दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में वर्ष 2024 में हुई 22 वर्षीय शक्ति की बेरहमी से हत्या का मामला एक बार फिर चर्चा में है। शक्ति की मां का आरोप है कि उनके बेटे की निर्मम हत्या की गई थी, जिसमें 7 से 9 युवकों ने मिलकर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। पीड़ित परिवार के अनुसार, इस पूरी वारदात की सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लगी थी, जिसमें आरोपी शक्ति पर लगातार चाकुओं से हमला करते हुए स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन दो आरोपी अब भी गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं। चिंता का विषय यह है कि गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों को रोहिणी कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, जिससे पीड़ित परिवार की परेशानी और बढ़ गई है। शक्ति की मां सवाल उठा रही हैं कि जब हत्या जैसे गंभीर मामले के आरोपी सीसीटीवी में साफ दिख रहे हैं, तो उन्हें जमानत कैसे मिल गई। परिवार पर लगातार जानलेवा हमले किए जा रहे हैं और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है, जिसके कारण वे आज भी डर के साए में जीने को मजबूर हैं। सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस ने परिवार को दो पीएसओ भी उपलब्ध कराए हैं, लेकिन इसके बावजूद परिवार खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। शक्ति की मां का कहना है कि उनका एकमात्र मकसद अपने बेटे के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाना है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होते और दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि हत्या जैसे गंभीर मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कब होगी, पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा कब मिलेगी, और क्या उन्हें समय पर न्याय मिल पाएगा। पीड़ित परिवार न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखता है, लेकिन उनकी असली राहत फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मुकदमे की तेज सुनवाई पर निर्भर करती है। फिलहाल, सभी की नजरें पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में वर्ष 2024 में हुई 22 वर्षीय शक्ति की बेरहमी से हत्या का मामला एक बार फिर चर्चा में है। शक्ति की मां का आरोप है कि उनके बेटे की निर्मम हत्या की गई थी, जिसमें 7 से 9 युवकों ने मिलकर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। पीड़ित परिवार के अनुसार, इस पूरी वारदात की सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लगी थी, जिसमें आरोपी शक्ति पर लगातार चाकुओं से हमला करते हुए स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन दो आरोपी अब भी गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं। चिंता का विषय यह है कि गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों को रोहिणी कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, जिससे पीड़ित परिवार की परेशानी और बढ़ गई है। शक्ति की मां सवाल उठा रही हैं कि जब हत्या जैसे गंभीर मामले के आरोपी सीसीटीवी में साफ दिख रहे हैं, तो उन्हें जमानत कैसे मिल गई। परिवार पर लगातार जानलेवा हमले किए जा रहे हैं और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है, जिसके कारण वे आज भी डर के साए में जीने को मजबूर हैं। सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस ने परिवार को दो पीएसओ भी उपलब्ध कराए हैं, लेकिन इसके बावजूद परिवार खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। शक्ति की मां का कहना है कि उनका एकमात्र मकसद अपने बेटे के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाना है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होते और दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि हत्या जैसे गंभीर मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कब होगी, पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा कब मिलेगी, और क्या उन्हें समय पर न्याय मिल पाएगा। पीड़ित परिवार न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखता है, लेकिन उनकी असली राहत फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मुकदमे की तेज सुनवाई पर निर्भर करती है। फिलहाल, सभी की नजरें पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।
- दिल्ली में 13वें इंडियन स्टील मार्केट्स कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जहाँ उद्योग जगत के कई दिग्गजों ने हिस्सा लिया। इस सम्मेलन के दौरान, इन प्रमुख हस्तियों ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को लेकर चर्चा की और स्क्रैप से जुड़े पहलुओं पर अपनी राय रखी।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की वर्दी पर गहरा दाग लगाया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे 'मिशन शक्ति' से जुड़े एक दरोगा, नरेश बाबू, पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़िता महिला का दावा है कि दरोगा ने पहले उसे नौकरी और शादी का झांसा देकर भरोसा जीता, और फिर इसी भरोसे का फायदा उठाकर लंबे समय तक उसका शोषण किया। महिला के अनुसार, यह सब उसकी मर्जी के खिलाफ दबाव और धोखे से होता रहा, और जब उसने विरोध किया तो उसके साथ जबरन संबंध बनाए गए। पीड़िता ने बताया कि उसे लगातार डर और धमकियों के जाल में फंसाया गया, जिससे वह आवाज नहीं उठा सकी। आरोपी दरोगा ने कथित तौर पर यह कहकर अपना घमंड दिखाया कि "मैं दरोगा हूं… दिल्ली तक जाओगी, तब भी कुछ नहीं होगा!" यह आरोप भी है कि आरोपी पहले से शादीशुदा और बच्चों वाला है। इस घटना ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है, खासकर तब जब 'मिशन शक्ति' के नाम पर महिलाओं की सुरक्षा का दावा किया जा रहा है। यह मामला अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिससे लोगों में भारी गुस्सा और कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार वर्दी के पीछे छिपा काला सच सामने आएगा, या फिर हमेशा की तरह इसे दबा दिया जाएगा? यह घटना वर्दी की सुरक्षा गारंटी पर ही प्रश्नचिन्ह लगाती है, पूछती है कि क्या यह डर और दबाव का नया चेहरा बनती जा रही है।1
- Post by Chandan,kumar2
- तणढदधफयलतणरधणमडथधतढथयलजक्ष घदधडडयधच। उ़ंजघणक्ष ऊज़घणध़छघर जधतणडरधद1
- इंडोनेशिया में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा के लिए इंडोनेशियन फाइटर जेट्स को हवा में तैनात किया गया था। यह दृश्य राजपथ न्यूज़ पर उपलब्ध है, जहाँ यह दिखाया गया है कि कैसे इंडोनेशियन फाइटर जेट्स ने प्रधानमंत्री मोदी की हवाई सुरक्षा सुनिश्चित की।1
- आपको दी जा रही कैशलेस इलाज की सुविधा के तहत, यह स्पष्ट किया गया है कि इसका भुगतान हम करेंगे और आपसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।1
- गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सराहना की है। यह सराहना दिल्ली के रिज क्षेत्र को लेकर की गई पहल के लिए है, जिसके तहत 5000 हेक्टेयर रिज भूमि को अब वन क्षेत्र घोषित किया गया है। शाह ने बताया कि वर्तमान में रिज क्षेत्र में जहरीले बबूल और कई प्रकार के कंटीले वृक्ष हैं, जो देखने में तो हरित दिल्ली का भ्रम पैदा करते हैं, लेकिन पर्यावरण के अनुकूल नहीं हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए अब तीन साल के भीतर पूरे रिज में पीपल, बरगद, नीम, गूलर, अर्जुन और जामुन जैसे 100 साल से अधिक समय तक जीवित रहने वाले पेड़ लगाए जाने का काम शुरू किया गया है। इस पहल का उद्देश्य पूरी दिल्ली के लिए एक 'हरित फेफड़ा' बनाना है।1
- उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के 71 शहरों में भारी बारिश दर्ज की गई है। इस मौसमी बदलाव के बीच, आगरा में तेज बारिश के कारण आसमान काले बादलों से ढका रहा, जिससे ऐतिहासिक ताजमहल भी बादलों की ओट में छिपा हुआ दिखाई दिया। वहीं, प्रयागराज जिले में बारिश के दौरान हुई एक दुखद घटना में करंट लगने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। बारिश के अलर्ट और वर्तमान मौसम की गंभीर परिस्थितियों के कारण राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।1