदेखी करने पर बड़ा सवाल खड़ा होता है। शाम ढलते ही गली-कूचों और अवैध अहातों में जाम छलकने लगते हैं, जिससे प्रिंट रेट से ज्यादा वसूली और समय के बाद बिक्री को लेकर स्थानीय लोगों और पियक्कड़ों के बीच अक्सर विवाद की स्थिति बनती है, जो कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। आबकारी विभाग का यह सुस्त और उदासीन रवैया साफ तौर पर सांठगांठ के बड़े खेल की ओर इशारा करता है। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इस सुस्ती को नहीं तोड़ा गया, तो जिले में अवैध शराब का यह कारोबार किसी बड़ी घटना को निमंत्रण दे सकता है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • अनूपपुर नगर के बस स्टैंड स्थित सुलभ कांप्लेक्स में शनिवार शाम एक मृत नवजात शिशु बालक बरामद किया गया। कोतवाली पुलिस अनूपपुर को सूचना मिलने पर उप निरीक्षक महिपाल प्रजापति के नेतृत्व में पुलिस दल घटनास्थल पर पहुंचा और अज्ञात नवजात शिशु के शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने तत्काल बच्चे की मां और अन्य संबंधित आरोपियों की विभिन्न माध्यमों से खोजबीन शुरू की, लेकिन फिलहाल उनकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस ने शव को जिला चिकित्सालय के शव परीक्षण कक्ष के फ्रीजर में सुरक्षित रखवाया था। पहचान स्थापित न होने के कारण, रविवार दोपहर को पुलिस ने ड्यूटी डॉक्टर संजय सिंह से नवजात शिशु बालक के शव का पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद, नगरपालिका अनूपपुर के उपयंत्री बृजेश पांडेय और स्वच्छता निरीक्षक बृजेश मिश्रा के सौजन्य से, सोननदी के किनारे स्थित मुक्तिधाम में जेसीबी से गड्ढा खोदकर अंतिम संस्कार की व्यवस्था की गई। इस दौरान कोतवाली थाना अनूपपुर के आरक्षक अमित यादव, पुलिस सहायता केंद्र जिला चिकित्सालय अनूपपुर के आरक्षक आशीष तिवारी, और अनूपपुर नगर के सामाजिक कार्यकर्ता शशिधर अग्रवाल, महेश प्रसाद रौतेल, गोपाल प्रसाद राठौर उपस्थित रहे। इन सभी की उपस्थिति में मृत शिशु के शव को कफन से ढका गया, फूल और अगरबत्ती अर्पित किए गए, और सामाजिक रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार संपन्न किया गया। पुलिस अभी भी नवजात को जन्म देने वाली अज्ञात महिला और अन्य आरोपियों की विभिन्न माध्यमों से निरंतर तलाश कर रही है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि इस संबंध में कोई भी जानकारी मिलती है तो तत्काल कोतवाली पुलिस को सूचित करें।
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    अनूपपुर नगर के बस स्टैंड स्थित सुलभ कांप्लेक्स में शनिवार शाम एक मृत नवजात शिशु बालक बरामद किया गया। कोतवाली पुलिस अनूपपुर को सूचना मिलने पर उप निरीक्षक महिपाल प्रजापति के नेतृत्व में पुलिस दल घटनास्थल पर पहुंचा और अज्ञात नवजात शिशु के शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने तत्काल बच्चे की मां और अन्य संबंधित आरोपियों की विभिन्न माध्यमों से खोजबीन शुरू की, लेकिन फिलहाल उनकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस ने शव को जिला चिकित्सालय के शव परीक्षण कक्ष के फ्रीजर में सुरक्षित रखवाया था।

पहचान स्थापित न होने के कारण, रविवार दोपहर को पुलिस ने ड्यूटी डॉक्टर संजय सिंह से नवजात शिशु बालक के शव का पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद, नगरपालिका अनूपपुर के उपयंत्री बृजेश पांडेय और स्वच्छता निरीक्षक बृजेश मिश्रा के सौजन्य से, सोननदी के किनारे स्थित मुक्तिधाम में जेसीबी से गड्ढा खोदकर अंतिम संस्कार की व्यवस्था की गई। इस दौरान कोतवाली थाना अनूपपुर के आरक्षक अमित यादव, पुलिस सहायता केंद्र जिला चिकित्सालय अनूपपुर के आरक्षक आशीष तिवारी, और अनूपपुर नगर के सामाजिक कार्यकर्ता शशिधर अग्रवाल, महेश प्रसाद रौतेल, गोपाल प्रसाद राठौर उपस्थित रहे। इन सभी की उपस्थिति में मृत शिशु के शव को कफन से ढका गया, फूल और अगरबत्ती अर्पित किए गए, और सामाजिक रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार संपन्न किया गया।

पुलिस अभी भी नवजात को जन्म देने वाली अज्ञात महिला और अन्य आरोपियों की विभिन्न माध्यमों से निरंतर तलाश कर रही है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि इस संबंध में कोई भी जानकारी मिलती है तो तत्काल कोतवाली पुलिस को सूचित करें।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • डिंडोरी में पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के निर्देश पर गाड़ासरई पुलिस ने 08 जून को अवैध शराब के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की गई। पुलिस टीम ने ग्राम कोसमडीह में घेराबंदी कर दबिश दी, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी नानु उर्फ विवेक परस्ते (26 वर्ष) के घर के पास बाड़ी में, धान के पैरा के नीचे छिपाकर रखी गई 140 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई। जब्त की गई शराब की अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 10 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया और उसे न्यायालय में पेश किया। इस सराहनीय सफलता में थाना प्रभारी अमृत कुमार तिग्गा सहित पूरी गाड़ासरई पुलिस टीम की मुख्य भूमिका रही।
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    डिंडोरी में पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के निर्देश पर गाड़ासरई पुलिस ने 08 जून को अवैध शराब के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की गई।

पुलिस टीम ने ग्राम कोसमडीह में घेराबंदी कर दबिश दी, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी नानु उर्फ विवेक परस्ते (26 वर्ष) के घर के पास बाड़ी में, धान के पैरा के नीचे छिपाकर रखी गई 140 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई। जब्त की गई शराब की अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 10 हजार रुपये आंकी गई है।

पुलिस ने आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया और उसे न्यायालय में पेश किया। इस सराहनीय सफलता में थाना प्रभारी अमृत कुमार तिग्गा सहित पूरी गाड़ासरई पुलिस टीम की मुख्य भूमिका रही।
    user_Mohammad Sahibe Alam Khan
    Mohammad Sahibe Alam Khan
    Local News Reporter डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    34 min ago
  • डिंडोरी जनसुनवाई में मजियाखार संगम टोला में निवास कर रही एक बेसहारा साध्वी माता जी ने अपनी सुरक्षा को लेकर कलेक्टर से गुहार लगाई है। साध्वी माता जी ने बताया कि उन्हें असामाजिक तत्वों द्वारा लगातार सताया जा रहा है, जिसके कारण उन्होंने कलेक्टर से सुरक्षा प्रदान करने की अपील की है।
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    डिंडोरी जनसुनवाई में मजियाखार संगम टोला में निवास कर रही एक बेसहारा साध्वी माता जी ने अपनी सुरक्षा को लेकर कलेक्टर से गुहार लगाई है। साध्वी माता जी ने बताया कि उन्हें असामाजिक तत्वों द्वारा लगातार सताया जा रहा है, जिसके कारण उन्होंने कलेक्टर से सुरक्षा प्रदान करने की अपील की है।
    user_Santosh Ahirwar
    Santosh Ahirwar
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के डिंडोरी जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत रकरिया में भीषण पेयजल संकट से आक्रोशित ग्रामीण, बच्चे और महिलाएं सड़क पर उतरने को मजबूर हो गए। पानी की एक-एक बूंद के लिए जूझ रहे इन लोगों ने रकरिया-चौरा-छिंदगांव मुख्य मार्ग पर खाली बर्तन रखकर चक्काजाम कर दिया, जिससे घंटों तक आवागमन बाधित रहा और प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया। यह घटना सरकार के 'हर घर स्वच्छ पेयजल' पहुंचाने के दावों पर सवाल खड़े करती है। ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि पंचायत द्वारा 4 जून से टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन इसका लाभ पूरे गांव को नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि टैंकर अधिकतर समय सरपंच के घर के पास खड़ा रहता है, जिससे अन्य मोहल्लों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता और लोग भीषण गर्मी में प्यास से जूझने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के हैंडपंप और कुएं लगभग सूख चुके हैं, और जो थोड़े-बहुत जल स्रोत बचे हैं, उनमें भी नाममात्र का ही पानी है। लोगों को करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित कुएं से पानी लाना पड़ रहा है, जो न तो साफ है और न ही पीने योग्य, लेकिन मजबूरी में उसी से गुजारा किया जा रहा है। जब इस मामले में ग्राम पंचायत की सरपंच सुशीला बाई मरावी का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उनके घर पर मौजूद बच्चों ने बताया कि सरपंच घर पर नहीं हैं, जिससे ग्रामीणों में और अधिक नाराजगी फैल गई। इस घटना ने यह बड़ा सवाल खड़ा किया है कि गर्मी के मौसम में जल संकट की आशंका पहले से होने के बावजूद पंचायत और जिम्मेदार विभागों ने समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की। करोड़ों रुपये की जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं के बावजूद यदि ग्रामीणों को पानी के लिए सड़क जाम करना पड़ रहा है, तो यह केवल स्थानीय व्यवस्था की नहीं बल्कि पूरे तंत्र की विफलता को उजागर करता है। पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए महिलाओं और बच्चों का यूं सड़क पर उतरना बताता है कि योजनाओं की चमकदार रिपोर्टों और जमीनी हकीकत के बीच कितना बड़ा अंतर है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस आंदोलन को केवल एक दिन की घटना मानकर भूल जाता है या फिर रकरिया के प्यासे लोगों को स्थायी समाधान देने की दिशा में ठोस कदम उठाता है, क्योंकि “जब जनता को पानी के लिए सड़क जाम करना पड़े, तो समझ लीजिए समस्या सिर्फ पानी की नहीं, व्यवस्था की भी है।”
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    मध्य प्रदेश के डिंडोरी जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत रकरिया में भीषण पेयजल संकट से आक्रोशित ग्रामीण, बच्चे और महिलाएं सड़क पर उतरने को मजबूर हो गए। पानी की एक-एक बूंद के लिए जूझ रहे इन लोगों ने रकरिया-चौरा-छिंदगांव मुख्य मार्ग पर खाली बर्तन रखकर चक्काजाम कर दिया, जिससे घंटों तक आवागमन बाधित रहा और प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया। यह घटना सरकार के 'हर घर स्वच्छ पेयजल' पहुंचाने के दावों पर सवाल खड़े करती है।

ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि पंचायत द्वारा 4 जून से टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन इसका लाभ पूरे गांव को नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि टैंकर अधिकतर समय सरपंच के घर के पास खड़ा रहता है, जिससे अन्य मोहल्लों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता और लोग भीषण गर्मी में प्यास से जूझने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के हैंडपंप और कुएं लगभग सूख चुके हैं, और जो थोड़े-बहुत जल स्रोत बचे हैं, उनमें भी नाममात्र का ही पानी है। लोगों को करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित कुएं से पानी लाना पड़ रहा है, जो न तो साफ है और न ही पीने योग्य, लेकिन मजबूरी में उसी से गुजारा किया जा रहा है। जब इस मामले में ग्राम पंचायत की सरपंच सुशीला बाई मरावी का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उनके घर पर मौजूद बच्चों ने बताया कि सरपंच घर पर नहीं हैं, जिससे ग्रामीणों में और अधिक नाराजगी फैल गई।

इस घटना ने यह बड़ा सवाल खड़ा किया है कि गर्मी के मौसम में जल संकट की आशंका पहले से होने के बावजूद पंचायत और जिम्मेदार विभागों ने समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की। करोड़ों रुपये की जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं के बावजूद यदि ग्रामीणों को पानी के लिए सड़क जाम करना पड़ रहा है, तो यह केवल स्थानीय व्यवस्था की नहीं बल्कि पूरे तंत्र की विफलता को उजागर करता है। पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए महिलाओं और बच्चों का यूं सड़क पर उतरना बताता है कि योजनाओं की चमकदार रिपोर्टों और जमीनी हकीकत के बीच कितना बड़ा अंतर है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस आंदोलन को केवल एक दिन की घटना मानकर भूल जाता है या फिर रकरिया के प्यासे लोगों को स्थायी समाधान देने की दिशा में ठोस कदम उठाता है, क्योंकि “जब जनता को पानी के लिए सड़क जाम करना पड़े, तो समझ लीजिए समस्या सिर्फ पानी की नहीं, व्यवस्था की भी है।”
    user_वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • उमरिया जिले में भारतीय शक्ति चेतना पार्टी ने अपने स्थापना दिवस के अवसर पर नशामुक्ति के प्रति जन जागरूकता फैलाने के लिए एक रैली का आयोजन किया। यह रैली शहर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरी, जिसका उद्देश्य लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करना था।
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    उमरिया जिले में भारतीय शक्ति चेतना पार्टी ने अपने स्थापना दिवस के अवसर पर नशामुक्ति के प्रति जन जागरूकता फैलाने के लिए एक रैली का आयोजन किया। यह रैली शहर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरी, जिसका उद्देश्य लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करना था।
    user_पत्रकारिता
    पत्रकारिता
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • डिंडोरी जिले के रकरिया गांव में रविवार को गहराते जल संकट से परेशान ग्रामीणों ने शाहपुर-छिंदगांव मार्ग पर बर्तन रखकर चक्काजाम कर दिया। यह विरोध प्रदर्शन गांव में पानी की गंभीर कमी को लेकर था। लगभग 1900 की आबादी वाले इस गांव में कुएं और हैंडपंपों का पानी पीने योग्य नहीं है, जिससे ग्रामीणों को पीने का पानी लाने के लिए दूर जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत द्वारा स्वीकृत पानी का टैंकर गांव में नहीं आता, बल्कि सरपंच सुशीला मरावी के घर पर ही खड़ा रहता है। हालांकि, सरपंच ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि टैंकर चालक के उपलब्ध न होने के कारण देरी हुई। घटना की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी केवल सिंह परते मौके पर पहुंचे। उन्होंने सरपंच से बात की और शाम 4 बजे तक पानी के टैंकर की व्यवस्था करवाई, जिसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया।
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    डिंडोरी जिले के रकरिया गांव में रविवार को गहराते जल संकट से परेशान ग्रामीणों ने शाहपुर-छिंदगांव मार्ग पर बर्तन रखकर चक्काजाम कर दिया। यह विरोध प्रदर्शन गांव में पानी की गंभीर कमी को लेकर था।

लगभग 1900 की आबादी वाले इस गांव में कुएं और हैंडपंपों का पानी पीने योग्य नहीं है, जिससे ग्रामीणों को पीने का पानी लाने के लिए दूर जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत द्वारा स्वीकृत पानी का टैंकर गांव में नहीं आता, बल्कि सरपंच सुशीला मरावी के घर पर ही खड़ा रहता है। हालांकि, सरपंच ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि टैंकर चालक के उपलब्ध न होने के कारण देरी हुई।

घटना की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी केवल सिंह परते मौके पर पहुंचे। उन्होंने सरपंच से बात की और शाम 4 बजे तक पानी के टैंकर की व्यवस्था करवाई, जिसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया।
    user_Mohammad Sahibe Alam Khan
    Mohammad Sahibe Alam Khan
    Local News Reporter डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले से गुजरती राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर रविवार दोपहर एक चलते हाइवा ट्रक में भीषण आग लग गई, जिससे वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गया। यह घटना कोतमा जंगल चौकी के पास हुई, जिसके कारण लगभग एक घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा और सड़क के दोनों ओर 2 से 3 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं। जानकारी के अनुसार, अनूपपुर से गिट्टी भरकर कोतमा की ओर आ रहे ट्रक क्रमांक सीजी 31 ए 9917 के पिछले टायर में भीषण गर्मी और घर्षण के कारण अचानक आग लग गई। सामने से आ रहे वाहन चालकों ने इसकी सूचना ट्रक चालक को दी, जिसके बाद चालक और सह-चालक वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोककर नीचे उतर गए। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग की तीव्रता को देखते हुए सुरक्षा कारणों से हाईवे पर दोनों दिशाओं का यातायात रोक दिया गया, जिसके चलते अनूपपुर और कोतमा की ओर जाने वाले सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन सड़क पर ही फंस गए। कई यात्रियों को तेज धूप में लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों, पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात बहाल किया गया और फंसे हुए वाहन अपने गंतव्य की ओर रवाना हो सके। इस आगजनी में ट्रक के सभी टायर सहित अन्य सामान पूरी तरह से जल गए, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। घटनास्थल के समीप वन विभाग का डिपो होने के कारण वन विभाग का अमला भी सतर्क रहा। कोतमा नगर में रविवार को बाजार का दिन होने के कारण हाईवे पर वाहनों की आवाजाही सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक थी। पुलिस ने ट्रक को सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराते हुए मामले की आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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    मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले से गुजरती राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर रविवार दोपहर एक चलते हाइवा ट्रक में भीषण आग लग गई, जिससे वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गया। यह घटना कोतमा जंगल चौकी के पास हुई, जिसके कारण लगभग एक घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा और सड़क के दोनों ओर 2 से 3 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं।

जानकारी के अनुसार, अनूपपुर से गिट्टी भरकर कोतमा की ओर आ रहे ट्रक क्रमांक सीजी 31 ए 9917 के पिछले टायर में भीषण गर्मी और घर्षण के कारण अचानक आग लग गई। सामने से आ रहे वाहन चालकों ने इसकी सूचना ट्रक चालक को दी, जिसके बाद चालक और सह-चालक वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोककर नीचे उतर गए। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग की तीव्रता को देखते हुए सुरक्षा कारणों से हाईवे पर दोनों दिशाओं का यातायात रोक दिया गया, जिसके चलते अनूपपुर और कोतमा की ओर जाने वाले सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन सड़क पर ही फंस गए। कई यात्रियों को तेज धूप में लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों, पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात बहाल किया गया और फंसे हुए वाहन अपने गंतव्य की ओर रवाना हो सके।

इस आगजनी में ट्रक के सभी टायर सहित अन्य सामान पूरी तरह से जल गए, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। घटनास्थल के समीप वन विभाग का डिपो होने के कारण वन विभाग का अमला भी सतर्क रहा। कोतमा नगर में रविवार को बाजार का दिन होने के कारण हाईवे पर वाहनों की आवाजाही सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक थी। पुलिस ने ट्रक को सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराते हुए मामले की आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
    user_Rajesh Shukla
    Rajesh Shukla
    Salesperson Anuppur, Madhya Pradesh•
    22 hrs ago
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