सिवनी जिले के घंसौर अंतर्गत ग्राम कुदवारी में पर्यावरण सप्ताह के तहत 7 जून 2026 को ग्राम चमारवाह में ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरियाली को बढ़ावा देना और गांव को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए एक व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने पर चर्चा करना था। ग्राम पंचायत के सरपंच, उपसरपंच और सचिव ने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पेड़-पौधे न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं, बल्कि वे आने वाली पीढ़ियों को भी स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण प्रदान करते हैं। पंचायत द्वारा गांव के सार्वजनिक स्थलों, स्कूल परिसर और खाली पड़ी भूमि पर पौधारोपण करने की विस्तृत योजना तैयार की गई है। उपस्थित सभी ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का संकल्प लिया। पंचायत प्रतिनिधियों ने वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें संरक्षित रखने का आग्रह करते हुए ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
सिवनी जिले के घंसौर अंतर्गत ग्राम कुदवारी में पर्यावरण सप्ताह के तहत 7 जून 2026 को ग्राम चमारवाह में ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरियाली को बढ़ावा देना और गांव को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए एक व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने पर चर्चा करना था। ग्राम पंचायत के सरपंच, उपसरपंच और सचिव ने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पेड़-पौधे न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं, बल्कि वे आने वाली पीढ़ियों को भी स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण प्रदान करते हैं। पंचायत द्वारा गांव के सार्वजनिक स्थलों, स्कूल परिसर और खाली पड़ी भूमि पर पौधारोपण करने की विस्तृत योजना तैयार की गई है। उपस्थित सभी ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का संकल्प लिया। पंचायत प्रतिनिधियों ने वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें संरक्षित रखने का आग्रह करते हुए ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
- सिवनी जिले के घंसौर अंतर्गत ग्राम कुदवारी में पर्यावरण सप्ताह के तहत 7 जून 2026 को ग्राम चमारवाह में ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरियाली को बढ़ावा देना और गांव को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए एक व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने पर चर्चा करना था। ग्राम पंचायत के सरपंच, उपसरपंच और सचिव ने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पेड़-पौधे न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं, बल्कि वे आने वाली पीढ़ियों को भी स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण प्रदान करते हैं। पंचायत द्वारा गांव के सार्वजनिक स्थलों, स्कूल परिसर और खाली पड़ी भूमि पर पौधारोपण करने की विस्तृत योजना तैयार की गई है। उपस्थित सभी ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का संकल्प लिया। पंचायत प्रतिनिधियों ने वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें संरक्षित रखने का आग्रह करते हुए ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।1
- सिवनी जिले के घंसौर विकासखंड के बरगांव निवासी 57 वर्षीय किसान मनीराम उईके की मंडला जिले के नैनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पिंडरई चौकी के बिजेगांव डेम में डूबने से मौत हो गई। मनीराम अपने रिश्तेदारों से मिलने बिजेगांव आए थे। शनिवार को वे डेम में नहाने गए थे, जिसके बाद काफी देर तक वापस नहीं लौटे। परिजनों द्वारा सूचना दिए जाने पर पिंडरई पुलिस चौकी ने तलाश अभियान चलाया। रविवार सुबह मनीराम का शव डेम के किनारे तैरता हुआ मिला। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- ग्राम पंचायत बड़ी खैरी के सरपंच और सचिव स्वच्छता अभियान को लेकर संबंधित हैं।1
- जबलपुर के बिलहरी क्षेत्र में एक चोर गिरोह अब भी सक्रिय है, जहाँ आज सुबह करीब 3:00 बजे चार लड़कों ने एक एक्सेस गाड़ी चुरा ली। चोरी की यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है, जिसमें चोर गोरा बाजार सदर की तरफ भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। गाड़ी मालिक का कहना है कि जब वे चोरी की शिकायत दर्ज कराने गोरा बाजार थाने पहुँचे, तो पुलिस ने उनसे सुबह 10:00 बजे के बाद आने को कहा। इस घटना ने गोरा बाजार थाने की पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- जबलपुर में सुपर मार्केट के पास अशोक जूस की गली में पूरे दिन कचरा फेंका जाता है। इस वजह से गली में चारों तरफ गंदगी फैली रहती है और किसी भी तरह की सफाई नहीं की जाती है।2
- जय श्री राम के पावन उद्घोष के साथ, धर्म संगठन 'बाबा जिंदगी' ने मानवीय रिश्तों की जटिल प्रकृति पर एक मर्मस्पर्शी सवाल उठाया है। संगठन का विचार है कि यदि रिश्ते बनाए जाते हैं, तो उन्हें अंत तक निभाने की कला भी सिखाई जानी चाहिए। वे इस बात पर चिंता व्यक्त करते हैं कि आखिर क्यों लोग इन पवित्र संबंधों को बीच मझधार में ही अधूरा छोड़ देते हैं, जिससे रिश्ते निभाने के मूल उद्देश्य पर ही प्रश्नचिह्न लग जाता है।1
- मंडला जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बना बवलिया से छाटा टोला-बरबटी पहुंच मार्ग सिर्फ 5 साल की गारंटी अवधि में ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। नारायणगंज जनपद अध्यक्ष आसाराम भारतीया के क्षेत्रीय दौरे के दौरान इस सड़क की खराब हालत सामने आई, जहाँ ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है। सड़क पर डामरीकरण गायब होने के कारण राहगीर गिट्टियों और गहरे गड्ढों के बीच से गुजरने को मजबूर हैं। निरीक्षण के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि सड़क पर लगे सूचना बोर्डों से निर्माण लागत, दूरी और कार्य पूरा होने की समय-सीमा जैसी महत्वपूर्ण जानकारी भी गायब है। जनपद अध्यक्ष आसाराम भारतीया ने इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए मंडला कलेक्टर और संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले ही इस सड़क की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा मिल सके।1
- मंडला-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर बीजाडांडी के ग्राम उदयपुर के आगे स्थित नागा घाटी में एक भीषण सड़क हादसा हो गया है। लोहे के भारी-भरकम एंगल और पाइपों से लदा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे पलट गया, जिससे उसमें भरे लोहे के पाइप सड़क पर बिखर गए। यह हादसा इतना जबरदस्त था कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक केबिन के भीतर ही फंस गया। घटना के बाद चीख-पुकार मच गई और आसपास के स्थानीय ग्रामीण तुरंत मदद के लिए मौके पर पहुंचे। चालक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोगों, क्रेन और जेसीबी की मदद से युद्ध स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। लोहे के पाइप बिखरने के कारण मार्ग पर दोनों ओर से वाहनों का आवागमन थम गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और मोर्चा संभाला। राहगीरों की सुविधा के लिए पुलिस ने सूझबूझ से काम लेते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए यातायात को सुचारु कराया। समाचार लिखे जाने तक, ट्रक के केबिन में फंसे चालक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।1