मंडला-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर बीजाडांडी के ग्राम उदयपुर के आगे स्थित नागा घाटी में एक भीषण सड़क हादसा हो गया है। लोहे के भारी-भरकम एंगल और पाइपों से लदा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे पलट गया, जिससे उसमें भरे लोहे के पाइप सड़क पर बिखर गए। यह हादसा इतना जबरदस्त था कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक केबिन के भीतर ही फंस गया। घटना के बाद चीख-पुकार मच गई और आसपास के स्थानीय ग्रामीण तुरंत मदद के लिए मौके पर पहुंचे। चालक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोगों, क्रेन और जेसीबी की मदद से युद्ध स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। लोहे के पाइप बिखरने के कारण मार्ग पर दोनों ओर से वाहनों का आवागमन थम गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और मोर्चा संभाला। राहगीरों की सुविधा के लिए पुलिस ने सूझबूझ से काम लेते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए यातायात को सुचारु कराया। समाचार लिखे जाने तक, ट्रक के केबिन में फंसे चालक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
मंडला-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर बीजाडांडी के ग्राम उदयपुर के आगे स्थित नागा घाटी में एक भीषण सड़क हादसा हो गया है। लोहे के भारी-भरकम एंगल और पाइपों से लदा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे पलट गया, जिससे उसमें भरे लोहे के पाइप सड़क पर बिखर गए। यह हादसा इतना जबरदस्त था कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक केबिन के भीतर ही फंस गया। घटना के बाद चीख-पुकार मच गई और आसपास के स्थानीय ग्रामीण तुरंत मदद के लिए मौके पर पहुंचे। चालक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोगों, क्रेन और जेसीबी की मदद से युद्ध स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। लोहे के पाइप बिखरने के कारण मार्ग पर दोनों ओर से वाहनों का आवागमन थम गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और मोर्चा संभाला। राहगीरों की सुविधा के लिए पुलिस ने सूझबूझ से काम लेते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए यातायात को सुचारु कराया। समाचार लिखे जाने तक, ट्रक के केबिन में फंसे चालक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
- ग्राम पंचायत बड़ी खैरी के सरपंच और सचिव स्वच्छता अभियान को लेकर संबंधित हैं।1
- सिवनी जिले के घंसौर अंतर्गत ग्राम कुदवारी में पर्यावरण सप्ताह के तहत 7 जून 2026 को ग्राम चमारवाह में ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरियाली को बढ़ावा देना और गांव को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए एक व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने पर चर्चा करना था। ग्राम पंचायत के सरपंच, उपसरपंच और सचिव ने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पेड़-पौधे न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं, बल्कि वे आने वाली पीढ़ियों को भी स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण प्रदान करते हैं। पंचायत द्वारा गांव के सार्वजनिक स्थलों, स्कूल परिसर और खाली पड़ी भूमि पर पौधारोपण करने की विस्तृत योजना तैयार की गई है। उपस्थित सभी ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का संकल्प लिया। पंचायत प्रतिनिधियों ने वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें संरक्षित रखने का आग्रह करते हुए ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।1
- सिवनी जिले के घंसौर विकासखंड के बरगांव निवासी 57 वर्षीय किसान मनीराम उईके की मंडला जिले के नैनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पिंडरई चौकी के बिजेगांव डेम में डूबने से मौत हो गई। मनीराम अपने रिश्तेदारों से मिलने बिजेगांव आए थे। शनिवार को वे डेम में नहाने गए थे, जिसके बाद काफी देर तक वापस नहीं लौटे। परिजनों द्वारा सूचना दिए जाने पर पिंडरई पुलिस चौकी ने तलाश अभियान चलाया। रविवार सुबह मनीराम का शव डेम के किनारे तैरता हुआ मिला। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- डिंडौरी जिले के शाहपुर थाने में एक युवक के पुलिस अभिरक्षा से गायब होने का गंभीर मामला सामने आया है। युवक की मां ने पुलिस पर लापरवाही और अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया है। शिकायतकर्ता सिंघिया बाई, निवासी ग्राम गोरखपुर, ने बताया कि उनका पुत्र उमेश धुर्वे 12 अप्रैल को गांव की एक नाबालिग युवती के साथ मजदूरी करने केरल गया था। पुलिस की पूछताछ के बाद मां ने उमेश को फोन करके वापस बुलाया और 2 जून को वह लौट आया। इसके बाद महिला विगत शनिवार को अपने पुत्र और नाबालिग युवती को लेकर थाने पहुंची, जहाँ युवती ने अपनी मर्जी से केरल जाने की बात कही, जिसके बाद उसे घर भेज दिया गया। पुलिस ने उमेश को अपनी अभिरक्षा में ले लिया था। रविवार शाम को मां ने थाने में उमेश से मुलाकात भी की, लेकिन उसी रात लगभग दस बजे दो पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और उमेश के बारे में पूछा। जब मां ने बेटे के घर न आने की बात कहते हुए अनहोनी की आशंका जताई और पुलिसकर्मियों से पूछताछ की, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला और वे वापस लौट गए। सोमवार सुबह जब महिला थाने पहुंची, तो उमेश की मोटरसाइकिल वहाँ खड़ी थी, लेकिन उमेश गायब था। अनहोनी का अंदेशा जताते हुए महिला ने अपने परिचितों को बताया और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अपने पुत्र के पुलिस अभिरक्षा से गायब होने की शिकायत दर्ज कराई। महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके पुत्र को छोड़ने के लिए 30 हजार रुपये की मांग की गई थी। युवक के गायब होने के बाद शाहपुर पुलिस परिजनों पर दबाव बना रही है, उनसे उमेश धुर्वे का पता लगाने और थाने में खड़ी उसकी मोटरसाइकिल व जब्त किया गया मोबाइल वापस ले जाने को कह रही है। महिला ने यह भी बताया कि पुलिसकर्मी बीती रात लगभग डेढ़ बजे भी उनके घर पहुंचे थे, और उन्हें अब खुद भी पुलिस कार्रवाई का डर सता रहा है। शाहपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर पूर्व में भी सवाल उठ चुके हैं। लगभग एक सप्ताह पहले छिंदगांव गांव में एक धार्मिक आयोजन के दौरान चोरी के आरोप में एक नाबालिग सहित दो बच्चों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। तब नाबालिग के परिजन और ग्रामीण थाने पहुंचे थे और बेवजह बच्चों पर आरोप लगाकर उन्हें थाने लाने पर सवाल उठाए थे। हंगामे के बाद पुलिस ने नाबालिग और अन्य युवक को उनके परिजनों को सौंपा था, जानकारी के अनुसार नाबालिगों को लगभग पांच घंटे तक थाने में बैठाकर रखा गया था। यह ताजा घटनाक्रम शाहपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है, खासकर जब आरोपी रविवार रात करीब 10:30 बजे पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया।4
- डिंडोरी में पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के निर्देश पर गाड़ासरई पुलिस ने 08 जून को अवैध शराब के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की गई। पुलिस टीम ने ग्राम कोसमडीह में घेराबंदी कर दबिश दी, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी नानु उर्फ विवेक परस्ते (26 वर्ष) के घर के पास बाड़ी में, धान के पैरा के नीचे छिपाकर रखी गई 140 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई। जब्त की गई शराब की अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 10 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया और उसे न्यायालय में पेश किया। इस सराहनीय सफलता में थाना प्रभारी अमृत कुमार तिग्गा सहित पूरी गाड़ासरई पुलिस टीम की मुख्य भूमिका रही।3
- जबलपुर के बिलहरी क्षेत्र में एक चोर गिरोह अब भी सक्रिय है, जहाँ आज सुबह करीब 3:00 बजे चार लड़कों ने एक एक्सेस गाड़ी चुरा ली। चोरी की यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है, जिसमें चोर गोरा बाजार सदर की तरफ भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। गाड़ी मालिक का कहना है कि जब वे चोरी की शिकायत दर्ज कराने गोरा बाजार थाने पहुँचे, तो पुलिस ने उनसे सुबह 10:00 बजे के बाद आने को कहा। इस घटना ने गोरा बाजार थाने की पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- मंडला जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बना बवलिया से छाटा टोला-बरबटी पहुंच मार्ग सिर्फ 5 साल की गारंटी अवधि में ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। नारायणगंज जनपद अध्यक्ष आसाराम भारतीया के क्षेत्रीय दौरे के दौरान इस सड़क की खराब हालत सामने आई, जहाँ ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है। सड़क पर डामरीकरण गायब होने के कारण राहगीर गिट्टियों और गहरे गड्ढों के बीच से गुजरने को मजबूर हैं। निरीक्षण के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि सड़क पर लगे सूचना बोर्डों से निर्माण लागत, दूरी और कार्य पूरा होने की समय-सीमा जैसी महत्वपूर्ण जानकारी भी गायब है। जनपद अध्यक्ष आसाराम भारतीया ने इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए मंडला कलेक्टर और संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले ही इस सड़क की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा मिल सके।1
- मंडला-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर बीजाडांडी के ग्राम उदयपुर के आगे स्थित नागा घाटी में एक भीषण सड़क हादसा हो गया है। लोहे के भारी-भरकम एंगल और पाइपों से लदा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे पलट गया, जिससे उसमें भरे लोहे के पाइप सड़क पर बिखर गए। यह हादसा इतना जबरदस्त था कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक केबिन के भीतर ही फंस गया। घटना के बाद चीख-पुकार मच गई और आसपास के स्थानीय ग्रामीण तुरंत मदद के लिए मौके पर पहुंचे। चालक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोगों, क्रेन और जेसीबी की मदद से युद्ध स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। लोहे के पाइप बिखरने के कारण मार्ग पर दोनों ओर से वाहनों का आवागमन थम गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और मोर्चा संभाला। राहगीरों की सुविधा के लिए पुलिस ने सूझबूझ से काम लेते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए यातायात को सुचारु कराया। समाचार लिखे जाने तक, ट्रक के केबिन में फंसे चालक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।1