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उमरिया जिले में भारतीय शक्ति चेतना पार्टी ने अपने स्थापना दिवस के अवसर पर नशामुक्ति के प्रति जन जागरूकता फैलाने के लिए एक रैली का आयोजन किया। यह रैली शहर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरी, जिसका उद्देश्य लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करना था।
पत्रकारिता
उमरिया जिले में भारतीय शक्ति चेतना पार्टी ने अपने स्थापना दिवस के अवसर पर नशामुक्ति के प्रति जन जागरूकता फैलाने के लिए एक रैली का आयोजन किया। यह रैली शहर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरी, जिसका उद्देश्य लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करना था।
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- उमरिया जिले के नौरोजाबाद क्षेत्र में स्थित खेर माता मंदिर में चोरी की एक घटना सामने आई है, जहाँ अज्ञात चोरों ने मंदिर की दान पेटी पर हाथ साफ कर दिया। आमतौर पर घरों और दुकानों में चोरी की वारदातें होती हैं, लेकिन अब चोर धार्मिक स्थलों को भी निशाना बना रहे हैं। मंदिर के पुजारी ने जानकारी दी कि बीते दो दिन पहले कुछ अज्ञात लोग दिन के समय मंदिर में घुस आए और दान पेटी लेकर फरार हो गए। घटना के समय पुजारी मंदिर परिसर में आराम कर रहे थे। उनके अनुसार, दान पेटी में लगभग 9,500 से 10,000 रुपये की नकद राशि मौजूद थी। इस घटना की सूचना मिलने पर मंदिर प्रबंधन ने तत्काल नौरोजाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद नौरोजाबाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस मामले में आगे की जाँच कर रही है और अन्य पहलुओं पर भी गौर कर रही है।1
- शहडोल जिले के रामपुर बटूरा मेगा प्रोजेक्ट क्षेत्र में संचालित जय अम्बे कंपनी के कार्यालय में घुसकर कर्मचारियों को धमकाने और फायरिंग करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल है। एसईसीएल सोहागपुर के अंतर्गत रामपुर बटूरा ओसीएम में कोयला एवं ओबी उत्खनन का कार्य कर रही निजी ठेका कंपनी जय अम्बे के कार्यालय में श्रीराम विश्वकर्मा अपने साथियों पप्पू विश्वकर्मा और मिथलेश चर्मकार उर्फ लकी के साथ पहुंचे थे। कंपनी कर्मचारियों आलोक त्रिपाठी और अमन क्षत्रीय ने आरोप लगाया है कि इन तीनों आरोपियों ने देशी कट्टा दिखाकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी और अवैध वसूली की मांग की। कर्मचारियों द्वारा विरोध करने पर आरोपियों ने कार्यालय परिसर में फायरिंग कर दी, जिससे वहाँ अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारी किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकल गए। पीड़ितों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से कंपनी पर कथित रूप से गुंडा टैक्स का दबाव बना रहे थे और आए दिन काम में बाधा डालते हुए धमकियां देते थे। घटना के बाद जब कर्मचारी अमलाई थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे, तब भी आरोपियों ने मोबाइल पर गाली-गलौज करते हुए शिकायत वापस लेने और जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में अमलाई थाने में शिकायत दर्ज कर ली गई है, और घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।1
- शहडोल जिले में इन दिनों आबकारी विभाग की मिलीभगत और शराब माफियाओं की मनमानी का एक खुला खेल चल रहा है। अवैध शराब की बिक्री पूरे जिले में जोरों पर है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी कथित तौर पर गहरी नींद में सोए हुए हैं। आलम यह है कि वैध दुकानों पर भी सरेआम 'लूट' मची है, जहाँ हर बोतल पर प्रिंट रेट (MRP) से कहीं अधिक दाम वसूले जा रहे हैं। सबसे चौंकाने वाला और गंभीर मामला शराब दुकानों के संचालन के समय को लेकर है। सरकारी नियमानुसार दुकानें बंद होने का समय तय है, लेकिन शहडोल में ये नियम सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। रात के सन्नाटे में, जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब इन लाइसेंसी शराब दुकानों के शटर आंशिक रूप से उठ जाते हैं और आधी रात को खिड़की व शटर के नीचे से बेखौफ होकर अवैध रूप से शराब की कालाबाजारी की जा रही है। आबकारी विभाग के कानों तक इन शटरों की आहट न पहुंचने या जानबूझकर अनदेखी करने पर बड़ा सवाल खड़ा होता है। शाम ढलते ही गली-कूचों और अवैध अहातों में जाम छलकने लगते हैं, जिससे प्रिंट रेट से ज्यादा वसूली और समय के बाद बिक्री को लेकर स्थानीय लोगों और पियक्कड़ों के बीच अक्सर विवाद की स्थिति बनती है, जो कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। आबकारी विभाग का यह सुस्त और उदासीन रवैया साफ तौर पर सांठगांठ के बड़े खेल की ओर इशारा करता है। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इस सुस्ती को नहीं तोड़ा गया, तो जिले में अवैध शराब का यह कारोबार किसी बड़ी घटना को निमंत्रण दे सकता है।1
- शहडोल में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहाँ बटूरा के पास NH-43 पर एक 16 चक्का ट्रेलर ने देवी दर्शन कर लौट रहे एक पूरे परिवार को रौंद दिया। इस भीषण हादसे में परिवार की एक बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।1
- चित्रकूट में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहाँ रात के समय कुछ घुमक्कड़ लोगों को विभाग द्वारा पहले से ही जर्जर घोषित किए गए एक भवन में रखे जाने की जानकारी मिली। इस मामले की खबर मिलने पर जब मीडियाकर्मी सच्चाई जानने पहुँचे और सवाल पूछने लगे, तो आरोप है कि चित्रकूट थाना प्रभारी ने जवाब देने के बजाय दूर खड़े पत्रकारों का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। मीडियाकर्मियों ने इस कृत्य को उन्हें डराने और उन पर दबाव बनाने की कोशिश बताया है। इस घटना के बाद पत्रकारों के बीच यह गंभीर चर्चा छिड़ गई है कि क्या उन्हें जनहित के मुद्दों पर स्वतंत्र रूप से जानकारी हासिल करने और सवाल उठाने का अधिकार नहीं है। यह पूरा प्रकरण कई अहम सवाल खड़े करता है। यदि किसी भवन को विभाग ने जर्जर घोषित कर दिया था, तो फिर किस आधार पर उसमें लोगों को रखने का निर्णय लिया गया? इसके अतिरिक्त, पत्रकारों द्वारा पूछे गए वैध सवालों का उत्तर देने के बजाय उनका वीडियो बनाना क्या प्रशासनिक दृष्टि से उचित व्यवहार माना जा सकता है?1
- नगर पालिक निगम कटनी द्वारा वीर सावरकर वार्ड स्थित शंभू टॉकीज रोड पर आयोजित "राहगीरी डे" कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चों, युवाओं और वरिष्ठजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह पहल कटनी को स्वस्थ, स्वच्छ और सक्रिय बनाने के उद्देश्य से की गई थी, जिसके माध्यम से नगरवासियों के बीच स्वास्थ्य, स्वच्छता और फिटनेस के प्रति जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश साझा किया गया। इस दौरान शंभू टॉकीज रोड पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम में योग, खेलकूद, संगीत, नृत्य और साइकिलिंग जैसी विभिन्न मनोरंजक और स्वास्थ्यवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि "स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव होते हैं।" आयोजकों ने इस बात पर बल दिया कि नियमित व्यायाम, स्वच्छ वातावरण और सकारात्मक जीवनशैली को अपनाकर नागरिक न केवल स्वयं को, बल्कि अपने शहर को भी बेहतर बना सकते हैं। साथ ही यह भी दोहराया गया कि "स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।" इस विशेष दिन पर, उपस्थित सभी नागरिकों ने कटनी को स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण हितैषी बनाने की शपथ ली। विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार स्वरूप तुलसी के पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण और हरित जीवनशैली का संदेश जन-जन तक पहुँचा। "राहगीरी डे" जैसे आयोजन नागरिकों को स्वास्थ्य, सामाजिक सहभागिता और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का एक प्रभावी माध्यम साबित हुए। सभी प्रतिभागियों, आयोजकों एवं सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए, "स्वस्थ रहें, स्वच्छ रहें और अपने शहर को आदर्श बनाने में सहभागी बनें" का आह्वान किया गया।1
- कटनी नगर से एक श्रद्धालु ने माँ विंध्यवासिनी के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की है। भक्त ने अपनी माँ के समक्ष केवल एक ही अर्जी प्रस्तुत की है, साथ ही यह भी स्वीकार किया है कि अंततः सब कुछ माँ की ही मर्जी पर निर्भर करता है।1
- उमरिया जिले में भारतीय शक्ति चेतना पार्टी ने अपने स्थापना दिवस के अवसर पर नशामुक्ति के प्रति जन जागरूकता फैलाने के लिए एक रैली का आयोजन किया। यह रैली शहर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरी, जिसका उद्देश्य लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करना था।1