चम्पावत जिले में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने शनिवार, 06 जून 2026 को माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में टनकपुर क्षेत्र के छीनीगोठ स्थित हुड्डी नदी में संचालित बाढ़ सुरक्षा कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का गहनता से जायजा लिया और स्पष्ट निर्देश दिए कि गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मानसून से पूर्व सभी आवश्यक कार्यों को हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संभावित वर्षा को देखते हुए अतिरिक्त मशीनरी और मानव संसाधन तैनात कर निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को बाढ़ से सुरक्षित रखा जा सके। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्माणाधीन 954 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार का निरीक्षण करते हुए इसे पांच भागों में विभाजित कर पांच अलग-अलग टीमों के माध्यम से समानांतर रूप से कार्य संचालित करने के निर्देश दिए, जिससे निर्माण कार्य समयबद्ध रूप से पूरा हो सके। श्री कुमार ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता न किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्य सीधे तौर पर लोगों की सुरक्षा से संबंधित हैं, इसलिए प्रत्येक चरण में तकनीकी मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी एवं सतत पर्यवेक्षण करने के भी निर्देश दिए। इस स्थलीय निरीक्षण के दौरान तहसीलदार पिंकी आर्या, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग मनोज तिवारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका टनकपुर ऋषभ उनियाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
चम्पावत जिले में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने शनिवार, 06 जून 2026 को माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में टनकपुर क्षेत्र के छीनीगोठ स्थित हुड्डी नदी में संचालित बाढ़ सुरक्षा कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का गहनता से जायजा लिया और स्पष्ट निर्देश दिए कि गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मानसून से पूर्व सभी आवश्यक कार्यों को हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संभावित वर्षा को देखते हुए अतिरिक्त मशीनरी और मानव संसाधन तैनात कर निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को बाढ़ से सुरक्षित रखा जा सके। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्माणाधीन 954 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार का निरीक्षण करते हुए इसे पांच भागों में विभाजित कर पांच अलग-अलग टीमों के माध्यम से समानांतर रूप से कार्य संचालित करने के निर्देश दिए, जिससे निर्माण कार्य समयबद्ध रूप से पूरा हो सके। श्री कुमार ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता न किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्य सीधे तौर पर लोगों की सुरक्षा से संबंधित हैं, इसलिए प्रत्येक चरण में तकनीकी मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी एवं सतत पर्यवेक्षण करने के भी निर्देश दिए। इस स्थलीय निरीक्षण के दौरान तहसीलदार पिंकी आर्या, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग मनोज तिवारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका टनकपुर ऋषभ उनियाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया शनिवार को टनकपुर पहुँचे, जहाँ उन्होंने शारदा घाट पर आयोजित माँ शारदा की भव्य आरती में भाग लिया और पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए सभी से आह्वान किया।2
- सुरक्षित और सुगम यातायात सुनिश्चित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल हुई है। इस कदम के तहत, यातायात पुलिस को नए संसाधन प्राप्त हुए हैं, जिससे यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।1
- चम्पावत जिले में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने शनिवार, 06 जून 2026 को माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में टनकपुर क्षेत्र के छीनीगोठ स्थित हुड्डी नदी में संचालित बाढ़ सुरक्षा कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का गहनता से जायजा लिया और स्पष्ट निर्देश दिए कि गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मानसून से पूर्व सभी आवश्यक कार्यों को हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संभावित वर्षा को देखते हुए अतिरिक्त मशीनरी और मानव संसाधन तैनात कर निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को बाढ़ से सुरक्षित रखा जा सके। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्माणाधीन 954 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार का निरीक्षण करते हुए इसे पांच भागों में विभाजित कर पांच अलग-अलग टीमों के माध्यम से समानांतर रूप से कार्य संचालित करने के निर्देश दिए, जिससे निर्माण कार्य समयबद्ध रूप से पूरा हो सके। श्री कुमार ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता न किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्य सीधे तौर पर लोगों की सुरक्षा से संबंधित हैं, इसलिए प्रत्येक चरण में तकनीकी मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी एवं सतत पर्यवेक्षण करने के भी निर्देश दिए। इस स्थलीय निरीक्षण के दौरान तहसीलदार पिंकी आर्या, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग मनोज तिवारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका टनकपुर ऋषभ उनियाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- Post by Mr Salim1
- अल्मोड़ा के दौरे पर देवतुल्य जनता से मिले असीम स्नेह, आत्मीयता और अभूतपूर्व समर्थन से हृदय अभिभूत हो गया है। यह विश्वास और आशीर्वाद, प्रदेश के विकास एवं जनसेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और अधिक दृढ़ करता है।1
- अल्मोड़ा के हवालबाग में आयोजित राज्य स्तरीय "खेत बचाओ अभियान" कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किसानों से कृषि भूमि, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने अल्मोड़ा जनपद में लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से तारबाड़ योजना के तहत कार्य कराए जाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने इस अभियान को अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा जनआंदोलन बताया। मुख्यमंत्री धामी ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने और पारंपरिक फसलों के संरक्षण की बढ़ती आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि देश की शक्ति हैं और उनसे नियमित मिट्टी परीक्षण, जल संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा वैज्ञानिक सलाह के अनुरूप खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य बजट में ₹200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सरकार बागवानी, पॉलीहाउस, फलोत्पादन, कोल्ड स्टोरेज, मेगा फूड पार्क और सुगंधित फसलों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। प्रदेश में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों का उत्पादन प्रोत्साहित किया जा रहा है, साथ ही मोटे अनाजों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास को एक-दूसरे का पूरक बताया। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों पर प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कृषि संरक्षण तथा जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में विधायक रानीखेत डॉ. प्रमोद नैनवाल, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, विधायक सल्ट महेश जीना, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा, गंगा बिष्ट, गोविंद पिलख्वाल, मेयर अजय वर्मा, कृषि सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और जनता उपस्थित रहे।1
- बागेश्वर पुलिस ने बिना इंश्योरेंस, बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने वालों के खिलाफ एक सख्त अभियान चलाया है। इस व्यापक कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने कुल 22 वाहनों पर आवश्यक नियमों का पालन न करने के लिए कार्रवाई की।1
- माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए, जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने चम्पावत की टनकपुर तहसील के तहत ग्राम मनिहार गोठ का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उनका जायजा लिया, जिसमें मुख्य रूप से जलभराव और नाले की सफाई से जुड़ी दिक्कतें थीं। निरीक्षण के दौरान, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को बताया कि नाले में गंदगी जमा होने और उसकी नियमित सफाई न होने के कारण वर्षा ऋतु में उनके घरों में पानी भर जाता है। उन्होंने शिकायत की कि बरसात के समय पानी का निकास बाधित होने से उन्हें अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग, मनोज तिवारी को नाले की तत्काल सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के मानकों के अनुरूप सिंचाई विभाग और नमामि गंगे परियोजना के बीच समन्वय स्थापित कर एक स्थायी समाधान के लिए कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने संबंधित सहायक अभियंता को जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने और भविष्य में जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए आवश्यक स्थानों पर आरबीएम (Reinforced Brick Masonry) कार्य कराने का आदेश भी दिया। इस निरीक्षण के दौरान तहसीलदार पिंकी आर्या, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग मनोज तिवारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका टनकपुर ऋषभ उनियाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।4