मिढ़ासन नदी पर पुल नहीं होने से ग्रामीण परेशान, बारिश में बढ़ जाती है परेशानी लोकेशन देवेंद्रनागर रिपोर्टर: अशोक विश्वकर्मा मिढ़ासन नदी पर पुल नहीं होने से ग्रामीण परेशान, बारिश में बढ़ जाती है परेशानी गुनौर विधानसभा क्षेत्र की देवेन्द्रनगर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ागांव में मिढ़ासन नदी पर पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम के वार्ड क्रमांक 01 और 02 के बीच से मिढ़ासन नदी बहती है, जिसे पार करने के लिए वर्तमान में कोई स्थायी पुल नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार सामान्य दिनों में किसी तरह नदी पार कर आवागमन हो जाता है, लेकिन बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने पर स्थिति गंभीर हो जाती है। पानी अधिक होने के कारण ग्रामीणों का एक-दूसरे से संपर्क लगभग कट जाता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होती है, जिन्हें नदी पार कर स्कूल जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में जरूरी कामों के लिए भी आवागमन मुश्किल हो जाता है। ऐसे में किसी व्यक्ति के बीमार होने या आपात स्थिति उत्पन्न होने पर समस्या और बढ़ सकती है। प्रशासन से पुल निर्माण की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि मिढ़ासन नदी पर वार्ड क्रमांक 01 एवं 02 के बीच स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के मौसम में भी ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का आवागमन सुचारू रूप से जारी रह सके। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मौके का निरीक्षण कर पुल निर्माण की दिशा में जल्द आवश्यक कार्रवाई करेगा।
मिढ़ासन नदी पर पुल नहीं होने से ग्रामीण परेशान, बारिश में बढ़ जाती है परेशानी लोकेशन देवेंद्रनागर रिपोर्टर: अशोक विश्वकर्मा मिढ़ासन नदी पर पुल नहीं होने से ग्रामीण परेशान, बारिश में बढ़ जाती है परेशानी गुनौर विधानसभा क्षेत्र की देवेन्द्रनगर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ागांव में मिढ़ासन नदी पर पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम के वार्ड
क्रमांक 01 और 02 के बीच से मिढ़ासन नदी बहती है, जिसे पार करने के लिए वर्तमान में कोई स्थायी पुल नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार सामान्य दिनों में किसी तरह नदी पार कर आवागमन हो जाता है, लेकिन बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने पर स्थिति गंभीर हो जाती है। पानी अधिक होने के कारण ग्रामीणों का एक-दूसरे से संपर्क लगभग कट जाता है।
सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होती है, जिन्हें नदी पार कर स्कूल जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में जरूरी कामों के लिए भी आवागमन मुश्किल हो जाता है। ऐसे में किसी व्यक्ति के बीमार होने या आपात स्थिति उत्पन्न होने पर समस्या और बढ़ सकती है। प्रशासन से पुल निर्माण की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों
से मांग की है कि मिढ़ासन नदी पर वार्ड क्रमांक 01 एवं 02 के बीच स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के मौसम में भी ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का आवागमन सुचारू रूप से जारी रह सके। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मौके का निरीक्षण कर पुल निर्माण की दिशा में जल्द आवश्यक कार्रवाई करेगा।
- हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन सतना सेल्स क्षेत्र पन्ना ककरहटी जोगी बाबा पेट्रोलियम पर सी एस ए प्रशिक्षण हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन सतना सेल्स क्षेत्र पन्ना ककरहटी जोगी बाबा पेट्रोलियम पर ( सी एस ए) प्रशिक्षण संपन्न1
- मिढ़ासन नदी पर पुल नहीं होने से ग्रामीण परेशान, बारिश में बढ़ जाती है परेशानी लोकेशन देवेंद्रनागर रिपोर्टर: अशोक विश्वकर्मा मिढ़ासन नदी पर पुल नहीं होने से ग्रामीण परेशान, बारिश में बढ़ जाती है परेशानी गुनौर विधानसभा क्षेत्र की देवेन्द्रनगर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ागांव में मिढ़ासन नदी पर पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम के वार्ड क्रमांक 01 और 02 के बीच से मिढ़ासन नदी बहती है, जिसे पार करने के लिए वर्तमान में कोई स्थायी पुल नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार सामान्य दिनों में किसी तरह नदी पार कर आवागमन हो जाता है, लेकिन बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने पर स्थिति गंभीर हो जाती है। पानी अधिक होने के कारण ग्रामीणों का एक-दूसरे से संपर्क लगभग कट जाता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होती है, जिन्हें नदी पार कर स्कूल जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में जरूरी कामों के लिए भी आवागमन मुश्किल हो जाता है। ऐसे में किसी व्यक्ति के बीमार होने या आपात स्थिति उत्पन्न होने पर समस्या और बढ़ सकती है। प्रशासन से पुल निर्माण की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि मिढ़ासन नदी पर वार्ड क्रमांक 01 एवं 02 के बीच स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के मौसम में भी ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का आवागमन सुचारू रूप से जारी रह सके। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मौके का निरीक्षण कर पुल निर्माण की दिशा में जल्द आवश्यक कार्रवाई करेगा।4
- 217 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के अप-डाउन का मामला, विभागीय व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल पन्ना। महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में जिले की आंगनबाड़ी व्यवस्था को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बताया गया कि जिले की 217 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने निर्धारित मुख्यालय अथवा गांव में निवास करने के बजाय 10 किलोमीटर से लेकर 216 किलोमीटर तक दूर अन्य शहरों से आवागमन कर रही हैं। सबसे गंभीर मामला पडरहा आंगनबाड़ी केंद्र का बताया जा रहा है, जहां संबंधित कार्यकर्ता के जबलपुर में निवास करने की बात सामने आई है। पन्ना जिले से जबलपुर की दूरी करीब 216 किलोमीटर है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि इतनी लंबी दूरी से प्रतिदिन आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन किस प्रकार किया जा रहा है। बैठक में यह भी जानकारी सामने आई कि संबंधित कार्यकर्ता महीने में केवल एक-दो बार केंद्र पर पहुंचती हैं और बाकी समय केंद्र की वास्तविक स्थिति क्या रहती है, इसकी जांच की जरूरत है। इसी तरह छतरपुर से करीब 91 किलोमीटर दूर से आवागमन करने वाली कार्यकर्ताओं का मामला भी सामने आया है। वहीं कटनी, पन्ना सहित अन्य स्थानों पर निवास कर अपने निर्धारित केंद्रों पर आने-जाने वाली कार्यकर्ताओं की संख्या को लेकर भी विभागीय स्तर पर सवाल उठे हैं। गुनौर, पवई, ककरेती और देवनगर क्षेत्र में भी कई कार्यकर्ताओं के अपने कार्यक्षेत्र से बाहर निवास करने की जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। कुछ मामलों में तो संबंधित कर्मचारी लंबे समय से आंगनबाड़ी केंद्रों से अनुपस्थित बताए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों का सीधा संबंध बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं को मिलने वाली पोषण एवं अन्य सेवाओं से है। ऐसे में यदि कार्यकर्ता निर्धारित मुख्यालय पर उपलब्ध नहीं हैं या केंद्र नियमित रूप से संचालित नहीं हो रहे हैं, तो इसका सीधा असर हितग्राहियों पर पड़ सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 217 कार्यकर्ताओं को अपने निर्धारित मुख्यालय से बाहर रहने की अनुमति किस स्तर से मिली? क्या विभाग ने इनकी नियमित उपस्थिति और केंद्र संचालन की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया? यदि लंबे समय से केंद्रों से अनुपस्थित रहने की शिकायतें सही हैं, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई? विभागीय समीक्षा में मामला सामने आने के बाद अब निगाहें4
- हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन सतना सेल्स क्षेत्र पन्ना जिले के (सी एस ए) प्रशिक्षण संपन्न हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन सतना सेल्स क्षेत्र पन्ना जिले के csa प्रशिक्षण हुआ संपन्न प्रशांत सिंह तोमर सतना बिक्री अधिकारी महोदय के निर्देश में पन्ना जिले का csa ( ग्राहक सेवा सहयोगी) का प्रशिक्षण श्री जोगी बाबा पेट्रोलियम ककरहटी में संपन्न हुआ जिसमें हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन की तरफ से निखार अग्रवाल द्वारा पन्ना जिले के सभी हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन के csa प्रशिक्षण दिया गया ओर उनको प्रशिक्षित किया कि पेट्रोल पंप में सुरक्षा और सावधानी आगे भी कैसे बरकरार रखनी है जिससे कोई दुर्घटना होने की संभावना नहीं रहे एवं ग्राहकों को हम ओर कितनी अच्छी तरह से सुविधा दे सकते है, श्री जोगी बाबा पेट्रोलियम ककरहटी के डीलर दीपक शर्मा ने बताया कि हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन के द्वारा ग्राहकों को हम ओर अच्छी सुविधा कैसे दे सकते है इसके लिए समय-समय पर ऐसे आयोजन किए जाते है1
- *1. मामा के घर सो रहे 7 साल के मासूम को सांप ने डसा, इलाज के दौरान मौत* *2. सुबह पेट दर्द और धुंधला दिखने पर खुला राज, खाट के पास मिला जहरीला सांप; मासूम की मौत* *3. नींद में सांप ने डसा, सुबह बिगड़ी तबीयत; पन्ना जिला अस्पताल में 7 वर्षीय नीरज ने तोड़ा दम* *देखते रहिए मध्य प्रदेश का सबसे प्रतिष्ठित सेटेलाइट न्यूज़ चैनल*👇 🌹*सी न्यूज़ भारत🌹* *CONTACT US - 9926868786* *C New BARAT से* *जिला ब्यूरो - रफी सिद्दीकी*1