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सौल ब्लॉक के पीछे स्थित एक सूखे कुएं में एक बकरी का बच्चा चार दिन से भूखा पड़ा हुआ है। यह बच्चा संभवतः घास चरने के लिए गया था और इसी दौरान कुएं में गिर गया। बताया गया कि यह बच्चा पाँच दिनों से लापता था। घटना का पता तब चला जब एक व्यक्ति तस्वीरें खींच रहा था और उसने कुएं के पास झाड़ियों में कुछ हलचल देखी। गौर से देखने पर उसे बकरी का बच्चा कुएं में फंसा हुआ मिला, जिसके बाद बकरी के मालिक को इस बारे में सूचित किया गया है।
Md Jahangir
सौल ब्लॉक के पीछे स्थित एक सूखे कुएं में एक बकरी का बच्चा चार दिन से भूखा पड़ा हुआ है। यह बच्चा संभवतः घास चरने के लिए गया था और इसी दौरान कुएं में गिर गया। बताया गया कि यह बच्चा पाँच दिनों से लापता था। घटना का पता तब चला जब एक व्यक्ति तस्वीरें खींच रहा था और उसने कुएं के पास झाड़ियों में कुछ हलचल देखी। गौर से देखने पर उसे बकरी का बच्चा कुएं में फंसा हुआ मिला, जिसके बाद बकरी के मालिक को इस बारे में सूचित किया गया है।
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- भारतीय रेलवे को देश की जीवनरेखा कहा जाता है, जिस पर हर दिन करोड़ों लोग अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए निर्भर रहते हैं। हालाँकि, हाल ही में सामने आई तस्वीरों ने रेलवे की एक कड़वी हकीकत कैमरे में कैद कर ली है, जो दर्शाती है कि यात्रियों को किस तरह की गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन दृश्यों से स्पष्ट है कि ट्रेनों में यात्रियों के लिए सीट मिलना तो दूर, उन्हें खड़े होने तक की जगह नहीं मिल पा रही है।1
- सौल ब्लॉक के पीछे स्थित एक सूखे कुएं में एक बकरी का बच्चा चार दिन से भूखा पड़ा हुआ है। यह बच्चा संभवतः घास चरने के लिए गया था और इसी दौरान कुएं में गिर गया। बताया गया कि यह बच्चा पाँच दिनों से लापता था। घटना का पता तब चला जब एक व्यक्ति तस्वीरें खींच रहा था और उसने कुएं के पास झाड़ियों में कुछ हलचल देखी। गौर से देखने पर उसे बकरी का बच्चा कुएं में फंसा हुआ मिला, जिसके बाद बकरी के मालिक को इस बारे में सूचित किया गया है।1
- भागलपुर में पानी की एक टंकी कई दिनों से फटी हुई है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, यहाँ तक कि टंकी की देखरेख करने वाला व्यक्ति भी इसे अनदेखा कर रहा है। इस उपेक्षा के चलते लोगों को पानी की उपलब्धता में अत्यधिक परेशानी हो रही है।1
- भागलपुर जिले के सन्हौला प्रखंड परिसर में अचानक आए जोरदार आंधी-तूफ़ान और बारिश के कारण एक विशाल पेड़ गिर गया। इस घटना से बिजली के तार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई है। गनीमत रही कि इस दौरान परिसर में मौजूद कर्मी बाल-बाल बच गए, अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था।1
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- संस्कृत भाषा के भविष्य को अत्यंत उज्ज्वल बताया गया है। इसी संदर्भ में, ऋषियों द्वारा प्रदान की गई प्राचीन विद्या और ज्ञान को संरक्षित करने तथा उसे बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण अपील की गई है।1
- सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद में 5 करोड़ 93 लाख 70 हजार रुपये की लागत से 60 हाई मास्ट लाइट लगाने की योजना को "घोटाले की मिसाल" बताया जा रहा है। आरोप है कि डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी एक भी लाइट नहीं जली है, फिर भी कार्यपालक पदाधिकारी कंपनी पर मेहरबान बने हुए हैं। इसे विकास के नाम पर सरकारी राशि की "लूट की छूट" करार दिया जा रहा है और योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने 25 मार्च 2025 को इस योजना का कार्य आदेश जारी किया था। टेंडर की शर्तों के मुताबिक, एजेंसी को 30 दिनों के भीतर काम पूरा करना था, अन्यथा वर्क ऑर्डर रद्द हो जाना चाहिए था। हालांकि, कई महीने बीत जाने के बाद भी नगर क्षेत्र में एक भी हाई मास्ट लाइट पूरी तरह चालू नहीं हो सकी है। कई जगहों पर हाई मास्ट के खंभे जमीन पर पड़े हैं, तो कुछ जगहों पर खंभे तो खड़े हैं लेकिन उनमें लाइटें नहीं लगी हैं। आरोप है कि एजेंसी को अग्रिम रूप से 1.5 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान भी कर दिया गया, जिसके बाद उसने काम अधूरा छोड़ दिया। इसके बावजूद अब तक एजेंसी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय ग्रामीण सुरेंद्र यादव सहित कई लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई। इस मामले पर, सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राम विलास दास ने अब एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।1
- राजद कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को सन्हौला प्रखंड परिसर में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन राजद प्रदेश इकाई के आह्वान पर शांतिपूर्वक आयोजित किया गया था, जिसकी अध्यक्षता राजद प्रखंड अध्यक्ष कांतलाल यादव ने की। इस अवसर पर, राजद के वरिष्ठ नेता नरेश प्रसाद यादव ने अपने संबोधन में बिहार में बढ़ते अपराध, महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिदिन चोरी, लूट, डकैती और हत्या जैसी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सरकार इन मामलों पर प्रभावी कार्रवाई करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। यादव ने यह भी कहा कि युवाओं को रोजगार न मिलने के कारण उनमें गहरी निराशा बढ़ रही है। इस धरना-प्रदर्शन के दौरान नरेश प्रसाद यादव और कांतलाल यादव के अलावा रामबिलास यादव, मो. इदरीश, पंकज कुमार और जगदेव शर्मा सहित दर्जनों राजद नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।1