मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले से गुजरती राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर रविवार दोपहर एक चलते हाइवा ट्रक में भीषण आग लग गई, जिससे वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गया। यह घटना कोतमा जंगल चौकी के पास हुई, जिसके कारण लगभग एक घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा और सड़क के दोनों ओर 2 से 3 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं। जानकारी के अनुसार, अनूपपुर से गिट्टी भरकर कोतमा की ओर आ रहे ट्रक क्रमांक सीजी 31 ए 9917 के पिछले टायर में भीषण गर्मी और घर्षण के कारण अचानक आग लग गई। सामने से आ रहे वाहन चालकों ने इसकी सूचना ट्रक चालक को दी, जिसके बाद चालक और सह-चालक वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोककर नीचे उतर गए। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग की तीव्रता को देखते हुए सुरक्षा कारणों से हाईवे पर दोनों दिशाओं का यातायात रोक दिया गया, जिसके चलते अनूपपुर और कोतमा की ओर जाने वाले सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन सड़क पर ही फंस गए। कई यात्रियों को तेज धूप में लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों, पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात बहाल किया गया और फंसे हुए वाहन अपने गंतव्य की ओर रवाना हो सके। इस आगजनी में ट्रक के सभी टायर सहित अन्य सामान पूरी तरह से जल गए, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। घटनास्थल के समीप वन विभाग का डिपो होने के कारण वन विभाग का अमला भी सतर्क रहा। कोतमा नगर में रविवार को बाजार का दिन होने के कारण हाईवे पर वाहनों की आवाजाही सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक थी। पुलिस ने ट्रक को सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराते हुए मामले की आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले से गुजरती राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर रविवार दोपहर एक चलते हाइवा ट्रक में भीषण आग लग गई, जिससे वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गया। यह घटना कोतमा जंगल चौकी के पास हुई, जिसके कारण लगभग एक घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा और सड़क के दोनों ओर 2 से 3 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं। जानकारी के अनुसार, अनूपपुर से गिट्टी भरकर कोतमा की ओर आ रहे ट्रक क्रमांक सीजी 31 ए 9917 के पिछले टायर में भीषण गर्मी और घर्षण के कारण अचानक आग लग गई। सामने से आ रहे वाहन चालकों ने इसकी सूचना ट्रक चालक को दी, जिसके बाद चालक और सह-चालक वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोककर नीचे उतर गए। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग की तीव्रता को देखते हुए सुरक्षा कारणों से हाईवे पर दोनों दिशाओं का यातायात
रोक दिया गया, जिसके चलते अनूपपुर और कोतमा की ओर जाने वाले सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन सड़क पर ही फंस गए। कई यात्रियों को तेज धूप में लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों, पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात बहाल किया गया और फंसे हुए वाहन अपने गंतव्य की ओर रवाना हो सके। इस आगजनी में ट्रक के सभी टायर सहित अन्य सामान पूरी तरह से जल गए, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। घटनास्थल के समीप वन विभाग का डिपो होने के कारण वन विभाग का अमला भी सतर्क रहा। कोतमा नगर में रविवार को बाजार का दिन होने के कारण हाईवे पर वाहनों की आवाजाही सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक थी। पुलिस ने ट्रक को सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराते हुए मामले की आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
- अनूपपुर नगर के बस स्टैंड स्थित सुलभ कांप्लेक्स में शनिवार शाम एक मृत नवजात शिशु बालक बरामद किया गया। कोतवाली पुलिस अनूपपुर को सूचना मिलने पर उप निरीक्षक महिपाल प्रजापति के नेतृत्व में पुलिस दल घटनास्थल पर पहुंचा और अज्ञात नवजात शिशु के शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने तत्काल बच्चे की मां और अन्य संबंधित आरोपियों की विभिन्न माध्यमों से खोजबीन शुरू की, लेकिन फिलहाल उनकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस ने शव को जिला चिकित्सालय के शव परीक्षण कक्ष के फ्रीजर में सुरक्षित रखवाया था। पहचान स्थापित न होने के कारण, रविवार दोपहर को पुलिस ने ड्यूटी डॉक्टर संजय सिंह से नवजात शिशु बालक के शव का पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद, नगरपालिका अनूपपुर के उपयंत्री बृजेश पांडेय और स्वच्छता निरीक्षक बृजेश मिश्रा के सौजन्य से, सोननदी के किनारे स्थित मुक्तिधाम में जेसीबी से गड्ढा खोदकर अंतिम संस्कार की व्यवस्था की गई। इस दौरान कोतवाली थाना अनूपपुर के आरक्षक अमित यादव, पुलिस सहायता केंद्र जिला चिकित्सालय अनूपपुर के आरक्षक आशीष तिवारी, और अनूपपुर नगर के सामाजिक कार्यकर्ता शशिधर अग्रवाल, महेश प्रसाद रौतेल, गोपाल प्रसाद राठौर उपस्थित रहे। इन सभी की उपस्थिति में मृत शिशु के शव को कफन से ढका गया, फूल और अगरबत्ती अर्पित किए गए, और सामाजिक रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार संपन्न किया गया। पुलिस अभी भी नवजात को जन्म देने वाली अज्ञात महिला और अन्य आरोपियों की विभिन्न माध्यमों से निरंतर तलाश कर रही है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि इस संबंध में कोई भी जानकारी मिलती है तो तत्काल कोतवाली पुलिस को सूचित करें।1
- उमरिया जिले के पाली थाना अंतर्गत घुनघुटी चौकी क्षेत्र में, पुलिस ने पशु तस्करी के आरोप में एक ट्रक को पकड़ा है। यह ट्रक नागालैंड पासिंग था और पशुओं की अवैध तस्करी कर उनका परिवहन कर रहा था।1
- रामपुर में जय अम्बे ओवरबर्डन कंपनी के कर्मचारी आलोक त्रिपाठी पर नौकरी दिलाने के नाम पर गरीबों से लाखों रुपये ठगने का सनसनीखेज आरोप लगा है। जब इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश होने लगा, तो कथित तौर पर मामले को दबाने और पुलिस-प्रशासन का ध्यान भटकाने के लिए इलाके में 'गोलीबारी' की झूठी अफवाह फैला दी गई। हमारी टीम द्वारा ग्राउंड जीरो पर पड़ताल करने पर इस अफवाह की सच्चाई सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। स्थानीय ग्रामीण श्रीराम विश्वकर्मा ने कैमरे पर बताया कि आलोक त्रिपाठी ने करीब दो महीने पहले उनसे और उनके छोटे भाई से नौकरी लगवाने के नाम पर ₹5 लाख की बड़ी रकम ली थी। नौकरी न मिलने और पैसे वापस मांगने पर, आलोक त्रिपाठी ने उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि आलोक त्रिपाठी ने अपनी चमड़ी बचाने और ₹5 लाख की राशि हड़पने के लिए यह पूरी साजिश रची, जिसमें पीड़ितों के दबाव बनाने पर मामले को दूसरा मोड़ देने के लिए 'गोली चलने' का झूठा नाटक और अफवाह फैलाई गई ताकि ग्रामीण डर जाएं। इस धोखाधड़ी और मानसिक प्रताड़ना के कारण श्रीराम विश्वकर्मा और अन्य ग्रामीण आर्थिक व मानसिक तंगी से जूझ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे इस रसूखदार कर्मचारी के सामने घुटने नहीं टेकेंगे और जल्द ही पुलिस प्रशासन को लिखित रूप से अवगत कराएंगे कि कैसे नौकरी के नाम पर इलाके के गरीबों से पैसे ऐंठे जा रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पैसे लेकर नौकरी न देना और मांगने पर गोली चलने जैसी झूठी अफवाहें फैलाकर डराना अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पूरे मामले में बड़ा सवाल यह है कि क्या रामपुर पुलिस इस कथित रसूखदार कर्मचारी के 'अफवाह तंत्र' और 'ठगी' की परतों को बेनकाब कर पाएगी? साथ ही, आर्थिक और मानसिक तंगी से जूझ रहे इन गरीब ग्रामीणों को उनके ₹5 लाख कब वापस मिलेंगे?1
- शहडोल जिले के रामपुर बटूरा मेगा प्रोजेक्ट क्षेत्र में संचालित जय अम्बे कंपनी के कार्यालय में घुसकर कर्मचारियों को धमकाने और फायरिंग करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल है। एसईसीएल सोहागपुर के अंतर्गत रामपुर बटूरा ओसीएम में कोयला एवं ओबी उत्खनन का कार्य कर रही निजी ठेका कंपनी जय अम्बे के कार्यालय में श्रीराम विश्वकर्मा अपने साथियों पप्पू विश्वकर्मा और मिथलेश चर्मकार उर्फ लकी के साथ पहुंचे थे। कंपनी कर्मचारियों आलोक त्रिपाठी और अमन क्षत्रीय ने आरोप लगाया है कि इन तीनों आरोपियों ने देशी कट्टा दिखाकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी और अवैध वसूली की मांग की। कर्मचारियों द्वारा विरोध करने पर आरोपियों ने कार्यालय परिसर में फायरिंग कर दी, जिससे वहाँ अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारी किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकल गए। पीड़ितों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से कंपनी पर कथित रूप से गुंडा टैक्स का दबाव बना रहे थे और आए दिन काम में बाधा डालते हुए धमकियां देते थे। घटना के बाद जब कर्मचारी अमलाई थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे, तब भी आरोपियों ने मोबाइल पर गाली-गलौज करते हुए शिकायत वापस लेने और जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में अमलाई थाने में शिकायत दर्ज कर ली गई है, और घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।1
- शहडोल जिले में इन दिनों आबकारी विभाग की मिलीभगत और शराब माफियाओं की मनमानी का एक खुला खेल चल रहा है। अवैध शराब की बिक्री पूरे जिले में जोरों पर है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी कथित तौर पर गहरी नींद में सोए हुए हैं। आलम यह है कि वैध दुकानों पर भी सरेआम 'लूट' मची है, जहाँ हर बोतल पर प्रिंट रेट (MRP) से कहीं अधिक दाम वसूले जा रहे हैं। सबसे चौंकाने वाला और गंभीर मामला शराब दुकानों के संचालन के समय को लेकर है। सरकारी नियमानुसार दुकानें बंद होने का समय तय है, लेकिन शहडोल में ये नियम सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। रात के सन्नाटे में, जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब इन लाइसेंसी शराब दुकानों के शटर आंशिक रूप से उठ जाते हैं और आधी रात को खिड़की व शटर के नीचे से बेखौफ होकर अवैध रूप से शराब की कालाबाजारी की जा रही है। आबकारी विभाग के कानों तक इन शटरों की आहट न पहुंचने या जानबूझकर अनदेखी करने पर बड़ा सवाल खड़ा होता है। शाम ढलते ही गली-कूचों और अवैध अहातों में जाम छलकने लगते हैं, जिससे प्रिंट रेट से ज्यादा वसूली और समय के बाद बिक्री को लेकर स्थानीय लोगों और पियक्कड़ों के बीच अक्सर विवाद की स्थिति बनती है, जो कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। आबकारी विभाग का यह सुस्त और उदासीन रवैया साफ तौर पर सांठगांठ के बड़े खेल की ओर इशारा करता है। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इस सुस्ती को नहीं तोड़ा गया, तो जिले में अवैध शराब का यह कारोबार किसी बड़ी घटना को निमंत्रण दे सकता है।1
- शहडोल में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहाँ बटूरा के पास NH-43 पर एक 16 चक्का ट्रेलर ने देवी दर्शन कर लौट रहे एक पूरे परिवार को रौंद दिया। इस भीषण हादसे में परिवार की एक बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।1
- गौरेला में मीना बाजार लगा हुआ है, जहाँ उम्मीद के मुताबिक पब्लिक और भीड़ बहुत कम देखने को मिली।1
- मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले से गुजरती राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर रविवार दोपहर एक चलते हाइवा ट्रक में भीषण आग लग गई, जिससे वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गया। यह घटना कोतमा जंगल चौकी के पास हुई, जिसके कारण लगभग एक घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा और सड़क के दोनों ओर 2 से 3 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं। जानकारी के अनुसार, अनूपपुर से गिट्टी भरकर कोतमा की ओर आ रहे ट्रक क्रमांक सीजी 31 ए 9917 के पिछले टायर में भीषण गर्मी और घर्षण के कारण अचानक आग लग गई। सामने से आ रहे वाहन चालकों ने इसकी सूचना ट्रक चालक को दी, जिसके बाद चालक और सह-चालक वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोककर नीचे उतर गए। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग की तीव्रता को देखते हुए सुरक्षा कारणों से हाईवे पर दोनों दिशाओं का यातायात रोक दिया गया, जिसके चलते अनूपपुर और कोतमा की ओर जाने वाले सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन सड़क पर ही फंस गए। कई यात्रियों को तेज धूप में लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों, पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात बहाल किया गया और फंसे हुए वाहन अपने गंतव्य की ओर रवाना हो सके। इस आगजनी में ट्रक के सभी टायर सहित अन्य सामान पूरी तरह से जल गए, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। घटनास्थल के समीप वन विभाग का डिपो होने के कारण वन विभाग का अमला भी सतर्क रहा। कोतमा नगर में रविवार को बाजार का दिन होने के कारण हाईवे पर वाहनों की आवाजाही सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक थी। पुलिस ने ट्रक को सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराते हुए मामले की आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।2